Web Series: वेब सीरीज ‘ब्राउन’ एक साइकोलौजिकल क्राइम थ्रिलर है. यह सीरीज कोलकाता की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक उद्योगपति और प्रभावशाली व्यक्ति की बेटी का मर्डर कर दिया जाता है. इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की जिम्मेदारी एक ऐसी पूर्व पुलिस अधिकारी रीटा ब्राउन को सौंपी जाती है, जो पहले से ही टूटी हुई और शराब की लत से जूझ रही होती है.
कलाकार: करिश्मा कपूर, सूर्य शर्मा, सोनी राजदान, जिशु सेनगुप्ता, शान, अजिंक्य देव, मेघना मलिक, अनिरुद्ध रौय, परेश पाहुजा, आर्यन भौमिक, अनुपम भट्टाचार्य, वैभवी मल्होत्रा, के.के. रैना, नेहा जुल्का, सुभाशीष चक्रवर्ती, कियारा साद.
निर्माता: उमेश कुमार बंसल, निदेशक : अभिनय देव, लेखक: दिग्गी सिसोदिया, सुनयना कुमारी और मयूरव घोष
निर्माण: जी स्टूडियोज और एप्लास इंटरटेनमेंट, ओटीटी: जी 5
वेब सीरीज ‘ब्राउन’ एक डार्क साइकोलौजिकल क्राइम थ्रिलर है, जिस की कहानी कोलकाता शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित है. यह वेब सीरीज अभीक बरुआ के मशहूर उपन्यास ‘सिटी औफ डेथ’ पर आधारित है. 7 एपिसोड की इस वेब सीरीज को 15 जून, 2026 को जी 5 पर रिलीज किया गया है.
कहानी की शुरुआत कोलकाता के एक बेहद रसूखदार धीरज जायसवाल की बेटी अहाना जायसवाल की बेरहमी से की गई हत्या से होती है. इस पेचीदा केस को सुलझाने की जिम्मेदारी रीटा ब्राउन को मिलती है, जोकि एक जासूस है.
जांच के दौरान रीटा ब्राउन का साथ इंसपेक्टर अर्जुन सिन्हा देते हैं. रीटा और अर्जुन दोनों अपने कड़वे अतीत से भी जूझ रहे होते हैं. रीटा और अर्जुन जब अहाना की हत्या की कडिय़ों को जोडऩा शुरू करते हैं तो कहानी में कई चौंकाने वाले मोड़ आते हैं और मामला उलझता जाता है.
एपिसोड नंबर 1
पहले एपिसोड का नाम ‘ब्राउन की वापसी’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में हम देखते हैं कि एक युवती को रस्सी से बांध कर उसे बैड के ऊपर लटका कर रखा था, जो लगातार अपनी जान की भीख मांग रही थी, तभी अंधेरे से एक किलर आता है, जिस का मुंह ढंका हुआ था. वह आ कर युवती की गरदन काट कर वहां से फरार हो जाता है.
अब हम रीटा ब्राउन (करिश्मा कपूर) को देखते हैं जो अपने बिस्तर में लेटी होती है. तभी अचानक एक सपने से उस की नींद खुल जाती है. उसे याद आता है कि वह सपने में समुद्र के अंदर थी. ऐसे सपने उसे डिप्रेशन में जाने के कारण अकसर आते रहते थे.
अब हमें बैकग्राउंड में यह पता चलता है कि रीटा ब्राउन एक अनुभवी और बहुत ही काबिल पुलिस अधिकारी रही थी. लेकिन कुछ समय से चल रही उस की मानसिक अवस्था और डिप्रेशन के कारण उसे डिटेक्टिव डिपार्टमेंट से हटा कर आरटीएफ में ट्रांसफर कर दिया गया था.
अब रीटा एक पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग पा रहे नए औफिसर्स को इन्वेस्टिगेशन की टिप्स बता रही होती है. तभी उसे राज्य के मुख्यमंत्री सृजन सामंत (अरिजीत दत्ता) के पीए शत्रुघ्न कुमार (रामरतन झा) का फोन आता है, जिस में वह रीटा को बताता है कि तुम्हें एक विशेष केस को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री ने बुलवाया है, इसलिए तुम सीधे यहां पहुंचो.
इधर हम इंसपेक्टर अर्जुन सिन्हा (सूर्य शर्मा) को देखते हैं कि वह समुद्र में एक नाव में नाव वाले की पत्नी के मर्डर केस में उस के पति को गिरफ्तार करने जाता है. तो नाव चालक बचने के लिए समुद्र में कूद जाता है, लेकिन इंसपेक्टर अर्जुन समुद्र में कूद कर अपराधी को पकड़ लेता है.
दूसरी ओर रीटा मुख्यमंत्री के कार्यालय में पहुंच जाती है तो वहां पुलिस कमिश्नर सुधेंदु बाबू (फाल्गुनी चटर्जी) उसे उसी मर्डर की केस फाइल देते हैं, जिस का मर्डर एपिसोड के शुरुआत में हुआ था.
अब हमें यह पता चलता है कि मरने वाली युवती का नाम अहाना जायसवाल (वैभवी मल्होत्रा) था, जो देश के प्रमुख बिजनेसमैन और मुख्यमंत्री के सहपाठी धीरज जायसवाल (अजिंक्य देव) की इकलौती बेटी थी. इस केस में रीटा की मदद करने के लिए इंसपेक्टर अर्जुन सिन्हा को भी लगा दिया गया था.
अब डीसीपी रीटा ब्राउन और इंसपेक्टर अर्जुन उस फ्लैट पर जाते हैं, जहां अहाना का मर्डर हुआ था. वहां दृश्य बड़ा भयावह था. किलर ने अहाना के हाथपैर रस्सी से बांध कर उसे उस के बैड के ऊपर लटकाया था. अहाना का कटा सिर जमीन पर पड़ा था और कमरे के चारों तरफ खून ही खून नजर आ रहा था.
वहां पर यह पता भी चलता है कि अहाना के अपने परिवार के साथ अच्छे संबंध नहीं थे, इसलिए वह अपने पिता की आलीशान कोठी को छोड़ कर यहां किराए के फ्लैट में रहती थी.
रीटा सिक्योरिटी गार्ड से जब पूछताछ करती है तो यह पता चलता है कि अहाना इंट्रोवर्ट टाइप की लड़की थी, जो ज्यादा लोगों से मिलना पसंद नहीं करती थी.
कभीकभार अहाना का भाई संजय जायसवाल (परेश पाहुजा), अहाना की बेस्ट फ्रेंड शेफाली (अहिल्या शेट्टी) और अहाना का बौयफ्रेंड सैतुक (आर्यन भौमिक) ही मिलने आते थे.
इस के बाद रीटा और अर्जुन धीरज जायसवाल की कोठी पर पूछताछ करने जाते हैं तो अहाना के पारिवारिक सदस्य उन के सवालों के जवाब घुमाफिरा कर देते हैं. ऐसा लगता है जैसे वे किसी राज की बात को छिपाने की कोशिश कर रहे हों.
अब रीटा और अर्जुन उस बार में जाते हैं जहां मर्डर वाली रात अहाना गई थी. सीसीटीवी में उस रात कार में अहाना और उन का पुराना ड्राइवर राजू (कौशल गोस्वामी) दिखाई दे रहे थे. बार में ड्राइवर राजू अहाना को रोकने की कोशिश करता है, लेकिन अहाना उसे धक्का मार कर आगे निकल जाती है.
इस के बाद रीटा अपने पुराने मुखबिर जौन की सहायता से एक बदनाम अड्डे से ड्राइवर राजू को गिरफ्तार कर लेती है.
उधर पुलिस की दूसरी टीम राजू के घर पर तलाशी लेती है तो वहां से चोरी किए हुए कई मोबाइल फोन बरामद होते हैं, लेकिन उन में अहाना का फोन नहीं मिलता, जो अहाना के मर्डर स्पौट से गायब मिला था.
दूसरी ओर धीरज जायसवाल की पैनी नजर प्रैस पर थी. उसे लगता था कि यदि इस मामले ने तूल पकड़ा या कुछ बात बाहर निकल कर सामने आई तो बड़ी मुश्किल हो सकती है. इसी के साथ पहला एपिसोड समाप्त हो जाता है.
पहले एपिसोड की बात करें तो कहानी काफी धीमी और सुस्त दिखाई दे रही है. इंसपेक्टर अर्जुन का नाव में जा कर अपराधी को पकडऩा नाटकीय लगता है. अभिनय की बात करें तो सभी कलाकारों का अभिनय औसत दरजे का दिखाई देता है.
एपिसोड नंबर 2
दूसरे एपिसोड का नाम ‘गलत संदिग्ध’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत बैकग्राउंड से होती है, जहां हम मोंटी नामक एक छोटे बच्चे को देखते हैं, जो अपनी आंखों के सामने मां को किसी दूसरे पुरुष से इंटीमेट होते देख लेता है. तभी उस की मां की नजर मोंटी पर पड़ जाती है तो वह शर्म, डर और घबराहट के कारण अपनी कलाई की नस काट कर सुसाइड कर लेती है.
इस का असर उस के बच्चे मोंटी पर जिंदगी भर रहता है. वह इस घटना को कभी भूल नहीं पाता. उस के पिता भी मोंटी को बहुत समझाते हैं. वह बच्चा कौन था? उस के पिता कौन थे और उस की मां का प्रेमी कौन था? यह रहस्य आगे चल कर पता चलेगा.
अब कहानी वर्तमान में आ जाती है, जहां अहाना मर्डर केस में पौलिटिक्स चलने लगी थी. पुलिस कमिश्नर सुधेंदु बाबू नहीं चाहता था कि यह केस रीटा सौल्व करे, क्योंकि वह इस केस की तह में जा कर अनगिनत राजों का परदाफाश कर सकती थी.
इसलिए पुलिस कमिश्नर मुख्यमंत्री से रीटा को इस केस से हटाने की सिफारिश करता है, लेकिन सीएम का पीए शत्रुघ्न पुलिस कमिश्नर की चाल को कामयाब नहीं होने देता और यह केस अभी भी रीटा के पास ही रहता है.
रीटा के पति नितिन गोस्वामी की कुछ दिनों पहले एक प्लेन क्रैश में दर्दनाक मौत हो चुकी थी. वह अपने पति की मौत से अभी तक बाहर नहीं आ पा रही थी.
उस के बाद हम देखते हैं कि फोरैंसिक डौक्टर बताता है कि अहाना का कातिल कोई मामूली इंसान नहीं, बल्कि किलर को मानव शरीर के हर अंग की पूरी जानकारी थी. इसलिए उस ने एक सिंगल सबूत भी नहीं छोड़ा था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आती है कि किलर राइट हैंडेड इंसान था, लेकिन जब राजू की जांच की जाती है तो वह लेफ्ट हैंडेड निकलता है. रीटा को समझ में आ जाता है कि किलर राजू नहीं बल्कि कोई और है.
उसी दिन मुख्यमंत्री ने एक प्रैस कौन्फ्रेंस रखी थी, जिस में राजू को ही कातिल घोषित कर इस केस को बंद करने का प्रोग्राम था, लेकिन तभी रीटा प्रैस कौन्फ्रेंस में आ कर बता देती है कि राजू के खिलाफ पुलिस को अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, राजू खूनी नहीं है और इस केस की अभी जांच चल रही है.
यह सुन कर वहां बैठे सभी लोग हैरान रह जाते हैं. अब रीटा और अर्जुन राजू से अपना ध्यान हटा कर अब सैतुक (आर्यन भौमिक) पर कर देते हैं, जो कभी अहाना का बौयफ्रेंड रहा था.
पूछताछ पर सैतुक रीटा को बताता है कि अहाना से उस का ब्रेकअप किसी छोटीमोटी बात के लिए नहीं, बल्कि इसलिए हुआ था कि जब कभी वह अहाना से इंटीमेट होने की कोशिश करता था तो उस दौरान अहाना का व्यवहार अजीब सा हो जाता था. वह डर के मारे ऐसे रिएक्ट करने लगती थी, जैसे उसे अपना कोई पुराना बुरा अनुभव याद आ गया हो.
इस के बाद सैतुक बताता है कि मर्डर वाली रात तो वह सारी रात लैब में ही मौजूद था. आप वाचमैन से भी पूछताछ कर सकते हैं.
रीटा जब वाचमैन से पूछताछ करती है तो वह बताता है कि सैतुक पूरी रात लैब में ही था और वे दोनों बाहर अमुक दुकान से बिरयानी खाने भी गए थे.
अब रीटा सैतुक का बैकग्राउंड चैक करवाती है तो पता चलता है कि स्टूडेंट लाइफ में उस ने अपनी एक दोस्त के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की थी, जिस के कारण सैतुक को कालेज से निकाल भी दिया गया था, उस के ऊपर एक केस भी हुआ था.
अगले दृश्य में रीटा और अर्जुन अहाना की कंडोलेंस मीटिंग में पहुंचते हैं. वहां उन की मुलाकात डा. संदीप चक्रवर्ती (जिशु सेनगुप्ता) से होती है. डा. संदीप बताते हैं कि वह काफी लंबे समय से अहाना के डिप्रेशन का इलाज कर रहे थे.
हैरानी की बात तो यह थी कि अपने इलाज की बात भी अहाना ने अपने परिवार वालों से छिपा कर रखी थी. अहाना की सौतेली मां नोनी जायसवाल (मेघना मलिक) ने बताया कि सैतुक अकसर चुपके से अहाना से मिलने घर पर आता था और नोनी ने एक बार दोनों को किचन में रोमांस करते हुए भी पकड़ा था.
अब रीटा सीधे उस बिरयानी की दुकान में जाती है, जहां वाचमैन ने सैतुक के साथ मर्डर वाली रात को बिरयानी खाने की बात कही थी. शौप का मालिक बताता है कि मर्डर वाली रात तो उस की दुकान किसी कारण से बंद थी. यह सुन कर रीटा का दिमाग और भी चकरा जाता है कि सैतुक और वाचमैन ने उस से झूठ क्यों कहा था.
अब हम देखते हैं कि सैतुक अब सीधे शेफाली के पास पहुंचता है और फिर वे दोनों एक बंद कमरे में चले जाते हैं. यहां पर यह पता चलता है कि सैतुक और शेफाली के बीच में अवैध संबंध थे और उस का शेफाली के साथ भी चक्कर चल रहा था.
तो क्या अहाना को सैतुक और शेफाली के बीच अवैध संबंधों का पता चल गया था और यही वजह उस के मर्डर का कारण बनी थी? इसी सस्पेंस के साथ दूसरा एपिसोड यहां पर समाप्त हो जाता है.
दूसरे एपिसोड की शुरुआत में मोंटी नामक बच्चे का बैकग्राउंड का इस एपिसोड से कोई संबंध ही नहीं है. यह दृश्य बाद के एपिसोड में जहां इस कातिल पर शक होता, वहां पर दिखाया जाता तो यह काफी बेहतर हो सकता था.
एपिसोड नंबर 3
तीसरे एपिसोड का नाम ‘सत्य की कीमत’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में एक लौज के अंदर संजय जायसवाल को हम 3 युवतियों के साथ देखते हैं.
वहीं दूसरी तरफ रीटा, सैतुक और शेफाली को सीधे पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले कर आ जाती है, क्योंकि उन दोनों के खिलाफ पुलिस के पास पुख्ता सबूत आ चुके थे.
पूछताछ में सैतुक स्वीकार कर लेता है कि उस का प्रेम संबंध अहाना के साथ था. वहीं शेफाली बताती है कि उस ने आखिरी बार अहाना को एक मैडिकल स्टोर से दवाइयां ले जाते देखा था. जैसे ही अहाना की नजर शेफाली पर पड़ी थी तो वह उस से बिना बात किए डर और घबराहट में वहां से चली गई थी.
अगली सुबह रीटा उसी मैडिकल स्टोर में पहुंच जाती है, जहां अहाना की शेफाली से आखिरी मुलाकात हुई थी. वहां पर रीटा को पता चलता है कि अहाना ने प्रेगनेंसी खत्म करने वाली दवाइयां मैडिकल स्टोर से खरीदी थीं.
यह सच जानने के लिए रीटा फोरैंसिक डौक्टर के पास जाती है तो पता चलता है कि ऊपरी दबाव के कारण एक उन के जूनियर डौक्टर ने प्रेगनेंसी वाली बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हटा दी थी. अब रीटा समझ जाती है कि यह कोई नहीं चाहता था कि अहाना की प्रेगनेंसी का सच दुनिया के सामने आए.
इधर अब धीरज जायसवाल जिस के ऊपर रीटा का शक आ गया था, वह एक नई चाल खेलता है. वह एक न्यूज एंकर को पैसे दे कर एक न्यूज फ्लैश करवाता है, जिस में रीटा और उस के प्रेमी नितिन गोस्वामी के संबंधों को ले कर कीचड़ उछाला जाता है, ताकि रीटा दबाव में आ कर यह केस छोड़ दे. लेकिन रीटा पर इन सब का कुछ असर नहीं पड़ता.
रीटा अब सैतुक और शेफाली को अलगअलग कमरे में बिठा कर पूछताछ करती है. शेफाली बताती है कि अहाना एक डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करती थी और उस के माध्यम से कई दूसरे लड़कों के संपर्क में थी.
यह बात उस के घरवालों को पता नहीं थी. शेफाली को भी अहाना की प्रेगनेंसी वाली बात पता नहीं थी.
अब रीटा सच जानने के लिए अहाना के निजी डौक्टर संदीप चक्रवर्ती से पूछताछ करती है. डा. संदीप चक्रवर्ती भी अहाना की प्रेगनेंसी के बारे में नहीं जानते थे. डा. संदीप ने यह जरूर बताया कि पिछले कई दिनों से अहाना उन के पास सेशन लेने नहीं आ रही थी.
रीटा जब डा. संदीप से पूछती है कि मर्डर वाली रात तुम कहां पर थे तो संदीप बताता है कि वह उस रात अपने पेशेंट पंकज के साथ था. उस के बाद रीटा पंकज की डिटेल्स ले कर वहां से अपने घर आ जाती है.
कहानी में अचानक एक नया मोड़ तब आ जाता है, जब पुलिस कमिश्नर सुधेंदु बाबू रीटा को अपने औफिस में बुला कर बताता है कि फोरैंसिक रिपोर्ट में जूनियर डौक्टर ने अपना बचाव करने के लिए बयान दिया है कि औटोप्सी रिपोर्ट उसे रीटा के दबाव में आने के कारण बदलने को कहा गया था और पूरा इलजाम रीटा के ऊपर लगा दिया जाता है.
पुलिस कमिश्नर को अब सुनहरा मौका मिल जाता है और वह रीटा को इस केस से बाहर कर रीटा का ट्रांसफर किसी दूसरी जगह कर देता है. अपनी अटूट मेहनत और कोशिश से अहाना मर्डर केस को अब तक सुलझाने वाली रीटा के लिए यह बहुत बड़ा झटका था, क्योंकि उसे अब यह पता चल गया था कि इस सिस्टम में सच तक पहुंचने के लिए जितना कठिन काम है, उतना ही इस सच के लिए लडऩा भी बड़ा दुष्कर काम है. इसी बेबसी व तनाव के बीच तीसरा एपिसोड समाप्त हो जाता है.
तीसरे एपिसोड का विश्लेषण करें तो कहानी में जगहजगह सस्पेंस अधिक दिखाए जाने के कारण कहानी काफी भटकी हुई दिखाई देती है. अभिनय की बात करें तो कोई भी कलाकार दमदार अभिनय करने में सफल नहीं हो पाया है.
एपिसोड नंबर 4
चौथे एपिसोड का नाम ‘टूटा हुआ रास्ता’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में इंसपेक्टर अर्जुन गुस्से में आ कर सीधे उस टीवी चैनल के अंदर घुस जाता है, जिस के एंकर ने रीटा के खिलाफ झूठी खबरें दिखाई थीं. वह सीधा उस टीवी एंकर के पास पहुंच कर उसे उस के पूर्व में किए घोटाले और सारी जालसाजी के सबूत दिखाता है.
एंकर अब अर्जुन को रिश्वत देने की पेशकश करता है, लेकिन अर्जुन उस से कहता है कि मुझे घूस या रिश्वत नहीं चाहिए. तुम्हें अब सार्वजनिक रूप से अपने चैनल पर माफी मांगनी होगी.
एंकर फिर अपने लाइव प्रसारण में रीटा से सार्वजनिक रूप से माफी मांग लेता है.
अब रीटा एक बार में आती है, जहां पर रीटा शराब पी रही होती है. अर्जुन रीटा को अनन्या और सारे केस की प्रोग्रेस के बारे में बताता है और वह रीटा से रिक्वेस्ट करता है कि वह इस केस में दोबारा शामिल हो कर लीड करे, लेकिन रीटा साफ मना कर देती है.
अब हम देखते हैं कि संजय अपनी गर्लफ्रेंड के कमरे में जाता है और उसे एक स्कूल ड्रेस पहनने को कहता है, उस के बाद उस के साथ शारीरिक संबंध बनाने लगता है. इस दृश्य को धीरज जायसवाल का एक आदमी चुपके से अपने कैमरे में कैद कर लेता है.
अगले दिन एक पार्टी में पुलिस कमिश्नर सुधेंदु अहाना मर्डर केस का मुख्य अधिकारी इंसपेक्टर अर्जुन को नियुक्त कर रीटा को इस केस से हटा देता है.
उस के बाद पुलिस कमिश्नर अर्जुन पर दबाव बनाता है कि ड्राइवर राजू को कातिल बना कर यह केस अब बंद कर दो. अर्जुन यह नहीं चाहता था, लेकिन वह नौकरी और सिस्टम के दबाव में आ कर वैसा ही करता है, जैसा उसे कहा गया था.
टीवी पर जब यह खबर फ्लैश होती है तो अहाना की मां नोनी जायसवाल को बहुत दुख होता है, क्योंकि उसे पता था कि राजू ने अहाना को नहीं मारा है. वह टूट जाती है, उस का पति धीरज जायसवाल उसे समझाता है कि राजू ने ही अहाना को मारा है.
वहीं दूसरी ओर अहाना मर्डर केस का असर सैतुक की जिंदगी पर भी पडऩे लगता है. कालेज और लैब विभाग उस के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने लगते हैं. उसे लैब में भी एक्सपेरिमेंट करने से रोक दिया जाता है. वह अपना आपा खो बैठता है और सुसाइड करने की कोशिश करने लगता है.
उधर दूसरी ओर अनन्या जायसवाल इंसपेक्टर अर्जुन को फोन कर के एक रेस्तरां में मिलने बुलाती है. अनन्या उस के क्लोज होने की कोशिश भी करती है, परंतु अर्जुन अपने काम से काम रखता है. अनन्या उसे अहाना के बारे में बताती है कि अहाना मर्डर के बाद मुझे लगा था कि मेरा पति संजय अब मुझ पर फोकस करेगा.
उधर मुख्यमंत्री की ओर से आयोजित एक भव्य पार्टी रात को शुरू हो जाती है, जिस में नामचीन लोगों के अलावा पुलिस अधिकारी भी शामिल होते हैं. वहां पर बंगाली के सुप्रसिद्ध कलाकार ब्योमकेश अभि चटर्जी (अबीर चटर्जी) भी आ कर पुलिस कमिश्नर व अन्य लोगों से मिलते हैं.
पुलिस कमिश्नर ब्योमकेश की मुलाकात इंसपेक्टर अर्जुन से कराते हुए कहता है कि अहाना मर्डर केस अर्जुन ने ही सौल्व किया है. रीटा भी वहां पर होती है. वहां पर फोरैंसिक डौक्टर रीटा से सहानुभूति दिखाता है कि रीटा जैसी काबिल औफिसर को वूमेन विंग में ट्रांसफर करना बहुत गलत है.
वह अपने जूनियर डौक्टर द्वारा रीटा पर गलत आरोप लगाने की माफी भी मांगता है.
अगले दिन इस कहानी में एक बहुत ही बड़ा खौफनाक मोड़ आता है. शहर में एक और महिला ऊषा जैन (जयश्री) की हत्या भी अहाना मर्डर की तर्ज पर हो जाती है. एक बंद पड़ी फैक्ट्री में कातिल ने ऊषा जैन को स्विमिंग पूल के ऊपर बांध दिया था और फिर उस का गला काट कर उस की निर्मम हत्या कर दी थी.
फोरैंसिक टीम और इंसपेक्टर अर्जुन घटनास्थल पर पहुंच कर तहकीकात करने लगते हैं. तभी फोरैंसिक डौक्टर रीटा को फोन करता है, क्योंकि इस केस का तरीका भी हूबहू अहाना मर्डर केस जैसा था. लेकिन रीटा उस वक्त फोन नहीं उठा पाती, क्योंकि वह एक रिहैब क्लिनिक में अपनी शराब पीने की लत छोडऩे के लिए थेरेपी सेशन ले रही होती है.
उधर रिहैब क्लिनिक में सभी मरीज टीवी पर लाइव अपना अनुभव शेयर करते हैं, जिन में रीटा भी होती है, वह भी अपना अनुभव साझा करती है. इसी के साथ चौथा एपिसोड समाप्त हो जाता है.
चौथे एपिसोड का विश्लेषण करें तो यहां पर कहानी भटकती नजर आ रही है. एक साथ कई कहानियों का मिश्रण जैसे बौयफ्रेंड का ट्रैक, अनन्या और अर्जुन की मुलाकातें, राजनीतिक दखलंदाजी, किरदारों का अतीत जैसे दृश्य आ जाने के कारण दर्शक भ्रमित होने लगते हैं.
एपिसोड नंबर 5
पांचवें एपिसोड का नाम ‘वेब औफ लाइज’ रखा गया है. अर्जुन रीटा से मिल कर उसे नए ऊषा जैन मर्डर की बात बताता है और उस के फोटो रीटा को दिखाता है, सारी डिटेल्स बताता है. इस के बाद रीटा अब अर्जुन की मदद करने को तैयार हो जाती है. इस के बाद रीटा और अर्जुन मृतका ऊषा जैन के घर पूछताछ करने आते हैं. वहां पता चलता है कि ऊषा की शादी कुछ साल पहले हेमंत जैन (ललित घई) से हुई थी.
पूछताछ के दौरान अर्जुन की नजर हेमंत के दोस्त और बिजनैस पार्टनर अंकित (हर्ष मिश्रा) पर पड़ती है तो उस की बातों और उस के हावभाव से अर्जुन को उस के ऊपर शक हो जाता है. इसलिए अर्जुन अब साइबर टीम को अंकित के रिकौर्ड खंगालने का आदेश देता है.
ऊषा जैन के सासससुर दोनों ऊषा की तारीफ कर के रोने लगते हैं. अर्जुन और रीटा अंकित और हेमंत से उन की लास्ट लोकेशन के बारे में विस्तृत पूछताछ करते हैं.
इधर ऊषा जैन मर्डर की खबर सभी समाचार पत्र और न्यूज चैनल्स की प्रमुख हेडलाइंस बन जाती है. न्यूज चैनल्स रीटा को अहाना मर्डर केस से हटाने के लिए भी पुलिस पर सवालिया निशान बनाने लगते हैं.
अब धीरज जायसवाल मुख्यमंत्री को फोन कर के अहाना मर्डर केस दोबारा से ओपन करने को कहता है. मुख्यमंत्री अब पुलिस कमिश्नर को फटकार लगाते हुए अहाना मर्डर केस दोबारा ओपन करने और ऊषा जैन मर्डर केस के लिए रीटा को जांच अधिकारी बनाने का आदेश दे देता है.
साइबर टीम बताती है कि अंकित उस दिन घर पर वापस नहीं आया था, जबकि उस ने पुलिस को बताया था कि वह मर्डर वाली रात अपने घर पर था.
अर्जुन अब उस होटल में जाता है, जहां अंकित मर्डर वाली रात में गया था. वहां होटल के रिसैप्शन से पता चलता है कि अंकित ने आज भी होटल में कमरा बुक कर रखा था.
उधर पुलिस कमिश्नर अहाना मर्डर केस रीओपन और ऊषा जैन मर्डर केस की जांच रीटा से करने को कहता है, लेकिन रीटा कहती है कि मैं इस शर्त पर केस में आ सकती हूं, जब इस बार मेरे साथ कोई गेम नहीं होगा और मैं इस केस को लीड नहीं बल्कि अर्जुन के साथ असिस्ट करूंगी. कमिश्नर रीटा की बात मान लेता है.
उधर अर्जुन को होटल के कमरे में हेमंत और अंकित नग्न हालत में आपत्तिजनक हालत में मिलते हैं. इस का मतलब वे दोनों ‘गे’ थे. अर्जुन उन की खूब पिटाई करता है, तब हेमंत बताता है कि उस की शादी घर वालों ने ऊषा से जबरदस्ती की थी. उसे ऊषा की प्रेगनेंसी के बारे में कुछ भी पता नहीं था.
वह बताता है कि उस का और अंकित का रिश्ता काफी सालों से चल रहा था. वह बताता है कि उस ने अपनी गे वाली बात अपनी पत्नी ऊषा को भी बता दी थी.
अब यह केस और काफी उलझ जाता है, क्योंकि मर्डर के वक्त अहाना और ऊषा जैन दोनों ही प्रेगनेंट थीं.
रीटा को उस का मुखबिर जौन एक जगह मिलने के लिए बुलाता है. वह बताता है कि मैं ने आप के पुलिस इंसपेक्टर अर्जुन को ड्रग्स की टिप्स दी थी, अब दूसरे पुलिस अधिकारी मुझे गिरफ्तार करने के लिए मेरे पीछे पड़ गए हैं.
रीटा उसे बचाने का वादा करती है तो जौन उसे अहाना मर्डर केस की एक बड़ी टिप्स देता है. तभी धीरज का आदमी संजय और उस की गर्लफ्रेंड को शहर से दूर भेजने के लिए नया पासपोर्ट बनाने का आदेश देता है, ताकि वह पुलिस की पहुंच से दूर हो सके.
रीटा और अर्जुन को साइबर टीम से उस क्लीनिक का एड्रेस मिला था, जहां ऊषा जैन का अबौर्शन किया गया था. पुलिस को देखते ही क्लीनिक के डौक्टर और कर्मचारी भागने लगते हैं.
रीटा एक लेडी डौक्टर को पकड़ लेती है. वह डौक्टर रीटा को पहचान लेती है और उसे बताती है कि ऊषा जैन अपने बच्चे को गिराना नहीं चाहती थी, लेकिन अपने सासससुर के दबाव के कारण उसे अपना बच्चा गिराना पड़ा था.
शायद लड़की होने के कारण उस के सासससुर ने बच्ची को मार डाला था. उस का पति तो उसे देखने एक बार भी यहां नहीं आया था. उस के बाद अर्जुन और रीटा वापस अपनी पुलिस जीप में लौटते हैं.
साइबर टीम अर्जुन के मोबाइल पर ऊषा जैन के मोबाइल से मिला एक औडियो मैसेज भेजती है. रीटा औडियो स्पीकर पर लगाने को कहती है. उस में ऊषा जैन ने शादी के बाद से अब तक की पूरी कहानी बयां की थी.
वह औडियो में कह रही थी कि उस का पति हेमंत गे था. यह बात हेमंत के मातापिता को भी पता थी. इसी का फायदा उठाते हुए उस के ससुर ने जबरन ऊषा के साथ शारीरिक संबंध बनाने शुरू कर दिए.
जब मेरे सासससुर को यह पता चला कि मेरी कोख में लड़की है तो उन्होंने उस का गर्भपात करा दिया, क्योंकि उन्हें लड़का चाहिए था.
अब रीटा और अर्जुन संजय जायसवाल की गर्लफ्रेंड से मिलने उस के घर जाते हैं, जो शहर छोडऩे की तैयारी कर रहा था. संजय की गर्लफ्रेंड रीटा को बताती है कि संजय उसे इस स्कूल ड्रेस को पहनने को कहता था. उस के बाद मेरे साथ जबरदस्ती संबंध बनाता था.
उस ड्रेस को देखते ही रीटा शौक में रह जाती है, क्योंकि वह स्कूल ड्रेस संजय की बहन अहाना जायसवाल की थी. इस का मतलब था कि अहाना के पेट में जो बच्चा था, वह उस के भाई संजय का था. यहां पर पांचवां एपिसोड समाप्त हो जाता है.
पांचवें एपिसोड में कमिश्नर जब दोबारा अहाना मर्डर के बाद रीटा को जांच अधिकारी बनाता है तो वह लीड करने से मना कर देती है और अपने जूनियर अधिकारी के अंदर काम करती है. भला यह कैसे संभव हो सकता है? इस में लेखक और निर्देशक की विफलता साफसाफ नजर आ रही है.
एपिसोड नंबर 6
एपिसोड की शुरुआत में रीटा अपने आप को समुद्र के किनारे अपने प्रेमी नितिन गोस्वामी को सपने में देखती है तो सुबह उस की मां उसे उठा कर उसे दुख से उबरने की प्रेरणा देती है.
दूसरी ओर अर्जुन भी अपनी मृतक पत्नी और बेटी की यादों में खोया दिखता है. दूसरे दिन अर्जुन और रीटा ऊषा जैन मर्डर केस पर बातचीत करते हैं और फिर अर्जुन और रीटा ऊषा के पति और सासससुर से पूछताछ करते हैं, जिस से अर्जुन गुस्से में उन्हें लौकअप रूम में डाल देता है. रीटा अर्जुन से इस तरह के पुराने केस खंगालने को कहती है.
अब हम रीटा और अर्जुन को अलगअलग परेशान और दुखी अपनेअपने परिवार की यादों में खोए देखते हैं. एक तरफ रीटा की मां जेनिस ब्राउन रीटा को संभाल रही है तो दूसरी तरफ अर्जुन अपनी दिवंगत बेटी के खिलौनों से खेल रहा होता है.
अर्जुन साइबर एक्सपर्ट रहमान को अहाना मर्डर और ऊषा जैन मर्डर केस से मिलतेजुलते केसों की छानबीन करने का आदेश देता है. इस के बाद अर्जुन सैतुक को पुलिस स्टेशन बुलवा कर कहता है कि तेरी गर्लफ्रेंड शेफाली ने तेरे खिलाफ घरेलू हिंसा और यौन उत्पीडऩ की रिपोर्ट दर्ज कराई है. तू सुधर जा वरना अच्छा नहीं होगा.
इस पर सैतुक कहता है कि वह अपनी रिपोर्ट वापस ले लूंगा सर. सैतुक बताता है कि शेफाली की फैंटेसी है कि वह जानवरों की तरह सैक्स करने को कहती थी, मुझे यह सब मजबूरी में करना पड़ता था.
रीटा और अर्जुन एक रेस्तरां में केस डिस्कस कर रहे होते हैं, तभी वहां पर साइबर टीम का रहमान आ कर उन्हें बताता है कि वर्ष 2001 में मुंबई में मैडिकल कौलेज में वहां के मुर्दाघर में एक लड़की की गरदन वहीं के एक स्टूडेंट ने गंडासे से काट दी थी.
उस के बाद रीटा उस खबर को लिखने वाले जर्नलिस्ट से बात कर के वहां के वार्डबौय का नाम पूछ लेती है, जिसका नाम अनीस पोद्दार था, उसी ने यह खबर उस जर्नलिस्ट को दी थी.
साइबर टीम से अर्जुन को पता चलता है कि ऊषा पार्क में और एक साइबर कैफे में जाती थी. अर्जुन उस साइबर कैफे में आ कर उस कंप्यूटर को उठवा लेता है, जहां ऊषा रोज बैठा करती थी.
रीटा मुंबई के मैडिकल कौलेज में अनीस पोद्दार से मिलती है तो अनीस बताता है कि मैडिकल कौलेज में मुर्दाघर में लड़की की गरदन काटने वाला वहीं का एक स्टूडेंट था. लेकिन कौलेज की बदनामी न हो, इसलिए इस केस को दबा दिया गया था.
वह रीटा को एक स्लिप दिखाता है जिस में उस स्टूडेंट का नाम मिटाया गया लगता है—जैसे सुदीप बख्शी. लेकिन इस एडमिशन स्लिप में उस के घर का एड्रेस भी होता है.
रीटा इस एड्रेस को तुरंत अर्जुन को भेज कर सर्च वारंट ले कर उस में दबिश देने को कहती है. दूसरी ओर रीटा अनीस पोद्दार को कहती है कि इस स्टूडेंट का जैसे ही तुम्हें कोई लेटेस्ट फोटो मिले तो मेरे फोन पर तुरंत भेज देना.
अनीस पोद्दार आगे रीटा को बताता है कि हमारे मैडिकल कौलेज में डा. रामास्वामी नाम के एक बेहद कामचोर डौक्टर थे, जिन का काम हमेशा जूनियर डौक्टर किया करते थे. उस रात सभी जूनियर डौक्टर अलगअलग कामों में व्यस्त थे तो उन्होंने अनीस पोद्दार को औटोप्सी रिपोर्ट लेने को कह दिया.
मैं औटोप्सी रूम में आया तो मैं ने देखा कि सारी लाइटें औन थीं और एसी खुला हुआ था. तभी मैं ने देखा कि एक स्टूडेंट एक लड़की का शव उल्टा कर के उस की गरदन को गंडासे से काट रहा था. मैं घबरा कर वहां से भागा और मैं ने सब को खबर दी.
दूसरे दिन जब यह खबर अखबारों में छपी तो बोर्ड ने डा. बरवे और डा. रामास्वामी को नौकरी से निकाल दिया और पुलिस को लेदे कर मामला रफादफा करा दिया गया.
उधर दूसरी ओर अर्जुन रीटा के बताए डौक्टर के एड्रेस पर पुलिस टीम के साथ छापा मारता है. मगर वह पूरी बिल्डिंग एक खंडहर में तब्दील हो चुकी थी. अर्जुन एक कमरे को देखता है, जहां लाइट जल रही थी तो वह वहां पर एक पुलिस वाले को तैनात कर देता है.
उस के बाद अर्जुन और रीटा वहां पहुंचते हैं, जो एक कोचिंग इंस्टीट्यूट था, जहां पर ऊषा जैन हेल्प मांगने गई थी. वहां पता चलता है कि सृष्टि ने ऊषा का डा. संदीप से मिलने को कहा था. असल में सृष्टि वही थी, जिसे रेस्तरां में रीटा ने डा. संदीप से एक दिन मिलते देखा था.
तभी रीटा के मोबाइल पर अनीस एक फोटो भेजता है. जब रीटा उसे खोलती है तो वह फोटो डा. संदीप चक्रवर्ती का होता है, जिसे देख कर रीटा और अर्जुन चौंक जाते हैं.
दूसरी तरफ डा. संदीप के सामने कोई महिला रोरो कर अपना दुख सुना रही होती है. इस के बाद यहीं पर छठा एपिसोड समाप्त हो जाता है.
छठे एपिसोड में भी कहानी में सस्पेंस की भरमार है. अनीस रीटा को बता रहा है कि डा. रामास्वामी अपना काम जूनियर डौक्टर और मुझ से तक करवाता था. अब डौक्टर के पोस्टमार्टम का काम भला एक वार्डबौय कैसे कर सकता है. यह बात भी समझ से परे है.
एपिसोड नंबर 7
सातवें एपिसोड का नाम ‘अंतिम चरण की ओर’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में रीटा डा. संदीप के दोस्त पंकज से मिलने आती है, जिस के बारे में डा. संदीप ने बताया था कि वह अहाना के मर्डर वाली सारी रात उस के साथ था.
पंकज बताता है कि उस रात वह मेरे घर पर ही था, क्योंकि मेरी तबीयत खराब हो गई थी और वह डा. संदीप का पेशेंट था.
रीटा पूछताछ के बाद वहां से चली जाती है, उस के जाने के बाद यह पता चलता है कि पंकज और डा. संदीप बचपन के दोस्त रहे थे. उधर दूसरी ओर अर्जुन डा. संदीप का पीछा करने लगता है लेकिन तभी डा. संदीप उस की आंखों से ओझल हो जाता है.
रीटा जब फोरैंसिक डौक्टर के पास आती है तो डौक्टर कहता है कि ऊषा जैन के मर्डर में हमें किसी दूसरे के खून के ट्रेसेज भी मिले हैं. यदि यह मैच हो गए तो कम से कम आजीवन कारावास की सजा पक्की है. तभी वहां अर्जुन बताता है कि डा. संदीप उस के सामने से भाग गया.
वहां रीटा अब अर्जुन को बताती है कि डा. संदीप ने अपने सभी पेशेंट की फाइल में उन का विश्लेषण Redemption लिख कर किया है—यानी कि पाप, गलतियों या बुराई से मुक्ति पाना. जबकि अहाना और ऊषा जैन की फाइल में Benediction शब्द लिखा है. अर्जुन कहता है कि इस का अर्थ तो आशीर्वाद होता है.
अब डा. संदीप अपने खंडहर वाले मकान में आता है तो अर्जुन द्वारा वहां पर रखे गए दोनों पुलिस कांस्टेबल मोबाइल में गेम खेल रहे होते हैं. डा. संदीप इसी का फायदा उठा कर चुपके से अपने कमरे में ताला खोल कर चला जाता है.
अर्जुन रीटा को बताता है कि साइबर टीम ने कंफर्म कर दिया है कि सुदीप बख्शी और डा. संदीप चक्रवर्ती दोनों एक ही हैं, जो नाम बदल कर डा. संदीप बन गया था.
डा. संदीप अपने कमरे में अलमारी खंगालता है तो वहां पर उस की एक गुप्त दराज होती है. वह दराज की चाबी खोल क र वहां से रस्सी और एक लाल रंग के सूटकेस से गंडासा निकालता है और गंडासे को लाल रेशमी कपड़े से लपेट कर वहां से निकल जाता है.
तभी एक कांस्टेबल की नजर कमरे में जली लाइट पर पड़ती है तो वे दोनों डंडा ले कर वहां पर जाते हैं, तब तक डा. संदीप वहां से निकल चुका होता है. वे दोनों पुलिस कांस्टेबल अब घबरा जाते हैं कि उन से बहुत बड़ी भूल हो गई है.
अब रीटा अर्जुन के साथ अपनी पुलिस औैर साइबर टीम के साथ उसी खंडहर पर पहुंच जाती है. डा. संदीप के कमरे के अंदर गुप्त दराज भी उन्हें मिल जाती है. फोरैंसिक टीम को लाल सूटकेस के अंदर रक्त के नमूने भी मिलते हैं. रीटा कहती है कि वह हथियार भी ले कर गया है और एक और मर्डर करने के लिए, चलो उसे ढूंढते हैं.
तभी घर से रीटा को फोन आता है कि मां की तबीयत बहुत खराब हो गई है. रीटा को पता था कि मां की दवाई कहां पर रखी है, वह तुरंत अपने घर चली जाती है.
घर पर आ कर रीटा मां की दवाई ढूंढने लगती है, तभी दरवाजे के पीछे छिपा डा. संदीप उस के मुंह पर क्लोरोफार्म लगा कर उसे बेहोश कर देता है और अपनी कार की डिक्की में डाल कर कहीं ले जाता है. बेहोशी की अवस्था में रीटा अपने आप को अपने प्रेमी नितिन गोस्वामी के पास पाती है.
रीटा को जंगल में एक पेड़ से बंधे देखते हैं, जहां पेड़ पर रस्सी से उस के दोनों हाथ बंधे हुए थे. तभी वहां पर डा. संदीप आ जाता है. संदीप उस से कहता है कि अब मैं तुम्हें तुम्हारे सभी दुखों से मुक्त कर दूंगा.
संदीप बारबार रीटा से एक ही प्रश्न पूछता है कि तुम्हारा सब से बड़ा डर क्या है? रीटा कहती है मुझे प्यार पसंद है, जिंदगी पसंद है. डा. संदीप अब अपना गंडासा उठाता है और जैसे ही वह रीटा की गरदन पर वार करता है, तब तक रीटा रस्सी से अपने हाथ छुड़ा चुकी होती है.
रीटा सीधे अब डा. संदीप की गरदन पकड़ लेती है और उस के हाथ से गंडासा छीन कर सीधे उस के पैर पर वार कर देती है. उस के बाद वह पिस्तौल निकाल कर उस के ऊपर तान देती है.
तभी वहां पर अर्जुन और उस की टीम के सारे लोग पहुंच जाते हैं. पुलिस टीम संदीप को गिरफ्तार कर के ले जाती है. रीटा भी घायल थी, इसलिए उसे भी हौस्पिटल में एडमिट कर दिया जाता है. इस के बाद डा. संदीप के दोस्त पंकज को भी सहआरोपी के तौर पर गिरफ्तार कर लिया जाता है.
दूसरे दिन रीटा को उस के औफिस में बुला कर सभी पुलिस कर्मचारी और साइबर टीम तालियां बजा कर स्वागत करते हैं. उस के बाद अर्जुन रीटा के पास आ कर कहता है मैम चलें?
रीटा पूछती है, ”कहां?’’ अर्जुन कहता है कि धीरज जायसवाल का गिरफ्तारी वारंट है, उसे गिरफ्तार करना है.
रीटा कहती है पुलिस कमिश्नर ने आदेश जारी किया है क्या?
अर्जुन कहता है नहीं, उस से भी बड़े मजिस्ट्रैट ने आदेश दिया है. उस के बाद यहीं पर वेब सीरीज ‘ब्राउन’ का सातवां और आखिरी एपिसोड भी समाप्त हो जाता है.
सातवें एपिसोड में भी काफी कमियां नजर आ रही हैं. खंडहर वाले कमरे में पहरा देने वाले पुलिस वालों के पास केवल डंडा हाथ में पकड़ा दिखाया गया है, जबकि वे एक खतरनाक सीरियल किलर का पहरा दे रहे थे.
जंगल में रीटा को जब बांध कर रखा गया था तो वह सीन इतना ज्यादा लंबा कर दिया गया है कि जिस के कारण दर्शक देखतेदेखते बोर हो जाते हैं. सारे दृश्य नाटकीय से दिखाई दे रहे हैं.
पूरी वेब सीरीज की बात करें तो यह वेब सीरीज शुरुआत से ही एक उदास और दुखभरा माहौल बनाने में लगी रहती है. यहां का लगभग हर किरदार अपनी ही कुछ न कुछ परेशानियों और गंभीर दुखों में उलझा हुआ है, कई बार हत्या की जांच से अधिक ध्यान किरदारों के निजी दुखों पर चला जाता है.

करिश्मा कपूर
भारत की जानीमानी अभिनेत्री करिश्मा कपूर का जन्म 25 जून, 1974 को मुंबई में हुआ था. इस के पापा का नाम रणधीर कपूर और मम्मी का नाम बबीता है जो अपने समय के जानेमाने अभिनेता व अभिनेत्री रहे हैं.
करिश्मा के परिवार में उस की एक छोटी बहन है, जिस का नाम करीना कपूर खान है. करिश्मा कपूर का विवाह वर्ष 2003 में बिजनेसमैन संजय कपूर से हुआ था.
वर्ष 2016 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया था. करिश्मा कपूर की एक बेटी समायरा कपूर व एक बेटा कियान राज कपूर है.
कपूर खानदान की महिलाएं फिल्मों में अभिनय नहीं करती थीं. शशि कपूर की बेटी संजना कपूर ने इस परंपरा को पहली बार तोड़ा. लेकिन उसे फिल्मों में सफलता नहीं मिली.
सही मायनों में करिश्मा कपूर इस कपूर खानदान की पहली महिला है, जो काफी सफल रही थी. करिश्मा कपूर ने अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत वर्ष 1991 में फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से की थी, जिस में वह मुख्य भूमिका में थी. यह फिल्म काफी सफल रही थी.
इस के अलावा करिश्मा कपूर ‘जिगर’, ‘अनाड़ी’, ‘राजा बाबू’, ‘अंदाज अपना अपना’, ‘कुली नंबर 1’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘दिल तो पागल है’, ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘हम साथसाथ हैं’, ‘फिजा’, ‘जुबेदा’ जैसी सफल फिल्मों में काम कर चुकी है.
इस के अलावा करिश्मा कपूर वेब सीरीज ‘मेंटलहुड’ (2020) और रहस्यमयी थ्रिलर ‘मर्डर मुबारक’ (2024) में भी काम कर चुकी है. उस ने टेलीविजन सीरीज ‘करिश्मा: द मिरेकल्स औफ डेस्टिनी’ (2003-2004) में मुख्य किरदार निभाया था. इस के अतिरिक्त करिश्मा कपूर कई रियलिटी शोज में जज के रूप में भी काम कर चुकी है.
करिश्मा कपूर को ‘राजा हिंदुस्तानी’ फिल्म में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. रोमांटिक फिल्म ‘दिल तो पागल है’ में उसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला.
करिश्मा कपूर को घर में अनौपचारिक रूप से ‘लोलो’ कहा जाता है. यह नाम उसे अपनी मम्मी बबीता द्वारा इतालवी अभिनेत्री जीना लोलोब्रिगिडा के नाम से प्रेरित हो कर दिया गया था. इस के अलावा करिश्मा कपूर कई चैरिटी ट्रस्ट के साथ जुड़ कर समाज सेवा का काम भी कर रही है.

सूर्य शर्मा
सूर्य शर्मा का जन्म 27 फरवरी, 1990 को हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में हुआ था. इस के पापा का नाम अश्वनी कुमार शर्मा और मम्मी का नाम आशा कुमार शर्मा है. इस के पापा फिल्म निर्देशक हैं और मम्मी गृहिणी हैं. इस का एक भाई है जिस का नाम तरनकीत शर्मा है, जो एनिमेटर है.
जब सूर्य शर्मा तीसरी कक्षा में था, तब उस ने बाल दिवस पर प्रस्तुत किए गए अपने नाटक के लिए स्कूल में प्रथम पुरस्कार जीता था. स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उस ने अभिनय की दुनिया में जाने का मन बना लिया था. सूर्य शर्मा ने अपने अभिनय करिअर की शुरुआत एक टीवी शो में 2 मिनट की भूमिका से की थी.
इस भूमिका को निभाने के लिए उसे 1,500 रुपए मिले थे. टीवी शो में 2 मिनट की भूमिका के लिए चुने जाने से पहले उस ने 900 से अधिक बार औडिशन दिए थे. करिअर के शुरुआती दौर में कई फिल्म निर्माताओं ने उसे अस्वीकार कर दिया था.
इस के बाद सूर्य शर्मा ‘पेपरफ्राई’ और ‘फौच्र्यून’ जैसे ब्रांडों के विभिन्न विज्ञापनों में दिखाई दिया. अपने संघर्ष के दिनों में सूर्य शर्मा ने अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी से अभिनय के बारे में बहुत कुछ सीखा.
सूर्य शर्मा को पहली बड़ी सफलता मिलने से पहले मुंबई में काफी कड़ा संघर्ष करना पड़ा था. उस ने जी टीवी के शो ‘काला टीका’ में अपने फिल्मी करिअर की शुरुआत की. इस के बाद वह ‘वीरे दी वेडिंग’ जैसी फिल्म में छोटी भूमिकाओं में नजर आया.
वर्ष 2019 में आई वेब सीरीज ‘होस्टेजेस’ में प्रिंस के किरदार के बाद उसे अब नोटिस किया जाने लगा था. वेब सीरीज ‘अनदेखी’ में उस के द्वारा निभाए गए क्रूर और जिद्दी ‘रिंकू भैया’ के किरदार को दर्शकों और आलोचकों से काफी सराहना मिली.
नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘ये काली काली आंखें’ में उस ने ‘धर्मेश’ का एक और महत्त्वपूर्ण किरदार निभाया. इस के अलावा सूर्य शर्मा नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘भक्षक’ और जियो सिनेमा की वेब सीरीज ‘सलाकार’ और ‘सर्च: द नैना मर्डर केस’ में भी काम कर चुका है.
सूर्य ने दिसंबर 2023 में प्रसिद्ध मौडल और पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स फिल्मफेयर मानसी मोघे से विवाह किया था. Web Series






