Crime News: मौडर्न आर्ट से नाम कमाने वाले चिंतन उपाध्याय ने एक नायक बन कर हेमा हिरानी से प्यार ही नहीं किया, जीवनसाथी भी बनाया. लेकिन जब उन के प्यार में दरार आई तो चिंतन को खलनायक बनते देर नहीं लगी.
21 नवंबर को जयपुर के जवाहर कला केंद्र में जयपुर आर्ट समिट की शुरुआत हुई. समिट के पहले दिन गाय की डमी को एक बैलून के सहारे आसमान में लटकाया गया था. गाय की डमी वाली यह कलाकृति सिद्धार्थ करवाल की थी. जिस समय यह समिट शुरू हुआ था, उस समय देश भर में बीफ को ले कर काफी विवाद चल रहा था. पीपुल फार एनीमल संस्था के संयोजक सूरज सोनी तमाम कार्यकर्ताओं के साथ समिट में पहुंचे और गाय की उस कलाकृति को ले कर हंगामा करने लगे. सूचना मिलने पर थाना बजाजनगर की पुलिस ने वहां जा कर कलाकृति को उतरवा लिया.
पुलिस को हंगामा करने वालों पर काररवाई करनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने इस के बजाय कलाकारों से ही धक्कामुक्की नहीं की, बल्कि एक कलाकार अनीश अहलूवालिया के तो बाल तक पकड़ कर खींचे. जबकि कलाकार सिद्धार्थ करवाल, जिस की कलाकृति पर यह हंगामा हुआ था, उन का कहना था कि हम ने तो गाय की पीड़ा को दर्शाया है. आज धरती पर गाय को न कच्ची जमीन मुहैया है, न ही चारा. जब तक गाय दूध देती है, तब तक लोग उसे खिलाते हैं, उस के बाद खुला छोड़ देते हैं. हम ने अपनी कलाकृति के माध्यम से यह जताना चाहा है कि अगर यही हालात रहे तो आगे चल कर गाय जमीन छोड़ कर आसमान में रहना पसंद करेगी. हालात बदलने के लिए मैं ने यह बात अपनी कला के माध्यम से कहने की कोशिश की है.






