Agra News: एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिस ने इंसानियत, भरोसे और प्यार तीनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है. जहां निजी कंपनी में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत एक युवती की इतनी नृशंस हत्या की गई कि उसे सुनकर रूह कांप उठे. यह कोई साधारण मर्डर नहीं, बल्कि विश्वास की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश थी. चलिए जानते हैं इस घटना को विस्तार से

यह सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आया है. यहां विनय सिंह नाम के युवक ने अपनी ही सहकर्मी मिंकी शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए उस के फेमिली वालों के साथ मिलकर उस की तलाश करता रहा. आरोपी ने ऐसा खौफनाक नाटक रचा कि किसी को उस पर तनिक भी शक तक नहीं हुआ.

इस हत्याकांड का परदाफाश तब हुआ, जब पुलिस ने इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में जो संदिग्ध नजर आया, वह कोई और नहीं बल्कि वही युवक विनय सिंह था, जो फेमिली वालों के साथ रहकर मिंकी को ढूंढने का नाटक कर रहा था. मिंकी एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर थी. औफिस के काम के बहाने आरोपी का उस के घर आनाजाना बढ़ गया था.

पूछताछ में विनय ने कुबूल किया कि वह मिंकी से शादी करना चाहता था, लेकिन उसे शक था कि मिंकी किसी और से बात करती है. यही शक धीरेधीरे उस के लिए जुनून और फिर खूनी साजिश में बदल गया.

आरोपी के मुताबिक, विवाद के दौरान उस ने चाकू से मिंकी का गला रेत दिया और बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए उस का सिर धड़ से अलग कर दिया. पूछताछ में उस ने जो कहानी बताई, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए. उस की ठंडे दिल से की गई योजना साफ बताती है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ की गई थी.

मृतका के भाई दीपक के अनुसार, मिंकी 23 जनवरी, 2026 को दोपहर करीब 2 बजे घर से निकली थी. उस ने बताया था कि औफिस के काम से बाहर जाना है और वह शादी के कार्ड भी साथ ले गई थी. रात 8 बजे तक जब वह घर नहीं लौटी और फोन भी बंद मिला तो फेमिली वाले चिंतित हो गए. उन्होंने मिंकी के सहकर्मी विनय से संपर्क किया, जिसने दावा किया कि मिंकी उस दिन औफिस आई ही नहीं थी.

हैरानी की बात यह रही कि रात करीब साढ़े 11 बजे वही विनय उन के घर पहुंच गया और मिंकी को ढूंढने में परिवार की मदद करने लगा जबकि तब तक वह उस की हत्या कर चुका था. फेमिली वाले उस के साथ संजय प्लेस स्थित औफिस पहुंचे, फिर कुरिअर कंपनी और अस्पतालों में भटकते रहे.

इस दौरान विनय का भाई भी तलाश में शामिल हो गया. रात करीब 3 बजे के बाद विनय वहां से चला गया. उस के व्यवहार से किसी को जरा भी शक तक नहीं हुआ. अगली सुबह करीब 10 बजे विनय खुद ट्रांस यमुना थाने पहुंचा और मिंकी की गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन उसी रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ के बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई.

23 जनवरी की रात करीब एक बजे, आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र स्थित जवाहर पुल के पास एक बोरे में बंद युवती का सिर कटा शव मिला. बाद में उस की पहचान पार्वती विहार, टेढ़ी बगिया निवासी 25 वर्षीय मिंकी शर्मा के रूप में हुई. वह संजय प्लेस स्थित मारुति प्लाजा की छठवीं मंजिल पर एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रोंगटे खड़े कर दिए. मिंकी के सीने, पेट, हाथ और पैरों पर गंभीर चोटों के निशान थे, जो इस बात का सबूत थे कि उस ने आखिरी सांस तक खुद को बचाने की कोशिश की. अत्यधिक खून बहने से उस की मौत हुई. आरोपी ने उस के पैरों को काटने की भी कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो सका. शव को बोरे में डालने के लिए उस के पैर मोड़े गए और सिर अलग कर दिया गया.

आगरा सिटी के डीसीपी अली अब्बास ने बताया कि बंद बोरे में मिले शव की शिनाख्त मिंकी शर्मा के रूप में हुई. जांच में विनय सिंह का नाम सामने आया. हिरासत में ले कर उस से पूछताछ की गई तो उस ने हत्या की बात कुबूल कर ली. आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. Agra News

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