Merchant Navy Fraud. हरिदत्त शर्मा ने एकलौते बेटे प्रदीप शर्मा का मर्चेंट नेवी में कैरियर बनाने के लिए अपना घर तक बेच दिया. एक संस्थान ने नौकरी के लिए उसे विदेश भेजा तो वहां एक शिप में उस से हाड़तोड़ मजदूरी कराई गई. उन्होंने बेटे को भारत बुलाने की मांग की तो मिली उस की लाश.
बुराड़ी के मदर टेरेसा पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल पास करने के बाद प्रदीप शर्मा ने उसी स्कूल में 11वीं में दाखिला लेने के साथ ही वह इस तलाश में भी लग गया कि कोई छोटामोटा ऐसा कोर्स कर ले, जिस से उसे कोई ठीकठाक नौकरी मिल जाए. क्योंकि उसे पता था कि उस के पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह उसे उच्चशिक्षा दिला सकेंगे.
प्रदीप साइबर कैफे जा कर इंटरनेट पर भी सर्च करता और अखबारों में आने वाले विज्ञापन भी देखता. इंटरनेट पर ही उस ने इंस्टीट्यूट औफ प्रोफेशनल स्टडीज ऐंड रिसर्च (आईपीएसआर) मेरिटाइम का विज्ञापन देखा. यह संस्थान मर्चेंट नेवी में काम करने के इच्छुक युवाओं को उच्च क्वालिटी की कोचिंग और प्रशिक्षण दिलाता था. यही नहीं, यह इंस्टीट्यूट कोर्स करने वाले युवाओं को प्लेसमेंट में भी मदद करता था.
https://youtube.com/shorts/Cmo_2PVLUPA?si=blrgo75T5aUXUJjx
प्रदीप शर्मा को मर्चेंट नेवी का क्षेत्र अच्छा लगा. इस में वेतन तो अच्छा मिलता ही है, सुविधाएं भी अच्छी होती हैं और विदेश में घूमने का मौका मिलता है. उस ने घर आ कर अपने पिता हरिदत्त शर्मा से बात की. प्रदीप उन का एकलौता बेटा था. इसलिए वह उस के सुनहरे भविष्य के लिए कुछ भी कर सकते थे. उन्होंने इंस्टीट्यूट जा कर खर्च के बारे में पता लगाने के लिए कह दिया.






