Gangster: पिछले कई सालों में लारेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, हिमांशु भाऊ और बंबीहा गैंग जैसे संगठित अपराधी गिरोहों द्वारा दूसरे देशों में भी गोलीबारी की वारदातें की गई हैं. इन आपराधिक गैंगों की विदेशों में बढ़ती गतिविधियों के बाद राहुल आर.के. मीणा गैंग का नाम भी सामने आ गया है.

इस बारे में सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि भारतीय गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार इसी तरह जारी रहा तो यह कानून व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए नई चुनौती बन सकता है.

विदेशी धरती पर सक्रिय भारतीय गैंगस्टरों का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है. पुर्तगाल में भारतीय मूल के कारोबारी हरपाल सिंह की कार पर हुई फायरिंग के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

वायरल पोस्ट में खुद को राहुल आर.के. मीणा गैंग से जुड़ा बताते हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. हालांकि, इस पोस्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं.

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि कारोबारी हरपाल सिंह पर फायरिंग उसी गैंग ने कराई थी.

पोस्ट में धमकी भरे लहजे में लिखा गया है कि इस बार वह बच गया, लेकिन अगली बार उसे नहीं छोड़ा जाएगा. साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उन की शर्तें नहीं मानी गईं तो इस तरह की घटनाएं आगे भी होती रहेंगी.

पोस्ट में सुनील मीणा गैंग का भी जिक्र किया गया है. इस के अलावा अमन साहू गैंग, नरेश अबोहर और अर्चित छपराना के नाम भी हैशटैग के साथ लिखे गए हैं.

माना जा रहा है कि इन नामों के जरिए गैंग अपने आपराधिक गठजोड़ का संदेश देने की कोशिश कर रहा है.

राहुल आर.के. मीणा गैंग का संबंध झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के नेटवर्क से भी जोड़ा जा रहा है, जिस की पिछले वर्ष पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. जांच एजेंसियां इस संभावित गठजोड़ की भी पड़ताल कर रही हैं. इस की पुष्टि राहुल आर.के. मीणा गैंग के सरगना ने सोशल मीडिया पर अत्याधुनिक हथियारों के साथ अपनी तसवीरें साझा कर के की.

इतना ही नहीं, गैंग की ओर से कथित तौर पर औनलाइन भरती अभियान चलाए जाने की भी जानकारी सामने आई है. इस से संकेत मिल रहे हैं कि गैंग सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ाने और नए सदस्यों को जोडऩे की कोशिश कर रहा है.

हाल के वर्षों में लारेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, हिमांशु भाऊ और बंबीहा गैंग जैसे संगठित आपराधिक गिरोहों की विदेशों में बढ़ती गतिविधियों के बाद अब राहुल आर.के. मीणा गैंग का नाम भी सामने आने लगा है.

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि भारतीय गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार इसी तरह जारी रहा तो यह कानून व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग के लिए नई चुनौती बन सकता है.

फिलहाल पुर्तगाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां फायरिंग की घटना, वायरल पोस्ट और उस के पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने में जुटी हैं. वहीं भारतीय एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल पोस्ट वास्तव में राहुल आर.के. मीणा गैंग ने ही जारी की है या नहीं. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तसवीर सामने आएगी.

लारेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़, हिमांशु भाऊ और बंबीहा गैंग उत्तर भारत के संगठित अपराध जगत में चर्चित नाम हैं. इन का संबंध मुख्यत: रंगदारी, हत्या, हत्या की साजिश, अवैध हथियारों की तस्करी और गैंगवार जैसे गंभीर अपराधों से जोड़ा जाता है. विभिन्न मामलों में इन के खिलाफ पुलिस, राज्य एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियां जांच करती रही हैं.

  1. लारेंस बिश्नोई पंजाब से संबंध रखने वाला गैंगस्टर है. कई आपराधिक मामलों में आरोपी है और लंबे समय से जेल में रहते हुए भी उस के नेटवर्क के सक्रिय रहने का आरोप पुलिस लगाती रही है. जांच एजेंसियों के अनुसार उस का नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली तथा विदेशों तक फैला हुआ है.
  2. गोल्डी बराड़ का वास्तविक नाम सतिंदरजीत सिंह बराड़ है. भारतीय एजेंसियों के अनुसार वह लारेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी रहा है. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद उस का नाम व्यापक रूप से चर्चा में आया. भारत सरकार ने उस के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं और उसे यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है.
  3. रोहित गोदारा नाम का चर्चित गैंगस्टर राजस्थान से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार उस ने पहले बिश्नोई नेटवर्क के साथ काम किया था, लेकिन बाद में गोल्डी बराड़ के साथ अलग गुट बना लिया. उस पर रंगदारी और हत्या सहित कई आरोप हैं.
  4. हिमांशु भाऊ हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय गैंग का सरगना माना जाता है. पुलिस के अनुसार उस पर हत्या, रंगदारी और फायरिंग जैसे कई मामले दर्ज हैं. हाल के वर्षों में उस का गैंग दिल्ली एनसीआर में तेजी से सक्रिय हुआ है.
  5. बंबीहा गैंग की शुरुआत गैंगस्टर दविंदर बंबीहा से मानी जाती है. उस के मारे जाने के बाद उस के सहयोगियों ने नेटवर्क को आगे बढ़ाया. यह गैंग लंबे समय से बिश्नोई नेटवर्क का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जाता है और दोनों गुटों के बीच कई हिंसक गैंगवार की घटनाएं सामने आती रही हैं.

लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जहां लंबे समय तक सहयोगी रहे. वहीं रोहित गोदारा पहले बिश्नोई नेटवर्क से जुड़ा माना गया, बाद में गोल्डी बराड़ के साथ अलग गुट में दिखाई दिया.

इसी तरह से बंबीहा गैंग बिश्नोई नेटवर्क का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हुआ करता था. हिमांशु भाऊ अलग गैंग चलाता है, हालांकि इस के बारे में भी विभिन्न मामलों में अन्य गिरोहों से टकराव या अस्थायी गठजोड़ की बातें आती रही हैं.

इन गैंगों की गतिविधियों के कारण पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में संगठित अपराध, रंगदारी, सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी और गैंगवार जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं. हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों की एसटीएफ, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने इन के नेटवर्क पर काररवाई तेज की है, जिस में कई सदस्यों की गिरफ्तारी तथा संपत्ति जब्त करने जैसी काररवाइयां हुई हैं. Gangster

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