Family Crime Story. रीता से तीसरी शादी करने के बाद अमर सिंह एक तरह से हरामखोर हो गया था. उस ने नौकरी तक छोड़ दी. वह शराब का भी आदी हो गया था. इस तरह उस पर दोस्तों का लाखों रुपए का कर्ज हो गया. आर्थिक तंगी को ले कर घर में पत्नी से भी कलह रहने लगी. इस कर्ज को उतारने के लिए उस ने पत्नी रीता को ऐसा जरिया बनाया कि...

शाम के यही कोई 7 बजे का वक्त था. अमर सिंह कुछ ज्यादा ही परेशान था. उस ने एक के बाद एक कई पैग लगाए, फिर भी उस की व्याकुलता बढ़ती ही जा रही थी. उस की पत्नी रीता अपने मायके गई हुई थी. उस ने कई बार अपनी पत्नी को फोन लगाया, लेकिन वह उस की कौल रिसीव ही नहीं कर रही थी. इस बात से कुढ़ कर वह फिर से पैग बनाने लगा. तभी उस की मोबाइल की रिंग बज उठी.

अमर सिंह ने बड़ी ही उत्सुकता के साथ यह सोच कर कौल रिसीव की कि पत्नी की ही होगी, लेकिन दूसरी तरफ से पुष्पेंद्र सोनी की आवाज आई, ''कैसा है मेरा दोस्त?’’

'इस मनहूस को भी चैन नहीं, टाइम बेटाइम किसी भी समय फोन कर बैठता है,’ अमर सिंह मन ही मन बुदबुदाया, ''अरे मेरा क्या होना है भाई, पत्नी मायके गई हुई है. घर में खानेपीने का कोई इंतजाम नहीं. सोचा कि थोड़ा मूड ही बना लूं.’’

''पुष्पेंद्र भाई, मेरी तो किस्मत ही खराब है. 3-3 शादियां कीं, लेकिन कोई भी पत्नी सुख नहीं दे पाई, शादी करने के चक्कर में बरबाद और हो गया. रीता से उम्मीद की थी कि यह मेरी जीवनसंगिनी बन कर मेरा साथ देगी, लेकिन यह तो आए दिन अपने मायके में ही पड़ी रहती है.’’

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