Solar Company Job Scam. देश में आम हो चुकी साइबर ठगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस भरसक प्रयास कर रही है. बावजूद इस के वह इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगा पा रही है. शातिर ठग आए दिन नएनए तरीके ईजाद कर लाखोंकरोड़ों की ठगी कर मौज उड़ा रहे हैं. आप भी जानें कि साइबर ठगों के जाल से कैसे बचा जा सकता है?
कहीं पर साइबर लुटेरे लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं तो कहीं पर फरजी कंपनी बना कर लोगों की गाढ़ी कमाई लूट कर पुलिस को सीधी चुनौती दे रहे है.
इसी तरह की ठगी का एक मामला पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपद गोंडा में सामने आया, जहां पर फरजी सोलर कंपनी में नौकरी का झांसा दे कर साइबर ठगों ने 21 करोड़ की ठगी कर प्रदेश पुलिस की नींद उड़ा दी.
गोंडा साइबर सेल और कोतवाली देहात पुलिस ने संयुक्त अभियान चला कर 5 जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिन के कब्जे से पैन कार्ड, मेमोरी कार्ड, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी और 2 बाइकें बरामद की हैं.
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस रैकेट में एक पूर्व मंत्री व भाजपा का एक कथित नेता भी शामिल है.
11 जुलाई, 2026 की बात है. उत्तर प्रदेश के गोंडा शहर के कोतवाली देहात थाने के एसएचओ शमशेर बहादुर के पास वीरेंद्र प्रताप नाम का एक व्यक्ति पहुंचा. वह सिमई टिकरिया गांव का रहने वाला था. उस के साथ उस का साला धर्मेंद्र मिश्रा भी था.
वीरेंद्र प्रताप ने एसएचओ को बताया कि हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा किया गया है. मुझे फरजी तरीके से सोलर कंपनी में 15 हजार रुपए महीने पर नौकरी दी गई और सैलरी अकाउंट के नाम पर फरजी दस्तावेज तैयार करा कर करंट अकाउंट खुलवा कर उस में अपना मोबाइल नंबर ऐड करवाया गया. फिर नेट बैकिंग का यूजर आईडी व पासवर्ड ले कर गलत तरीके से ढाई करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन मेरे अकाउंट में किया गया.
पूरी बात सुनने के बाद एसएचओ शमशेर बहादुर सिंह ने पूछा, ”हमें उन लोगों के नाम बताओ, जो इस जालसाजी में शामिल हैं.’’
”साहब, इस जालसाजी में इसी शहर के ददुआ बाजार की सोनार गली निवासी भाजपा नेता विजय सोनी, कृष्ण प्रताप सिंह, दीपक गोयल, सोनू उर्फ शहबान आलम के अलावा 2 अन्य लोग भी शामिल हैं.’’ वीरेंद्र प्रताप बोला.
उस की पूरी बात सुनने के बाद एसएचओ ने उस की तहरीर पर धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व 66सी/66डी आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा कर इस की जांच एडिशनल एसएचओ संतोष कुमार सिंह को सौंप दी.
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस इस केस की जांच में जुट गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. पुलिस साइबर ठगों की तलाश में जुटी ही थी कि तभी कोतवाली देहात थाने के ही गांव बेलवा नोहर का रहने वाला सत्यम तिवारी भी थाने पहुंचा. उस ने भी अपने साथ हुए साइबर फ्रौड की घटना बताते हुए ठगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की.
सत्यम तिवारी की तहरीर ले कर कोतवाली देहात आ गए. प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह के आदेश पर 11 जुलाई, 2026 को सत्यम तिवारी की तहरीर पर धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व 66सी/66डी आईटी ऐक्ट के तहत दर्ज किया. इस में आरोपी देवनारायण मिश्रा उर्फ अंशू मिश्रा, कृष्ण प्रताप सिंह, दीपक गोयल, ओम साइबर कैफे के संचालक और गंगोत्री पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया था.
पुलिस ने इस मामले की जानकारी एसपी विनीत कुमार जायसवाल, सीओ योगेंद्र सिंह को दे दी. मामला हाईप्रोफाइल देख कर एसपी ने जांच अधिकारी संतोष कुमार सिंह को जरूरी दिशानिर्देश दे कर शीघ्र ही घटना में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए.
पुलिस अब सभी नामजद आरोपियों की तलाश में जुट गई. एडिशनल एसएचओ संतोष कुमार सिंह ने सब से पहले खुलवाए गए म्यूल खातों में मौजूद 3.20 करोड़ रुपए तत्काल फ्रीज करा दिए. गोंडा कोतवाली पुलिस और साइबर की टीम इस गिरोह की तलाश में जुटी हुई थी.
12 जुलाई, 2026 को विवेचक संतोष कुमार सिंह अपनी टीम में शामिल एसआई संत शरण यादव, राहुल मौर्य, भानु प्रताप मौर्य, हैडकांस्टेबल उमेश प्रताप सिंह, रविंद्र जायसवाल, कांस्टेबल देवनाथ यादव, मनोज यादव, सुमित यादव तथा आशीष यादव के साथ किसी दूसरे केस के वांछित अभियुक्त की तलाश में मोहन क्रौसिंग के पास मौजूद थे. इसी बीच एक खास मुखबिर से सूचना मिली कि साइबर फ्रौड मुकदमे के वांछित शहबान आलम व विजय सोनी (भाजपा ओबीसी मोर्चा का नगर सचिव) काली व लाल रंग की एचएफ डीलक्स बाइक पर सवार हो कर बहराइच की ओर जा रहे हैं.
इस सूचना के बाद पुलिस टीम गोंडा-बहराइच मार्ग के खिरौरा मोहन क्रौसिंग के पहले पहुंच कर आने वाले वाहनों की चैकिंग करने लगी. कुछ ही समय के बाद एक काली व लाल रंग की एचएफ डीलक्स बाइक आती दिखाई दी, जिस पर 2 लोग सवार थे. वे गोंडा की ओर से आ रहे थे. पुलिस ने उन्हें रोका तो दोनों हड़बड़ा गए. सख्ती से जब उन से पूछा गया, तब उन में से एक ने अपना नाम विजय सोनी (उम्र 36 वर्ष) बताई. पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम शहबान आलम उर्फ सोनू (उम्र 41 वर्ष) बताई.
विजय सोनी की जामा तलाशी ली गई तो लोअर की बाईं जेब से एक पैन कार्ड, 5 आधार कार्ड व 750 रुपए, दाहिनी जेब से एक मोबाइल फोन के कवर में छिपा कर रखे 4 सिम कार्ड, फोन में पड़े 2 सिम कार्ड तथा 32 जीबी का मेमोरी कार्ड बरामद किया गया.
गिरफ्तार शहबान आलम की जामा तलाशी ली गई तो पैंट की दाहिनी जेब से एक मोबाइल फोन, एयरटेल कंपनी का एक मोबाइल व कवर में लगे पचास रुपए के नोट से एक अदद 5जी सिमकार्ड, बाईं जेब से एक पहचान पत्र अशोक पांडेय के नाम, 2 आधार कार्ड शबनम बानो व राजू पांडेय के नाम, एक पैन कार्ड शाहबान नाम का, 2 केनरा बैंक में पैसा जमा करने वाली परची, 600 सौ रुपए तथा कुछ कागजात बरामद हुए.
पुलिस की पूछताछ में भाजपा नेता विजय सोनी ने बताया कि हम लोग शहर की ही गल्लामंडी में रहने वाले कृष्ण प्रताप सिंह के लिए काम करते हैं, जो वर्तमान में रूपईडीहा में रह रहा है. हम लोग उसी से मिलने जा रहे थे.
पुलिस की पूछताछ में विजय सोनी ने यह भी बताया कि हमारे 5 अन्य साथी देवनारायण मिश्रा, दीपक गोयल तथा गंगोत्री पांडेय भी यहीं पर आ रहे हैं. फिर हम लोग कृष्ण प्रताप सिंह से मिलने रूपईडीहा जाने वाले थे.
पुलिस ने उन दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस जीप में बिठा लिया. फिर उन के आने वाले साथियों की प्रतीक्षा करने लगी. करीब 20 मिनट बाद गोंडा की तरफ से एक स्कूटी पर 3 व्यक्ति आते दिखाई दिए. इसी बीच ब्रेकर होने की वजह से स्कूटी की गति धीमी की गई. स्कूटी की गति धीमी होते ही दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उन तीनों को भी हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने अपने नाम दीपक गोयल, देवनारायण मिश्रा तथा गंगोत्री पांडेय बताए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए.
पुलिस की सघन पूछताछ में विजय सोनी ने बताया कि वह भाजपा ओबीसी मोर्चा का नगर मंत्री है. उस ने बताया कि हम लोग कृष्ण प्रताप सिंह के इशारे पर सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के खाते खुलवाने और उन के खातों में अपना मोबाइल नंबर लिंक करा कर खातों से लेनदेन करते थे. वह हर धाताधारक को 15 हजार रुपए सैलरी देते थे.
गोंडा भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष ने विजय सोनी द्वारा नगर मंत्री होने के दावे को फरजी करार देते हुए झूठ बताया. बहराइच पुलिस ने पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसपी विनीत कुमार जायसवाल ने प्रैसवार्ता कर रैकेट का खुलासा किया.
इस गिरोह ने 21 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की थी, जिस में एक पूर्व मंत्री व भाजपा के एक नेता की संलिप्तता भी सामने आई है. बहरहाल, पुलिस ने पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जिला कारागार गोंडा भेज दिया.
– शरीफ अहमद






