Delhi Crime Story: इवेंट मैनेजर प्रियंका कपूर चावला अपनी जिंदगी को जिंदादिली के साथ जीना चाहती थीं. वह जिंदगी की ऊंची उड़ान भर कर शोहरत पाना चाहती थीं, लेकिन बिजनेसमैन नितिन चावला की मोहब्बत में फंस कर उस से शादी करना उन की जिंदगी की एक बड़ी भूल साबित हुई.
प्रियंका से शादी करने के बाद नितिन चावला ने दक्षिणी दिल्ली के पौश इलाके डिफेंस कालोनी में रहने लगा था. वह एक बिजनेसमैन था, जबकि प्रियंका इवेंट मैनेजर थी. उन की शादी करीब सवा महीने पहले हुई थी. 25 मार्च को प्रियंका ने अपनी मां रूमा को दोपहर बाद फोन कर के कहा, ‘‘मम्मी आज शाम को मैं घर आऊंगी. आप मेरे पसंद का खाना राजमा चावल बना कर रखना.’’
बेटी के घर आने की बात सुन कर रूमा खुश हो गईं. उन्होंने अपने यहां खाना बनाने वाली नौकरानी को बेटी की पसंद का खाना बनाने के लिए कह दिया. प्रियंका कितने बजे आएगी, यह जानने के लिए उन्होंने शाम 5 बजे फोन किया. घंटी जाती रही, पर उस ने फोन रिसीव नहीं किया. उन्होंने सोचा कि वह किसी काम में व्यस्त होगी, इसलिए दोबारा फोन नहीं किया. आधे घंटे बाद उन्होंने फिर से फोन किया. इस बार भी फोन की घंटी बजती रही, लेकिन उस ने फोन नहीं उठाया. इसी तरह रात 11 बजे तक उन्होंने प्रियंका को कई बार फोन किए, पर उस ने एक बार भी फोन रिसीव नहीं किया.
रूमा को चिंता हुई कि प्रियंका फोन क्यों नहीं उठा रही. उन्होंने प्रियंका के यहां काम करने वाले नेपाली नौकर को फोन किया तो उस ने बताया कि सुबह 9 बजे से मेमसाब अपने कमरे में हैं.
‘‘उस ने सुबह से कुछ खायापीया भी है या नहीं?’’ रूमा ने पूछा.
‘‘मेमसाब जब से कमरे में गई हैं, तब से मुझ से कोई चीज नहीं मंगाई है.’’ नौकर ने कहा.
नौकर से बात करने के बाद रूमा परेशान हो गईं, क्योंकि प्रियंका पिछले 14 घंटों से भूखी अपने कमरे में थी. उसे तो उन के यहां आना था, आखिर वह बंद कमरे में क्या कर रही है? उन्होंने उसी समय नितिन को फोन किया, ‘‘नितिन बेटा, मैं ने प्रियंका को कई बार फोन किया, वह फोन नहीं उठा रही.’’
‘‘आप फ्लैट पर जा कर देख लें.’’ नितिन ने कहा.
‘‘बेटा, तुम्हारे नौकर ने बताया है कि वह सुबह 9 बजे से अपने कमरे में है. तब से उस ने कुछ खायापीया नहीं है.’’ रूमा ने कहा.
‘‘उस ने खाना नहीं खाया तो आप को तकलीफ हो रही है. ऐसी तकलीफ मुझे उस वक्त हुई थी, जब मैं अपने 11 साल के बेटे को घर लाया था और प्रियंका ने उसे भूखा रखा था.’’ नितिन ने ताना देते हुए कहा.
नितिन की पहली पत्नी से एक बेटी और एक बेटा है. पहली पत्नी को वह तलाक दे चुका है. उस के बाद ही उस ने प्रियंका से शादी की थी. कुछ दिनों पहले वह अपने बेटे को फ्लैट पर लाया था. नितिन का आरोप है कि उस वक्त प्रियंका ने उसे खाना नहीं खिलाया था. रूमा को नितिन की पुरानी बातें याद आ गईं. उस ने उन से प्रियंका की शिकायत की थी. रूमा ने इस बारे में जब प्रियंका से पूछा था तो उस ने कहा था कि उस ने उस के बच्चे को बारबार खानेपीने की तमाम चीजें दी थीं, लेकिन उस ने कोई भी चीज नहीं खाई थी.
रूमा समझ गईं कि नितिन के मन में अब भी पुरानी बातें बैठी हुई हैं. उन्होंने कहा, ‘‘बेटा, तुम्हारी जो शिकायत है, उस पर हम बाद में बात कर लेंगे, लेकिन तुम इसी समय घर आ जाओ. आखिर देखो तो प्रियंका सुबह से कमरे में क्यों बंद है?’’
‘‘मम्मी, मैं अभी नहीं जा सकता. अभी मुझे द्वारका में समय लगेगा. ऐसा करें, आप ही फ्लैट पर चली जाइए.’’ नितिन ने कहा.
‘‘इतनी रात को मैं अकेली कैसे जा सकती हूं?’’ रूमा ने कहा.
‘‘ऐसा करता हूं, मैं ड्राइवर को गाड़ी ले कर आप के पास भेज देता हूं. उस के साथ आप चली जाइए.’’ नितिन ने कहा.
कुछ देर बाद नितिन का ड्राइवर उन के यहां आया तो वह अपनी ननद की बेटी नेहा को साथ ले कर प्रियंका के यहां पहुंच गईं. फ्लैट पर उन्हें बेटी का नौकर मिला. उन्होंने बेटी के कमरे का दरवाजा खटखटाया. अंदर से जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उन्होंने आवाज दी. उन की आवाज सुन कर आसपास रहने वाले निकल आए, लेकिन प्रियंका के कमरे का दरवाजा नहीं खुला. रूमा को बेटी को ले कर चिंता हुई. उन्होंने दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को फोन कर के सारी जानकारी दे दी. चूंकि पुलिस को दरवाजा अंदर से बंद होने की जानकारी मिली थी, इसलिए थाना डिफेंस कालोनी की पुलिस और दिल्ली फायर ब्रिगेड के जवान फ्लैट पर पहुंच गए.
पुलिस ने पहले दरवाजा खटखटाया. जब दरवाजा नहीं खुला तो कुछ आशंका नजर आई. दरवाजे पर इंटरलौक लगा था. पुलिस ने नौकर से चाबी के बारे में पूछा तो उस ने बताया कि इस की चाबी साब और मेमसाब के पास ही रहती है. दरवाजा नहीं खुला तो फायर ब्रिगेड के जवानों ने अपने साथ लाए औजारों से दरवाजे को उखाड़ दिया. दरवाजा खुलने पर प्रियंका घुटनों के बल पलंग पर बैठी दिखी, गले में दुपट्टा बंधा हुआ था, जिस का दूसरा सिरा पंखे से बंधा था और गरदन एक ओर झुकी थी. बैड पर एक ट्रे रखी थी, जिस में कांच का बड़ा सा कटोरा पानी से भरा रखा था. ट्रे में ही एक रेजर और एक छोटा सा चाकू रखा था.
बेटी के शरीर में जब कोई हरकत नहीं हुई तो रूमा रोते हुए पुलिस वालों से हेल्प करने को कहने लगीं. इस पर एक पुलिस वाले ने ट्रे में रखे चाकू से दुपट्टा काट कर प्रियंका के गले का फंदा खोला. इसी बीच नितिन भी वहां आ गया. पुलिस वालों के कहने पर रूमा ने बेटी को बिस्तर पर लिटा कर उस के सीने पर हाथों से दबाना शुरू किया, ताकि उस के फेफड़े काम करना शुरू कर दें. इस के बाद नितिन ने भी यही प्रक्रिया दोहराई, पर कोई लाभ नहीं हुआ. पुलिस उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ले गई, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डाक्टरों ने जांच की तो उस के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान मिले. उस के बाएं हाथ की कलाई पर कटे के निशान थे.
बेटी की मौत की खबर पा कर रूमा फूटफूट कर रोने लगीं. उन्होंने यह खबर गुड़गांव में नौकरी कर रहे अपने पति अशोक कपूर, घर पर मौजूद छोटी बेटी डिंपी कपूर और अपने नातेरिश्तेदारों को दी. थोड़ी ही देर सभी एम्स अस्पताल पहुंच गए.
थानाप्रभारी सतीशचंद्र शर्मा ने घटनास्थल की जांच के लिए क्राइम इन्वैस्टीगेशन टीम को बुला लिया था. टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. छानबीन में पुलिस को कमरे से 2 पेज का एक सुसाइड नोट मिला, जिस में लिखा था, ‘मेरे पास जानीपहचानी तकलीफ है, खुशी है, दुख है और इमोशंस है. लेकिन पति ने पहली बार बेबस कर दिया. नितिन पर मुंबई में रेप का केस दर्ज है. मालूम नहीं था कि वह मेरे साथ इतना बुरा करेगा. वही एकमात्र ऐसा इंसान है, जिस से मैं डरती हूं.
‘शादी के एक महीने बाद ही उस ने मुझे राक्षस की तरह मारा. मैं ने अपनी फैमिली को बुलाने को कहा तो उस ने और बुरी तरह मारा. मैं ने नितिन से सिर्फ इसलिए शादी की थी, क्योंकि उस ने कहा था कि वह मुझ से बहुत प्यार करता है और हमेशा करता रहेगा. लेकिन अब वही इंसान मुझे घर छोड़ने को कहता है. इस आदमी के साथ रहने के लिए मैं ने अपनी मां से संबंध खत्म कर लिए थे. वह सब से ज्यादा स्वार्थी है.
‘मुझे लगा कि यहां मुझे मोहब्बत मिलेगी, लेकिन दर्द मिला. नितिन की मां के मुताबिक नितिन ने कुछ गलत नहीं किया. पिछली 3 रातों से नितिन घर पर नहीं है. उस ने मुझे वाट्सऐप पर मैसेज किया कि मैं घर खाली कर दूं, अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं है.’
पुलिस ने सुसाइड नोट सहित अन्य जरूरी सबूत अपने कब्जे में ले लिए. थानाप्रभारी ने प्रियंका के घर वालों से बात की तो उस की मां रूमा ने बताया कि शादी के बाद नितिन के घर वालों ने प्रियंका की सारी गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी अपने पास रख ली थी. यही नहीं, उस ने मायके से उस की महंगी घडि़यां भी मंगा ली थीं. इस के बावजूद वह उस पर दबाव बना रहा था कि वह अपने मायके वालों से कार खरीदवा कर दे. इस के लिए नितिन ने उन पर भी दबाव डाला था. रूमा और उन की बेटी डिंपी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रियंका की मौत में उस के पति नितिन चावला, सास हर्ष चावला और देवर जतिन चावला का हाथ है.
चूंकि मामला दहेज एक्ट के तहत दर्ज हुआ था, इसलिए इस में मजिस्ट्रैट के सामने पीडि़त पक्ष के बयान होने जरूरी थे. इसलिए एसआई शिवदेव सिंह डिंपी और उस की मां रूमा को तहसील कालकाजी के तहसीलदार अजीत कुमार चौधरी के पास ले गए. तहसीलदार ने रूमा और डिंपी के बयान दर्ज किए. उन्होंने कमरे से मिले सुसाइड नोट को भी पढ़ा. उन के बयानों के आधार पर ही पुलिस ने नितिन चावला, उस के भाई जतिन चावला और मां हर्ष चावला के खिलाफ भादंवि की धारा 498ए/304बी/34 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली.
अस्पताल में जरूरी काररवाई करने के बाद पुलिस ने प्रियंका की लाश पोस्टमार्टम के लिए एम्स की मोर्चरी में भेज दी थी. इस के बाद नितिन को हिरासत में ले लिया गया. जब उस से पूछताछ की गई तो उस ने बताया कि वह प्रियंका का बहुत ध्यान रखता था, इस के बावजूद उस ने सुसाइड क्यों कर लिया, इस के बारे में उसे कुछ नहीं पता. प्रियंका मूलरूप से हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले अशोक कपूर की बड़ी बेटी थी. इस के अलावा अशोक कपूर की एक बेटी और थी डिंपी. अशोक कपूर भारतीय वायु सेना में औफिसर थे.
अशोक कपूर की पोस्टिंग लंबे समय तक चंडीगढ़ में रही. वहीं पर दोनों बच्चों की स्कूली पढ़ाई हुई. उन का दिल्ली ट्रांसफर हुआ तो वह परिवार के साथ दिल्ली आ गए और लाजपत नगर में रहने लगे. वह नौकरी के बजाय अपना कोई बिजनैस करना चाहते थे. इसलिए उन्होंने वीआरएस (ऐच्छिक सेवानिवृत्ति) ले कर गुड़गांव में टेलीकौम का बिजनैस शुरू किया. लेकिन घाटा होने से उन्हें बिजनैस बंद करना पड़ा. इस के बाद उन्होंने गुड़गांव की एक निजी कंपनी में नौकरी कर ली. दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रैजुएशन करने के बाद प्रियंका ने एक जर्मन कंपनी में नौकरी की. उसे डांसिंग का शौक था. नौकरी से छुट्टी होने के बाद वह डांस सीखने चली जाती थी.
वह चाहती थी कि उस की मधुर आवाज को दुनिया भर में नई पहचान मिले, इसलिए उस ने रेडियो जौकी का कोर्स किया. रेडियो जौकी का कोर्स करने के बाद उसे आस्ट्रेलियन रेडियो में रेडियो जौकी की नौकरी मिल गई. प्रियंका बेहद खूबसूरत थी. अपनी काया को स्वस्थ बनाए रखने के लिए उस ने योगा में भी डिप्लोमा ले रखा था. इस के अलावा वह मैडिटेशन, हीलिंग और विपश्यना में एक्सपर्ट थी.
प्रियंका एक संपन्न परिवार से थी. नौकरी को वह किसी मजबूरी की वजह से नहीं, बल्कि शौक के तौर पर कर रही थी. कुछ दिनों बाद उस ने रेडियो जौकी की नौकरी छोड़ दी और एक गैरसरकारी सामाजिक संस्था से जुड़ कर काम करने लगी. इस के बाद वह एक कंपनी में अपनी दोस्त तेहरीमा जाकी के साथ इवेंट मैनेजर के रूप में काम करने लगी. प्रियंका की नितिन चावला से पहली मुलाकात ग्रैटर कैलाश पार्ट-2 में उस के ही सिनेमा लाउंज पब में हुई थी. नितिन चावला एक बड़ा बिजनेसमैन था. ग्रेटर कैलाश के आलवा पंजाबी बाग और चंडीगढ़ में उस के सिनेमा लाउंज नाम से 5 पब हैं. इस के अलावा दिल्ली एनसीआर में उस का स्टील का कारोबार है. वह दिल्ली के पंजाबी बाग में अपने परिवार के साथ रहता था.
पहली ही मुलाकात में नितिन चावला प्रियंका का दीवाना हो गया. उस ने प्रियंका की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया तो खुले विचारों की प्रियंका ने उस से दोस्ती करने में कोई गुरेज नहीं समझा. उन की फोन पर बातचीत होने लगी. इस से उन की दोस्ती और गहरी हो गई. प्रियंका से फोन पर बात कर के वह कार ले कर निश्चित जगह पहुंच जाता, जहां दोनों कार से घूमते और महंगे रेस्टोरेंट में खाना खाते. प्रियंका को प्रभावित करने के लिए वह उसे उस की पसंद के गिफ्ट भी देता. एक दिन उस ने प्रियंका से अपने प्यार का इजहार भी कर दिया. इस पर प्रियंका चौंकी, ‘‘नितिन, अभी मुझे अपना कैरियर बनाने दो. इस के बाद ही मैं प्यारव्यार के बारे में सोचूंगी.’’
‘‘प्रियंकाजी, प्यार के बारे में सोचा नहीं जाता, बल्कि खुदबखुद हो जाता है. जैसे कि मुझे हो गया.’’ नितिन बोला, ‘‘क्या मुझ में कोई कमी है, जिस की वजह से तुम मुझे पसंद नहीं करतीं.’’
‘‘ऐसी बात नहीं है. अगर तुम पसंद नहीं होते तो मैं दोस्ती ही क्यों करती, लेकिन यह संबंध अभी मैं केवल दोस्ती तक ही सीमित रखना चाहती हूं.’’
‘‘चलो मैं उस वक्त का इंतजार करूंगा, जब तुम्हारे दिल में मेरे प्रति चाहत पैदा होगी. प्रियंका मैं केवल इतना जानता हूं कि मैं तुम्हें दिलोजान से चाहता हूं.’’ नितिन ने कहा.
प्रियंका मुसकराई, ‘‘हां…हां, यह बात मैं भी महसूस कर रही हूं कि तुम मजनूं हुए जा रहे हो, पर अपना ध्यान रखो.’’
इस के बाद वह कई महीनों तक दोस्त की तरह ही मिलते रहे. वह प्रियंका के घर भी जाने लगा. उस का जब मन करता, वह प्रियंका को फोन कर देता. बारबार फोन करने पर वह भी परेशान हो जाती थी. तब वह उस की काल रिसीव नहीं करती. इस तरह लगातार मिलते रहने का नतीजा यह निकला कि प्रियंका नितिन को प्यार करने लगी. इतना ही नहीं, नितिन ने उस के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो वह तैयार हो गई.
प्रियंका ने नितिन से शादी करने का प्रस्ताव घर वालों के सामने रखा तो मां रूमा ने नितिन से शादी करने को मना कर दिया. इस की वजह यह थी कि नितिन प्रियंका से 15 साल बड़ा था. पर प्रियंका शादी के लिए अड़ गई. न चाहते हुए भी घर वालों को प्रियंका की बात माननी पड़ी. 6 जनवरी, 2016 को नितिन चावला और प्रियंका की शादी सामाजिक रीतिरिवाज से हो गई. नितिन ने डिफेंस कालोनी में जो फ्लैट किराए पर लिया था, शादी का कार्यक्रम उसी फ्लैट की छत पर आयोजित किया गया. इस शादी में दोनों परिवारों की तरफ से चुनिंदा लोग ही शामिल हुए थे.
शादी के बाद प्रियंका खुश थी, क्योंकि नितिन उसे बहुत प्यार करता था. इस के अलावा दूसरी बात यह थी कि जिस फ्लैट में वह रह रही थी, वहां पर उन दोनों के अलावा घर का कोई और सदस्य नहीं रहता था. केवल एक नौकर ही था. प्रियंका की शादी को अभी कुछ ही दिन हुए थे कि उसे ऐसी खबर मिली, जिस ने उसे झकझोर कर रख दिया. उसे पता चला कि जिस नितिन से उस ने शादी की है, वह पहले से शादीशुदा ही नहीं, बल्कि 2 बच्चों का बाप है. यह उस के साथ एक बड़ा धोखा था. इस बारे में उस ने नितिन से बात की तो उस ने बताया कि उस ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया है और बच्चे भी उसी के साथ हैं. उस से उस का अब कोई मतलब नहीं है.
नितिन ने अपनी बातों से प्रियंका को भले ही समझाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रियंका को इस बात का दुख था कि उस ने खुद के शादीशुदा होने वाली बात उसे बताई क्यों नहीं? बात छिपा कर उस ने उस के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है. उस ने नितिन से अपनी नाराजगी भी प्रकट की, लेकिन नितिन ने अपनी चिकनीचुपड़ी बातों से उसे मना लिया. प्रियंका ने भी होहल्ला मचाना उचित नहीं समझा, लिहाजा वह चुप हो गई. जो हो चुका, उस पर तनाव में रहने के बजाय वह अपनी लाइफ को खुशमिजाजी के साथ जीने की कोशिश में लग गई.
मूलचंद फ्लाईओवर के पास प्रियंका के एक दोस्त का रेस्टोरेंट है. शादी के बाद वह दोस्त प्रियंका और उस के पति नितिन चावला को अपने रेस्टोरेंट में पार्टी के लिए बुलाना चाहता था. उस ने जनवरी के आखिरी हफ्ते में नितिन और प्रियंका को कई बार फोन कर के बुलाया, पर नितिन को टाइम नहीं मिल रहा था. नितिन से बात करने के बाद प्रियंका ने दोस्त से कह दिया कि वह 29 जनवरी को पति के साथ रेस्टोरेंट पर पहुंच जाएगी. शाम को प्रियंका पार्टी में जाने की तैयारी करने लगी. नितिन उस समय घर पर नहीं था. उस ने उसे फोन किया तो उस ने कहा कि उसे घर आने में देर हो जाएगी. वह उस का इंतजार न करे और अकेली पार्टी में चली जाए.
उसी समय प्रियंका का दोस्त उस के यहां आ गया. वह उस के साथ जैसे ही उस की कार में बैठने को हुई, तभी नितिन आ गया. प्रियंका नितिन को देख कर खुश हो गई. उस ने नितिन से चलने को कहा तो उस ने पार्टी में जाने से साफ मना कर दिया. तब प्रियंका अकेली ही चली गई और एकडेढ़ घंटे में वहां से लौट आई. प्रियंका घर लौटी तो नितिन वहीं था. वह एकदम सामान्य था. बातचीत कर के दोनों सो गए. उसी रात को अचानक नितिन के दिमाग में न जाने क्या फितूर पैदा हुआ कि रात 3 बजे उठ कर उस ने प्रियंका की पिटाई शुरू कर दी. लातघूसों से उस ने उसे बुरी तरह पीटा.
पिटाई से प्रियंका का चेहरा सूज गया, होंठ फट गए. इस के अलावा उस के शरीर पर भी चोटें आईं. खून से उस की टीशर्ट भी भीग गई. प्रियंका समझ नहीं पाई की आखिर उस से ऐसी क्या गलती हो गई, जो नितिन ने उसे सजा दी. इस पिटाई से वह बुरी तरह डर गई. सुबह 4 बजे के करीब प्रियंका ने अपने सूजे हुए चेहरे की सेल्फी ले कर वाट्सऐप से मां रूमा के पास भेज दी. उस ने उन्हें अपने पिटाई करने की बात भी बता दी.
बेटी की पिटाई की बात सुन कर रूमा का खून खौल उठा. उन्होंने बेटी पर कभी हाथ तक नहीं उठाया था. आखिर उस ने उस की बेटी को इतनी बेदर्दी से क्यों मारा. उन का मन कर रहा था कि वह उसी समय उस के पास जाएं, पर उस समय एक तो अंधेरा था और दूसरे उन के पति घर पर नहीं थे.
बेटी डिंपी भी दोस्त की शादी में पूर्वी दिल्ली गई हुई थी. रूमा ने तुरंत डिंपी को फोन कर के प्रियंका के घर पहुंचने को कहा. उजाला होने पर रूमा बेटी प्रियंका के घर पहुंच गईं. डिंपी भी अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंच चुकी थी. प्रियंका की चोटें देख कर सभी हैरान थे कि आखिर इस से ऐसी क्या गलती हो गई, जो नितिन इतना बेदर्द हो गया. रूमा ने नितिन से बात की तो उस ने बताया कि यह बातबात पर बहसबाजी करती है. उसी बहसबाजी में बात इतनी बढ़ गई कि वह अपना आपा खो बैठा.
रूमा ने उस समय उस से ज्यादा बात करनी जरूरी नहीं समझी. वह प्रियंका को अपने घर ले आईं. जाने से पहले नितिन ने खून से सनी उस की टीशर्ट उतरवा कर दूसरी पहना दी थी. उन्होंने उसे एक क्लिनिक में भरती करा दिया. प्रियंका का अंगअंग दुख रहा था. इतनी पिटाई होने के बाद भी प्रियंका ने पुलिस काररवाई करने से मना कर दिया था. रूमा ने नितिन के पिता दलजीत चावला को फोन कर के जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि वह अभी अपने किसी रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में आए हुए हैं. नितिन के भाई जतिन को फोन किया तो उस ने भी कोई बहाना बना दिया.
उस के घर वालों ने जब उन की बात को गंभीरता से नहीं लिया तो उन्हें गुस्सा आ गया. उन्होंने जतिन को धमकी दी कि अगर वह नहीं आए तो उस के भाई के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी. इस से जतिन डर गया और प्रियंका के घर पहुंच गया. जतिन ने नितिन को भी वहीं बुला लिया. प्रियंका की चोटें देख कर जतिन भी हैरान था. उस ने नितिन को समझाया. तब नितिन ने अपनी गलती मानी और वादा किया कि भविष्य में वह ऐसा नहीं करेगा.
इस के बाद नितिन प्रियंका को लिवाने ससुराल गया, लेकिन रूमा ने कह दिया कि जिस घर में उन की बेटी के साथ जानवरों जैसा सलूक किया जाए, वहां वह उसे हरगिज नहीं भेजेंगी. नितिन ने अपनी इस गलती की कई बार माफी मांगी. इस पर प्रियंका के दिल में रहम आ गया और वह उस के साथ जाने के लिए तैयार हो गई. नितिन उसे अपने फ्लैट पर ले आया. नितिन शक्की स्वभाव का था. 2 हफ्ते बाद ही नितिन ने प्रियंका के साथ फिर से सख्ती बरतनी शुरू कर दी. जब प्रियंका पूरी तरह स्वस्थ हो गई तो वह अपने खाली समय में सोशल साइट्स पर दोस्तों आदि से बातें करती रहती थी. नितिन को शक था कि वह अपने किसी बौयफ्रैंड से बात करती है. इसलिए उस ने प्रियंका के फोन से वाट्सऐप और फेसबुक अनस्टाल करा दी.
इस के अलावा नितिन ने प्रियंका के अकेली घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी. खुले आसमान में उड़ने वाली प्रियंका अब पिंजड़े में बंद एक चिडि़या बन कर रह गई थी. यही नहीं नितिन के तुगलकी फरमान की वजह से घर का खाना उसे खुद बनाना पड़ता था. जबकि खाना बनाने के लिए रखा नौकर दिन भर खाली रहता था. अब प्रियंका को नितिन के साथ शादी करने का पछतावा हो रहा था. प्रियंका कभी किसी बात पर बहस करती तो नितिन उस की पिटाई कर देता. इस से उस के अंदर इतना खौफ बैठ गया कि वह उस के सामने अपना मुंह नहीं खोल पाती थी. वह उसी के आदेशानुसार काम करती थी.
एक दिन नितिन अपनी पहली पत्नी से पैदा हुए बेटे को फ्लैट पर लाया. उसे उसी समय बिजनैस के सिलसिले में कहीं जाना था तो वह 8 वर्षीय बेटे को प्रियंका के पास छोड़ कर चला गया. उस के जाने के बाद उस लड़के ने प्रियंका के हाथों खाना तो दूर, कोई दूसरी चीज भी नहीं खाई. ऐसा लग रहा था, जैसे उसे किसी ने सिखा कर भेजा हो कि कोई चीज नहीं खानी है. शाम को जब नितिन को पता चला कि उस का बेटा दिन भर भूखा रहा है तो उसे पत्नी पर बहुत गुस्सा आया. उस ने उसे जम कर डांटा.
प्रियंका मां को फोन कर के अपना दुखड़ा रोती, तब मां को लगता कि उन की आपस की बातों में ज्यादा टांग अड़ाना ठीक नहीं है. छोटेमोटे झगड़े तो होते ही रहते हैं. बेटी की ससुराल के मामलों में ज्यादा दखलंदाजी करने पर कभीकभी रिश्ते बिगड़ जाते हैं. उन्होंने सोचा कुछ दिनों में रिश्ते सामान्य हो जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा. रूमा ने 24 मार्च, 2016 को भी प्रियंका से बात की थी, तब प्रियंका ने कहा था कि वह कल शाम को नितिन के साथ घर आएगी और खाना खाने के बाद लौट आएगी. 25 मार्च को उन्होंने फिर से प्रियंका से बात की. इस के बाद उन की उस से बात नहीं हो सकी.
पूछताछ में नितिन चावला बारबार खुद को बेगुनाह बता रहा था. वह पत्नी की मौत को आत्महत्या ही कह रहा था. नितिन से पूछताछ करने पर पुलिस को कोई खास जानकारी नहीं मिली तो पुलिस ने उसे 27 मार्च, 2016 को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया. प्रियंका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं हो सका कि प्रियंका ने आत्महत्या की थी या उस की हत्या कर आत्महत्या का रूप दिया गया था. इसलिए डाक्टरों ने उस का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया.
प्रियंका के मातापिता का आरोप है कि उन की बेटी इतनी कमजोर नहीं थी कि वह सुसाइड करती. वह हीलिंग, मैडिटेशन और विपश्यना की एक्सपर्ट थी. मार्च के पहले हफ्ते में भी वह 15 दिनों के लिए विपश्यना के लिए पुष्कर गई थी. उन्होंने बताया कि जिस समय फ्लैट का दरवाजा तोड़ा गया था, वह बिस्तर पर घुटनों के बल बैठी थी. उस स्थिति में फांसी लगा कर किसी की भी मौत नहीं हो सकती. पुलिस को उस स्थिति का फोटो खिंचवाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया.
फ्लैट पर जो नेपाली नौकर था, उस से भी पुलिस ने पूछताछ नहीं की. सुसाइड नोट में प्रियंका ने लिखा था कि नितिन 3 दिनों से घर नहीं आ रहा. जबकि नौकर ने रूमा को बताया था कि साहब कल भी घर पर थे. इस से तो यही लग रहा है कि वह सुसाइड नोट 25 मार्च से पहले का लिखा है. शायद पहले कभी प्रियंका ने सुसाइड करने की कोशिश की होगी. अगर पुलिस नितिन के मोबाइल फोन की डिटेल्स निकलवाती तो कई महत्त्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती थीं.
प्रियंका को डेली डायरी लिखने का शौक था. रूमा का कहना था कि अगर उस ने सुसाइड किया है तो इस बात को उस ने अपनी डायरी में जरूर लिखा होगा, लेकिन पुलिस डायरी के बारे में कुछ भी नहीं बता रही. जिस कमरे में उन की बेटी मरी मिली, उस कमरे का लौक सिस्टम ऐसा है, जो अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद किया जा सकता है. इसलिए उन का कहना यही है कि प्रियंका की हत्या करने के बाद नितिन कमरे का ताला लगा कर चला गया था.
पिता अशोक कपूर का कहना है कि सन 2014 में नितिन के खिलाफ मुंबई की किसी मौडल ने वर्सोवा थाने में रेप का केस दर्ज कराया था. इस की जानकारी प्रियंका को भी हो गई थी. वह नितिन के जुल्मोसितम से तंग आ कर घर लौटना चाहती थी. यह जानकारी नितिन को लग गई थी, इसलिए उस ने उन की बेटी की हत्या कर दी.
उन्होंने इस केस की निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों के खिलाफ सख्त काररवाई करने की मांग की है. बहरहाल मामला चाहे जो भी हो, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. मामले की जांच एसआई शिवदेव सिंह कर रहे हैं. कथा लिखे जाने तक नितिन की मां हर्ष चावला और भाई जतिन चावला पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके थे. Delhi Crime Story
—कथा पुलिस सूत्रों और मृतका के घर वालों से की गई बातचीत पर आधारित






