Uttar Pradesh Crime: ज्योति का कमाने वाला पति था, 3 बच्चे थे, घर में किसी चीज की कमी नहीं थी लेकिन स्वार्थी राजेश के कहने में आ कर उस ने जो किया, उस से उस की खुद की जान तो गई ही, अपना और राजेश का घर भी बरबाद कर दिया.
आदमी में महत्त्वाकांक्षाएं कभीकभी ऐसा जुनून पैदा करती हैं कि कुछ पाने की चाह में उस के पास जो होता है, वह भी गंवा बैठता है. ज्योति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वह उत्तर प्रदेश के इटावा शहर के पंचवटी रोड स्थित यशोदानगर के रहने वाले कालका सिंह चौहान के बड़े बेटे जितेंद्र की पत्नी थी. उन का दूध का कारोबार था, जिसे अब उन का बड़ा बेटा जितेंद्र संभालता था.
ज्योति तहसील करहल के गांव तिलियानी के रहने वाले रिटायर्ड फौजी महेंद्र सिंह की बेटी थी. ससुराल में किसी चीज की कमी नहीं थी. वह बीए पास थी. शादी से पहले वह नौकरी करके अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थी. अच्छी ससुराल मिल जाने की वजह से उस ने नौकरी वाली बात भुला भले दी थी, लेकिन मन से निकाल नहीं पाई थी, जिस की वजह से कभीकभी उसे लगता था कि वह जो करना चाहती थी, कर नहीं पाई.
ज्योति जितेंद्र के 2 बेटों और 1 बेटी की मां बन चुकी थी. घर के कामों को करते हुए कभीकभी उसे लगता कि जिंदगी इसी तरह खाना बनाते, बरतन धोते और घर वालों की चाकरी करते बीत जाएगी. कभी वह मन की बात पति से कहना चाहती तो उस के पास समय ही नहीं होता था कि वह पत्नी के मन की बात को सुनता. लेकिन समय को किस ने देखा है. कभी भी कुछ भी हो सकता है. वह कभी भी करवट ले सकता है और आदमी को कुछ भी करने का मौका दे सकता है.






