कातिल प्रेम पुजारी – भाग 2

प्रीति को मंहगा पड़ा पुजारी से प्रेम

भोपाल की छोला मंदिर पुलिस की पूछताछ में प्रीति की सनसनीखेज हत्या करने के पीछे की जो कहानी सामने आई ,वह एक शादीशुदा युवक के दूसरी शादीशुदा महिला से प्रेम संबंधों की कहानी थी.

भोपाल के भानपुर इलाके में छोला मंदिर की लीलाधर कालोनी निवासी 38 साल के मनोज शर्मा की शादी प्रीति से सन 2014 में हुई थी. 28 साल की प्रीति कटनी जिले की रहने वाली थी. दोनों की उम्र में 10 साल का अंतर था. दरअसल, प्रीति की कमर की हड्डी बाहर निकली (उभरी) हुई थी, इस वजह से उस का रिश्ता नहीं हो पा रहा था.

जब भी कोई रिश्ते की बात चलती तो प्रीति के परिवार से जलने वाले लोग उस के खिलाफ लडक़े वालों को भडक़ा देते. लोग अकसर यही कहते कि उस की कमर की हड्डी निकली हुई है, वह कभी मां नहीं बन पाएगी. कभी कहते कि वह पति को सुख नहीं दे पाएगी.

इस बीच प्रीति के लिए भोपाल के मनोज का रिश्ता आया. प्रीति में शारीरिक रुप से कमजोरी थी और मनोज की पहली पत्नी उसे छोड़ चुकी थी. दोनों ने अपनी कमियों के चलते इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया और 2014 में उन की शादी हो गई.

मनोज भोपाल में अपने बड़े भाई फूलचंद्र के साथ ही रहता था. जब शादी हुई तो प्रीति भी इस परिवार का हिस्सा बन गई. सब कुछ ठीक चल रहा था. इस बीच मनोज और प्रीति के 2 बच्चे भी हो गए. मनोज के घर उस की बुआ के बेटे के साले रामनिवास मिश्र का आनाजाना शुरू हुआ. रामनिवास दुर्गा मंदिर में पुजारी था. दोनों लगभग हमउम्र थे तो दोनों की ठीकठाक पटती थी.

देवरभाभी का रिश्ता होने की वजह से उन के बीच हंसीमजाक चलती रहती थी. मनोज ने कभी इस नजदीकी को प्रेम प्रसंग की दृष्टि से नहीं देखा, अलबत्ता यही सोचा कि रिश्तेदारी में हंसीठिठोली चलती रहती है. इसी बात का फायदा रामनिवास ने उठाया. मनोज की माली हालत भी इतनी अच्छी नहीं थी कि वह प्रीति को खुश रख पाता. प्रीति का मन भी अपने से उम्र में 10 साल बड़े मनोज से हट चुका था.

शादीशुदा रामनिवास मंदिर में पुजारी था, उस के मंदिर में रोज अच्छी खासी रकम चढ़ावे के रूप में आती थी, जिसे वह प्रीति पर लुटाने लगा था.

एक दिन दोपहर के वक्त मंदिर के पूजापाठ से लौट कर रामनिवास ने प्रीति के दरवाजे पर दस्तक दी तो प्रीति उस समय बाथरूम से नहा कर निकली थी. उस ने अंदर से आवाज देते हुए कहा, “कौन है? आ रही हूं.”

बाहर से कोई आवाज न मिली तो प्रीति समझ गई कि रामनिवास होगा. प्रीति ने जैसे ही दरवाजा खोला तो सामने प्रीति के रूप सैंदर्य को देख कर रामनिवास अपना आपा खो बैठा. प्रीति झीने गाउन में थी, जिस में से उस के उभार दिखाई दे रहे थे. उस के खुले हुए बाल और पहनावे ने प्रीति की खूबसूरती में चारचांद लगा दिए थे.

मनोज उस समय अपने काम पर निकल गया था और प्रीति के बच्चे स्कूल गए हुए थे. मौके की नजाकत देखते ही रामनिवास दिल की बात जुबां पर लाते हुए प्रीति से बोला, “भाभी, तुम तो गजब ढा रही हो, तुम्हें देख कर तो अच्छेअच्छों का ईमान डोल जाए.”

अपनी खूबसूरती की तारीफ सुनते हुए प्रीति बोली, “इतनी खूबसूरत होती तो तुम्हारे भैया पलकों पर बिठाते मुझ को.”

“क्या कह रही हो भाभी, मुझे तो यकीन ही नहीं होता है कि मनोज भैया तुम्हारी खूबसूरती पर नहीं मरते. मेरा बस चले तो मैं इस जवानी पर अपना सब कुछ लुटा दूं.” रामनिवास प्रीति का हाथ अपने हाथों में लेते हुए बोला.

“बस एक तुम्हीं तो हो जो मेरी भावनाओं को समझते हो,” प्रीति प्यार से बोली.

रामनिवास ने प्रीति का रुख भांपते ही उसे बाहों में भर लिया और प्रीति के होठों पर अपने होंठ धर दिए. प्रीति के शरीर की तपिश से रामनिवास अपने आप पर काबू नहीं कर सका. उस ने प्रीति को गोद में उठाया और कमरे में पड़े पलंग पर लिटा दिया. वह एकएक कर के प्रीति के जिस्म के कपड़ों को हटाता गया. दोनों वासना के तूफान में गहरे तक बह गए. शारीरिक भूख जब शांत हुई तो अपनेअपने कपड़े ठीक करते हुए वो कमरे से बाहर निकले. इस के बाद जो दोनों के प्रेमालाप का यह सिलसिला शुरू हुआ तो वह लगातार चलता रहा.

पति ने नाता तोड़ा

मगर कहते हैं कि इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते. दोनों के प्रेम संबंधों की भनक आखिरकार मनोज के कानों तक पहुंच ही गई. मनोज को आसपास रहने वाले किराएदारों और कुछ हितैषी पड़ोसियों ने बताया कि तुम्हारे घर से निकलते ही रामनिवास यहां अकसर आता रहता है. मनोज के एक मित्र ने मनोज को आगाह करते हुए कहा, “दोस्त, भाभी और रामनिवास को ले कर कालोनी में तरहतरह की चर्चाएं हो रही हैं, तुम्हें बहुत सावधान रहने की जरूरत है.”

अपनी पत्नी के प्रेम संबंधों की जानकारी लगते ही मनोज के मन में शंका पैदा हो गई. मनोज ने प्रीति को प्यार से समझाते हुए कहा, “प्रीति, तुम्हें पता है कि कालोनी में तुम्हारे और रामनिवास के बारे में किस तरह की बातें की जा रही हैं? रामनिवास का रोजरोज घर पर आना ठीक नहीं है.”

इतना सुनते ही प्रीति आवेश में आ गई और पति को उलाहना देते हुए बोली, “तुम मुझ पर बेवजह शक कर रहे हो. रामनिवास तुम्हारी बुआ का लडक़ा है, आखिर उसे घर आने से तुम क्यों नहीं रोकते.”

मनोज ने रामनिवास को भी समझाने की कोशिश की तो उस ने मनोज को यही भरोसा दिलाया कि पड़ोसियों ने प्रीति को नीचा दिखाने के लिए झूठ में ही यह कहानी गढ़ ली, उन के बीच ऐसा कुछ भी नहीं है.

रामनिवास और प्रीति के अंतरंग संबंधों ने अब मनोज और उस की पत्नी के बीच के विश्वास की डोर को तोड़ दिया था. इस बात को ले कर अकसर दोनों के बीच झगड़ा होने लगा. जब प्रीति दूसरी बार प्रेग्नेंट हुई तो प्रीति ने चहकते हुए मनोज को बताया, “मैं फिर से मां बनने वाली हूं.”

मगर मनोज के चेहरे पर कोई खुशी नहीं झलकी. मनोज ने प्रीति पर लांछन लगाते हुए कहा, “तुम्हारे पेट में जो बच्चा पल रहा है, वह मेरा खून नहीं है. यह बच्चा रामनिवास के पाप की निशानी है.”

प्रीति ने भी मनोज को खरीखोटी सुनाते हुए साफ कह दिया, “तुम्हें यकीन न हो तो डीएनए टेस्ट करवा लो, अगर ये बच्चा तुम्हारा नहीं हुआ तो मुझे जो चाहे सजा देना.”

पतिपत्नी के बीच के संबंध इस कदर दरक चुके थे कि जब प्रीति का सातवां महीना चल रहा था, तभी एक दिन मनोज और प्रीति के बीच झगड़ा हो गया और मनोज ने प्रीति को घर से निकाल दिया. प्रीति मायके पहुंच गई. प्रीति के घरवालों ने मनोज को समझाने का बहुत प्रयास किया, मगर मनोज प्रीति को अपनाने को कतई तैयार नहीं हुआ.

कातिल प्रेम पुजारी – भाग 1

5 अगस्त, 2023 के दोपहर के करीब साढ़े 12 बजे का वक्त था. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छोला मंदिर इलाके की लीलाधर कालोनी में रहने वाले लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी किसी महिला की चीखपुकार की आवाज सुनते ही आसपास रहने वाले लोगों का ध्यान उस तरफ गया. अफरातफरी के बीच में कुछ लोग एक मकान की तरफ बढ़े.

इसी बीच महिला की चीखों की आवाज सुन कर आसपास के दूसरे मकानों में रहने वाले किराएदार भी आ गए. महिला के चीखनेचिल्लाने की आवाज एक मकान की ऊपरी मंजिल से आ  रही थी. लिहाजा लोग बाहर की सीढिय़ों के सहारे छत पर पहुंच गए और उस घर के दरवाजे को बाहर से पीटने लगे.

कुछ ही देर बाद जैसे ही दरवाजा खुला तो 2 नकाबपोश महिलाओं ने चाकू दिखाते हुए रौबदार आवाज में कहा, “खबरदार कोई आगे आया तो जान से मार देंगे.”

एक महिला के हाथ में खून से सना चाकू देखते ही वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और उन्हें रास्ता देते हुए दरवाजे से हट गए. मौका देखते ही दोनों नकाबपोश महिलाएं चाकू लहरा कर फरार हो गईं. कुछ लोग उन दोनों महिलाओं के पीछेपीछे दौड़े, मगर तब तक वे नजरों से ओझल हो गईं. कुछ लोगों ने घर के अंदर जा कर देखा तो उन की आंखें फटी की फटी रह गईं.

घर के अंदर करीब 28-30 साल की महिला लहूलुहान पड़ी हुई थी, उस का नाम प्रीति शर्मा था. उस के पास ही एक साल का बच्चा जोरजोर से रो रहा था. कमरे में पहुंची एक बुजुर्ग महिला बच्चे को अपनी गोद में ले कर चुप कराने का प्रयास करने लगी.

प्रीति शर्मा के पूरे शरीर पर जगहजगह गहरे घाव के निशान थे. पूरा कमरा खून से लाल हो गया था. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई. आसपास रहने वाले लोगों ने मनोज और उस के बड़े भाई फूलचंद को घटना की सूचना दी तो दोनों ही घर पहुंच गए. घर का नजारा देख कर उन के होश उड़ गए.

मनोज के बड़े भाई फूलचंद ने छोला मंदिर थाने में फोन कर के सूचना दी तो थाना इंचार्ज उदयभान सिंह भदौरिया तत्काल ही दलबल के साथ लीलाधर कालोनी के उस मकान में पहुंच गए, जहां महिला की बेरहमी से हत्या की गई थी.

प्रीति गंभीर अवस्था में बिस्तर पर पड़ी हुई थी. उस के पूरे शरीर पर चाकू से गोदने के निशान थे. खून के छींटों से पूरे कमरे की दीवारें रंगी थीं. गद्ïदा खून से पूरा भीग चुका था. जमीन पर एक टूटा चाकू पड़ा हुआ था. प्रीति को तत्काल पीपुल्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

छोला मंदिर थाना पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि प्रीति अपने पति मनोज शर्मा और अपने 3 बच्चों के साथ रहती थी. प्रीति का पति मनोज चौक बाजार में एक ज्वैलर्स की दुकान पर काम करता है.

2 बच्चे सुबह स्कूल चले गए थे और पति चौक बाजार अपनी दुकान पर काम के लिए चला गया था. प्रीति दोपहर में अपने घर के काम निपटा रही थी, उसी समय सलवारसूट पहन कर आई 2 महिलाओं ने घर के अंदर घुस कर दरवाजा बंद कर लिया और प्रीति कुछ समझ पाती कि दोनों ने प्रीति पर चाकुओं से हमला कर दिया.

घटनास्थल पर प्रीति के मकान में किराए पर रहने वाले लोगों ने बताया कि 2 महिलाएं सलवारसूट पहने मकान में आती दिखाई दी थीं. उन्होंने काला चश्मा, नकाब, हाथों में ग्लव्स और नीले जूते पहने थे. जब वो गेट के पास आईं तो लोगों को लगा कि कोई परिचित होंगी, लेकिन पलभर में वो बाउंड्री के अंदर आ गईं और सीढिय़ों पर चढ़ते हुए ऊपर छत पर पहुंच गईं. अंदर घुसते ही उन्होंने गेट अंदर से बंद कर लिया, तभी अचानक ऊपर से जोरजोर से चीखने की आवाज आने लगी.

घटना के करीब एक साल पहले तक मनोज शिवनगर में अपने बड़े भाई के मकान के एक हिस्से में रहता था. बाद में भाई की मदद से लीलाधर कालोनी में उस का मकान बन गया, जिस में नीचे 6 किराएदार रहते थे और ऊपर की मंजिल पर मनोज अपनी पत्नी प्रीति और तीनों बच्चों के साथ रहता था. मनोज के 8 साल और 3 साल के 2 बेटे घटना के समय स्कूल गए हुए थे.

हत्यारे की दाढ़ी और सिर पर लंबी चोटी से हुई पहचान

प्रीति पर चाकू से हमला करने के बाद जब रेनकोट पहने हुए दोनों महिलाएं भाग रही थीं, तभी एक किराएदार दीपेश ने सलवार सूट पहने हमलावार के पीछे भागने की कोशिश की, तभी उस ने देखा था कि उन में से एक हमलावर का हलका सा नकाब हटा तो देखा कि वो महिला नहीं पुरुष है और उस के चेहरे पर घनी दाढ़ी, सिर के पीछे लंबी सी चोटी है. दीपेश इतना देख ही पाया था कि चाकू दिखाते हुए भाग गया. पुलिस की पड़ताल ने यहीं से नया मोड़ ले लिया.

पुलिस की पूछताछ में लोगों ने हत्यारे की जो पहचान बताई, वो सुनने के बाद प्रीति के पति मनोज शर्मा का माथा ठनका और उस ने टीआई भदौरिया से कहा, “सर, हत्यारा रामनिवास मिश्रा हो सकता है.”

“यह रामनिवास कौन है?” टीआई उदयभान सिंह भदौरिया ने मनोज से पूछा.

“सर, रामनिवास हमारा रिश्तेदार है, वो मेरी बुआ के लडक़े का साला है. यहीं शीतला माता मंदिर के पास रहता है और दुर्गा माता मंदिर का पुजारी है. वही दाढ़ीमूंछ रखता है और उस के सिर पर लंबी चोटी भी है और उस के बाल भी बड़े हैं.”

“लेकिन वो क्यों प्रीति की हत्या करेगा, साफसाफ बताओ. उस के साथ प्रीति का कोई चक्कर तो नहीं था,” टीआई बोले.

“सर, जब मैं घर पर नहीं होता था, तभी अकसर वह मेरे घर आया करता था. ऐसा मुझे मेरे किराएदार बताया करते थे. मैं तो सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ कर काम पर चला जाता था. हमारे जाने के बाद घर में केवल एक साल का बेटा और प्रीति ही रहते थे.” मनोज ने खुलासा करते हुए कहा.

आटो वाले से मिला सुराग

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो घटना के समय एक आटो में 2 नकाबपोश रेनकोट पहने नजर आए. सीसीटीवी में आटो घर के बगल वाली गली में आता हुआ दिखाई दिया. इस के बाद नकाब पहने ये दोनों हमलावर प्रीति के घर की तरफ जाते और फिर भाग कर आते दिखाई दिए. पुलिस ने आटो का नंबर ट्रेस किया और उसे खोज निकाला. पता चला कि आटोवाला चंदन नाम का युवक था.

चंदन ने पूछताछ में पुलिस को बताया, “सर, मैं एक स्टूडेंट हूं, खर्च चलाने के लिए आटो भी चलाता हूं. पुजारी रामनिवास से मेरी पहचान मंदिर में हुई थी. उन को कहीं भी जाना होता था तो मुझे ही बुलाते थे. 5 अगस्त की सुबह करीब 10-11 बजे रामनिवास ने मुझे फोन कर कहा कि लीलाधर कालोनी तक चलना है. आटो ले कर आ जाओ.

“जब मैं आटोरिक्शा ले कर उन के घर गया तो दोनों पतिपत्नी बाहर निकले. दोनों ने रेनकोट पहन रखा था. मैं ने ध्यान नहीं दिया. मैं दोनों को लीलाधर कालोनी ले कर आया. उन्होंने लीलाधर कालोनी के एक घर से थोड़ी दूरी पर पीछे की साइड आटो रुकवा दिया और कहा कि हम 5 मिनट में आते हैं. इस के बाद करीब 10-15 मिनट बाद वो आए तो मैं ने देखा कि उन के हाथों और कपड़ों पर खून लगा था. मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि कुछ लड़ाई झगड़ा हो गया है. इस के बाद मैं ने उन्हें उन के घर छोड़ दिया था.”

चंदन के इतना बताते ही पुलिस समझ गई कि ये हत्या रामनिवास और उस की पत्नी ने ही की है. इस आधार पर पुलिस ने रामनिवास मिश्रा की तलाश शुरू कर दी. 7 अगस्त को रामनिवास का फोन नंबर निकाल कर उस की लोकेशन ट्रेस की तो रामनिवास न्यू मार्केट के आसपास था. कई घंटे उस की तलाश की. इस दौरान रामनिवास ने दाढ़ी और मूंछ मुंडा ली थी. यही कारण था कि पुलिस और उस के मुखबिर भी उसे पहचान नहीं पा रहे थे.

आखिरकार शाम होतेहोते पुलिस ने उसे पकड़ लिया. उस के चेहरे पर नाखून के निशान थे. पुलिस ने उस से पूछा तो उस ने अपना नामपता गलत बताया. पुलिस उसे ले कर आई और पूछताछ करने लगी तो काफी देर तक वो पुलिस को छकाता रहा.

इस के बाद पुलिस ने रामनिवास का मोबाइल खंगाला तो पता चला कि किसी चंदन नाम के शख्स के उस के पास हत्या की वारदात से पहले और बाद में फोन आए थे. वो हत्या करने से साफ मना करता रहा. जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उस ने पत्नी के साथ मिल कर प्रीति शर्मा की हत्या करने का जुर्म कुबूल कर लिया. इस के बाद पुलिस ने रामनिवास की पत्नी शालिनी को भी गिरफ्तार कर लिया.

जबरदस्ती का प्यार

प्रेमिका बनी ब्लैकमेलर

लिवइन पार्टनर का खूनी खेल

प्रेमिका बनी ब्लैकमेलर – भाग 3

यह सब जानकारी मिलने के बाद उसे पहली बार पता चला कि वह बुरी तरह से फंस चुका है. शनीफ ने कई बार प्यार से सिमरन को समझाने की कोशिश की, लेकिन उस ने उस की एक न सुनी. उस का साफ कहना था कि अगर उस ने उसे पैसा नहीं दिया तो वह उसे बुरी तरह से बदनाम कर देगी.

बदनामी के डर से वह बारबार उस की मांग पूरी करता रहा. लेकिन उस की मांग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी. जिस से शनीफ बुरी तरह से तंग आ चुका था. उसी दौरान शनीफ का रिश्ता महाराष्ट्र की एक युवती के साथ पक्का हो गया. हालांकि उस ने रिश्ते वाली बात पूरी तरह से उस से छिपा कर रखी थी. लेकिन पता नहीं उसे किस तरह से शनीफ के रिश्ते की बात पता चल गई. उस के बाद उस ने फिर से उसे ब्लैकमेल करना चालू कर दिया.

शनीफ ने उसे इस बार पैसा देने से साफ मना किया तो उस ने उस से कहा कि यह आखिरी बार है. तुम्हारा निकाह हो जाने के बाद तुम्हें मेरी जरूर तो होगी नहीं. उस के बाद वह उस से कोई पैसा नही मांगेगी.

सिमरन की बात सुनते ही शनीफ को लगा कि इस बार पैसा देने से उस से हमेशाहमेशा के लिए पीछा छूट जाएगा. यही सोच कर उस ने फिर से उसे मोटी रकम दे दी, लेकिन उस के बावजूद भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आई. उस ने कुछ ही दिनों में फिर से उस से पैसों की मांग शुरू कर दी थी. परेशान हो कर शनीफ ने उस का फोन तक अटैंड करना बंद कर दिया था.

सिमरन नहीं मानी तो रेत डाला गला

शनीफ ने पुलिस को बताया कि 3 मई, 2023 को सिमरन उस की दुकान पर आ धमकी. उस वक्त दुकान पर काफी ग्राहक खड़े थे. दुकान के सामने आते ही उस ने अपनी स्कूटी रोकी और फिर उसे इशारे से पास बुलाने लगी. उस ने उसे अनदेखा करते हुए अपने ग्राहकों को निपटाया.

उस ने उस के बुलाने पर नहीं गया तो उस ने शनीफ को मोबाइल दिखा कर इशारा किया. उस के इशारे को शनीफ भलीभांति समझता था. उस वक्त दुकान बंद करने का भी समय हो चुका था. आसपास की अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं. फिर भी वह अनचाहे मन से उस के पास पहुंचा.

शनीफ ने उस से काफी मिन्नतें की कि वह उसे माफ कर दे. इस वक्त उस के पास उसे देने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन उस के बाद भी सिमरन अपनी जिद पर अड़ी रही. उस वक्त उस के पड़ोसी उसे शक की निगाहों से देख रहे थे. बारबार उस की धमकी सुन कर शनीफ बुरी तरह पक चुका था.

सिमरन ने फिर से जैसे ही उसे मोबाइल दिखाने की तो शनीफ उस के हाथ से मोबाइल छीन लिया. उस के बाद उसे सडक़ पर दे मारा. फिर वह जल्दी से दुकान की तरफ लपका. जब तक सिमरन ने अपना मोबाइल समेटा, वह दुकान से मीट काटने का छुरा ले कर उस के पास पहुंच गया. जैसे ही सिमरन ने उस के हाथ में छुरा देखा, उस ने वहां से भागने की कोशिश की. लेकिन उस की स्कूटी स्टार्ट नहीं हुई. मौका पाते ही शनीफ ने छुरे से उस का गला रेत दिया.

उस वक्त कई दुकानदार उसे देख रहे थे. लेकिन उस पर खून का भूत सवार होते देख किसी ने भी बोलने की हिम्मत नहीं की. रात के साढ़े 9 बजे के बाजार में सैंकड़ों की मौजूद भीड़ के बीच एक जवान युवती की जघन्य रूप से हत्या किए जाने से बाजार में अफरातफरी मच गई. उस की हत्या को देख कर खरीदार तो इधरउधर हुए ही, साथ ही दुकानदार भी अपनी दुकानें फटाफट बंद कर वहां से निकल लिए थे.

सिमरन को मौत की नींद सुलाने के बाद शनीफ मलिक ने वह छुरा दुकान में रख दिया और फिर वह भी वहां से फरार हो गया. फिर शनीफ ने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था. उस के बाद वह घर पहुंचा, अपने कपड़े चेंज किए और घर वालों को कुछ भी बताए बगैर फरार हो गया.

इस केस के खुलते ही पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित. कथा में फातिमा, राशिद परिवर्तित नाम हैं

लिवइन पार्टनर का खूनी खेल – भाग 3

नजलू को रुखसाना के साथ रहते एक साल हो गया था. तब तक वह रुखसाना का बहुत ख्याल रखता था. एक साल बाद नजलू को पता चला कि रुखसाना किसी और व्यक्ति से फोन पर बातें करती है. बस, उस दिन के बाद वह रुखसाना के पीछे ही पड़ गया.

वह रुखसाना से कहता, “मेरे प्यार में क्या कमी थी, जो तू गैरमर्द से बातें करने लगी है. तूने मेरे साथ धोखा क्यों किया? बता, नहीं तो तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा.”

रुखसाना उस के आगे हाथ जोड़ती, पैर पड़ती और कसम खाती कि वह उस पर झूठा शक कर रहा है. मगर नजलू कहता, “तू धोखेबाज है. तूने मेरे प्यार की कद्र नहीं की. मैं ने तुझे क्या कुछ नहीं दिया, मगर तू गैरमर्द के प्यार में पड़ गई. तुझे शर्म नहीं आई.”

इस तरह से नजलू उसे प्रताडि़त करता और मारपीट करता रहता था. रुखसाना को धमकाता कि अगर उस ने उसे छोड़ा तो वह उस के बच्चों और भाइयों को मार डालेगा. नजलू की इन धमकियों से डर कर वह उस के साथ रहने को मजबूर थी.

30 अप्रैल, 2023 को नजलू ने साजिश के तहत रुखसाना को जयपुर से दूर बाइक पर घुमाने ले जाने के लिए कहा. रुखसाना मान गई. नजलू ने रुखसाना को बाइक पर बिठाया और जयपुर से निमोडिय़ा की तरफ रवाना हो गया.  बाइक पर जाते समय नजलू ने सोशल मीडिया रील भी बनाई.

रील के बैक ग्राउंड में आवाज थी, “अब मैं खुद को इतना बदल दूंगा कि तू तो क्या, मेरे अपने भी तरस जाएंगे मुझे पहले के जैसा देखने के लिए…?

इस के बाद नजलू रुखसाना को निमोडिय़ा के घने जंगल में ले गया. वहां उस ने रुखसाना को बेरहमी से पीटा. नीचे पटक कर घुटनों से उस की पसलियों पर वार किए. नजलू इतने गुस्से में था कि अपना आपा खो बैठा और रुखसाना के साथ इतनी मारपीट की कि रुखसाना की पसलियां टूट गईं.

मरणासन्न हालत में किया बलात्कार

जब रुखसाना ने नजलू से हाथ जोड़ कर माफी मांगी तो नजलू ने उसे पीटना बंद कर उस के साथ शारीरिक संबंध बनाए. रुखसाना घायलावस्था में अधमरी सी पड़ी थी और दरिंदा नजलू उस के साथ अपनी हवस शांत कर रहा था. दुष्कर्म करने के बाद रुखसाना की तबीयत जब बहुत ज्यादा बिगड़ गई तो नजलू डर गया. आननफानन में वह रुखसाना को निजी क्लीनिक में ले कर गया और बताया कि रोड एक्सीडेंट हो गया है.

हालत बिगडऩे पर रुखसाना को क्लीनिक से जयपुरिया अस्पताल रैफर कर दिया गया. जयपुरिया अस्पताल में भी नजलू ने डाक्टरों को बताया कि हाईवे पर जाते समय रिंग रोड पर एक्सीडेंट हो गया. इस के बाद डाक्टरों ने किसी महिला परिजन को बुलाने के लिए कहा. मजबूरन नजलू को रुखसाना की मां मुन्नी को फोन करना पड़ा.

फोन करने के बाद नजलू नजर बचा कर अस्पताल से फरार हो गया. अस्पताल से पुलिस को सूचना दे दी गई. रोड एक्सीडेंट की बात सुन कर मुन्नी देवी भी जैसेतैसे अस्पताल पहुंची, तब तक रुखसाना इस दुनिया से रुखसत हो चुकी थी.

बेटी की लाश देख कर उस की मां ने कहा, “आखिर मेरी बेटी को मार डाला नजलू ने.”

पुलिस ने नजलू से पूछताछ के बाद कई सबूत भी जुटाए. आरोपी नजलू खान को 4 मई, 2023 को कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.

रुखसाना के चारों बेटे अब यतीम हो चुके हैं. उस की ससुराल वालों ने बच्चों को अपनाने से मना कर दिया है. वे कहते हैं कि जब रुखसाना दूसरे व्यक्ति के साथ रहने लगी तो अब इन बच्चों से हमारा क्या लेनादेना. उस के 4 बेटों में से एक नानी के पास, 2 बच्चे एक मौसी के पास तो एक बेटा दूसरी मौसी के पास रह रहा है.

बेटी रुखसाना की हत्या के बाद उस के बच्चों की परवरिश की चिंता में बुजुर्ग नानानानी बीमार रहते हैं. ऐसे में उन्हें अब सरकारी योजनाओं के लाभ की आस है. यह आस पूरी होगी या अधूरी रहेगी, यह भविष्य बताएगा.

—कथा पुलिस सूत्रों व मृतका के मातापिता से की गई बातचीत पर आधारित

जबरदस्ती का प्यार – भाग 3

काफी समय बाद दोनों की मुलाकात हुई तो सावित्री के दिल में उस के प्रति उमड़ा प्यार फिर से जाग गया. लेकिन उस ने नूर हसन से साफ शब्दों में कह दिया था कि वह अब उस के साथ काम नहीं कर सकती है. जबकि नूर हसन चाहता था कि वह काम करे तो सिर्फ उसी के साथ, वरना वह उसे किसी अन्य मिस्त्री के साथ काम नहीं करने देगा.

इसी बात को ले कर कई दिनों से सावित्री और नूर हसन के बीच मनमुटाव चला आ रहा था. जब सावित्री उस के साथ काम करने को राजी नहीं हुई तो नूर हसन को शक हो गया कि उस का किसी अन्य व्यक्ति से चक्कर चल रहा है. यह बात नूर हसन ने उस के सामने कही तो सावित्री बौखला उठी.

28 मई, 2023 की शाम को इसी बात को ले कर दोनों के बीच झगड़ा हुआ. झगड़ा होने के दौरान ही नूर हसन ने उसे खत्म करने का प्लान बना लिया था. नूर हसन चाहता था कि वह काम करे तो उसी के साथ अन्यथा वह उसे किसी और मिस्त्री के साथ काम नहीं करने देगा. सावित्री उस की इस बात पर राजी नहीं थी.

दोनों के बीच झगड़ा होने के बाद सावित्री वहां से जाने लगी तो नूर हसन ने उसे रोका. फिर उस ने उसे घर छोडऩे की बात कही. लेकिन फिर भी सावित्री ने उस के साथ जाने से साफ मना कर दिया था. जब नूर हसन को लगा कि वह उस की बातों मे आने वाली नहीं है तब उस ने सावित्री के सामने अपनी गलती मानी और भविष्य में ऐसी गलती न करने की कसम भी खाई. सावित्री नूर हसन को बहुत चाहती थी. वह जल्दी ही उस की मीठी बातों में आ गई. फिर वह उसी की बाइक पर बैठ कर चली गई.

हवस पूरी न हुई तो कर दी हत्या

नूर हसन सावित्री को बाइक पर बिठा कर एकांत में घटनास्थल पर ले गया. घटनास्थल पर ले जाने के बाद उस ने उस के साथ संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की. सावित्री ने उस वक्त संबंध बनाने से मना किया तो वह अपना आपा खो बैठा. उस ने गुस्से के आवेग में आ कर उस के साथ मारपीट शुरू कर दी.

उस वक्त घटनास्थल पर दूरदूर तक कोई नजर नहीं आ रहा था. जब सावित्री उस के कब्जे में नहीं आई तो उस ने उसे ऊंचे टीले से नीचे की ओर धक्का दे दिया. उस मिट्टी के टीले से गिरने के बाद ही सावित्री सुध खो बैठी. सावित्री के बेहोश होते ही नूर हसन ने दरिंदगी दिखाते हुए ब्लेड से उस का गला काट दिया. गला कटते ही तेजी से खून निकलने लगा और थोड़ी ही देर में सावित्री की मौत हो गई.

सावित्री की गला काट कर हत्या करने के बाद नूर हसन बुरी तरह से घबरा गया. उस ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन उस के कदम वहीं पर ठिठक गए. उस के दिमाग में तुरंत ही एक आइडिया आया. क्यों न उस के नीचे के कपड़े फाड़ दिए जाएं, ताकि लोग उसे देख कर यही अनुमान लगाएं कि उस के साथ रेप हुआ है.

यही सोच कर उस ने सावित्री के नीचे के कपड़े फाड़ दिए. उस के तुरंत बाद ही उस ने सावित्री का मोबाइल स्विच्ड औफ कर दिया था. फिर वह उस का पर्स ले कर घटनास्थल से फरार हो गया. घर जाने के बाद उस ने तुरंत ही पहने हुए कपड़े बदल डाले, जिस से वह पुलिस की पकड़ में न आ सके. घर जाने के बाद अपने परिवार वालों की गैरमौजूदगी में उस ने कई बार सावित्री का मोबाइल खोला और बंद किया. उस के मोबाइल पर कई मिस्ड काल आई हुई थीं. उन को देख कर वह बारबार मोबाइल को स्विच्ड औफ कर देता था.

रात के 8 बजे उस ने फिर से मोबाइल खोला तो कई फोन आए. उस ने उन इनकमिंग काल में से कई को रिसीव भी किया. वह बारबार महिला और बच्चे की आवाज बदल कर उन को भ्रमित करता रहा. जिस के कारण सावित्री के परिवार वाले समझ नहीं पा रहे थे कि सावित्री का मोबाइल किस के पास है.

सावित्री की हत्या करने के बाद नूर हसन पुलिस की नजरों से बचकर इधरउधर भागता रहा. लेकिन जब उसे 29 मई, 2023 की सुबह को पता चला कि पुलिस को सावित्री की हत्या की जानकारी मिल चुकी है तो वह भी घटना स्थल पर पहुंचा. ताकि मृतका के घर वाले उस पर ही शक न कर सकें.

घटनास्थल पर जा कर वह नरेश से भी मिला. उस ने उस के घर वालों को सांत्वना भी दी. जिस के कारण उस के परिवार वाले उस पर किसी तरह का शक नहीं कर पाए थे. लेकिन खोजी कुतिया कैटी की सूझबूझ के सामने उस की सारी चालाकी धरी की धरी रह गई.

इस केस के खुलते ही पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर उस की बाइक, हत्या में प्रयुक्त ब्लेड, मृतका की चप्पलें, उस का मोबाइल फोन व पर्स भी बरामद कर लिया था. नूर हसन ने घटना के वक्त पहने कपड़े भी पुलिस के हवाले कर दिए थे.

नूर हसन से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया. मामले की जांच इंसपेक्टर प्रवीण सिंह कोश्यारी कर रहे थे.

प्रेमिका बनी ब्लैकमेलर – भाग 2

समय के साथसाथ जैसे सिमरन बड़ी होती गई, उस की सुंदरता में और भी निखार आता गया. जवान होतेहोते वह रूप की रानी बन गई. होश संभालते ही उस ने भी मोबाइल चलाना सीख लिया था. उसी दौरान उसने फेसबुक, वाट्सऐप व इंस्टाग्राम चलाना सीख लिया था. उस के बाद वह अपनी सुंदर फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने लगी. जिस की अदाएं देख कर फेसबुक पर उस के हजारों दोस्त बन गए.

हजारों लोगों के फालोअर बनते ही उस ने अपने रखरखाव पर और अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था, जिस के कारण दिनबदिन उस के फालोअर्स की संख्या में बढ़ोत्तरी होती गई. उसी दौरान उस की फूफी फातिमा का इंतकाल हो गया. फूफी के इंतकाल के बाद उस ने उस घर को छोड़ दिया और किराए का कमरा ले कर अकेली ही रहने लगी. उसे पहले से ही अपनी खूबसूरती पर नाज था. उसी खूबसूरती के कारण ही उस के आसपास में कई चाहने वाले भी बन गए थे.

उन्हीं चाहने वालों में था उस का एक पड़ोसी राशिद, जिस की शनीफ से अच्छी पटती थी. कई बार राशिद ने शनीफ के सामने सिमरन की सुंदरता की तारीफ की थी. लेकिन वह उस से कभी भी रूबरू नहीं हो पाया था. सिमरन की तारीफ सुन कर कई बार उस का उस से मिलने का मन भी करता, लेकिन समय अभाव के कारण वह मिल नहीं पाया था.

शनीफ मलिक से हुआ प्यार

अब से लगभग डेढ़ साल पहले की बात है. हर रोज की तरह उस दिन भी शनीफ अकेला ही दुकान पर बैठा हुआ था, तभी उस की दुकान के सामने एक स्कूटी आ कर रुकी. उस स्कूटी पर सवार युवती निहायत ही खूबसूरत थी. शनीफ की जैसे ही उस युवती पर नजर पड़ी तो वह उसे देखता ही रह गया. उस ने सोचा भी न था कि वह उस की दुकान से अंडे लेने आई है. लेकिन जैसे ही वह युवती उस की दुकान की ओर बढ़ी, उस के दिल की धडक़न दोगुनी हो चली थी. जैसे ही वह पास आ कर खड़ी हुई, वह उसे देखता ही रह गया.

युवती ने दुकान पर पहुंचते ही अंडे देने को कहा. तभी उस के दिमाग में आया कि कहीं यही तो सिमरन नहीं है. उस ने अंडे गिनतेगिनते कुछ हिम्मत जुटाई, “आप का नाम सिमरन तो नहीं?”

“जी हां, मैं ही सिमरन हूं. पर आप मेरा नाम कैसे जानते हो?”

“यूं ही आप के बारे मे मेरे दोस्त चर्चा करते रहते हैं.”

“कौन है, आप का दोस्त?”

“वही राशिद जो आप के पड़ोस में रहता है.”

“ओहो! तो वह आवारा यहां तक घूमता है. वैसे मैं आप का नाम जान सकती हूं.”

“हां, क्यों नहीं. मुझे शनीफ मलिक कहते है.”

“बहुत अच्छा नाम है आप का. ओके चलती हूं.”

“ठीक है, फिर आगे भी हमारी दुकान की शोभा बढ़ाने के लिए आते रहना.”

“जी जरूर, लेकिन आप के बैठने का समय क्या है? क्योंकि मैं इस से पहले भी कई बार यहां से अंडे खरीद कर ले जा चुकी हूं. लेकिन उस वक्त तो शायद आप के वालिद ही मिलते थे.”

“जी हां, दोपहर तक दुकान वही संभालते हैं. मेरी ड्यूटी शाम को शुरू होती है. आप ये मेरा नंबर रख लीजिए, जब आप को अंडे चाहिए, मुझे फोन पर ही बता देना. मैं तुम्हारे आने से पहले ही ताजे अंडे छांट कर रख लिया करूंगा.”

“तो फिर आप ने जो मुझे अंडे दिए हैं, वो बासी हैं क्या?” युवती ने मजाक के लहजे में प्रश्न किया.

“नहींनहीं, फिर भी जब आप मुझे बता कर आओगी तो मुझे सहूलियत होगी.” कह कर शनीफ ने उसे एक विजिटिंग कार्ड थमा दिया. उस के बाद सिमरन हंसती हुई वहां से चली गई.

पहली मुलाकात में ही शनीफ उस की खूबसूरती का दीवाना हो गया था. उस दिन के बाद वह जल्दी ही मोबाइल पर उस की फेसबुक और इंस्टाग्राम को खंगालने में लग गया और जल्दी ही सिमरन के साथ फेसबुक और दूसरे मीडिया प्लेटफार्म पर जुड़ गया. फिर कुछ ही दिनों में दोनों के बीच दोस्ती गहराने लगी.

शनीफ देखनेभालने में हैंडसम था. धीरेधीरे दोनों में दोस्ती इस कदर पक्की हो गई कि उन्हें एकदूसरे से मिले बिना चैन नहीं पड़ता था. दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चालू हुआ तो दोनों ही साथ जीनेमरने की कसमें भी खाने लगे थे. उन्हीं एकांत मुलाकातों में सिमरन ने पूरी तरह से अपना शरीर उसे समर्पित कर दिया. सिमरन को पा कर शनीफ अपने आप को बहुत ही भाग्यशाली समझने लगा था. उसे घमंड इस बात का था कि एक खूबसूरत और मौडर्न लडक़ी उस के इतने करीब थी कि उस ने कभी सोचा भी नहीं था.

सिमरन का खर्च उठाने लगा शनीफ

सिमरन शेख से गहरी दोस्ती हो जाने के बाद शनीफ मलिक उसे खर्च के लिए कुछ पैसे भी देने लगा था. वह पूरी तरह से सिमरन को अपनी मानने लगा था. यही कारण रहा कि उस ने कभी भी उसे पैसे देने से मना नहीं किया. समयसमय पर वह उस के छोटेमोटे खर्च खुद ही वहन करने लगा था.

उसी दौरान कई बार दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बने. उन्हीं अवैध संबंधों के दौरान सिमरन अकसर दोनों की वीडियो यह कह कर बना लेती थी कि यह उस का शौक है. उस के बाद वह उन वीडियो को अन्य फोन में भी सेव कर लेती थी. लेकिन शनीफ उसे इस कदर चाहने लगा था कि उस ने कभी भी किसी भी प्रतिक्रिया पर शक नहीं किया था.

उसी दौरान शनीफ के घर वालों ने उस के निकाह करने की सोची. फिर जल्दी ही शनीफ के घर वाले उस के निकाह की चर्चा करते हुए एक लडक़ी की तलाश में जुट गए. यह बात शनीफ ने सिमरन के सामने रखी. उस ने सिमरन से साफ शब्दों में कहा कि इस से पहले मेरे घर वाले मेरा निकाह किसी और लडक़ी से करें, हम दोनों कोर्ट मैरिज कर लेते हैं.

शनीफ जानता था कि अगर उस ने अपने घर वालों के सामने उस का जिक्र किया तो वह उस के साथ निकाह करने के लिए किसी भी हाल में राजी होने वाले नहीं. लेकिन सिमरन ने उस के साथ निकाह करने से साफ मना कर दिया. सिमरन का कहना था कि अभी निकाह करने की क्या जल्दी है. वह इतनी जल्दी निकाह के बंधन में बंधना नहीं चाहती.

सिमरन की बात सुनते ही शनीफ को बहुत बड़ा झटका लगा. वह उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहता था. उस के लिए उसे चाहे कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े.

प्रेमिका बन गई ब्लैकमेलर

उस के बाद सिमरन ने नएनए खर्च बता कर शनीफ से मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी थी. उस ने कई बार उस की मांग पूरी कर भी दी, लेकिन उस की मांग पहले से ज्यादा बढऩे लगी थी. शनीफ ने उस के सामने अपनी मजबूरी बताते हुए पैसे देने से मना किया तो उस ने उसे उस के साथ बनाई गई अश्लील वीडियो दिखा कर धमकाने की कोशिश की.

उस ने साफ शब्दों में कहा कि अगर उस ने उस की मांग पूरी न की तो वह उस की सारी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देगी, जिस के बाद वह सारी जिंदगी कुंवारा ही बैठा रहेगा. सिमरन ने उस के कई फोन काल भी रिकौर्ड कर रखे थे.

लिवइन पार्टनर का खूनी खेल – भाग 2

आज से करीब 2 साल पहले रुखसाना काकोड़ (जिला टोंक) से अपने चारों बेटों के साथ मालपुरा गेट इलाका जयपुर में आ कर रहने लगी. उस ने एक कमरा किराए पर लिया और सांगानेर की एक फैक्ट्री में नौकरी कर ली. रुखसाना की गाड़ी चलने लगी.

जयपुर आने के महीने भर बाद एक रोज किसी अंजान व्यक्ति का फोन रुखसाना के मोबाइल पर आया. रुखसाना ने काल रिसीव कर कहा, “हैलो.”

तब दूसरी तरफ से व्यक्ति बोला, “आप रुखसाना बोल रही हैं?”

“हां, मैं रुखसाना बोल रही हूं. आप कौन बोल रहे हैं? मैं ने पहचाना नहीं आप को.” रुखसाना ने कहा.

तब वह बोला, “मैं नजलू खान बोल रहा हूं. मुझे आप की आवाज बड़ी प्यारी लगती है.”

यह सुनते ही रुखसाना को गुस्सा आ गया. उस ने कहा, “बकवास मत करो और सुनो, दोबारा फोन भी मत करना.”

रुखसाना ने फोन काट दिया. सोचा कि कोई लफंगा है. एक बार डपटने के बाद दोबारा फोन नहीं करेगा. मगर यह उस की सोच तब गलत साबित हुई, जब 5 मिनट बाद उस का दोबारा फोन आ गया.

वह बोला, “मुझे तुम्हारी आवाज बहुत मीठी लगती है. मैं ने जब से तुम्हें देखा है और आवाज सुनी है. मैं तुम्हारा दीवाना हो गया हूं. लगता है मुझे तुम से प्यार हो गया है…”

सुन कर रुखसाना उस की बात बीच में काटते हुए बोली, “मैं तुम्हें जानती नहीं. फिर क्यों बारबार फोन कर रहे हो. दोबारा मुझे फोन मत करना. यही ठीक रहेगा तुम्हारे लिए.”

रुखसाना के संपर्क में आया नजलू खान

कहने के साथ ही रुखसाना ने फिर काल डिसकनेक्ट कर दी. मगर उस व्यक्ति का फोन जिस ने अपना नाम नजलू खान बताया था, दिन में कईकई बार रुखसाना के पास आने लगा. वह हमेशा उस की आवाज की तारीफ करता था. बोली बड़ी प्यारी लगती है. रुखसाना उस के दिन भर आने वाले फोन काल्स से तंग आ गई थी. मगर वह करती भी तो क्या.

नजलू खान (24 साल) निवासी गांव सूरवाल, जिला सवाई माधोपुर कामधंधे की तलाश में आज से करीब 4 साल पहले जयपुर आया था. उस ने शिकारपुरा रोड, सेक्टर-35 सांगानेर में किराए का कमरा लिया और रहने लगा. वह कुंवारा था और थोड़ा पढ़ालिखा भी. नजलू जयपुर आ कर कपड़े खरीदने और बेचने का काम करता था.

कपड़े के इस धंधे से उसे अच्छीखासी आमदनी होती थी. रुखसाना जब जयपुर आई थी, उन्हीं दिनों एक रोज नजलू की नजर रुखसाना पर पड़ी. तब वह उस की सुंदरता पर मर मिटा. नजलू ने पता किया कि यह महिला कौन है और कहां रहती है, नजलू ने उस के बारे में सारी बातें पता कर लीं.

उसे पता चला कि रुखसाना के पति की मौत हो चुकी है. उस के 4 बेटे हैं. वह अपने बच्चों के साथ मालपुरा गेट इलाके में किराए के कमरे में रहती है और सांगानेर की एक फैक्ट्री में नौकरी करती है. बस, उस के बाद नजलू ने उस फैक्ट्री से रुखसाना का मोबाइल नंबर जुटाया और उसे फोन कर उस की सुंदरता व मीठी बोली की तारीफ करने लगा.

बारबार अजनबी का फोन आने से रुखसाना को फैक्ट्री में परेशानी होने लगी. उस ने उसे डांटाफटकारा, लेकिन वह नहीं माना. आखिर में परेशान हो कर रुखसाना ने नजलू खान को पति की मौत और बच्चों के बारे में सब कुछ बता दिया, ताकि उस से पीछा छुड़ा सके. इस के बाद भी नजलू ने फोन करना बंद नहीं किया.

नजलू ने रुखसाना से कहा, “मैं तुम्हारे चारों बच्चों को अपनाऊंगा. तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को बहुत अच्छी तरह से रखूंगा.”

रुखसाना उस की बातों में आ गई. रुखसाना ने पति की मौत के बाद जो धक्के खाए थे, उस से उसे ऐसा लगा था कि बिना सहारे के एक औरत का जीवन बहुत कठिन है. नजलू उसे अच्छा लगा था. नजलू की मीठी बातों के जाल में रुखसाना फंस गई थी.

नजलू के साथ रहने लगी लिवइन रिलेशन में

रुखसाना ने तय कर लिया था कि वह नजलू के साथ रहेगी. वह उस के कमरे पर आनेजाने लगा. लव अफेयर के बाद रुखसाना और नजलू खान के बीच अवैध संबंध बन गए तो दोनों लिवइन में साथ रहने लगे. रुखसाना ने नजलू खान को अपना तनमन सब समर्पित कर दिया. नजलू से रुखसाना उम्र में भले ही 6 साल बड़ी थी, मगर वह नजलू को शारीरिक सुख दे कर जब तृप्त कर देती तो वह उस के आगेपीछे मंडराता रहता.

रुखसाना के नजलू के साथ लिवइन रिलेशन में रहने का पता जब मुन्नी को लगा, तब वह रुखसाना को समझाने लगी, “बेटी, तू गलत आदमी के साथ रह रही है. यह रिश्ता तोड़ डाल. मैं अपनी बिरादरी में अच्छा लडक़ा देख कर तेरा निकाह कर दूंगी. अगर तू निकाह करना चाहेगी तो. मगर ये रिश्ता तोड़ दे.”

सुन कर रुखसाना बोली, “अम्मी, ये बहुत भोला है. बहुत अच्छा है. इस से निकाह करूंगी तो मेरी और बच्चों की जिंदगी सुधर जाएगी.”

यह सुन कर मुन्नी कसमसा कर रह गई. मुन्नी ने नजलू को भी बहुत समझाया. मगर मुन्नी की बात न रुखसाना ने मानी और नजलू ने. नजलू ने रुखसाना पर ऐसा जादू किया था कि उस ने मां की एक नहीं सुनी और वह उस के साथ रहने लगी.

शुरू में नजलू काफी अच्छे से रहा. बच्चों के कपड़े धोता, खाना बना देता. रुखसाना फैक्ट्री में काम करने जाती तो पीछे बच्चों का ध्यान भी रखता था. बच्चों को मोबाइल तक ला कर दिया. रुखसाना यह सब देख कर नजलू के छलावे में आ गई.

एक साल तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उस के बाद नजलू का बरताव बदल गया. वह रुखसाना पर हाथ उठाने लगा. जब रुखसाना अपनी मां के घर जाती तो शरीर पर कई जगह नील के निशान दिखते थे. मां पूछती कि ये निशान कैसे हैं?

रुखसाना बात छिपा जाती और कुछ न कुछ बहाना कर देती. लेकिन मुन्नी पास बैठ कर रुखसाना का हाथ अपने सिर पर रखवा कर कसम दिलाती थी. तब रुखसाना सच बताती, वह रोते हुए बताती थी, “अम्मी, गलती हो गई. मैं ने नजलू को पहचानने में गलती कर दी.”

मां ने रुखसाना को नजलू से दूरी बनाने को कहा

रुखसाना ने मां को बताया कि नजलू ने एक रोज सिर पर भी वार किया था. रुखसाना का सिर फूट गया था, टांके आए थे. एक बार रुखसाना का हाथ भी फ्रैक्चर कर दिया, तब पट्टी करवानी पड़ी थी. मुन्नी ने थाने में रिपोर्ट भी कराई थी कि नजलू मेरी बेटी को मारता है. नजलू रुखसाना को धमकी भी देता था कि तेरे बच्चों और भाई को मार दूंगा. रुखसाना अब नजलू की मारपीट व बच्चों, भाई को मारने की धमकी से डरने लगी थी और चुपचाप लिवइन पार्टनर के जुल्म सहती रही.

मुन्नी ने रुखसाना से कहा कि वह नजलू को छोड़ दे. तब रुखसाना ने मां से कहा था, “मां, अगर मैं ने नजलू को छोड़ा और इस ने मेरे परिवार को कुछ कर दिया तो मैं कैसे जी पाऊंगी.”

तब मुन्नी ने नजलू को समझाया था. तेरी उम्र कम है, रुखसाना का पीछा छोड़ दे. उस के छोटेछोटे 4 बच्चे हैं. लेकिन वह पीछा छोडऩे को तैयार ही नहीं था.