Pop Singer Death Mystery. मशहूर पौप सिंगर प्रिंस की मौत की घोषणा हुई तो उन की अरबों की संपत्ति के 7 सौ दावेदार आ गए. उन में एक दावेदार ऐसा भी था, जो अवैध हथियार रखने के आरोप में जेल में बंद था.
उत्तरी अमेरिका पुलिस के कंट्रोल रूम के कंप्यूटरों में रोज की तरह 21 अप्रैल, 2016 को भी इमरजेंसी नंबर 911 पर आने वाले फोन दर्ज हो रहे थे. उन्हीं में एक फोन मिनिपोलिस शहर के 7801, पैस्ले पार्क से भी आया था. यह फोन इमरजेंसी चिकित्सा के सिलसिले में था, जिस ने पुलिसकर्मियों को चौंका दिया, क्योंकि यह फोन मशहूर पौप गायक प्रिंस के म्यूजिक स्टूडियो एवं निवास से आया था.
पुलिस वहां पहुंची तो 57 वर्षीय प्रिंस लिफ्ट में बेहोश मिले. डाक्टरों ने जांच कर के तुरंत उन का उपचार शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. लोगों ने मौत की वजह जाननी चाही लेकिन उस समय उन की मौत के कारण का पता नहीं चल सका.
इस के ठीक एक सप्ताह पहले 14 अप्रैल, 2016 की रात अटलांटा के फौक्स थिएटर में म्यूजिक शो के दौरान उन की तबीयत खराब हो गई थी. तब इलाज के लिए उन्हें निजी विमान से मालिने के अस्पताल ले जाया गया था. डाक्टर ने जांच कर के दवाएं देने के साथ उन्हें आराम करने की सलाह दी.
लेकिन अस्पताल में निजी कमरा उपलब्ध न होने की वजह से उन्होंने वहां रुकने से मना कर दिया था. इस के बाद उन्हें उन के घर लाया गया, जहां उन्होंने पीठ दर्द के लिए नियमित खाने वाली दवा खाई थी.
घर आ कर प्रिंस खुद को सामान्य बनाने की कोशिश में लग गए थे. वह नियमित मौर्निंग वाक पर जाने और साइकिल चलाने जैसे काम करने लगे, साथ ही वह अपना इलाज भी कराते रहे. उन के कर्मचारी और नौकर भी उन की देखभाल पूरी तत्परता से कर रहे थे. इस के बावजूद उन का वजन घटता जा रहा था. वह पहले से काफी कमजोर दिखने लगे थे. 21 अप्रैल की सुबह वह लिफ्ट में बेहोश हुए तो आधे घंटे में उन की मौत हो गई थी.
इस के बाद जब उन की मौत के बारे में छानबीन की गई तो पता चला कि वह एड्स के शिकार थे, जिस से वह छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन डाक्टरों ने बताया कि उन की मौत एड्स की वजह से नहीं, दर्दनाशक दवाओं की अधिक मात्रा के सेवन से हुई थी.
माइकल जैक्सन की तरह प्रिंस भी कूल्हे के दर्द से परेशान रहते थे. इस से छुटकारा पाने के लिए वह काफी मात्रा में पेनकिलर लिया करते थे. उन्हें दवा सप्लाई करने वालों से पता चला कि 6 महीने में उन्होंने 40 हजार डौलर की दवाएं मंगाई थीं. ये दवाएं वह सन 1984 से ले रहे थे. इन के बिना वह स्टेज शो नहीं कर पाते थे. एक तरह से वह पिलमैन बन चुके थे.
प्रिंस की मौत का पता चलते ही अमेरिका के कोनेकोने से उन की अकूत संपत्ति के दावेदारों तथा बकाए की रकम वसूलने वालों की लंबी लाइन लग गई. करीब 7 सौ लोगों की इस सूची में अवैध हथियार रखने के जुर्म में अमेरिकी जेल में बंद 39 साल का एक कैदी भी था. उस ने खुद को प्रिंस का एकमात्र जैविक पुत्र होने का दावा किया.
उस ने जो दस्तावेज पेश किए, उस के अनुसार, उस की मां का कहना था कि प्रिंस ने उस के साथ होटल में एक बार शारीरिक संबंध बनाया था. दावेदारों की लंबी लाइन लग जाने की वजह से असली हकदार की पहचान के लिए डीएनए जांच का सहारा लेने का फैसला किया गया. इस की एक वजह यह भी थी कि प्रिंस ने मरने से पहले अपनी संपत्ति का किसी को हकदार नहीं बनाया था.
बौलीवुड सुपर स्टार शाहरुख खान ने अपने किसी प्रशंसक द्वारा उन की ग्लैमर और आनंददायक जीवनशैली के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि ‘आप को नहीं मालूम कि मैं कितना मुश्किल भरा जीवन जीता हूं. जैसा आप सभी सोचते हैं कि मेरी जिंदगी आराम और मौजमस्ती से गुजरती है तो यह गलत है.’
कुछ इसी तरह की बात अमेरिका के कैलीफोर्निया के रहने वाले म्यूजिक आइकन 57 वर्षीय पर्पल रेन फेम सिंगर प्रिंस पर भी लागू होती है. लेकिन उन की मौत के बाद उन की जिंदगी की तह में छिपी जो बातें सामने आई, वे कुछ कम हैरान करने वाली नहीं हैं.
पता चला है कि वह एड्स का शिकार हो गए थे, जिस की जानकारी उन्हें मरने से 6 महीने पहले हुई थी. प्रिंस की भले ही मौत हो गई, लेकिन उन की म्यूजिक की तरंगित स्वर लहरियां आज भी संगीत प्रेमियों को किसी रहस्यमय सपनों की रोमांटिक दुनिया में ले जाने के लिए काफी हैं.
संगीत के क्षेत्र में उन्होंने विभिन्न प्रयोग किए थे. उन की जीवनशैली भी अजीब, रोमांचक और अद्भुत थी. संगीत की कुदरती प्रतिभा के साथ जब वह लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचे थे तो उन की जीवनशैली पर आभासी दुनिया इस कदर हावी हो गई थी कि वह इसे अंतिम समय तक सहेजतेसंभालते रहे और गीतसंगीत के लिए ही जीते रहे.
गीतसंगीत के लिए उन्होंने न तो अपनी सेहत की परवाह की और न ही जान की. दर्शकों का दिल जीतने के लिए उन्होंने नशे का भी सहारा लिया. यही नहीं, पीठ दर्द के बावजूद शरीर की लोच और चिरपरिचित आकर्षक शैली को बनाए रखने के लिए वह पेनकिलर की डोज बढ़ाते चले गए.
अफ्रीकी मूल के अमेरिकी संगीतकार जौन नेल्सन और इतालवी-अमेरिकी गायिका मैती शा के बेटे प्रिंस का मूल नाम रोजर्स नेल्सन था. उन का जन्म 7 जून, 1958 को मिनेसोटा के मिनिपोलिस में हुआ था.
2 साल की उम्र के बाद उन का लालनपालन पिता नेल्सन ने मिनेसोटा के मिनिपोलीस में किया. पिता जौन नेल्सन जौज बैंड बजाते थे और वह जिस ग्रुप ‘द प्रिंस ट्रायो’ से जुड़े थे, उस की पहचान बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने बेटे का नाम प्रिंस रख दिया था.
खुद की तरह बेटे को भी वह संगीत की दुनिया में लाना चाहते थे, इसलिए बचपन से ही उसे संगीत के लिए प्रेरित करने लगे. उन्होंने उस के दिलोदिमाग में संगीत को इस कदर भर दिया था कि मात्र 7 साल की उम्र में ही उस ने एक गीत की रचना कर डाली थी.
इस खुशी में पिता ने एक गिटार ला कर दिया तो प्रिंस जल्दी ही गिटार पर पियानो और ड्रम के साथ युगलबंदी करना सीख गए. मातापिता के बीच संबंध विच्छेद होने के बाद उन का बचपन छोटी बहन के साथ बीता. लेकिन बाद में विकट और असहज परिस्थितियों की वजह से उन्होंने घर से भाग कर एंडरसन परिवार में शरण ली.
हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान उसी परिवार के एक सदस्य एंड्रे एंडरसन के साथ मिल कर पहला ग्रैंड सैंट्रल बैंड बनाया, जो बाद में कैंपेगन के नाम से प्रसिद्ध हुआ. विभिन्न वाद्ययंत्रों को बजाने की ललक प्रिंस में बचपन से ही थी. इसी ललक की वजह से वह 27 तरह के वाद्ययंत्र बजाने में माहिर हो गए थे.
प्रिंस ने बचपन में घोर गरीबी देखी थी. तब उन्हें अपनी लंबाई को ले कर कुंठा भी थी. वह मात्र 5 फुट 2 इंच के थे. इसीलिए म्यूजिक के मंच पर हमेशा ऊंची एड़ी के जूते पहनते थे. बास्केट बाल उन का प्रिय खेल था, लेकिन वह जानते थे कि लंबाई की वजह से इस में कैरियर नहीं बन सकता. जबकि वह वेसेंट्रल जूनियर यूनीवर्सिटी के जूनियर बास्केट बाल टीम में भी रहे, लेकिन अंत में उन्होंने संगीत को चुना.
अपने निजी जीवन के बारे में प्रिंस बेहद निजी विचार रखते थे. चाहे वह गीतसंगीत के बारे में हो या रिश्तेनाते, दोस्त या शौक के बारे में, सबकुछ अपने तरीके से करते थे. सेलिब्रिटी की सुर्खियों और चमकदमक से दूर रहते हुए वह व्यक्तिगत समय अपने पैस्ले पार्क परिसर में ही बिताना पसंद करते थे.
उन्हें संगीत के क्षेत्र में पहली बड़ी सफलता तब मिली थी, जब उन की उम्र 18 साल की थी, तब उन्हें लगा था कि संगीत की दुनिया में वह कुछ नया कर पाएंगे, क्योंकि इसी के बाद उन्हें वार्नर ब्रदर्स की फिल्म के लिए अनुबंधित कर लिया गया था. उस समय वह फिल्मों में सब से कम उम्र के अनुबंध प्राप्त करने वाले गायक बन गए थे.
इस के बाद वह न्यूयार्क आ गए, जहां उन की जबरदस्त चर्चा हुई. यही नहीं, उन के पहले गाने के रिकौर्ड की रिकौर्ड बिक्री भी हुई थी. उन के अनुसार, इस की सफलता के पीछे की वजह अपनी सैक्स की उत्कंठा को उन्होंने संगीत के माध्यम से बाहर निकाला था. सन 1984 में जब उन का ‘पर्पल रेन’ एलबम आया तो रातोंरात वह बुलंदी पर जा पहुंचे. इस में उन की विलक्षण शैली एक नई पहचान बन कर उभरी.
प्रिंस की उपलब्धियों का चरमोत्कर्ष अस्सी का दशक रहा. उस दौरान उन के एलबम ‘1999’ और ‘पर्पल रेन’ की पूरी दुनिया में धूम रही. बाद में उन्होंने हौलीवुड की फीचर फिल्मों के साउंड ट्रैक भी दिए. उसी बीच उन्होंने एक विवादित बयान दिया था, जो उन के साथ के भेदभाव को दर्शाता था. उन्होंने कहा था, ‘मैं काला हूं या गोरा, सामान्य हूं या समलैंगिक? मेरे गीतसंगीत पर इस का कोई फर्क नहीं पड़ता.’
उन का शुरुआती संगीत विवादों से घिरा रहा, क्योंकि उन में धर्म और सैक्स का घालमेल किया गया था. इस के विपरीत यह कुछ लोगों को रोमांचित भी करता था. उन्होंने संगीत की दुनिया में तहलका मचाने और लाइव शो के लिए मशहूर होने के साथसाथ 7 बार ग्रेमी पुरस्कार जीते. उन के एलबम विलक्षण प्रतिभा के बेहतरीन नमूने बने, इसीलिए उन की कीमत सोना, हीरा और बेशकीमती मोतियों से की जाने लगी थी.
90 के दशक तक उन्हें माइकल जैक्शन और मैडोना जैसे सुपरस्टार गायकों से कड़ी स्पर्धा मिली. आखिर उन का सितारा धीरेधीरे गर्दिश में चला गया था और वे म्यूजिक की दुनिया में हाशिए पर धकेल दिए गए.
म्यूजिक चैनल और तकनीक की दुनिया में आए तेजी से बदलाव की वजह से उन पर वैसे समझौते करने का दबाव था, जो वह कतई नहीं करना चाहते. उन का सितारा एक बार फिर से सन 2004 में बुलंद हुआ और उन्होंने ग्रैमी अवार्ड समारोह में बेयांस नोल्स के साथ धमाकेदार प्रदर्शन किया.
सन 2006 में उन्होंने ‘3121’ नामक एलबम जारी किया. उसी साल उन्होंने एक गीत ‘सांग औफ द हर्ट’ लिखा और उसे अपने संगीत की धुनों में पिरोया. इस पर उन्हें सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का गोल्डन ग्लोब पुरस्कार मिला. सन 2010 प्रिंस के लिए पुरस्कारों का साल रहा. इसी साल टाइम पत्रिका ने उन्हें विश्व के 100 सब से प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया. इसी साल उन्हें बेट अवार्ड ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा.
एक करोड़ से अधिक रिकौर्ड बेचने का रिकौर्ड हो या फिर संगीत की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संगीत पुरस्कारों में 7 ग्रेमी, गोल्डन ग्लोब और औस्कर जैसे अवार्ड हों, प्रिंस ने लगभग सभी पुरस्कार प्राप्त किए. प्रिंस का निजी जीवन पैस्ले पार्क परिसर में गुजरता था. वह सेलिब्रिटी की सुर्खियों से दूर रहना पसंद करते थे. सन 1980 में उन के मधुर संबंध गायिका और गीतकार सुसन्ना मेल्वोइन से बने थे, जो प्रिंस के बैंड की गिटारवादिका वेंडी मेल्वोइन की जुड़वां बहन थी. हालांकि वह असाधारण ड्रमर शीला ई के साथ भी रोमांटिक स्तर पर जुड़े थे.
दोनों ने ही उन के एलबम के लिए काम किया था. उन के साथ प्रिंस का काफी ग्लैमरस जीवन गुजरा. उन्होंने एक साथ कई लोकप्रिय गीतों के लिए काम भी किए. हालांकि सन 1996 में वेलेंटाइन डे के मौके पर प्रिंस ने अपनी बैकअप सिंगर और डांसर मैती गार्सिया के साथ शादी रचा ली.
16 अक्तूबर, 1996 को उन के यहां एक बेटा पैदा हुआ, लेकिन दुर्भाग्य से वह दुर्लभ अनुवांशिक विकार का शिकार हो गया, जिस से एक सप्ताह के भीतर ही उस की मौत हो गई. यह सदमा पतिपत्नी के लिए असहनीय हो गया और उन के बीच प्रेम की गंगा धीरेधीरे सूखने लगी. अंतत: सन 2000 में उन के संबंध विच्छेद हो गए. उन्होंने तलाक ले लिए.
इस के अगले साल सन 2001 में प्रिंस ने मौलेना तेस्तोलिनी के साथ दूसरी शादी कर ली. मौलेना एक धर्मार्थ संगठन के लिए काम करती थी. हालांकि यह शादी भी लंबे समय तक नहीं टिक पाई और सन 2006 में दोनों अलग हो गए.
तलाक के बाद प्रिंस का लिवइन रिलेशन एक अन्य सिंगर बिरा वालेंट के साथ चला. मौलेना से शादी के बाद प्रिंस पर धार्मिक भावना हावी हो गई और वह धर्म, अध्यात्म, प्रकृति और ईश्वर के प्रति आस्थावान बन गए थे.
इसे विडंबना ही कहेंगे कि पुलिस द्वारा शव परीक्षण के बाद 23 अप्रैल को प्रिंस का निजी तौर पर अंतिम संस्कार किया गया तो उस समय उन के परिवार के मात्र 3 सदस्य और कुछ दोस्त ही उपस्थित थे. परिवार के सदस्यों में मुख्य तौर पर उन की 55 वर्षीया गायिका बहन टायका नेल्सन भी थीं.






