
एल्विश के खिलाफ नोएडा सेक्टर-49 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48ए, 49, 50, 51 और भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 120बी (अपराध की साजिश में शामिल) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर में कहा गया है कि उस के द्वारा रेव पार्टी में जहरीले सांपों को लाया जाता था, साथ ही विदेशी लड़कियां भी इस पार्टी में शामिल होती थीं.
आईपीसी की धारा 120बी की बात की जाए तो इस के तहत 6 महीने की सजा या जुरमाना या दोनों हो सकते हैं. वहीं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की अलगअलग धाराओं के तहत दर्ज मामलों की बात करें तो इस में 3 साल तक की सजा हो सकती है और 10 हजार रुपए तक का जुरमाना लग सकता है. इस के अलावा आरोपी दूसरी बार भी ऐसा ही अपराध करेगा तो उसे 7 साल तक की सजा और 25 हजार रुपए तक जुरमाना लगाया जा सकता है.
पुलिस की भूमिका रही संदिग्ध
इस मामले को ले कर पुलिस की भूमिका भी कुछ कम संदिग्ध नहीं रही. उस की गिरफ्तारी को ले कर 3 राज्यों की पुलिस सक्रिय रही जरूर, लेकिन एल्विश भी अपनी पहुंच का फायदा उठा कर अपने बचाव के रास्ते निकालता रहा.
आखिर में यूपी और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को इस मामले में दखल देनी पड़ी. उस के बाद एल्विश को नोएडा पुलिस के सामने पेश किया जा सका. उस से 8 नवंबर की आधी रात को 3 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई.
आधी रात के करीब 2 बजे एल्विश यादव कोतवाली सेक्टर 20 पहुंचा था और वहां उस से पुलिस की टीम ने पूछताछ की. इस दौरान सांपों का जहर सप्लाई करने के मामले में कई सवाल पूछे गए. उसे 7 नवंबर को नोएडा पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था.
दोबारा पूछताछ करने की बात कह कर उसे छोड़ दिया गया, लेकिन गिरफ्तार आरोपी राहुल की रिमांड मिलने के बाद पुलिस एल्विश को उस के सामने बिठा कर पूछताछ करना चाहती है. इस मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड की सुनवाई कोर्ट में जारी की है और इस की पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है.
नोएडा पुलिस ने जिन 5 सपेरों को 9 सांपों के साथ गिरफ्तार किया था. इन के पास सांप रखने का कोई लाइसेंस भी नहीं मिला था. वन विभाग की तरफ से कुछ सांपों के लिए लाइसेंस भी दिया जाता है. पुलिस अब इस मामले में विधिक राय ले कर आगे की कार्यवाई कर रही है और इस के बाद ही अलग धाराएं जोड़ी जा सकती हैं.
सांप के जहर का नशा और असर
नशे के आदी हो चुके लोगों के बीच सांप के जहर वाली नशीली दवा का चलन अब तेजी से बढ़ा है. रेव पार्टियों में सांपों के जहर का इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है. इसे नशेड़ी मार्फीन और कोकीन जैसे ड्रग्स की तरह ही इसे इस्तेमाल करते हैं. हालांकि स्नेक वेनम ड्रग का इस्तेमाल आम लोगों की जानकारी से परे रहा है.
नैशनल इंस्टीट्यूट औफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक लोग मनोरंजन के लिए और अन्य नशीले पदार्थों के विकल्प के रूप में सांप और बिच्छू जैसे सरीसृपों के जहर का उपयोग करते रहे हैं. नैशनल लाइब्रेरी औफ मैडिसिन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में ऐसे कई ड्रग्स का चलन बढ़ रहा है, जो अल्कोहल एडिक्शन को बढ़ाते हैं. सांप का जहर भी इसी कैटेगरी में आता है. इन्हें सायकोएक्टिव पदार्थ कहते हैं. गांवों से लेकर शहरों तक इन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
कुछ साल पहले भारत में एक ऐसा भी मामला सामने आया था, जिस में 28 साल के एक युवा ने सांप का जहर पी लिया था. इस की शुरुआत अल्कोहल में सांप का जहर मिलाने से हुई थी. पहले उस ने शराब और जहर को मिला कर पीना शुरू किया, फिर एडिक्शन इतना बढ़ा कि उस ने सांप का जहर ही पी लिया.
जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस के लिए सांपों की कुछ खास प्रजातियों का इस्तेमाल किया जाता है. इस में नाजानाजा (कोबरा), औफियोड्रायस वर्नेलिस (ग्रीन स्नेक) और बंगेकरस केरिलियुस (क्रामन करैत) शामिल हैं. मुंबई और मंगलुरू समेत देश के कई शहरों में सांप के जहर के एडिक्शन के मामले सामने आ चुके हैं.
इंडियन जर्नल औफ फिजियोलौजी ऐंड फार्मेकोलौजी की रिपोर्ट के अनुसार कांटेदार पूंछ वाली छिपकलियों, जहरीले शहद, स्पैनिश मक्खियों और कैंथराइड्स की जली हुई लाशों का इस्तेमाल रेव पार्टियों में डोपिंग उद्देश्यों के लिए भी किया जाता है.
ज्यादातर लोग लंबे समय तक नशे में रहने के लिए रेव पार्टियों में सांप के जहर का सेवन करते हैं. सांप के जहर का नशा करने के लिए लोग आमतौर पर सांप को अपने होंठों के पास रख कर खुद को डसवाते हैं. लोग अपनी जीभ या कान के निचले हिस्से पर भी सांप से डसवाते हैं.
रेव पार्टियों में सामान्य ड्रग्स की एक गोली की कीमत 2 से 5 हजार के बीच होती है, वहीं सांप के जहर से बनी एक गोली की कीमत 25 हजार से भी ज्यादा होती है. जो लोग सांप के जहर का सेवन करते हैं वे पहले से ही विभिन्न मनोदैहिक पदार्थों का उपयोग कर रहे होते हैं.
अधिकांश लोग हर समय नशे में रहने के लिए सांप के जहर को पसंद करते हैं. जब जहर व्यक्ति के रक्त में मिल जाता है तो यह सेरोटोनिन, ब्रैडीकाइनिन, पेप्टाइड्स और प्रोस्टाग्लैंडिंस छोड़ता है, जिन का शामक प्रभाव होता है.
हालांकि सांप के जहर का मानव शरीर और मस्तिष्क पर कोई न्यूरोटौक्सिक प्रभाव नहीं होने का कोई स्पष्ठीकरण नहीं दिया गया है. सांप के काटने के बाद होने वाला मनोदैहिक प्रभाव हर व्यक्ति में अलगअलग होता है, लेकिन इस का प्रभाव मार्फीन के समान होता है. सांप के काटने के बाद लक्षणों में सुस्ती, धुंधली दृष्टि, चक्कर आना, उनींदापन, तीव्र निरंतर उत्तेजना और घबराहट आदि शामिल हैं.
सांप के जहर को सायकोएक्टिव ड्रग की कैटेगरी में रखा गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक, सायकोएक्टिव ड्रग सीधे दिमाग पर असर छोड़ते हैं. अल्कोहल और निकोटिन भी इसी कैटेगरी में आते हैं. कानूनी तौर पर इन का इस्तेमाल दवा निर्माण और रिसर्च के क्षेत्र में किया जाता है. बिना डाक्टरी सलाह या प्रिस्क्रिप्शन के इसे खरीदना या किसी को देना कई देशों में अपराध के दायरे में आता है.
इस तरह के ड्रग का इस्तेमाल सीधे तौर पर मौत का खतरा बढ़ाता है. डब्लूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह के ड्रग का इस्तेमाल मौत की वजह बनता है. 15 से 64 आयुवर्ग की दुनिया की 5.5 फीसदी (27 करोड़) आबादी ने पिछले साल ऐसे सायकोएक्टिव ड्रग का इस्तेमाल किया. इस में सालाना 5 लाख लोगों की मौत हो गई, जिस में साढ़े 3 लाख पुरुष और डेढ़ लाख महिलाएं थीं.
कौन हैं एल्विश यादव
यूट्यूबर से प्रसिद्धि पा कर बिगबौस ओटीटी बिगबौस-2 के विजेता बने एल्विश यादव कोई अपरिचित नाम नहीं है. उस की एक विशेष पहचान यूट्यूबर के साथसाथ एक वीडियोग्राफर या मनोरंजनकर्ता के रूप में भी है.
मूलरूप से हरियाणा के गुरुग्राम का रहने वाला एल्विश यादव 26 साल का (जन्म की तारीख 14 सितंबर, 1997) है. वह एक मशहूर स्ट्रीमर और गायक है. हालांकि उस के साथ कई विवाद भी जुड़े हुए हैं. उस के संबंध मनोरंजन जगत से ले कर राजनीतिक जगत से भी है.
अमीरजादे की जिंदगी जीने वाले स्टाइलिश एल्विश यादव की आमदनी यूट्यूब के अलावा दूसरे कई स्रोतों से भी होती है. कक्षा 1 से पहले उस का नाम सिद्धार्थ था, लेकिन उस की बड़ी बहन ने अनुरोध किया था कि उस का नाम एल्विश रखा जाए. अपनी बहन के अचानक निधन के बाद उस ने उस की इच्छा का सम्मान करने के लिए अपना नाम बदल कर एल्विश रख लिया.
एल्विश यादव के सितारे अचानक तब बुलंद हो गए थे, जब उस ने बिगबौस ओटीटी 2 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की थी. अभिषेक मल्हान, मनीषा रानी, बेबिका धुर्वे और पूजा भट्ट के साथ 5 प्रतियोगियों में एक था. शो में आते ही वह छा गया था. घर घर में फेमस हो गया था. विनर बन कर तो उस ने इतिहास रच दिया था.
एल्विश ने 2016 में अपना यूट्यूब चैनल बनाया था और तब से वह फेमस होता चला गया. उस के देश भर में डेढ़ करोड़ से ज्यादा फालोअर्स हैं. उस के यूट्यूब पर 14 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. वह लगभग 7.5 मिलियन सब्सक्राइबर्स के साथ एक और चैनल, एल्विश यादव व्लौग्स चलाता है. 16 मिलियन से ज्यादा फालोअर्स के साथ यादव की इंस्टाग्राम पर भी फैन फालोइंग है. एल्विश सेलेब्स की रोस्टिंग वीडियो बना कर सब से ज्यादा फेमस हुआ था.
करोड़ों के मालिक एल्विश के पास हरियाणा के गुरुग्राम में 14 करोड़ की कीमत का चारमंजिला आलीशान घर है. उस के पास तमाम लग्जरी कारें हैं जिन में पोर्श, हुंडई और फौर्च्युनर जैसी अनेक गाड़ियां शामिल हैं. हाल ही में एल्विश ने दुबई में भी करोड़ों का घर खरीदा है. यूट्यूबर ने अपने दुबई के घर का होम टूर भी कराया था.
एक अनुमान के मुताबिक उस की मासिक कमाई करीब 10-15 लाख रुपए और नेटवर्थ करीब 40 करोड़ रुपए बताई जाती है. उस के 2 यूट्यूब चैनल हैं. इन के अलावा वह कपड़ों के ब्रांड सिस्टम क्लोदिंग का मालिक है. वह अपने पापा राम अवतार सिंह यादव और मम्मी सुषमा यादव के साथ गुरुग्राम में ही रहता है.
विवादों में रहे हैं एल्विश यादव
वन्य जीव अधिनियम के तहत केस दर्ज होने के बाद उस पर सांपों की तस्करी, उन का जहर सप्लाई करने और गैरकानूनी रेव पार्टी का नया विवाद जुड़ गया है. हालांकि इन आरोपों को एल्विश यादव ने निराधार बताया है. इस से पहले भी उस का नाम कई विवादों में शामिल रहा है.
गमला चोरी केस से ले कर उस का नाम अभिनेता सलमान खान को रोस्ट करने तक के मामले को ले कर विवाद में आ चुका है. इतना ही नहीं, उस पर कई बार सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिकता फैलाने के आरोप लग चुके हैं.
सोशल मीडिया पर 2023 मार्च की शुरुआत में एक वीडियो खूब वायरल हुआ था, जिस में एक एसयूवी कार से कुछ लोग जी20 के लिए लगाए गए गमलों को दिल्लीगुड़गांव हाईवे के शंकर चौक से चुराते हुए दिखे थे. इस कार पर वीआईपी नंबर प्लेट लगी हुई थी, जिस के बाद सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जाने लगा कि जिस कार से गमले चोरी किए गए, वह एल्विश यादव की थी या एल्विश उसे इस्तेमाल करता था.
एल्विश ने इन आरोपों से साफ इंकार कर दिया था, जिस के बाद हरियाणा पुलिस ने इस मामले में मनमोहन यादव नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था.
साल 2019 में एल्विश ने सलमान खान पर एक बड़ा रोस्ट वीडियो बनाया था, जिस में उस ने कहा था कि पूरी बौलीवुड इंडस्ट्री सलमान खान से डरती है. जब उस ने विवेक ओबेराय का करिअर खा लिया तो कोई सपोर्ट में नहीं आया. सलमान ने इंडस्ट्री में सिर्फ महिलाओं को लांच किया है. वह जरूरतमंदों की मदद करने वाला अभिनेता है और उन पर अपनी कार भी चढ़ाता है. उस पर हिट ऐंड रन और काले हिरण का केस चल रहा है और वह अभी भी खुलेआम घूम रहा है. वह सूरज पंचोली जैसे अन्य अपराधियों की भी मदद करता है.
इस के साथ उस ने यह भी दावा किया था कि उसे साल 2019 में बिगबौस का औफर मिला था, लेकिन औडिशन राउंड पास करने के बावजूद उस ने इसे नहीं किया. हालांकि, बिगबौस ओटीटी 2 में सलमान खान ने एल्विश को अच्छे से लताड़ लगाई थी. एल्विश यादव की तरह ध्रुव राठी भी यूट्यूबर है. ट्विटर (अब एक्स) पर अपनीअपनी आइडियोलौजी को ले कर दोनों के बीच जम कर विवाद हो चुका है.
एल्विश यादव ने ध्रुव राठी को एक्सपोज करते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिस में उस ने ध्रुव को सरकार के खिलाफ उस की क्रिटिकल अप्रोच को ले कर फटकार लगाई थी. इस के साथ उस ने ध्रुव राठी पर उस के फालोअर्स को बरगलाने का भी आरोप लगाया था.
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एल्विश यादव के खिलाफ 2021 में एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायत में स्वरा ने यूट्यूबर पर उस की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था. स्वरा का कहना था कि यूट्यूबर ने न सिर्फ फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ के सीन को ले कर उन की इमेज खराब करने की कोशिश की, बल्कि सोशल मीडिया पर उस के खिलाफ आपत्तिजनक हैशटैग भी ट्रेंड कराए.
यहां पर आप को बता दें कि एक समय पर एल्विश यादव ने लक्ष्य चौधरी के साथ मिल कर कुशा कपिला और अन्य फेमस यूट्यूबर को रोस्ट किया था.
स्नेक वेनम ड्रग सप्लाई का आरोप
रेव पार्टीज में स्नेक वेनम ड्रग इस्तेमाल को ले कर बुरे फंसे एल्विश पर लगातार शिकंजा कसता चला गया. उस पर और उस के 5 साथियों पर सांप की तस्करी के आरोप लगे हैं. उस के गैंग से 20 मिलीलीटर सांप का जहर, 9 जहरीले सांप बरामद हुए हैं. आरोप है कि इन का इस्लेमाल रेव पार्टी के दौरान एल्विश ने किया है. एफआईआर के मुताबिक उन के पास से 5 कोबरा, एक अजगर और एक दोमुंहा सांप, एक रैट स्नेक बरामद किया गया.
एल्विश यादव के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किए गए हैं. वन्य जीवन कानून के अनुसार किंग कोबरा, मोनोकल्ड कोबरा, स्पेक्टैकल्ड कोबरा और रसेल वाइपर जैसे जहरीले सांप वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची 2 में रखे गए हैं.
ऐसे सांपों को पालना या उन का जहर निकालना, उन के खिलाफ क्रूरता है, जिस के लिए कठिन से कठिन सजा मिल सकती है. ऐसे सांपों से छेड़छाड़ करने पर अधिकतम 3 से 7 साल की कैद हो सकती है. आर्थिक दंड भी एक हजार रुपए तक लगाया जा सकता है. यह राशि बढ़ाई भी जा सकती है.
रैट स्नेक और चेकर्ड कीलबैक और औलिव कीलबैक जैसे पानी वाले सांपों को भी अनुसूची 2 के तहत वर्गीकृत किया गया है. अगर इन्हें पाला जाता है, चोट पहुंचाई जाती है या इन्हें खतरे में डाला जाता है तो 10 हजार रुपए का जुरमाना या 7 साल तक की कैद हो सकती है.
पिछले दिनों सोशल मीडिया में प्रतिबंधित सांप के साथ एक वीडियो वायरल हो गया था. वीडियो में हरियाणा का बहुचर्चित रैपर एल्विश यादव नजर आ रहा था. वह ओटीटी बिगबौस 2 का विजेता रहा है. उस के गानों को ले कर लोकप्रियता युवाओं में जबरदस्त बनी हुई है. साथ ही वह सिनेमा और टेलीविजन के सितारों को ले कर अकसर विवादों में भी रहा है. इस की खबर ज्यों ही पीपुल्स फार एनिमल्स (पीएफए) को मिली, उस के कान खड़े हो गई. संस्था की टीम चौकन्नी हो गई.
दरअसल, संस्था को इस की संस्थापक पूर्व भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुकीं मेनका गांधी की सख्त हिदायत रही है कि किसी भी एनिमल पर अत्याचार या अनैतिक ढंग से इस्तेमाल करने की कहीं से भी कोई शिकायत मिले, इसे रोकने की पहल के साथसाथ स्थानीय थाने में इस की तुरंत शिकायत की जानी चाहिए.
प्रतिबंधित एनिमल सांप के दुरुपयोग की सूचना मिलते ही पीएफए की टीम ने 15 अक्तूबर, 2023 को गुरुग्राम पुलिस के आयुक्त से शहर के मशहूर रैपर एल्विश समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत कर दी.
शिकायत में पीएफए के अधिकारी सौरभ गुप्ता ने बताया कि एल्विश यादव ने अपने साथियों के साथ मिल कर गुरुग्राम में 25 मिनट का एक वीडियो बनाया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. इसे उन के 16 मिलियन से अधिक फालोअर देख चुके हैं. इस शिकायत के बावजूद 2 हफ्ते से अधिक दिनों तक पुलिस द्वारा कोई ऐक्शन नहीं लिया गया. इस संदर्भ में किसी भी तरह की कार्यवाई नहीं की गई. इसे देखते हुए पीएफए ने नए सिरे से पहल की.
सौरभ गुप्ता ने एक बार फिर नोएडा सेक्टर-49 थाने की पुलिस से संपर्क किया. इस शिकायत के साथ एफआईआर दर्ज करवाई कि उसे यूट्यूबर एल्विश यादव और उस के साथियों के द्वारा जिंदा सांपों के साथ दिल्ली एनसीआर के फार्महाउस में वीडियो शूट करवाने की सूचना मिली है.
वह गैरकानूनी रूप से पार्टियों में इन सांपों और उन के जहर का भी इस्तेमाल करता है. गुप्ता ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि एल्विश यादव की रेव पटियां होती थीं, जिस में विदेशी लड़कियों की भी भरमार रहती थी. इन पार्टियों में विदेशी लड़कियों को बुला कर स्नेक वेनम और दूसरे ड्रग्स का सेवन किया जाता था.
बताया जाता है कि यह शिकायत एनजीओ पीएफए ने जुटाए गए तथ्यों के आधार पर की थी. उस के एक मुखबिर ने एल्विश यादव से संपर्क कर नोएडा में रेव पार्टी करने व सांपों और कोबरा वेनम का इंतजाम करने के लिए कहा था. जिस पर उस ने अपने एजेंट का नाम बताया था. उस का मोबाइल नंबर देते हुए कहा था कि इस से उस का नाम ले कर बात कर लें.
मुखबिर ने उस कथित एजेंट से एल्विश यादव का नाम लेकर बात की तो वह पार्टी करने को तैयार हो गया. उस ने कहा कि आप जहां कहें, मैं सांपों के साथ अपने साथियों को ले कर आ जाऊंगा. इस तरह से एल्विश नोएडा 51 के सेवरोन बैंक्विट हौल में आने को तैयार हो गया.
इस जानकारी के आधार पर ही इस की सूचना नोएडा के जिला वन अधिकारी (डीएफओ) को दी गई. नोएडा पुलिस ने वन विभाग के सहयोग से जाल बिछा दिया. पहले से तय समय के मुताबिक 3 नवंबर, 2023 को सांपों के साथ सपेरे सेवरोन बैंक्वेट हाल पहुंच गए. वहां पहले से मौजूद ग्राहकों ने सांपों को देखने की इच्छा जताई. सपेरों ने जैसे ही सांप दिखाए, वैसे ही वहां पुलिस भी पहुंच गई और उन्हें सबूत के साथ रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया गया.
उन की पहचान दिल्ली के टीटूनाथ, राहुल, जयकरन, नारायण और रविनाथ के रूप में हुई. उन्होंने ही पूछताछ में एल्विश यादव का नाम लिया और आरोप लगा दिया कि वह उस के कहने पर ही रेव पार्टी में सांप और सांप का जहर लाते थे.
पुलिस को मिला एक महत्त्वपूर्ण औडियो
उस के बाद ही नोएडा पुलिस ने एनजीओ की शिकायत पर सांप मामले में एल्विश यादव को भी आरोपी बना लिया. साथ ही एल्विश यादव के खिलाफ इस आधार पर नामजद एफआईआर कर दी गई. बाद में इस मामले को नोएडा के सेक्टर-20 थाने में ट्रांसफर कर दिया गया. इस की जांच इंसपेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी को सौंप दी गई.
गिरफ्तारों में दिल्ली के मोलड़बंद के रहने वाले राहुल ने दावा किया कि वह एल्विश यादव के कहने पर सांपों की सप्लाई करता था. पुलिस को जांच में उस के कई आडियो भी मिले, जिस में राहुल और किसी एनजीओ कर्मी से फोन पर बातचीत थी. यह बातचीत राहुल यादव और पीएफए टीम के मेंबर के बीच हुई थी. पीएफए ने कई सवाल किए थे, जिन के जवाब से पुलिस ने अनुमान लगाया कि एल्विश यादव की पार्टी में आखिर क्या होता था? बातचीत कुछ इस तरह हुई थी
“;…आप मुझे न, 1-2 वीडियो एल्विश भाई के भी भेज देना, जो शो किया होगा उस के. आप ने वो शो तो बहुत बढ़िया किया होगा.”
पीएफए मेंबर की रिक्वेस्ट पर राहुल यादव बोला, “;वो प्रोग्राम तो मैं ने किया था, लेकिन मैं बंदों को छोड़ कर वापस आ गया था. वहां पर विदेशी ही थे सारे. वो किसी विदेशी की बर्थडे पार्टी थी.”
“;नोएडा में पार्टी थी या दिल्ली में?” पीएफए मेंबर ने सवाल किया.
“;नहीं, नहीं… छतरपुर फार्महाउस में पार्टी थी, दिल्ली में.” राहुल बोला.
“;नोएडा में भी तो हुई थी पार्टी, वो क्या कहते हैं रेव पार्टी…” पीएफए मेंबर ने पार्टी के बारे में और अधिक बातें जाननी चाही.
“;हांहां, वो क्या है न कि प्रोग्राम करने वाले लड़के छोड़ कर आया था, मैं वीडियो नहीं बना पाया था. इस टाइप का प्रोग्राम मेरे से ऊपर कोई करता नहीं है.” राहुल बोला.
“;हूं..” पीएफए मेंबर धीमी आवाज में बोला.
“;दिल्ली में बहुत चैकिंग होती है, इसलिए थोड़ा संभल कर रहना होता है. हमारे पास हर तरह का सांप है. सब का जहर निकाल दिया है, खतरे की कोई बात नहीं है. हमारे पास अजगर, ब्लैक कोबरा, स्माल कोबरा, घोड़ा पछाड़ होगा, पदम नाग होगा.” राहुल बोला.
“;तुम जो एल्विश के यहां करते हो वहां कैसे ले जाते हो?” पीएफए मेंबर ने सवाल किया.
“;वहां पर क्या है, उन का प्रोग्राम रहता है विदेशियों वाला, जो उन का बुक करता है. उन का कौंटेक्ट भी तो कितना बड़ा है. उन के (एल्विश) वहां तो पुलिस वाले भी नहीं आते न. जब हम प्रोग्राम करने जाते हैं छतरपुर में, वहां सब को पता होता है कि उन के फार्महाउस में प्रोग्राम हो रहा है. लेकिन हां, ज्यादा देर नहीं होता, सिर्फ आधा घंटा. उस के बाद सब से पहले हमारी टीम को वो वहां से निकालते हैं. इन चीजों का रिस्क वो भी नहीं पालते हैं.” राहुल ने हिदायत के साथसाथ पार्टी के बारे में संक्षिप्त जानकारी भी दे दी थी.
इसी जानकारी को सबूत बना कर पीएफए ने एल्विश यादव के खिलाफ कार्यवाई की थी.