Punjab Murder Mystery: जिस प्रेमी के लिए मंजू ने बेटी का कत्ल किया, अब वह उस के साथ जेल में है. जेल से छूटने के बाद क्या वह उसे अपनाएगा?
अबोहर के थाना सिटी के थानाप्रभारी बलकार सिंह को बस्ती पंजपीर की रहने वाली मंजू ने एक सुसाइड नोट देते हुए अपनी 17 साल की बेटी दीक्षा के आत्महत्या करने की सूचना दी तो पुलिस बल ले कर वह घटनास्थल पर पहुंच गए. लाश और घटनास्थल के निरीक्षण में उन्होंने देखा कि दीक्षा के जिस चुन्नी से लटक कर आत्महत्या करने की बात कही जा रही थी, वह पंखे से बंधी नहीं, बल्कि लटक रही थी.
उन्होंने कमरे का निरीक्षण करते हुए मंजू से पूछा, ‘‘तुम्हें बेटी के आत्महत्या करने की खबर कब मिली?’’
‘‘साहब, मैं राशन लेने बाजार गई थी, तभी मेरी एक पड़ोसन ने फोन कर के बेटी के आत्महत्या करने की बात बताई.’’ मंजू ने कहा.
‘‘तुम जो सुसाइड नोट ले कर थाने आई थी, वह तुम्हें कहां से मिला?’’ बलकार सिंह ने अगला सवाल किया.
‘‘वह सुसाइड नोट मुझे पड़ोस में रहने वाले रमेश ने ला कर बाजार में देते हुए कहा था कि मैं वहीं से सीधे थाने जा कर दीक्षा के आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को दे दूं.’’ जवाब में मंजू ने बताया.
घटनास्थल और लाश की अब तक की जांच से पुलिस को यह मामला काफी संदिग्ध लग रहा था. जवान बेटी ने मौत को गले लगा लिया था, उस की मां के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं थी. लाश के निरीक्षण में बलकार सिंह ने देखा था कि मृतका की कलाई पर ब्लेड से ‘विजय’ लिखा था. कमरे में एक कागज का टुकड़ा जला मिला था, जिस पर गौर से देखने पर अंगरेजी में ‘आई लव यू विजय’ लिखा नजर आया था.






