Pathankot Attack: पाक आतंकियों द्वारा भारत में घुसपैठ कर के आतंकी हमले करना कोई नई बात नहीं है. पठानकोट एयरबेस का हमला भी पाक आतंकियों की सोचीसमझी रणनीति थी. इस हमले में भारत के 7 जवान शहीद हुए, लेकिन राहत की बात यह है कि पहली बार पाकिस्तान अपने यहां बैठे आतंकियों के आकाओं के विरुद्ध काररवाई करने की बात कर रहा है. पर क्या ऐसा होगा?

किसी निहायत सनसनीखेज कांड को अंजाम देने की भूमिका तभी सामने आ गई थी, जब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 29 दिसंबर, 2015 को एयरफोर्स के बर्खास्त नान कमीशंड औफिसर रंजीत के.के. को पंजाब के बठिंडा से गिरफ्तार किया था. उस पर पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध कराने का आरोप था.

दरअसल, बठिंडा में तैनात रंजीत को एक अज्ञात महिला ने सोशल साइट फेसबुक पर जाल में फांस कर एयरफोर्स की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली थी. दिल्ली पुलिस की इस काररवाई से पंजाब पुलिस पूरी तरह अनजान थी. जांच से जुड़े दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के बताए अनुसार, जासूसी रैकेट में अब तक सेना और बीएसएफ के एकएक जवान और एक पूर्वसैनिक सहित 5 लोग गिरफ्तार किए जा चुके थे. दिल्ली पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रही थी, ताकि षडयंत्रकारियों की जड़ तक पहुंच सके.

24 वर्षीय रंजीत केरल के मलप्पुरम जिले का रहने वाला था. उस ने सन 2010 में इंडियन एयरफोर्स जौइन की थी. सन 2013 में उसे अपने फेसबुक एकाउंट पर दामिनी मैकनोट के नाम से एक महिला की फ्रैंडशिप रिक्वेस्ट मिली थी, जिसे उस ने खुशी से स्वीकार कर लिया था. दामिनी ने अपने प्रोफाइल में बताया था कि वह देशदुनिया की खबरों पर आधारित यूके की एक पत्रिका में फीचर राइटर है. रंजीत के मैसेज बौक्स में उस ने अपना निजी मोबाइल नंबर छोड़ कर उस से बात करने की गुजारिश की थी. रंजीत ने उस नंबर पर बात की तो दोनों की अच्छीभली दोस्ती हो गई.

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