Suspense Love Story: उद्योगपति का बेटा अंकुर सोच भी नहीं सकता था कि उसे प्यार करने वाली, उस पर जान छिड़कने वाली शमा का एक दूसरा रूप भी है. यह रहस्य तब खुला जब एक दिन भूलवश शमा का मोबाइल उस की गाड़ी में रह गया. फिर तो मोबाइल के वाट्सअप से ऐसे राज खुले कि...

आधी रात हो जाने के बाद भी अंकुर की आंखों में नींद नहीं थी. शाम की घटना ने उसे इस कदर बेचैन कर दिया था कि वह सो नहीं पा रहा था. उसे विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि कोई लड़की इस तरह का छलावा भी कर सकती है? शमा केवल उस की दोस्त ही नहीं थी बल्कि वह उसे अपनी जीवनसंगिनी बनाना चाहता था. जबकि वह दोस्ती और प्यार का खेल इस तरह खेल रही थी कि अंकुर विश्वास ही नहीं कर पा रहा था. रविवार का दिन था, दोनों ने एक दिन पहले ही तय कर लिया था कि रविवार को मल्टीप्लेक्स सिनेमा घर में मूवी देखेंगे. शमा आटो में बैठ कर थिएटर पहुंच गई थी. अंकुर पहले से ही 2 टिकट ले कर उस का इंतजार कर रहा था.

‘‘हाय शमा.’’ कहते हुए अंकुर ने अपने पर्स से पैसे निकाल कर आटो वाले को दिए. पर्स जेब में रखते हुए वह मुड़ा तो शमा चहकी, ‘‘मैं लेट तो नहीं हुई अंकुर?’

‘‘अरे नहीं, बिलकुल सही टाइम पर आई हो.’’

‘‘चलो चलते हैं.’’ शमा ने अंकुर का हाथ थामते हुए कहा.

‘‘हांहां चलो.’’ कहते हुए अंकुर शमा के साथ थिएटर में चला गया.

शमा जब कभी आटो पर आती थी तो किराया अंकुर ही देता था. अगर कभी वह मैट्रो में आती थी तो अंकुर स्टेशन के बाहर कार में उस का इंतजार करते हुए मिलता था. शमा एक बड़े पब्लिक स्कूल में अध्यापिका थी. उस का ताल्लुक एक मध्यमवर्गीय परिवार से था. जबकि अंकुर एक रईस परिवार का बेटा था. शमा उसे बहुत ही संस्कारवान, पढ़ीलिखी और समझदार लड़की जान पड़ती थी. उसे लगता था कि वह उस की जीवनसंगिनी बनने के योग्य है. अंकुर की यह धारणा पिछले 2 सालों से बनी हुई थी.

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