Mumbai Crime Story: सलमान से प्यार होने के बाद संगीता को स्वप्निल कांटे की तरह चुभने लगा था. उस ने इस कांटे को निकालने के लिए सलमान से कहा तो अपराध करने से पहले उस ने यह भी नहीं सोचा कि उस के पत्नीबच्चों का क्या होगा…
स्वप्ननगरी के नाम से मशहूर मुंबई से लगा महाराष्ट्र का एक जिला है रायगण. इसी जिले की तहसील पनवेल के गांव न्हावा शेवा में नामदेव पाटील का छोटा सा परिवार रहता था. उन की पत्नी की मौत हो चुकी थी. समुद्र के किनारे बसा यह गांव सुप्रसिद्ध इंटरनेशनल बंदरगाह के पास है, जिस से यहां से प्रतिदिन पचासों मालवाहक जहाज देशविदेश आतेजाते हैं.
28 वर्षीय स्वप्लिन नामदेव पाटील का एकलौता बेटा था. करीब 7 साल पहले सन 2008 में स्वप्लिन का विवाह नवी मुंबई स्थित नेरुल के रहने वाले स्वर्गीय मारुती गायकवाड की एकलौती बेटी संगीता गायकवाड़ के साथ हुआ था. पतिपत्नी एकदूसरे से खुश थे. दोनों के 2 बच्चे थे, 5 वर्षीया अक्षरा और 4 वर्षीय जिविक. बच्चे पास के ही एक इंगलिश स्कूल में पढ़ते थे.
स्वप्लिन पाटील उरण स्थित ओएनजीसी में अस्थाई कर्मचारी के रूप में काम करता था. वहां से उसे इतना वेतन मिल जाता था कि उस के परिवार का खर्च आराम से चल सके. वह सुबह अपनी मोटरसाइकिल से ड्यूटी पर जाता था और शाम को 8-9 बजे तक घर लौट आता था.
संगीता सुबह पति को नाश्ता कराने और औफिस भेजने के बाद बच्चों को तैयार कर के स्कूल भेजती थी. संगीता सुंदर तो थी ही, महत्त्वाकांक्षी और फैशनपरस्त भी थी. उसे पत्नी के रूप में पा कर स्वप्निल बहुत खुश था. स्वप्निल और संगीता के वैवाहिक जीवन के 7 साल बड़े मजे में गुजर गए. लेकिन वक्त ने धीरेधीरे रंग बदलना शुरू किया.
1 दिसंबर, 2015 की सुबह लगभग 7 बजे नवी मुंबई के नेरुल थाने के कांस्टेबल कांकड़ अपने इलाके की गस्त कर के थाने लौट रहे थे, तभी उन्हें खबर मिली कि नेरुल के सेक्टर 14 के रामलीला मैदान परिसर में बुरी तरह घायल एक युवक पड़ा है. यह खबर पुलिस कंट्रोल रूम से प्रसारित हुई थी. खबर सुन कर जब कांस्टेबल कांकड़ घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक वहां लोगों की भीड़ लग चुकी थी.
घायल युवक के माथे और सिर में गंभीर चोटों के निशान थे, जिन से निकला खून बह कर आसपास फैल गया था. घायल युवक के सिर के पास ही एक बड़ा सा पत्थर पड़ा था, जिस पर खून के निशान थे. इस से पता चलता था कि युवक को उसी पत्थर से मार कर घायल किया गया था. कांस्टेबल कांकड़ ने वहां लगी भीड़ को हटा कर घायल युवक का निरीक्षण किया तो उन्हें लगा कि घायल युवक धीरेधीरे सांस ले रहा है. कांकड़ विलंब किए बिना 2 लोगों के साथ घायल युवक को नेरुल के डाक्टर डीवाई पाटील अस्पताल ले गए. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. निरीक्षण के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यह जानकारी नेरुल पुलिस थाने के वरिष्ठ महिला पुलिस इंसपेक्टर संगीता शिंदे अल्फांसो को मिली तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल सहायक इंसपेक्टर नागराज मजगे, असिस्टैंट इंसपेक्टर जगवेंद्र सिंग राजपूत, अर्जुन गायकवाड़, सबइसंपेक्टर नितिन शिंदे, कांस्टेबल पोपट पावरा, जालिंदर कोली, गणेश वनकर और गणेश खेड़कर को साथ ले कर डाक्टर डीवाई अस्पताल पहुंच गई. पहले उन्होंने अस्पताल के डाक्टरों से मृतक के बारे में पूछताछ की. उस के बाद मृतक के कपड़ों की तलाशी ली. तलाशी में मृतक की जेब से कुछ कागज निकले, जिन में मृतक का पहचान पत्र और एक विजिटिंग कार्ड भी था. पहचान पत्र में मृतक का नाम और पता लिखा था.
विजिटिंग कार्ड पर लिखे फोन नंबर पर फोन करने से पता चला कि वह विजिटिंग कार्ड मृतक के मामा जितेंद्र म्हात्रे का था. पुसिल ने म्हात्रे को तुरंत डाक्टर डीवाई अस्पताल पहुंचने को कहा. विजिटिंग कार्ड के पीछे भी एक नंबर लिखा था. उस नंबर पर फोन किया गया तो वह नंबर मृतक के चचेरे भाई सत्यवान पाटील का निकला. मृतक का नाम स्वप्निल पाटील था. पुलिस ने सत्यवान को भी अस्पताल पहुंचने को कह दिया. जितेंद्र म्हात्रे और सत्यवान पाटील ने डाक्टर डीवाई पाटील अस्पताल पहुंच कर स्वप्निल को जिस हालत में देखा, उस से उन के होश उड़ गए. उन्होंने यह खबर स्वप्निल के घर वालों को दे दी.
पुलिस अभी सत्यवान और जितेंद्र म्हात्रे से स्वप्निल के बारे में पूछताछ कर रही थी कि मृतक का सारा परिवार अस्पताल पहुंच गया. स्वप्निल की लाश देख कर पूरा परिवार छाती पीटपीट कर रोने लगा. जितेंद्र म्हात्रे और सत्यवान ने उन्हें जैसेतैसे संभाला. आवश्यक पूछताछ के बाद पुलिस ने स्वप्निल की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस के बाद घटनास्थल का निरीक्षण कर के पुलिस थाने लौट आई.
थाने लौटते वक्त पुलिस स्वप्निल के मामा जितेंद्र म्हात्रे और सत्यवान को अपने साथ थाने ले आई थी. पुलिस ने उन्हीं दोनों की तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध स्वप्निल की हत्या का मुकदमा दर्ज कर के जांच शुरू कर दी. शुरुआती पूछताछ में संगीता शिंदे अल्फांसो को यह मामला काफी रहस्यमय लगा. इसलिए उन्होंने इस केस की जांच खुद ही करने का फैसला लिया.
पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में गहराई से पूछताछ करने पर मृतक के मामा जितेंद्र म्हात्रे ने संगीता शिंदे को बताया कि उन्हें जिस व्यक्ति पर संदेह है, उस का नाम महेश ठाकुर है. कुछ सालों पहले महेश ठाकुर और स्वप्निल की पत्नी संगीता के बीच चक्कर था. संगीता का चरित्र कुछ ठीक नहीं था, इस बात को ले कर महेश ठाकुर और स्वप्निल के बीच जोरदार झगड़ा हुआ था. उस समय स्वप्निल ने महेश ठाकुर को काफी मारापीटा था. पिटने के बाद महेश ठाकुर ने स्पप्निल को देख लेने की धमकी दी थी.
संगीता शिंदे ने सोचा भी नहीं था कि इस गंभीर मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए इतनी जल्दी राह मिल जाएगी. उन्होंने तुरंत अपने सहायकों को आदेश दिया कि महेश ठाकुर और संगीता को पूछताछ के लिए थाने ले आएं. उन के आदेश पर पुलिस टीम दोनों को थाने ले आई. थाने पर दोनों से अलगअलग पूछताछ की गई. महेश ठाकुर से हुई पूछताछ में वह तो निर्दोष लगा, लेकिन संगीता से थोड़ी सख्ती के साथ पूछताछ की गई तो उस ने बताया कि बीते दिन स्वप्निल अपने दोस्त सलमान के साथ बैठा शराब पी रहा था. तब यह बात उस ने उसे फोन कर के बताई थी. इस से ज्यादा वह कुछ नहीं जानती.
इस पूछताछ के बाद पुलिस ने सलमान के बारे में जानकारी एकत्र की, साथ ही उस का मोबाइल नंबर ले कर रजिस्ट्रेशन फार्म निकलवाया. रजिस्ट्रेशन फार्म से उस का पता मिल गया. सलमान की गिरफ्तारी के लिए इंसपेक्टर संगीता शिंदे अल्फांसो ने सबइंसपेक्टर नितिन शिंदे के नेतृत्व में एक पुलिस टीम को उस के पते पर भेज दिया. 4 दिसंबर, 2015 को सबइंसपेक्टर नितिन शिंदे ने अपनी टीम के साथ कराड़ शहर जा कर सरगम लौज में छिपे बैठे सलमान और उस के साथी शाहिद सुतार को गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस टीम उन्हें मुंबई लाई तो संगीता शिंदे ने उन से पूछताछ की.
लेकिन दोनों ने खुद को निर्दोष बताया. संगीता शिंदे ने उन की जुबान खुलवाने के लिए उन्हें जांच टीम के हवाले कर दिया. दोनों पुलिस टीम को गुमराह करते हुए खुद को निर्दोष बताते रहे. इस के बाद पुलिस ने उन्हें अदालत पर पेश कर के रिमांड लिया और पूछताछ शुरू की. आखिर पुलिस को दोनों के साथ थोड़ी सख्ती करनी पड़ी, साथ ही उन्हें यह भी बता दिया गया कि संगीता पुलिस हिरासत में है और उस ने सब कुछ बता दिया है. पुलिस का यह दांव काम कर गया.
बचाव का कोई रास्ता न देख दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उन दोनों की अपराध स्वीकारोक्ति के बाद एक खूनी लव स्टोरी का सच सामने आया. 21 वर्षीय सलमान शेख जिला सतारा के कराड़ शहर स्थित सांई बाबा नगर में अपने दादादादी, 2 छोटे भाई, बहन, मां और पत्नी कश्मीरा के साथ रहता था. बड़ा होने के बावजूद यह परिवार हर तरह से सुखी और संपन्न था. सलमान के पिता का कराड़ शहर में दूध का कारोबार था. उन के पास अच्छी नस्ल की काफी भैंसें थीं.
सलमान उन का बड़ा बेटा था. लाडप्यार में पलाबढ़ा सलमान आठवीं से आगे नहीं पढ़ पाया था. जवान होते ही पिता ने उस की शादी अपने एक रिश्तेदार की बेटी कश्मीरा से कर दी थी, साथ ही उसे अपने कारोबार में भी लगा लिया था. सलमान शराब और शबाब का शौकीन था. जब तक उस की पत्नी उस के साथ रहती थी, तब तक वह ठीक रहता था. उस के जाते ही वह इधरउधर मुंह मारने लगता था. उस के ठिकाने होते थे कराड़ के होटल और लौज.
स्वप्निल और संगीता से सलमान की मुलाकात कुछ महीने पहले कराड़ के सरगम लौज में हुई थी. दरअसल स्वप्निल और संगीता पिकनिक मनाने कराड़ गए थे. उन दिनों सलमान की पत्नी कश्मीरा गर्भवती होने की वजह से अपने मायके गई हुई थी. सलमान मन बहलाने के लिए उस लौज में ठहरा था. सलमान ने संगीता को देखा तो वह उसी के सपने देखने लगा. 2 बच्चों की मां होने के बावजूद संगीता के सौंदर्य में कोई कमी नहीं आई थी. यही वजह थी कि उस का दूधिया बदन पहली ही नजर में सलमान की आंखों में समा गया था.
संगीता की नजदीकी पाने के लिए सलमान ने उस के पति स्वप्निल से दोस्ती गांठ ली. दरअसल स्वप्निल शराब का शौकीन था. जाहिर है, पीनेपिलाने वालों से दोस्ती करना बड़ा आसान होता है. पहला दांव चलते हुए सलमान उस का हमप्याला बन गया. एक टेबल पर साथसाथ पीने के बाद सलमान ने स्वप्निल के सामने प्रस्ताव रखा कि वह गाइड बन कर उन लोगों को शहर की सभी खासखास जगहों पर घुमाएगा. उस ने ऐसा ही किया भी.
स्वप्निल सलमान के व्यवहार का कायल हुआ तो संगीता उस के व्यक्तित्व की. कराड़ छोड़ते समय स्वप्निल और सलमान दोनों गर्मजोशी से गले मिले. दोनों ने अपनाअपना मोबाइल नंबर पहले ही एकदूसरे को दे दिया था. सलमान ने बातोंबातों में संगीता का नंबर भी हासिल कर लिया था. सलमान को स्वप्निल का ड्यूटी टाइम पता था. वह संगीता को ऐसे समय फोन करने लगा, जब उस का पति घर पर नहीं होता था. धीरेधीरे संगीता भी उस की बातों में रुचि लेने लगी. नतीजा यह हुआ कि दोनों एकदूसरे से खुलते गए और औपचारिकताएं पीछे छूटती गईं. सलमान जबतब संगीता को कराड़ आने का आमंत्रण देता रहता था. लेकिन स्वप्निल की वजह से संगीता का कराड़ जाना संभव नहीं था.
धीरेधीरे स्थिति यह आ गई कि संगीता की जिंदगी में भले ही स्वप्निल था, पर सपनों में सलमान था. अधर में फंसी संगीता चिड़चिड़ी हो गई थी. अब उस की पति से भी आए दिन तकरार होने लगी थी. तकरार होती तो कभीकभी वह अपने मायके नेरुल चली जाती. वहां बहाना कर के वह कराड़ चली जाती, जहां सलमान उस के ठहरने, खानेपीने का इंतजाम करता. नतीजा यह हुआ कि दोनों के बीच अनैतिक संबंध बन गए. जब संगीता कराड़ से वापस लौटती तो सलमान उसे 5-10 हजार रुपए भी दे देता था. अब तक संगीता पूरी तरह बदल चुकी थी. उस ने पति, बच्चों और ससुर की परवाह करना छोड़ दिया था. उस के ख्वाबों में केवल सलमान बसता था. वह मन ही मन दोनों की तुलना करती तो स्वप्निल से सलमान ही बेहतर नजर आता.
दूसरी ओर सलमान और संगीता के संबंधों के बारे में स्वप्निल को कोई जानकारी नहीं थी. बहरहाल सलमान की वजह से स्वप्निल और संगीता के बीच दूरियां बढ़ती गईं. इन दूरियों को बढ़ाने में स्वप्निल की शराब पीने की लत भी एक वजह बनी. जल्दी ही वह समय भी आया, जब संगीता स्वप्निल से पीछा छुड़ाने के बारे में सोचने लगी. संगीता और सलमान के बीच की दूरियां कम करने में संगीता की मां श्वेता गायकवाड का भी हाथ था. दरअसल संगीता अपने मायके नेरुल जाती थी तो उस की मां उसे पूरी छूट दे देती थी. इस का लाभ उठाते हुए संगीता सलमान के पास कराड़ चली जाती थी.
इस घटना के कुछ दिनों पहले सलमान के यहां बेटा पैदा हुआ. खुशी के इस मौके पर सलमान ने स्वप्निल, संगीता और उस की मां श्वेता को भी बुलाया. तीनों आए भी. मौका देख कर सलमान ने संगीता की मां श्वेता के खूब कान भरे. उस ने शिकायती लहजे में कहा कि स्वप्निल न केवल शराबी है, बल्कि संगीता को मारतापीटता भी है. अगर कुछ नहीं किया गया तो वह किसी दिन संगीता की हत्या कर सकता है.
करोड़ से लौटने के बाद संगीता और उस की मां श्वेता ने स्वप्निल से पीछा छुड़ाने के लिए एक खतरनाक योजना बनाई. योजना के अनुसार, संगीता स्वप्निल के साथ घर लौट आई. उस के और सलमान के बीच पहले की ही तरह बातें होती रहीं. एक दिन बातोंबातों में संगीता ने सलमान के पुरुषार्थ को ललकारते हुए कहा, ‘‘मैं तुम्हें मर्द तभी समझूंगी, जब तुम हम दोनों के बीच आए कांटे को निकाल फेंकोगे. इस के बाद ही हम सुख से रह सकेंगे.’’
प्रेमिका के ये शब्द सलमान के लिए पत्थर की लकीर बन गए. वह उसी दिन से अपने और संगीता के बीच से स्वप्निल को हटाने के बारे में सोचने लगा. लेकिन स्वप्निल को वह अकेले मौत के घाट नहीं उतार सकता था. इस के लिए उस ने अपने बचपन के दोस्त शाहिद सुतार और कराड़ शहर की सुपर मार्केट के रहने वाले मल्हारी उर्फ मल्या उर्फ हनुमंत गंजुले से बात की. उस ने उन्हें अपनी और संगीता की लव स्टोरी बताई, साथ ही 60 हजार रुपए का लालच भी दिया. एक तो दोस्ती, दूसरे पैसों का लालच. उस के दोनों दोस्त उस की मदद करने के लिए तैयार हो गए.
फूलप्रूफ योजना तैयार करने के बाद सलमान शेख ने घटना के एक दिन पहले स्वप्निल को फोन कर के कहा कि वह उस से मिलने के लिए नेरुल, नवी मुंबई आ रहा है. उस ने साढ़े 4 बजे का समय भी बता दिया. उस के आने की बात सुन कर स्वप्निल खुश हो गया. योजना के अनुसार, सलमान और उस के दोस्त कराड़ से बस पकड़ कर पहले कोल्हापुर नाका पहुंचे और फिर वहां से दूसरी बस से सुबह साढ़े 4 बजे नवी मुंबई के उपनगर नेरुल पहुंच गए. नेरुल पहुंच कर सलमान ने एसएमएस से अपने पहुंचने की जानकारी संगीता को दे दी.
इस के बाद सलमान ने स्वप्निल को फोन किया, लेकिन उस ने उस का फोन नहीं उठाया. उस के कई बार फोन करने के बाद भी स्वप्निल ने जब फोन नहीं उठाया तो तीनों संगीता की मां श्वेता के घर चले गए. इन लोगों ने श्वेता को अपनी पूरी योजना बताई.
श्वेता ने चायपानी पिलाने के बाद उन्हें वहां से जाने को कह दिया, क्योंकि उन के वहां रुकने से किसी को शक हो सकता था. सलमान अपने दोस्तों के साथ नेरुल स्टेशन चला गया. वहां प्लेटफार्म पर बैठ कर तीनों ने एक घंटा बिताया. इस बीच मल्हारी उर्फ मल्या कुछ देर के लिए अपने एक रिश्तेदार से मिलने के लिए भी गया. सुबह करीब 8 बजे सलमान के पास स्वप्निल का फोन आया. उस ने समय से न पहुंच पाने के लिए माफी मांगी. इस के बाद अपनी पत्नी संगीता को फोन कर के कहा कि वह सलमान से मिलने नेरुल जा रहा है. फिर वह कुछ ही मिनटों में नेरुल रेलवे स्टेशन पहुंच गया.
अपनी योजना को पूरा करने के लिए सलमान और उस के दोस्त स्वप्निल की मोटरसाइकिल पर बैठ गए. सलमान ने नेरुल की पहाडि़यां देखने की इच्छा जाहिर की तो स्वप्निल उन्हें नेरुल की पहाडि़यों पर ले गया. लेकिन वहां इन लोगों को स्वप्निल को मारने का मौका नहीं मिला. दिन के उजाले में खतरा था. इसलिए समय बिताने के लिए ये लोग वापस नेरुल रेलवे स्टेशन आ गए. स्वप्निल ने सलमान के दोनों दोस्तों को स्टेशन पर छोड़ा और उन्हें वहीं रुकने के लिए कह कर वह सलमान के साथ घर आ गया. उस वक्त स्वप्निल के पिता नामदेव सो रहे थे. संगीता ने दोनों को खाने के लिए दालचावल दिया.
खाना खाने के बाद वे लगभग 12 बजे घर से निकल गए. वहां से दोनों सीधे पामबीच तालाब पर गए, जहां काफी बच्चे और नौजवान बैठ कर खेल रहे थे. दोनों वहीं पर आराम से बीते दिनों की बातें करने लगे. बातों ही बातों में स्वप्निल ने बीयर पीने की इच्छा जाहिर की. लेकिन सैलरी न आने के कारण स्वप्निल की जेब खाली थी. सलमान उस के लिए एक बोतल बीयर ले आया. स्वप्निल ने पामबीच पर बैठेबैठे बीयर खत्म कर दी. उस के बाद दोनों नेरुल रेलवे स्टेशन गए, जहां सलमान के दोनों दोस्त उन का इंतजार कर रहे थे. स्वप्निल ने अपनी मोटरसाइकिल पार्किंग में खड़ी कर दी.
इस के बाद चारों दोस्त लोकल ट्रेन पकड़ कर वाशी रेलवे स्टेशन आए. वहां से इन लोगों ने औटो लिया और सागर विहार बार पहुंचे, जहां स्वप्निल ने बीयर मांगी. लेकिन बीयर पीने के बाद भी उसे इतना नशा नहीं हुआ कि सलमान और उस के दोस्त उसे आराम से मौत के घाट उतार सकते. 2 बीयर पीने के बाद स्वप्निल शराब मांगने लगा. सलमान और उस के साथी यही चाहते थे. सलमान और उस के साथी अपना काम निकालने के लिए वाशी मौल गए. वहां जा कर सब ने अपने लिए बीयर और स्वप्निल के लिए शराब खरीदी. शराब ले कर वे फिर नेरुल रेलवे स्टेशन आ गए.
वहां से चारों दोस्त नेरुल के सेक्टर 14 के रामलीला मैदान चले गए. सब बीयरशराब का मजा लेने लगे. तब तक सुबह के 5 बजे गए थे. मैदान सुनसान था. सलमान ने स्वप्निल को अपनी बातों में उलझाए रखा. उसी बीच मौका देख कर मल्हारी उर्फ माल्या पेशाब करने के लिए उठा और पास ही पड़ा एक बड़ा सा पत्थर ला कर स्वप्निल के सिर पर पटक दिया. इस के बाद बारीबारी से सभी ने स्वप्निल के सिर पर पत्थर मारे और उसे मरा समझ कर वहां से उस की मोटरसाइकिल ले कर नेरुल स्टेशन आ गए. नेरुल स्टेशन पर उस की मोटरसाइकिल छोड़ कर वे ट्रेन द्वारा सीवीडी बेलापुर आए. वहां उन्होंने अपने खून सने कपड़े बदले और कराड़ चले गए.
मल्हारी उर्फ मल्या अपने घर चला गया. सलमान और शाहिद सुतार दोनों सरगम लौज में जा कर छिप गए, जहां से पुलिस ने उन्हें पकड़ा था. सलमान और शाहिद सुतार के बयानों के आधार पर पुलिस ने छापा मार कर मल्हारी उर्फ माल्या, संगीता, उस की मां श्वेता को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने सलमान शेख, शाहिद सुतार, मल्हारी उर्फ मल्या, संगीता और श्वेता से विस्तृत पूछताछ करने के बाद उन के विरुद्ध भादवि की धारा 302, 120बी के तहत केस दर्ज किया और फिर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. Mumbai Crime Story
—कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित






