Delhi Crime Case.  डांस एकेडमी चलाने वाले सचिन को अपनी ही शिष्या योगिता से प्यार हो गया. पर योगिता की सगाई कहीं और हो जाने पर सचिन को ऐसा झटका लगा कि…

योगिता पर डांस सीखने का जुनून सवार था. टीवी पर आने वाले शो इंडियाज गौट टैलेंट में उस ने दिल्ली के सचिन की परफौरमेंस देखी तो वह दंग रह गई. सचिन को उस ने 1-2 बार देखा था. वह दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर की पहाड़ी पर रहती थी जबकि सचिन पास में ही स्थित नेबसराय में डांस एकेडमी चलाता था. कई बार वह उस की एकेडमी के पास से गुजरी भी थी. उस समय उस ने यही सोचा था कि यह कोई छोटीमोटी एकेडमी होगी, जिस में छोटे बच्चों को डांस सिखाया जाता होगा. पर जब उस ने कलर्स टीवी चैनल पर इंडियाज गौट टैलेंट में सचिन का डांस देखा तो वह दंग रह गई.

भोलाभाला सा दिखने वाला लड़का इतना अच्छा कोरियोग्राफर है, यह उसे टीवी पर उस का डांस देखने के बाद ही पता चला. योगिता को भी डांस का शौक था. वह भी डांस के बूते अपनी ऐसी पहचान स्थापित करनी चाहती थी जिस से वह भी टीवी शो में आ सके. उस ने तय कर लिया कि वह अपनी डांस की प्रतिभा को निखारने के लिए सचिन की डांस एकेडमी को जौइन करेगी.

एक दिन वह नेबसराय की गली नंबर 5 स्थित सचिन की एबीसी चांस फोर डांस एकेडमी पहुंच गई और सचिन से बात करने के बाद उस की एकेडमी में दाखिला ले लिया. यह करीब 3 महीने पहले की बात है.

सचिन मूलरूप से मध्य प्रदेश के जिला इंदौर की सिंधी कालोनी के रहने वाले नारायण राव का बेटा था. सचिन के अलावा नारायण राव के एक बेटा और एक बेटी थी. वह मेहनतमजदूरी कर के परिवार का किसी तरह गुजारा कर रहे थे. घर की माली हालत सही न होने की वजह से सचिन ज्यादा पढ़लिख तो नहीं सका लेकिन उसे डांस का बहुत शौक था. टीवी पर आने वाले डांस शो देखदेख कर वह एक अच्छा डांसर बन गया.

सचिन के पास भले ही पैसे नहीं थे, लेकिन उस के ख्वाब बहुत ऊंचे थे. वह सफलता की उस ऊंचाई तक पहुंचना चाहता था जहां से उस की चमक चारों ओर फैल सके. इस के लिए वह जीजान से जुट गया था. उसे लगता था कि इंदौर में रहने पर उसे वो पहचान शायद नहीं मिल पाएगी, जैसी वह उम्मीद करता है.

दक्षिणी दिल्ली के नेबसराय इलाके में सचिन के मौसामौसी रहते थे. पूरी योजना बनाने के बाद वह मौसामौसी के पास आ गया. डांस के प्रति जोश और जुनून उस में कूटकूट कर भरा हुआ था. वह दिल्ली में एक डांस एकेडमी खोलना चाहता था. इस के पीछे उस के 2 उद्देश्य थे. पहला तो यह कि डांस क्लास चलाने पर उस की आमदनी शुरू हो जाएगी जिस से उसे पैसों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे और दूसरे डांस क्लास के बहाने उस की भी डांस की अच्छी प्रैक्टिस होती रहेगी.

योजना तो अच्छी थी लेकिन उस के सामने समस्या यह थी कि एकेडमी के लिए पैसे कहां से आएं. उस के पिता की हालत ऐसी नहीं थी जो वह कुछ पैसों का जुगाड़ कर पाते. इसलिए उस ने अपने पिता को डांस एकेडमी खोलने का आइडिया तो बता दिया लेकिन उन से पैसों के बारे में चर्चा तक नहीं की. वह जिन मौसीमौसा के पास रह रहा था, वह कुछ संपन्न थे लिहाजा उस ने उन्हें अपनी पूरी योजना समझाई.

मौसीमौसा डांस के प्रति उस की दीवानगी जानते थे. उन्हें इस बात का पूरा विश्वास था कि यह जो काम करने को कह रहा है, उस में सफल जरूर होगा, इसलिए उन्होंने डांस एकेडमी खोलने के लिए उसे हर तरह से सहयोग करने का भरोसा दिया. मौसामौसी से हरी झंडी मिल जाने के बाद सचिन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उसे लगने लगा कि अब उस के सपने जरूर पूरे होंगे. डांस एकेडमी से वह ऐसा नाम कमाएगा कि देश भर के लोग उसे उस की कला के जरिए जानेंगे.

दक्षिणी दिल्ली में इग्नू रोड पर किराए पर जगह ले कर सचिन ने एबीसी चांस फोर डांस एकेडमी की शुरुआत कर दी. यह 3 साल पहले की बात है. अब ऐसा तो था नहीं कि डांस एकेडमी खुलते ही उस के पास डांस सीखने वालों की लाइन लग जाए. इस के लिए सचिन ने मोहल्ले के बच्चों को डांस सिखाना शुरू कर दिया. उन के मांबाप से उस ने कह दिया कि फीस के रूप में अपनी मरजी से जो कुछ पैसे दे देंगे, वह रख लेगा.

इस तरह उस के यहां बच्चों की संख्या बढ़ने लगी. उन में कुछ बच्चे ऐसे भी थे, जो एकेडमी की निर्धारित फीस दे रहे थे. आमदनी की शुरुआत होने पर सचिन की भी हिम्मत बढ़ गई. अपनी पहचान बनाने के लिए सचिन दिल्ली और एनसीआर में होने वाले डांस कार्यक्रमों में भी भाग लेने लगा.

सचिन एक अच्छा कोरियोग्राफर भी बन गया था. उस के यहां 5 साल से ले कर 28-29 साल तक के अनेक लड़केलड़कियां डांस सीखने के लिए आने लगे, जिस से उस की आमदनी भी बढ़ने लगी. एकेडमी के प्रचार के लिए उस ने केबल टीवी पर भी विज्ञापन देना शुरू कर दिया. जिस किराए के मकान में वह एकेडमी चलाता था, वह जगह अब उसे छोटी लगने लगी थी.

तब उस ने नेबसराय की गली नंबर-5 में भीम सिंह का मकान किराए पर ले लिया. इस मकान के ग्राउंड फ्लोर पर वह खुद रहने लगा और बेसमेंट में उस ने डांस एकेडमी शुरू कर दी. टीवी पर प्रसारित होने वाले कई टैलेंट शो में भी उस ने भाग लिया. छोटे परदे पर आने के बाद उस का आत्मविश्वास और बढ़ गया.

कलर्स टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाले ‘इंडियाज गौट टैलेंट’ नाम के टैलेंट हंट शो में भी उस ने भाग लिया. सचिन की प्रजेंटेशन देख कर कार्यक्रम के जज भी बहुत प्रभावित हुए थे. उन्होंने सचिन को सेलेक्ट कर लिया. इस डांस शो के 2 सेशन में वह भाग ले चुका था. लेकिन इस आगे के सेशन के लिए उस का चुनाव नहीं हो सका.

भले ही सचिन इस टीवी शो के फाइनल राउंड तक नहीं पहुंच सका था, पर उसे सब से बड़ी खुशी इस बात की हुई थी कि इतने बड़े टैलेंट शो में काम करने से कम से कम उसे अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका तो मिला. इस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उस की पहचान और बढ़ गई.

नेबसराय के पास ही छतरपुर की पहाड़ी पर रहने वाली योगिता ने भी कलर्स चैनल के इंडियाज गौट टैलेंट शो में सचिन की प्रस्तुति देखी थी. सचिन की डांस एकेडमी के सामने से गुजरते वक्त उस ने सचिन को कई बार देखा था. पर टीवी शो में जब उस ने उस की डांस परफोरमेंस देखी तो वह आश्चर्यचकित रह गई थी कि उस के पड़ोस का लड़का इतना टैलेंटेड है कि टीवी शो में आ गया.

योगिता को भी डांस का शौक था लेकिन वह डांस उस ने किसी प्रोफैशनल व्यक्ति के संपर्क में रह कर नहीं सीखा था, टीवी के प्रोग्राम देखदेख कर ही वह सीखी थी. पर अब वह विधिवत तरीके से डांस सीखना चाहती थी. उस ने डांस सीखने की इच्छा अपने घर वालों के सामने जाहिर की तो उन्होंने उसे इस की अनुमति दे दी. इस के बाद 24 वर्षीय योगिता सचिन की एकेडमी जाने लगी. यह करीब 3 महीने पहले की बात है.

वहां पर योगिता मन लगा कर डांस सीखने लगी. वह डांस की हर विधा में पारंगत हो कर टीवी पर आने के सपने देखने लगी. डांस के प्रति उस की दिलचस्पी को देखते हुए सचिन भी उसे एक्स्ट्रा क्लास के लिए 2 बैचों में बुलाता था.

सचिन भी यही कोई 24-25 साल का था. वैसे उस की एकेडमी में अनेक जवान लड़कियां आती थीं परंतु उन सब में से वह केवल योगिता को ही दिलोजान से चाहने लगा था. इस बात को योगिता भी समझती थी. एक दिन मौका मिलने पर सचिन ने अपने दिल की बात योगिता के सामने जाहिर भी कर दी. इस तरह डांस सीखतेसिखाते उन के बीच प्यार का सिलसिला शुरू हो गया.

दोनों एकदूसरे को प्यार जरूर करते थे लेकिन उन्होंने कभी अपनी मर्यादाओं को नहीं लांघा था. उन्होंने अपना अभ्यास जारी रखा. सचिन अपने हुनर से योगिता में छिपी प्रतिभा को निखार रहा था. बताया जाता है कि सचिन उसे बेइंतहा प्यार करता था. उस ने उस के साथ ही अपनी जिंदगी बिताने के ख्वाब संजो रखे थे लेकिन सचिन को एक दिन एक खबर ने इतना विचलित कर दिया, जिस की उस ने कल्पना तक नहीं की थी.

हुआ यह कि सचिन को किसी ने बताया कि योगिता के घर वालों ने उस की कहीं शादी तय कर दी है. इतना सुनते ही सचिन के जैसे होश ही उड़ गए. इस बात पर हालांकि उसे पूरा विश्वास नहीं हो रहा था क्योंकि योगिता जितना प्यार उसे करती थी, उस से इतनी तो उम्मीद थी कि वह उसे कभी धोखा नहीं देगी.

योगिता जब 2-3 दिनों बाद एकेडमी में डांस क्लास के लिए आई तो वह अपने साथ मिठाई का एक डिब्बा लाई थी. योगिता ने जब उसे मिठाई दी तो वह समझ गया कि यह इस की सगाई की खुशी की ही होगी फिर भी उस ने मिठाई बांटने का कारण पूछा तो योगिता खुश होते हुए बोली, ‘‘यह मेरी सगाई होने की खुशी की है.’’

‘‘क्या! तुम्हारी सगाई हो गई?’’  सचिन चौंकते हुए बोला. ‘‘हां, अभी मैं 2-3 दिन जो डांस क्लास में नहीं आई थी, यही वजह थी.’’ वह बोली. ‘‘तुम ने शादी को मना नहीं किया?’’ उस ने पूछा.

‘‘घर वालों के सामने भला विरोध करने की मेरी हिम्मत कैसे हो जाती. इस बारे में तो आप को ही उन से बात करनी चाहिए थी. मैं तो अभी भी चाहती हूं कि शादी आप के साथ ही हो. देखो, अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है. मेरे घर वालों से बात कर लो. शायद वे बात मान जाएं.’’ योगिता ने कहा.

सचिन कुछ नहीं बोला. और इस बारे में उस ने योगिता के घर वालों से बात करनी भी जरूरी नहीं समझी. वह समझ गया कि योगिता ने उस के साथ धोखा किया है. अब उसे योगिता से वफा की उम्मीद नहीं रह गई. बेवफाई के डंक का सचिन पर ऐसा असर हुआ कि हर समय मुसकराने वाले उस के चेहरे पर मायूसी छा गई. वह डांस क्लास में भी गुमसुम सा रहता. इस के अलावा उस ने शराब को अपना साथी बना लिया. क्लास खत्म हो जाने के बाद वह शराब पीने लगा.

सचिन ने अपने टूटे दिल की बातें अपने दोस्तों को भी बता दी थीं. उस ने उन से यह भी कह दिया था कि वह चाहे इस दुनिया में रहे या न रहे, पर डांस एकेडमी चलती रहनी चाहिए. दोस्त उसे काफी समझाते थे कि योगिता चली गई तो जाने दे, जिंदगी बनी रही तो तमाम लड़कियां आएंगी पर वे दोस्त उस के दिल के उस दर्द को नहीं समझ रहे थे.

बहरहाल, योगिता की बेवफाई से सचिन के दिल पर जो घाव हुआ था, वह ठीक होने के बजाय नासूर बनता जा रहा था.

28 जून, 2016 की रात करीब सवा 9 बजे योगिता के मोबाइल पर सचिन का फोन आया. सचिन ने उस से कहा कि एकेडमी में एक सेलिब्रेशन है, वह कुछ देर के लिए वहां आ जाए. योगिता ने यह बात अपने घर वालों को बताई. घर वाले चूंकि सचिन के व्यक्तित्व को अच्छी तरह जानते थे, इसलिए उन्होंने इतनी रात में उस के एकेडमी जाने की अनुमति दे दी.

योगिता एकेडमी जाने के लिए घर से निकल गई. घर से गए हुए उसे एक घंटे से ज्यादा हो गया पर वह न तो घर लौटी और न ही उस का कोई फोन आया था. वह तो थोड़ी देर में ही घर लौटने की बात कह कर गई थी. घर वालों को उस की चिंता हुई. उन्होंने योगिता का फोन मिलाया तो वह स्विच्ड औफ आ रहा था. फिर उन्होंने सचिन का फोन मिलाया. उस का फोन भी बंद आ रहा था. अब उन का परेशान होना लाजिमी था.

घर वाले रात में ही सचिन की एकेडमी पहुंच गए पर वहां एकेडमी के चैनल वाले गेट पर ताला लगा हुआ था. एकेडमी के ऊपर वाले फ्लोर पर सचिन रहता था. उस के दरवाजे पर भी ताला लटका मिला. योगिता के साथ सचिन भी गायब था, इस से घर वालों के दिमाग में एक बात आई कि कहीं दोनों कहीं भाग तो नहीं गए.

बात जवान बेटी के गायब होने की थी. उस के लापता होने का वह अभी कोई शोरशराबा भी नहीं करना चाहते थे. क्योंकि जिस लड़के से योगिता की मंगनी तय हुई थी, उस के कानों तक उस के गायब होने की खबर पहुंच गई तो रिश्ता टूट सकता था इसलिए वह बड़ी ऐहतियात बरत रहे थे. घर लौटने के बाद योगिता की चिंता उन्हें रात भर लगी रही.

सुबह होते ही उन्होंने योगिता की तलाश फिर से शुरू कर दी. योगिता की बहन और भाई एक बार फिर सचिन की डांस एकेडमी पहुंचे. अब भी डांस एकेडमी और घर पर ताला लगा मिला. आसपास के लोगों से भी उन्होंने सचिन के बारे में पूछा. तब तक डांस सीखने वाले कुछ बच्चे भी वहां जमा हो चुके थे.

उसी दौरान एक व्यक्ति ने एक जंगले से डांस एकेडमी के हाल में झांक कर देखा तो हाल में एक व्यक्ति पंखे से लटका हुआ दिखा. यह देख कर तो वहां मौजूद लोगों में फंदे पर लटके उस व्यक्ति को देखने की आपाधापी मच गई. संदिग्ध मामला देखते हुए किसी ने पुलिस कंट्रोलरूम के नंबर पर फोन कर दिया.

सूचना मिलते ही दक्षिणी दिल्ली के थाना महरौली के थानाप्रभारी विक्रमजीत सिंह एसआई संजय शर्मा के साथ मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने लोगों की मौजूदगी में चैनल गेट का ताला तोड़ा. उस के बाद एक लकड़ी का दरवाजा था. वह भी अंदर से बंद था. पुलिस ने उस दरवाजे को भी तोड़ दिया.

दरवाजा तोड़ कर पुलिस जब अंदर पहुंची तो एकेडमी के औफिस में सोफे के पास एक युवती मरी पड़ी थी. वह कोई और नहीं योगिता ही थी. उसे देखते ही योगिता के भाईबहन रोने लगे.

योगिता के गले में बिजली के एक्सटेंशन बोर्ड का तार लिपटा हुआ था. लग रहा था कि शायद उसी तार से उस का गला घोंटा गया होगा. वहीं कारपेट पर गुलाब के फूलों की पंखुडि़यां बिछी हुई थीं. कारपेट के 2 कोनों पर सजावटी मोमबत्तियां बुझी खड़ी थीं.

वहीं पर एक माचिस पड़ी थी जबकि सोफे पर एक पेचकस और 2 मोबाइल फोन पड़े थे. वहीं बेसमेंट में ही दक्षिण की ओर पंखे से एक तार के सहारे सचिन की लाश लटकी हुई थी. उस की जीभ भी बाहर निकली हुई थी. पुलिस ने सचिन के मौसामौसी को भी बुला लिया.थाने की सूचना पर क्राइम इनवैस्टीगेशन टीम और एडिशनल डीसीपी नूपुर प्रसाद भी मौके पर पहुंच गए. क्राइम इनवैस्टीगेशन टीम ने मौके से सबूत इकट्ठे किए. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के अलावा दोनों मृतकों के सगेसंबंधियों से भी बात की.

लोगों से बातचीत के बाद पुलिस को यही लगा कि सचिन ने एक योेजना केतहत ही योगिता को एकेडमी में बुलाया होगा. उस ने उस से वहीं पर शादी के बारे में बात की होगी. फिर निराश होने पर उस ने योगिता का तार से गला घोंटने के बाद खुद भी फांसी पर झूल गया.

पुलिस ने जरूरी काररवाई कर दोनों लाशों को पोस्टमार्टम केलिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की मोर्चरी भेज दिया. थानाप्रभारी विक्रमजीत सिंह कथा संकलन तक केस की तफ्तीश कर रहे थे.

—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

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