Surat Safe Vault Theft. सूरत में अलगअलग जगहों पर महेश दियोरा के सेफ वौल्ट की 4 शाखाएं थीं. इन शाखाओं के लौकर्स में लोग अपनी ज्वैलरी व महत्त्वपूर्ण कागजात रखते थे. इन सेफ वौल्ट का संचालन महेश दियोरा अपने दोनों बेटों के साथ करता था. एक दिन महेश दियोरा ने अपने दोनों बेटों की मदद से कुछ लौकर्स से लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपए की ज्वैलरी निकाल ली. आखिर ये लोग क्यों बने अपने ही लौकर्स के लुटेरे?

सूरत शहर हीरे और कपड़ा, उस में खासकर साड़ी उद्योग की चमक से जगमगाता महानगर है. यहां करोड़ों रुपए का सोना और हीरा रखने वाले लोग बैंकों से अधिक भरोसा निजी सेफ वौल्ट पर करते हैं. इन्हीं भरोसेमंद नामों में एक था 'नक्षत्र सेफ वौल्ट’.

सूरत में इस की 4 शाखाएं थीं, 2 महिधरपुरा में, एक वराछा में और एक सिंगणपोर काजवे रोड पर. हजारों लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई, शादीब्याह के गहने और पारिवारिक विरासत इन के यहां लौकरों में सुरक्षित रख छोड़ी थी.

इन के यहां लौकरों में सामान रखने वालों ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस व्यक्ति को वे अपने खजाने का रखवाला समझ रहे हैं, वही एक दिन सारा माल लूट लेगा.

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एक रोज सवेरेसवेरे डभोली रोड पर रहने वाले जानेमाने बिल्डर रमेशभाई जीवराजभाई वाघाणी अपनी पत्नी के साथ सिंगणपोर स्थित नक्षत्र सेफ वौल्ट पहुंचे, क्योंकि उसी रोज सवेरे उन की पत्नी ने कहा था, ''2 महीने बाद भतीजी की शादी है. चलो, आज सारे गहने निकाल लाते हैं, क्योंकि आज आप खाली हो. फिर पता नहीं आप को कब फुरसत मिले.’’

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