Uttar Pradesh Crime: पड़ोसी अरुण की नीयत रजिया पर ही नहीं, उस की जवान हो रही बेटी पूनम पर भी खराब थी. उसे पाने के लिए उस ने जो जघन्य अपराध किया. ऐसे लोगों की समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
आईजी मोहित अग्रवाल को जब पता चला कि गोरखपुर की कोतवाली शाहपुर के झरना टोला में 11 महीने पहले हुई 4-4 हत्याओं के मामले का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है तो वह हैरान रह गए. हत्याएं सीआरपीएफ के सिपाही जवाहरलाल कनौजिया के परिवार वालों की हुई थीं. हत्यारों ने उन की पत्नी और 3 बच्चों को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था.
इस घटना के बारे में जान कर मोहित अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों से पूछा, ‘‘जघन्य से जघन्य श्रेणी में आने वाली इस घटना का खुलासा आखिर अब तक क्यों नहीं हो सका? यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि घटना को घटे 11 महीने बीत गए हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है. मैं चाहता हूं कि अब इस मामले का खुलासा जल्द से जल्द हो जाना चाहिए.’’
आईजी के आदेश के बाद गोरखपुर पुलिस के साथ जिला देवरिया की पुलिस भी 4 हत्याओं वाले इस मामले के खुलासे में लग गई.
अभियुक्तों तक पहुंचने के लिए कोतवाली पुलिस की मदद के लिए क्राइम ब्रांच और एसटीएफ को भी लगा दिया गया था. जांच के लिए पुलिस की 3 टीमें बनाई गईं, जिन्होंने फिर से घटनास्थल से जांच शुरू की. मृतकों के मोबाइल नंबर की काल डिटेल्स, मोहल्ले वालों से पूछताछ एवं कुछ अन्य लोगों की काल डिटेल्स तथा मोबाइल फोन की लोकेशन खंगाली गई तो कभी मृतकों का पड़ोसी रहा औटो चालक अरुण दीक्षित शक के घेरे में आ गया.






