Social Story. एक समय था जब 20 साल विधायक रहे बाहुबली विजय मिश्रा की पूरे इलाके में तूती बोलती थी और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से गहरी नजदीकियां थीं. उस के अपराधों का घड़ा फूटते ही वह सजा के भंवर में फंसता जा रहा है. विजय मिश्रा ही नहीं बल्कि उस का पूरा परिवार पत्नी रामलली, बेटा विष्णु मिश्रा और बहू रूपा अलगअलग जेलों में ऐसेऐसे अपराधों की सजा काट रहे हैं कि...
उत्तर प्रदेश के जिला भदोही का एक गांव है धानापुर, जो वाराणसी से लगभग 50 किलोमीटर दूर है. इसी गांव में बाहुबली विजय मिश्रा का जन्म हुआ था. तब भदोही जिला नहीं था. भदोही वाराणसी का एक हिस्सा था. यह कालीन उद्योग के लिए जाना जाता था. भदोही-मीरजापुर मंडल से लगा है, इसलिए यहां खनन माफिया भी खूब हैं.
विजय मिश्रा तेज तो बहुत था, लेकिन गरीब परिवार में पैदा होने की वजह से ज्यादा पढ़ नहीं पाया. बचपन से उस ने देखा था कि जिस की बांहों में दम है, वह यहां मजे कर रहा है. विजय ने भी हिम्मत दिखाई और ट्रांसपोर्ट के कारोबार के साथ खनन के ठेके लेने लगा.
विजय को पाने की अपेक्षा छीनने में ज्यादा विश्वास था. उसी का परिणाम है कि आज पूरा का पूरा परिवार जेल में है, क्योंकि उस की इस छीनने की प्रवृत्ति में पूरे परिवार ने उस का साथ दिया था.
उस की इसी प्रवृत्ति का नतीजा है कि 15 मई, 2026 को भदोही की एमपी-एमएलए अदालत ने पूरे परिवार को सजा सुनाई है. उस में घर के मुखिया विजय मिश्रा, उस की पत्नी रामलली और बहू रूपा मिश्रा शामिल हैं. सजा सुनाए जाने के बाद रामलली और रूपा को ज्ञानपुर जेल भेजा गया है. जबकि विजय मिश्रा आगरा और उस का बेटा विष्णु लखीमपुर जेल में पहले से बंद है.






