UP News: खुद को उत्तर प्रदेश का 'शो-विंडो’ कहने वाला गौतमबुद्धनगर (नोएडा) आपदा के समय कितना असहाय है, युवराज मेहता की मौत ने ये साबित कर दिया. करीब 2 घंटे तक रेस्क्यू मिशन के नाम पर चले ड्रामे के दौरान न तो जिला प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही नोएडा प्राधिकरण का. पुलिस, एनडीआरएफ और दमकल विभाग के जो कर्मचारी मौके पर पहुंचे भी, वे सिर्फ तमाशबीन बने रहे और बल्कि उन की लापरवाही ने इंजीनियर की मौत को ऐसा लाइव शो बना दिया कि...
गलगोटिया कालेज से 2022 में बीटेक की पढ़ाई करने वाले 27 साल के युवराज मेहता मूलरूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले थे. वह पढ़ाई में शुरू से ही अच्छे थे. पढ़ाई के बाद युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित डनहमबी कंपनी में सौफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे. डनहमबी एक जानीमानी डेटा साइंस और कस्टमर एनालिटिक्स कंपनी है, जो दुनिया भर में रिटेल और टेक्नोलौजी सेक्टर में काम करती है.
युवराज की मम्मी का 2 साल पहले देहांत हो गया था. युवराज की बहन ब्रिटेन में रहती हैं. वह भी शादी के बाद ब्रिटेन में ही जा कर बसने की योजना बना रहे थे. उन के पिता राजकुमार मेहता भी एक कंपनी में नौकरी करते थे. नौकरी लगने के बाद युवराज पहले वह गाजियाबाद में रहते थे. वहां से वह रोजाना मेट्रो के जरिए गुरुग्राम स्थित अपने औफिस आतेजाते थे. मेट्रो कनेक्टिविटी होने की वजह से उन का सफर आसान था, लेकिन नवंबर 2024 में वह ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में आ कर रहने लगे.






