Honey Trap Crime. जिन के पास पैसे नहीं हैं,  उन में पैसे कमाने की  हवस बढ़ रही है तो जिन के पास पैसे हैं, उन में   शराब और शबाब का  शौक बढ़ रहा है. वे पैसे वालों को शराब और शबाब का लालच दे कर जाल में फांसते हैं और उन से मोटी रकम ऐंठते हैं. आज इस धंधे में प्रतिष्ठित  लोग भी जुड़ गए हैं.

‘‘है  लो, कैन आई टौक टू रवनीत मैम?’’ मोबाइल फोन पर किसी पुरुष की रौबदार आवाज उभरी. ‘‘यस, आफकोर्स.’’ दूसरी ओर से किसी युवती ने खनकती आवाज में पूछा.

‘‘मैम, मैं जयपुर से आया हूं, मेरा नाम करण है... करण शर्मा...’’ उसी रौबदार आवाज में पुरुष ने कहा, ‘‘दरअसल, मैं जयपुर में एक मीडिया हाउस में काम करता हूं. मेरे दोस्त ने रवनीत मैम का नंबर दिया था, इसीलिए फोन किया है.’’

‘‘यस, आई एम रवनीत स्पीकिंग.’’ उसी खनकती आवाज में युवती ने कहा. ‘‘मैम, मैं आप के कोचिंग सैंटर में अपने बेटे का एडमिशन कराना चाहता हूं, इसलिए आप से मिलना चाहता हूं.’’ करण ने फोन करने का मकसद बताया.

‘‘यस, आप कोटा आएं तो सीधे कोचिंग सैंटर आ जाएं, मुलाकात हो जाएगी.’’ युवती ने कहा. ‘‘मैम, मैं आज जयपुर से इसी काम के लिए कोटा आया हूं, आप कहें तो मैं आ जाऊं?’’ करण ने गुजारिश करने वाले अंदाज में कहा.

‘‘ठीक है, अभी एक बजा है, आप ऐसा कीजिए, 2 बजे तक आ जाइए. इतनी देर में मैं लंच कर लेती हूं.’’ रवनीत ने कहा. ‘‘ओके मैम.’’ करण ने कहा.

यह 4 जनवरी, 2017 की बात है. रवनीत कोटा के एक नामी कोचिंग इंस्टीट्यूट में पब्लिक रिलेशन (पीआर) का काम करती थी. इस इंस्टीट्यूट में आईआईटी-जेईई आदि परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती थी.

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