True Crime Story. यह निर्मम हत्याकांड जहां बेटी और बाप के पवित्र रिश्तों को कलंकित करता है, वहीं दूसरी ओर प्रेमी और प्रेमिका के एकदूसरे से नफरत करने के दुष्परिणाम को भी उजागर करता है. यह एक ऐसी दिल को दहला देने वाली सच्ची कहानी है, जहां कदमों में झुकने वाले हाथ ही कातिल बन गए.

आर्या और जयंत की पहली मुलाकात एक साइबर कैफे में हुई थी. रोज की तरह आर्या उस दिन भी शाम को 6 बजे साइबर कैफे में पहुंची थी. रोज की तरह वह अपने वाले कंप्यूटर सिस्टम की ओर उस दिन भी बढ़ी तो उस ने देखा कि उस सीट पर एक युवक बैठ कर काम कर रहा था.

आर्या ने एक उचटती निगाह उस युवक पर डाली. उसे थोड़ा गुस्सा भी आया, लेकिन अपने मनोभावों पर काबू करते हुए बगल वाले कंप्यूटर पर बैठ कर वह अपना काम करने लगी. तभी उसे अपने कानों में 'एक्सक्यूज मी’ शब्द सुनाई पड़ा.

आर्या ने अपना सिर उठा कर देखा तो बगल के कंप्यूटर पर बैठा युवक उस की सीट के सामने खड़ा था. आर्या ने उस से कहा, ''बताइए, क्या बात है?’’

''देखिए, मैं अभी नयानया कंप्यूटर सीख रहा हूं. आज मेरा पहला दिन है. मुझे कंप्यूटर के बारे में कुछ आता नहीं है. क्या आप मेरी मदद कर सकती हैं?’’ उस युवक ने याचना भरे स्वर में कहा.

आर्या का तो एक बार मन किया कि उस युवक को दुत्कार दे, क्योंकि उस ने आज उस की सीट पर ही कब्जा कर लिया था. लेकिन जब उस ने अपनी पूरी गरदन घुमा कर उस अजनबी युवक को देखा तो एकबारगी उस का दिल धड़क उठा.

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