Gujarat News: अलगअलग धर्मों के होने की वजह से राजू शिंदे और करिश्मा भले ही विवाह नहीं कर सके, लेकिन 18 साल बाद नियति ने उन्हें जिंदगी के उस मोड़ पर मिलवा दिया, जब दोनों ही अपनेअपने जीवनसाथी को तलाक दे चुके थे. समय की नजाकत को देखते हुए दोनों ने निकाह तो कर लिया, लेकिन इस के बाद ऐसा क्या हुआ कि 2-2 निकाह करने के बावजूद करिश्मा अकेली ही रह गई.

महाराष्ट्र के शिरडी का रहने वाला राजू शिंदे पिछले 16 सालों से गुजरात के शहर अहमदाबाद के नरोडा में रहता था. वह अपने पेरेंट्स की भले ही इकलौती संतान था, लेकिन कोई खास पढ़ालिखा नहीं था, इसलिए इलास्टिक की एक फैक्ट्री में नौकरी करता था. उस समय राजू की उम्र यही कोई 25-26 साल रही होगी. फादर भी कमाते थे, इसलिए उसे किसी बात की चिंता नहीं थी. वह कमाता था और बनठन कर रहता था. खुद की कमाई खुद पर ही खर्च करता था. खानापीना घर से मिलता ही था, इसलिए किसी बात की फिक्र नहीं थी.

उस के पास सब कुछ था, लेकिन कोई ऐसा नहीं था, जो उसे प्यार करे. उसे किसी एक ऐसी लड़की की तलाश थी, जो उसे चाहे. वह जिस कंपनी में नौकरी करता था, उसी कंपनी में करिश्मा नाम की एक लड़की काम करती थी. राजू और करिश्मा एक साथ काम करते थे, इसलिए दोनों लगभग रोज ही मिलते थे और दोनों के बीच बातचीत भी होती रहती थी. इस तरह लगातार मिलने और बातचीत होने से जल्दी ही दोनों में दोस्ती हो गई. दोनों में दोस्ती भी हो गई. फिर वे एकदूसरे को चाहने भी लगे थे, पर उन का विवाह नहीं हो सका.

इस का कारण यह था कि दोनों ही अलगअलग धर्मों से थे. बहरहाल, बात विवाह तक पहुंच पाती, उस से पहले ही उसी दौरान साल 2006 में राजू शिंदे का विवाह गीता राठौड़ के साथ हो गया था. इस तरह करिश्मा राजू की सिर्फ दोस्त बन कर ही रह गई थी. राजू शिंदे की शादी होने के 3 साल बाद सन 2009 में करिश्मा का भी निकाह अजीज खान के साथ हो गया था. अजीज खान भी अहमदाबाद के नरोडा में ही रहता था और सोलर पैनल लगाने का काम करता था. शादी के साल भर बाद ही करिश्मा को बेटा हुआ तो उस ने नौकरी छोड़ दी और घर तथा बेटे को संभालने लगी. इस के बाद करिश्मा को 2 बच्चे हुए.

इस तरह वह 3 बच्चों की मां बन गई थी. दूसरी ओर राजू भी अपनी पत्नी गीता के साथ मजे से वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहा था. लेकिन बच्चे पैदा होने के बाद करिश्मा और अजीज खान में अकसर झगड़ा होने लगा था. इस की वजह यह थी कि अजीज शराब पीने लगा था. वह रोजाना शराब पी कर आता. करिश्मा उसे शराब पीने से रोकती, जिस की वजह से दोनों के बीच झगड़ा होता.

करिश्मा: 2 शादियों के बाद भी अकेली रह गई

पति की इस आदत से करिश्मा परेशान हो चुकी थी. आखिर पति की नशे की लत और रोजरोज के झगड़े से तंग आ कर करिश्मा ने अजीज से तलाक ले लिया. इस के बाद वह वटवा में किराए का मकान ले कर अकेली ही रहने लगी थी. संयोग देखो कि शादी के 18 सालों बाद साल 2024 में किसी कारणवश राजू और गीता के बीच भी तलाक हो गया था. पत्नी से तलाक होने के बाद राजू नरोडा में ही अकेला रहता था.

शादी के बाद राजू शिंदे और करिश्मा की मुलाकात नहीं हुई थी, लेकिन तलाक के बाद अपना घर चलाने तथा अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए करिश्मा सालों पहले जिस इलास्टिक कंपनी में नौकरी करती थी, वहीं वह फिर से नौकरी करने लगी थी.

दूसरी ओर राजू साल 2016 से गांधीनगर के माणसा स्थित स्टेरीकोट हेल्थकेयर कंपनी में फिटर के रूप में नौकरी करने लगा था, लेकिन एक्स्ट्रा पैसे कमाने के लिए वह छुट्टियों के दिन या रात में अन्य कंपनियों में एक्स्ट्रा काम करने जाता था. इसी सिलसिले में एक बार वह उसी पुरानी इलास्टिक कंपनी में भी एक्स्ट्रा काम करने गया तो इत्तफाक से करिश्मा ने वहां राजू को काम करते देख लिया.

दोबारा जाग उठा प्यार

करिश्मा उस से मिलने उस के पास पहुंच गई. सालों बाद करिश्मा को देख कर राजू चौंका. लगभग डेढ़ दशक यानी 15 सालों बाद दोनों एकदूसरे से मिले थे. पुरानी यादें ताजी हुईं. शादी हुई या नहीं, कितने बच्चे हैं, इसी तरह की बातें शुरू हुईं. इन्हीं बातों में करिश्मा ने बताया कि उस का तलाक हो गया है और वह अपने बच्चों के साथ अकेली ही रहती है. घर चलाने के लिए वह फिर से यहां नौकरी कर रही है.

जवाब में राजू ने भी अपनी आपबीती सुनाई कि उस का भी तलाक हो गया है और वह भी अकेला रहता है. इस के बाद उस ने कहा, ”तू भी अकेली और मैं भी अकेला, बोल करेगी मुझ से शादी?’’

उस समय करिश्मा कुछ नहीं बोली, सिर्फ हंस कर रह गई थी. लेकिन दोनों के बीच फोन नंबरों का लेनदेन हो गया था, जिस से दोनों में बातें होने लगी थीं. धीरेधीरे यह बातचीत लंबी होती गई. इसी बातचीत के दौरान एक दिन करिश्मा ने राजू से कहा, ”यार राजू, तुम मेरे लिए कोई दूसरी नौकरी ढूंढ दो. यहां जो सैलरी मिलती है, उस में घर बड़ी मुश्किल से चलता है. 3 बच्चों का पेट बड़ी मुश्किल से भर पाती हूं.’’

इस पर राजू ने उसे एक व्यावहारिक रास्ता सुझाते हुए कहा, ”तू फिर से किसी से शादी कर के उसी के साथ सेट हो जा.’’

”तुम्हारी बात तो सही है राजू, लेकिन 3 बच्चों की मां से अब कौन शादी करेगा?’’ करिश्मा ने कहा. राजू को शायद ऐसे ही मौके की तलाश थी. क्योंकि शरीर की आग बुझाने के लिए उसे भी एक औरत की तलाश थी. करिश्मा ने जब कहा कि उस से कौन शादी करेगा तो जवाब में उस ने अपने दिल की बात कह दी, ”मैं करूंगा तुम से शादी. बोलो, करोगी मुझ से शादी?’’

राजू शिंदे की बात सुन कर करिश्मा को अपनी जिंदगी फिर से संवरती नजर आई. इस के बाद दोनों के बीच घंटों बातें होने लगीं. यही नहीं, दोनों नए प्रेमियों की तरह बाहर मिलने भी लगे. इस तरह बाहर मिलने में मजा नहीं आ रहा था, इसलिए साथ रहने के लिए साल 2023 में राजू ने करिश्मा से एक मसजिद में निकाह कर लिया.

निकाह के बाद राजू करिश्मा के साथ उस के वटवा वाले घर में रहने लगा. इस तरह दोनों ने एक बार फिर से नई जिंदगी शुरू की. राजू ने घर को व्यवस्थित करने यानी गृहस्थी बसाने के लिए लगभग 50 हजार रुपए का सामान भी खरीदा. लगभग 2 सालों तक राजू और करिश्मा का वैवाहिक जीवन हंसीखुशी से बीता, लेकिन धीरेधीरे दोनों के बीच विवाद होने लगा. राजू सुबह 5 बजे नौकरी के लिए निकल जाता था, इसलिए शुरूशुरू में वह बिना टिफिन लिए ही जाता था. इस के लिए वह करिश्मा से कुछ कहता भी नहीं था.

काफी दिनों बाद एक दिन राजू ने करिश्मा से कहा, ”हमारा निकाह हो गया है और हम पतिपत्नी हो गए हैं. पत्नी के होते हुए भी मुझे रोजाना बाहर का खाना खाना पड़ता है. तुम मुझे टिफिन बना कर दे दिया करो.’’

करिश्मा ने टिफिन बना कर देने से मना करते हुए कहा, ”तुम अपनी नौकरी पर 5 बजे जाते हो. तुम्हारा टिफिन बनाने के लिए मुझे सुबह 4 बजे उठ कर खाना बनाना होगा. मुझे घर भी संभालना होता है और बच्चों को भी देखना पड़ता है. इस के अलावा मुझे भी नौकरी पर जाना होता है. इतनी जल्दी उठ कर खाना बनाना मेरे लिए मुमकिन नहीं है.’’

टिफिन को ले कर शुरू हुई बातचीत घर के अन्य कामों तक फैल गई. धीरेधीरे दोनों के बीच झगड़े होने लगे. झगड़ों की वजह से राजू को शक होने लगा कि करिश्मा का जरूर किसी और के साथ अफेयर चल रहा है, इसीलिए वह उस में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं ले रही है. राजू इस बात को ले कर भी करिश्मा को ताने ही नहीं मारने लगा था, बल्कि झगडऩे भी लगा था.

दूसरी ओर करिश्मा राजू के शक्की स्वभाव से तंग आ कर उसे बिना बताए बाहर आनेजाने लगी थी. इस की वजह राजू को लगने लगा था कि करिश्मा अपने प्रेमी से मिलने जाती है. करिश्मा राजू से जब कुछ ज्यादा ही परेशान हो गई तो एक दिन उस ने राजू से साफसाफ कह दिया कि जब उसे उस पर विश्वास ही नहीं रह गया है तो वह कहीं और रहने चला जाए, अब वह उस के साथ नहीं रहना चाहती.

उसी दौरान एक घटना और घट गई. करिश्मा के पूर्व पति अजीज की अम्मी की मौत हो गई. इस बात की जानकारी करिश्मा को हुई तो पुराने रिश्ते के नाते वह अजीज के घर शोक व्यक्त करने गई. वहां करिश्मा और अजीज के बीच बातचीत हुई तो पुराने संबंध फिर से ताजे हो गए. राजू से परेशान करिश्मा ने अजीज से कहा कि अगर उसे कोई आपत्ति न हो तो वह फिर से उस के साथ रहना चाहती है, ताकि बच्चों का भविष्य संवारा जा सके.

अजीज को भी करिश्मा और बच्चों की बहुत याद आती थी. इसलिए पुराने झगड़े भुला कर उस ने करिश्मा के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने का फैसला किया. चूंकि अब वह अजीज खान के साथ फिर से निकाह करने जा रही थी, इसलिए उस ने राजू को घर से निकल जाने के लिए कह दिया था.

दूसरी ओर राजू किसी भी कीमत पर करिश्मा को छोडऩे के लिए तैयार नहीं था. अब वह करिश्मा के साथ ही रहना चाहता था, क्योंकि यहां उसे पत्नी का सुख मिलने के साथसाथ रहने के लिए घर भी मिला हुआ था, इसलिए उस ने करिश्मा से बहाना बनाया कि उस ने उस के घर के लिए जो 50 हजार रुपए का सामान खरीदा है, उस के वे सारे रुपए वापस कर दे तो वह उस का घर छोड़ कर चला जाएगा.

राजू को लग रहा था कि करिश्मा इतने रुपए कहां से लाएगी? न वह उस के रुपए वापस कर पाएगी, न उसे घर छोड़ कर जाना पड़ेगा. लेकिन राजू को तब झटका लगा, जब अजीज ने करिश्मा को 50 हजार रुपए दे दिए और उस ने वे रुपए ला कर राजू के मुंह पर दे मारे. उस के बाद वह बोली, ”अब चुपचाप यहां से चला जा और अब कभी मुझे अपना मुंह मत दिखाना.’’

रुपए मिलने के बाद राजू करिश्मा के घर से तो निकल गया, लेकिन उसे करिश्मा और उस के पति अजीज पर बहुत गुस्सा आया. उस का अहंकार (ईगो) बुरी तरह घायल हो गया था. उसे लगा कि यह अजीज उस के और करिश्मा के बीच कबाब में हड्ïडी बन गया है. अगर यह बीच में न आया होता तो करिश्मा उसी की होती, अगर करिश्मा को अपनी बनाए रखना है तो इस अजीज को बीच से हटाना होगा. दूसरी ओर करिश्मा से तलाक होने के बाद अजीज अपने बड़े भाई शब्बीर के साथ रहता था, क्योंकि उसी बीच उस की अम्मी की भी मौत हो गई थी. उन दिनों करिश्मा राजू के साथ रह रही थी.

मातम में बदली मोहब्बत

अजीज की अम्मी की मौत पर करिश्मा अजीज के यहां शोक व्यक्त करने आई थी, तभी उस ने अजीज के बड़े भाई शब्बीर से कहा था कि अब वह राजू के साथ नहीं रहना चाहती और अपने बच्चों के पिता अजीज के पास वापस आना चाहती है. तब शब्बीर ने सोचा था कि अगर करिश्मा वापस आ जाती है और बच्चों के साथ अजीज के साथ रहने लगती है तो यह उस की मेहरबानी होगी. उन्होंने भी हां कर दिया था और कहा था कि रमजान के बाद उन दोनों का फिर से निकाह करा दिया जाएगा.

दरअसल, करिश्मा के चली जाने के बाद अजीज शराब पी कर उसे याद कर के रोता रहता था, लेकिन जब से करिश्मा वापस मिल गई थी, तब से उस के चेहरे पर फिर से खुशी लौट आई थी. लेकिन उस की यह खुशी ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकी.

2 दिसंबर, 2025 की रात करीब 9 बजे अजीज नरोडा वाले घर से करिश्मा और बच्चों को कपड़े और रुपए देने वटवा गया था. उसी समय राजू अपनी बाइक से नरोडा की ओर खाना खाने जा रहा था. भारी ट्रैफिक के बीच भी वटवा की ओर जा रहे अजीज को राजू ने देख लिया. उसे समझते देर नहीं लगी कि वह करिश्मा से मिलने जा रहा है. यह सोच कर उस की आंखों में खून उतर आया था. उस का शरीर भी गुस्से से कांपने लगा था.

क्रोध की आग में जलता हुआ वह खाना खाना भूल गया. वह सीधे अपने घर गया और एक तेज धार वाला चाकू निकाला. चाकू की मूठ पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए उस ने कुछ निश्चय कर लिया. उस ने चाकू को एक कागज में लपेटा. फिर उसे पीछे अपनी पैंट में खोंसा और दोबारा अपनी बाइक ले कर निकल पड़ा. उसे पता था कि वटवा से नरोडा आनेजाने वाले लोग इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए उसे पूरा विश्वास था कि अजीज इसी रास्ते से लौटेगा. वह एक सुनसान जगह पर खड़े हो कर शांति से अजीज का इंतजार करने लगा.

मौत का किया इंतजार

एक घंटा, 2 घंटे, 3 घंटा बीत गया, लेकिन उस ने धैर्य नहीं खोया. रात के 12 बज गए. आखिरकार रात के साढ़े 12 बजे उस का इंतजार खत्म हुआ. उसे वटवा कैनाल के पास अजीज फिर से आता दिखाई दिया. अजीज को देख कर राजू शिंदे तुरंत अपने चेहरे पर मासूमियत के भाव ले आया और हाथ दे कर उसे रोका.

पुलिस गिरफ्त में आरोपी राजू शिंदे

अजीज के रुकते ही उस ने कहा, ”एक्सक्यूज मी, आप अजीज भाई हैं न? मेरा नाम राजू है. मैं यहीं नरोडा की ओर रहता हूं. दरअसल, मुझे अपने शेड पर सोलर पैनल लगवाना है. आप का नंबर नहीं था, इसलिए मैं आप के घर गया था. पर आप घर पर मिले नहीं. आप अचानक यहां दिखाई दे गए, इसलिए मैं ने आप को रोक लिया.’’

”आप की बात तो सही है राजूभाई, लेकिन अभी रात के साढ़े 12 बजे हैं और मैं थक भी गया हूं. इसलिए आप कल सुबह मुझे फोन कर लीजिएगा, मैं आप का काम कर दूंगा.’’

राजू ने मन ही मन सोचा कि काम तो बेटा तेरा तमाम करना है और वह भी अभी. इसलिए उस ने कहा, ”अरे अजीजभाई, मुझे थोड़ा अर्जेंट है. आप नरोडा की ओर ही जा रहे हैं, मेरा शेड भी वहीं है. मेरे पास कोई साधन भी नहीं है, इसलिए आप मुझे वहां तक छोड़ भी दीजिएगा और बाहर से शेड भी देख लीजिएगा. इस के बाद कल आ कर काम शुरू कर देना.’’

अजीज थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन फिर सोचा कि काम और पैसा खुद चल कर उस के पास तक आ रहा है और रास्ते में सिर्फ बाहर से ही तो शेड देखना है तो मना क्यों किया जाए? उस ने राजू को अपनी बाइक पर पीछे बैठाया और नरोडा की ओर चल पड़ा.अजीज ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह उस की जिंदगी की सब से बड़ी और आखिरी गलती होने वाली है. उसे क्या पता था कि काम के लालच में उस ने मौत पीछे बैठा ली है.

जैसे ही रास्ते में केडिला ब्रिज के पास अजीज की बाइक पहुंची, अंधेरे का फायदा उठाते हुए राजू बोला, ”अजीजभाई, गाड़ी यहीं साइड में ले लो, मेरा शेड यहीं है.’’

अजीज ने जैसे ही बाइक थोड़ी धीमी की. राजू को अजीज से इतनी नफरत थी कि उस ने बाइक रुकने का भी इंतजार नहीं किया. सुनसान और अंधेरा देख कर राजू ने पैंट में पीछे खोंसा चाकू निकाला और चलती बाइक पर ही अजीज का गला रेत दिया. उस ने इतनी नफरत से अजीज पर हमला किया था कि खून का फव्वारा फूट पड़ा और अजीज की श्वास नली तक कट गई थी. चीखते हुए अजीज बाइक समेत जमीन पर गिर पड़ा. अजीज के साथ राजू भी गिर पड़ा था. संयोग से उसे ज्यादा चोट नहीं लगी थी. उसे मामूली खरोंचें आई थीं. इसलिए वह तुरंत उठ कर खड़ा हो गया.

थोड़ी देर तड़प कर अजीज शांत हो गया. खून से लथपथ अजीज के शरीर को राजू ने पैर से हिला कर देखा कि वह मर चुका है या नहीं? उसे लगा कि अजीज का खेल खत्म हो गया है तो वह अंधेरे में गायब हो गया और घर जा कर इस तरह चैन से सो गया, जैसे कुछ हुआ ही न हो. शायद उसे लगा था कि अंधेरे में किसी ने उसे देखा तो है नहीं, इसलिए पुलिस कभी उस तक पहुंच नहीं सकेगी. 3 दिसंबर की रात 2 से ढाई बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि घोडासर के केडिला ब्रिज के पास एक युवक की गला कटी लाश पड़ी है.

सूचना मिलने पर थाना इसनपुर के इंसपेक्टर बी.एस. जाडेजा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए थे. बाइक के नंबर से मरने वाले की पहचान नरोडा के रहने वाले अजीज खान के रूप में हो गई थी. इस के बाद लाश को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया था. आगे की पुलिस जांच में पता चला कि अजीज का अपनी पत्नी करिश्मा से तलाक हो गया था. उस की पत्नी वटवा में अलग रहती थी. पुलिस करिश्मा के घर पहुंची.

करिश्मा से पूछताछ की गई तो पता चला कि उस ने अजीज से तलाक लेने के बाद राजू नाम के व्यक्ति से निकाह कर लिया था और दोनों साथ रह रहे थे. लेकिन इधर वह राजू को छोड़ कर फिर से अजीज से निकाह करने वाली थी. करिश्मा की इस बात से राजू शक के दायरे में आ गया, लेकिन पुलिस ने सीधे उसे हिरासत में नहीं लिया था.

रह गई अकेली

राजू ने ही यह कांड किया है, यह कंफर्म करने के लिए पुलिस ने उस जगह की सीसीटीवी फुटेज चेक की, जहां अजीज की हत्या हुई थी. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति जाता दिखाई दिया, जिस की चाल और शरीर की बनावट राजू से हूबहू मेल खाती थी. इस के बाद पुलिस उसे थाने ले आई और सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया. उस ने स्वीकार कर लिया कि अजीज की हत्या उसी ने करिश्मा के लिए की थी.

दरअसल, राजू शिंदे के साथ रहते हुए ही करिश्मा अपने पूर्व पति अजीज से बातचीत करने लगी थी, जो राजू को बिलकुल पसंद नहीं था. यही नहीं, उस ने अजीज की ही वजह से उसे अपने घर से निकाल दिया था. इसलिए उसे लगा कि अगर अजीज नहीं रहेगा तो करिश्मा उस के पास फिर से वापस आ सकती है. यही सोच कर राजू ने नफरत से इस तरह बेरहमी से अजीज की हत्या कर दी थी.

राजू शिंदे की गिरफ्तारी के बाद करिश्मा ने पुलिस को बताया था कि अजीज से तलाक लेने के बाद उस ने राजू से निकाह कर लिया था. उस के बाद अजीज उसे धमकी दे कर जबरदस्ती अपने साथ ले जाने के लिए कह रहा था. वह कह रहा था कि ‘अगर मैं उस के साथ नहीं आई तो इस का अंजाम तू देखेगी.’

इसलिए वह डर गई थी कि कहीं वह कुछ उलटासीधा न कर बैठा तो नुकसान उसे ही होता, क्योंकि राजू और अजीज दोनों ही उस के थे. इसलिए उस ने अजीज के साथ जाने का फैसला किया था. अजीज की हत्या करने वाले अपने दूसरे पति राजू शिंदे के बारे में करिश्मा का कहना था कि राजू बहुत अच्छा इंसान था. वह किसी भी तरह का नशा नहीं करता था. उस ने उस के तीनों बच्चों को सगे पिता से भी ज्यादा प्यार दिया था. उस ने कभी बच्चों को पिता की कमी महसूस नहीं होने दी थी.

लेकिन अजीज उसे बारबार धमका रहा था. यह बात सिर्फ वह और अजीज ही जानते थे. मजबूरी में उसे अजीज के साथ जाना पड़ रहा था. फिलहाल करिश्मा अपने बच्चों के साथ अकेली रह रही है और उस का कहना है कि अब वह तीसरे निकाह के बारे में बिलकुल नहीं सोच रही है. पुलिस को अजीज की हत्या में करिश्मा के कहीं से भी शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला था.

राजू शिंदे से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल भेज दिया था. Gujarat News

 

 

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