RBI Treasury Theft. बैंक से लूट और सेंधमारी की घटनाएं कोई नई बात नहीं है. दुनिया में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं. लूट के लिए हैरान करने वाले तरीके अपनाए जाते रहे हैं. सेंधमार कड़ी से कड़ी सुरक्षा को तोड़ कर रुपए या जेवरात ले भागने में सफल हो चुके हैं. किंतु हाल की घटना ने भारत की आरबीआई की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.
गुजरात के अहमदाबाद की आरबीआई यानी रिजर्ब बैंक औफ इंडिया की शाखा, जो बैंक औफ बड़ौदा की शाखा में है, से मोटी रकम की लूट हुई. लूटने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि वहीं का कर्मचारी था. वह 8.70 करोड़ रुपए नोटों से भरा बक्सा ही ले गया था.
रुपए चोरी करने के बाद वह लगातार बैंक आता रहा, ताकि किसी को शक न हो. किंतु 98 दिनों के बाद वह पकड़ा गया. चोरी के पैसों से उस ने मकान और गाड़ी खरीदी. शेयर मार्केट में निवेश किया. बचने के लिए उस ने कई तरीके अपनाए, किंतु उस की एक चूक ने उसे पकड़वा दिया.
उस ने पैसे भी बड़ी सफाई से तब चुराए, जब 13 जनवरी को 2 मजदूरों के साथ सफाई के लिए आरबीआई खजाने में गया था. वहां से कचरे के बौक्स में करोड़ों के नोट भर कर बैंक से निकल गया. किसी को शक न हो, इसलिए वह लगातार औफिस भी आता रहा.
वह जानता था कि सीसीटीवी की फुटेज 90 दिन बाद डिलीट हो जाती है. इसलिए चोरी के बाद 20 अप्रैल यानी करीब 98 दिनों तक औफिस आता रहा. फिर उस ने मैडिकल लीव ले ली और लंबी छुट्टी पर चला गया.






