Web Series. वेब सीरीज कोहरा सीजन-2 की कहानी के केंद्र में एक अपराध है. इस में हर किरदार के पीछे एक रहस्य छिपा होता है. उन की बैकस्टोरी दमदार नहीं है, जिस से कुछ सवाल अनसुलझे रह जाते हैं. धीरेधीरे जब उस रहस्य से धुंध हटती है तो नई कहानी सामने आती है. यह सीरीज पंजाब की पृष्ठभूमि पर बनी है.

निर्माता: सौरभ मल्होत्रा, सुदीप शर्मा, मनुज मिश्रा और टीना थरवानी, निर्देशक: सुदीप शर्मा और फैसल रहमान लेखक: सुदीप शर्मा, गुंजीत चोपड़ा और दिग्गी सिसोदिया, ओटीटी: नेटफ्लिक्स

कलाकार: मोना सिंह, बरुण सोबती, अनुराग अरोड़ा, प्रयारक मेहता, मुसकान अरोड़ा, पूजा भमराह, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रियंका चरण, विख्यात गुलाटी, रणजीत कुमार, पूजा पाठक, अभिषेक शर्मा

वेब सीरीज ‘कोहरा सीजन 2’ की कहानी की शुरुआत एक लड़की प्रीत के मर्डर से होती है. इस के बाद प्रीत मर्डर की जांच एसआई धनवंत कौर और एएसआई अमरपाल गरुंडी द्वारा की जाती है, जिस में एकएक कर के कई नएनए राज खुलते जाते हैं.

इस वेब सीरीज में हर किरदार की अपनी एक अलग कहानी देखने को मिलती है. मृतका प्रीत अमेरिका में अपने पति व बच्चों को छोड़ कर कई महीनों से अपने मायके में रह रही थी. यहां पर उस का अपने डांस इंसट्रक्टर के साथ अफेयर भी चल रहा था, साथ ही प्रीत का उस के अपने भाई के साथ मायके की प्रौपर्टी को ले कर झगड़ा भी हुआ था.

प्रीत का अपने पति से भी काफी लंबे समय से तनाव चल रहा था, यहां तक कि डायवोर्स की नौबत तक आ गई थी. ऐसे में शक की सूई प्रीत के पति, प्रेमी और भाई पर चली जाती है. मगर अंत में इस जुर्म की जड़ें समाज की एक ऐसी बुराई की ओर धंसी मिलती हैं, जो हर किसी को सन्न कर के रख देती है.

यह वेब सीरीज एक मर्डर मिस्ट्री और इनवेस्टीगैशन की कहानी ही नहीं है, बल्कि रिश्तों और सामाजिक बुराई पर कटाक्ष करती एक स्पैशल कहानी है. 6 एपिसोड की यह वेब सीरीज 11 फरवरी, 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज की थी.

एपिसोड 1

पहले एपिसोड का नाम ‘द बार्न’ रखा गया है, एपिसोड की शुरुआत पंजाब के गांव दलेरपुरा से होती है, जहां सुबहसुबह एक बूढ़ी औरत अपनी गायभैंसों की गोशाला में जाती है तो वहां उसे अपनी बेटी प्रीत (पूजा भामराह) की लाश दिखाई देती है तो वह बुरी तरह से घबरा जाती है.

घटना की सूचना मिलने पर तहकीकात करने एसआई धनवंत कौर (मोना सिंह) और एएसआई अमरपाल गरुंडी (बरुण सोबती) पुलिस टीम के साथ पहुंच कर जांच शुरू करते हैं. तभी वहां पर मृतका प्रीत का भाई बलजिंदर अटवाल (अनुराग अरोड़ा) आ कर जोरजोर से रोने लगता है.

धनवंत कौर जब उस से पूछताछ करती है तो बलजिंदर बताता है कि यहां पर हमारे परिवार के अलावा हमारा एक नौकर कन्नी (जसवीर कुमार) भी रहता है. कन्नी कल रात छुट्टी ले कर अपनी भतीजी की शादी में सम्मिलित होने अपने गांव गया था.

उस के बाद पुलिस प्रीत की भाभी से पूछताछ करती है तो वह बताती है कि प्रीत का अपने पति सैम (रणविजय सिंघा) के साथ डायवोर्स का केस चल रहा था, इसलिए प्रीत पिछले 7-8 महीने से अपने मायके में रह रही थी. पुलिस को वहां पर खून से सने जूते के निशान दिखाई देते हैं, जो सीढिय़ों से कमरे तक तो गए थे, लेकिन बाहर आने के कोई निशान नहीं मिलते.

तभी धनवंत कौर को कांस्टेबल औजला (दविंदर सिंह) मोबाइल में एक वीडियो दिखाता है, जिस में प्रीत एक लड़के जौनी मलंग (विख्यात गुलाटी) के साथ डांस कर रही थी. पुलिस को जौनी और प्रीत के अफेयर की खबर भी मिलती है.

ये सब बातें एसआई धनवंत कौर एसएचओ असीम खत्री (सिद्धार्थ भारद्वाज) को बताती है तो यहां पता चलता है कि धनवंत कौर को उस के पति के कारण एक बार सस्पेंड भी किया जा चुका था. एसएचओ असीम खत्री धनवंत कौर से कहते हैं कि इस केस को अब तुम डील करोगी और अमरपाल को अपने साथ रखना.

अब धनवंत कौर प्रीत की सहेली चारु (प्रियंका चरण) से पूछताछ करने उस के घर पर आती है, लेकिन चारु का पति (अभिषेक शर्मा) खुद ही प्रीत की बुराई करने लग जाता है, चारु को बात करने ही नहीं देता. यह बात धनवंत कौर नोटिस कर लेती है.

इधर धनवंत कौर अपने घर पर आती है तो उस का पति (पद्युम्न सिंह) घर पर नहीं मिलता. असल में उस का पति शराबी था, इसलिए धनवंत कौर एक शराब के ठेके में अपने पति को ढूंढ़ कर अपनी कार में बैठा कर घर पर ले आती है.

अगले दिन धनवंत कौर चारु से मिलने उस के स्कूल जाती है, जहां पर चारु शिक्षिका थी. चारु उसे बताती है कि प्रीत उस की अच्छी दोस्त थी, लेकिन उस के पति सैम से उस के अकसर झगड़े होते रहते थे. इसलिए वह अपने मायके आ कर जौनी से डांस सीखने और वीडियो बनाने लगी थी.

धनवंत चारु को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहती है कि यदि उसे प्रीत के बारे में कुछ भी याद आ जाए तो वह तुरंत इस फोन पर बता सकती है. अमरपाल अब जौनी के पिता पीटर मलंग (शशिभूषण) से पूछताछ करता है तो वह बताता है कि जौनी पिछले कुछ दिनों से घर पर आया ही नहीं है.

अमरपाल को जौनी के कमरे से कीचड़ में सने जूते मिलते हैं तो वह उन्हें सबूत के तौर पर अपने साथ ले जाता है.

दूसरे दिन प्रीत का नौकर धनवंत कौर को बताता है कि मैडम एक बार घर पर प्रीत मैडम और जौनी की लड़ाई हुई थी, लेकिन प्रीत मैडम ने उसे यह बात किसी से भी बताने के लिए मना किया था.

अगले दिन अमरपाल और उस की पत्नी सिल्की भाभी की पार्टी में एंजौय कर रहे हैं. पिछले सीजन के अनुसार अमरपाल की भाभी राज्जी (एकता सोढ़ी) अमरपाल से बेहद प्यार करने लगी थी, इसलिए अमरपाल सिल्की की शादी कर के भाभी राज्जी से दूर चला गया था, लेकिन उन दोनों के प्यार की बात सिल्की को पता नहीं थी.

इस के बाद अमरपाल अपने भाई जंग के पास जाता है तो जंग अमरपाल से कहता है कि मैं अब हुजूर साहेब के दर्शन के लिए जा रहा हूं, बाद में आ जाऊंगा.

दरअसल, जंग को अपनी पत्नी राज्जी के बारे में पता चल गया था कि वह अमरपाल के पीछे पड़ी है, इसलिए वह अपनी बीवी से पीछा छुड़ाने लगा था.

इधर धनवंत कौर डौक्टर के पास आती है तो पता चलता है कि धनवंत अब आईवीएफ के माध्यम से बेबी प्लान कर रही थी. इधर दूसरी ओर प्रीत के अंतिम संस्कार में प्रीत की भाभी एक महिला को देख कर भड़क जाती है, जिसे बलजिंदर वहां से भगा देता है.

अब हौस्पिटल में डौक्टर (गुरविंदर गौरी) धनवंत कौर को उस के पति को भेजने के लिए कहती है, ताकि पति का सीमन कलैक्शन कर के आईवीएफ की काररवाई शुरू की जा सके.

तभी धनवंत कौर को फोन आता है कि जौनी को बसस्टैंड पर देखा गया था. वह अमरपाल को बताती है तो अमरपाल बिजी होने के कारण वहां कांस्टेबल औजला को भेज देता है.

बलजिंदर को एक व्यक्ति का फोन आता है कि तुम ने 4 महीने के बाद भी मेरा उधार वापस नहीं किया है. जल्दी पैसे वापस करो, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार हो जाओ.

दूसरी तरफ अरुण कुमार (प्रथारक मेहता) नाम का प्रवासी मजदूर अपने पिता राकेश की मिसिंग रिपोर्ट लिखाने पुलिस स्टेशन में आता है. वह अपने पिता की फोटो जमा कराता है. धनवंत कौर को प्रीत की फोन रिकौर्डिंग मिलती है, जिस में वह जौनी से कह रही थी कि मैं ने तेरे लिए इतना कुछ किया है, तू मेरे साथ ऐसा मत करना, वरना मैं पुलिस को बता दूंगी.

इधर अमरपाल सीसीटीवी में बसस्टैंड पर देखता है कि जौनी को बसस्टैंड छोडऩे उस का एक स्टूडेंट आया था. वह स्टूडेंट को पहचान कर उस का पीछा करने लगता है, जो आटो में भाग रहा था तो आटो का एक्सीडेंट हो जाता है. तभी चारु धनवंत कौर को फोन कर के सैम का एक वाइस मैसेज भेजती है, जो प्रीत ने चारु को फारवर्ड किया था.

धनवंत कौर जब मैसेज को सुनती है तो सैम प्रीत को धमकी देते हुए कह रहा होता है कि प्रीत मेरे पैसे वापस कर दे वरना मैं तेरा बुरा हाल कर दूंगा.

तभी अमरपाल धनवंत कौर को फोन पर बताता है कि उस स्टूडेंट से पूछताछ करने पर पता चला है कि जौनी ने हिमाचल जाने की टिकट कटाई थी. यहीं पर पहला एपिसोड समाप्त हो जाता है.

पहले एपिसोड में जगहजगह सस्पेंस दिखा कर दर्शकों को भ्रमित किया गया है. अमरपाल और भाभी का अफेयर चल रहा था, यह बात उस के भाई जंग तक को पता थी. परिवार के सदस्यों को भी पता थी, मगर अमरपाल की पत्नी सिल्की को यह बात पता नहीं होती. यह लेखक की कोरी कल्पना साफसाफ दिखाई दे रही है.

एपिसोड नंबर 2

दूसरे एपिसोड का नाम ‘थ्रीज ए क्राउड’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत बैकग्राउंड से होती है, जहां सैम किसी महिला से चैट कर रहा होता है. यह देख कर दोनों में लड़ाई हो जाती है. सैम प्रीत को धक्का दे देता है और प्रीत कहती है कि तूने बहुत गलत किया है. मैं तेरे साथ नहीं रहूंगी और गुस्से से घर छोड़ कर अपने मायके आ जाती है.

अब सीन वर्तमान में आता है, जहां धनवंत कौर अपने पति की दुकान में आ कर उस से डौक्टर के पास जाने को कहती है ताकि सीमन लिया जा सके. वहां पर एक बोतल शराब की होती है, जिसे धनवंत गुस्से से फेंक देती है. अब धनवंत और अमरपाल सैम से पूछताछ करने उस के घर जाते हैं.

सैम धनवंत को बताता है कि मेरा प्रीत के मर्डर में कोई हाथ नहीं है. प्रीत ने मेरे जौइंट अकाउंट से 6 लाख डौलर अपने पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किए थे, मैं ने जब प्रीत से पैसे वापस मांगे तो उस ने कहा कि जब दोनों बच्चों की कस्टडी उसे मिलेगी, तभी वह पैसे वापस करेगी, जबकि मैं ऐसा नहीं चाहता था.

इधर अरुण अपने पापा राकेश की मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराता है. उस की बातों से पता चलता है कि वह झारखंड से 20 साल बाद अपने पापा का पता करने आया है.

पुलिस उस की रिपोर्ट दर्ज कर लेती है. अमरपाल अब जौनी की गर्लफें्रड से पूछताछ करने आता है. जौनी की गर्लफ्रेंड एक इंफ्लूएंसर थी. वह बताती है कि यह एक बस टाइम पास था, इस के अलावा उसे कुछ भी पता नहीं है. तभी बनी को एक फोन कौल आता है, जिसे वह बहाने से काट देती है.

अब अमरपाल को उस के ऊपर पूरा शक हो जाता है और वह कांस्टेबल औजला को बनी की कौल डिटेल्स निकालने के लिए कह देता है. धनवंत जब अपने घर पहुंचती है तो उस का पति घर पर ही होता है जो आज भी डौक्टर के पास नहीं गया था. धनवंत उस से कुछ नहीं कर पाती, बस गुस्से में घूरती है.

अमरपाल जब अपने घर आता है तो देखता है कि उस की पत्नी सिल्की अमरपाल की भाभी राज्जी को अपने घर उस की देखभाल करने के लिए ले आती है, क्योंकि राज्जी प्रेगनेंट थी और घर पर उस की देखाभाल करने वाला कोई नहीं था. अमरपाल को इस पर काफी गुस्सा आता है, पर वह चुप रहता है क्योंकि वह नहीं चाहता था कि इस सच को कहीं सिल्की न जान ले.

दूसरे दिन अमरपाल जब पुलिस स्टेशन पहुंचता है तो धनवंत कौर उसे कहती है कि उसे बनी से पूछताछ करते समय किसी महिला कांस्टेबल को अपने साथ ले जाना चाहिए था, इस से केस कमजोर पड़ सकता है.

तभी वहां पर एक आदमी आ कर धनवंत से कहता है कि जौनी का स्टूडियो मेरे ही मकान में था. जौनी ने उसे 10 लाख रुपए एडवांस में दिए थे, क्योंकि वह उस मकान को खरीदना चाहता था. अब जौनी न जाने कहां गायब हो गया है. वह उस घर को बेचना चाहता है. धनवंत अब अमरपाल से कहती है कि अब तुम प्रीत के बैंक स्टेटमेंट निकलवाओ और हमें प्रीत के वकील से भी बात करनी होगी, जो उस के बच्चों की कस्टडी दिलाने का केस लड़ रहा था.

अरुण अब एक होटल में बैरे का काम करने लगा था. उस ने अब ठान लिया था कि उसे हर हालत में अपने पिता का पता लगवाना है. अब अमरपाल रात को अपनी पत्नी सिल्की को बता कर कांस्टेबल औजला के साथ जौनी का पता करने हिमाचल निकल जाता है. बस में औजला अमरपाल को बताता है कि धनवंत मैडम की जिंदगी काफी दुखभरी रही है.

उन का पति ड्रेड ड्रिंकर है. एक केस में कांस्टेबल की गलती होने पर मैडम को सस्पेंड भी कर दिया गया था. इसी बीच धनवंत मैडम का जवान बेटा भी मर गया. यह सुन कर अमरपाल सोचता है कि मैडम के साथ इतना बुरा होने के बावजूद वह अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभा रही हैं. अब हम लवलीन को देखते हैं, जो सैम के साथ गाड़ी में बैठ कर अपने गांव जा रही थी.

जब लवलीन का गांव पास में आ जाता है तो लवलीन सैम को अपने गले लगाते हुए कहती है कि मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं. इस के बाद वे दोनों आपस में इंटीमेट हो जाते हैं और एकदूसरे का किस लेने लगते हैं. यानी कि इन का काफी लंबे समय से अफेयर चल रहा था. तभी एक पुलिस वाला टौर्च की रोशनी अंधेरे से सीधे कार के भीतर मारता है और फिर यहीं पर दूसरा एपिसोड समाप्त हो जाता है.

दूसरे एपिसोड में धनवंत कौर का पति शराबी है, उस का जवान बेटा मर चुका है और वह आईवीएफ के जरिए बेबी प्लांट करना चाहती है, लेकिन दूसरी तरफ उस का पति अपनी ही दुनिया में मस्त शराब पी कर गुजारा कर रहा है.

इस में यह स्पष्ट हो रहा है कि लेखक एक बार फिर महिला को अबला के रूप में प्रस्तुत कर अपनी मनोवृत्ति प्रकट कर रहा है.

एपिसोड नंबर 3

तीसरे एपिसोड का नाम ‘द डेड नेवर लीव’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत बैकग्राउंड से की गई है, जहां प्रीत ड्रिंक्स करने के साथसाथ अपने भाई बलजिंदर के बच्चों के साथ डांस कर रही होती है, तभी बलजिंदर गुस्से से उसे मारने लगता है और कहता है कि तेरा चक्कर जौनी के साथ चल रहा है, जिस से हमारी बदनामी हो रही है.

इस पर प्रीत गुस्से से कहती है कि भाई पहले तुम अपने गिरेबान में झांक कर देखो कि शादीशुदा होते हुए भी तुम माही वर्मा (पूजा पाठक) से प्यार करते हो, जिसे तुम ने जमीन के साथसाथ मकान तक खरीद कर दे दिया है. उसी दिन यह सच बलजिंदर की पत्नी के सामने भी आ जाता है.

अब सीन वर्तमान में आता है, जहां उस पुलिस वाले ने सैम और उस की प्रेमिका लवलीन (नीरू सहगल) को पकड़ कर धनवंत कौर के हवाले कर दिया था, जो कार में अश्लील हरकतें करते पकड़े गए थे. पूछताछ करने पर लवलीन कहती है कि हमारा प्रीत के मर्डर में कोई हाथ नहीं है. सैम भी ऐसा ही बयान देता है. उस के बाद धनवंत कौर दोनों का पासपोर्ट जब्त कर लेती है और उन्हें छोड़ देती है.

उधर हिमाचल में अमरपाल को पता चलता है कि जौनी को एक ध्यान केंद्र में एक विदेशी लड़की के साथ देखा गया था तो वह केंद्र की संचालिका से विदेशी लड़कियों से एकएक कर के पूछताछ शुरू कर देता है. सिल्की अब अमरपाल की भाभी राज्जी को ले कर अपना नया ब्यूटीपार्लर दिखाने लाती है.

अरुण कुमार सड़क के किनारे भिखारियों से अपने पिता राकेश (सत्यकाम आनंद) की फोटो दिखा कर पूछताछ करता है, मगर उसे कोई जानकारी नहीं मिल पाती.

अगले दिन हम बलजिंदर को देखते हैं, जो अपनी एक जमीन का सौदा करने किसी आदमी को ले कर आया था, लेकिन खरीदार कहता है कि इस जमीन को मैं नहीं खरीद सकता, क्योंकि इसे खरीदने के लिए तुम्हारे साले अमरजीत (करतार अर्शो) ने मुझे मना किया है.

धनवंत कौर अब प्रीत के वकील से मिलती है, जो बताता है कि बलजिंदर ने प्रीत पर हाथ उठाया था और काफी जमीन उस ने अपनी प्रेमिका माही के नाम भी कर दी थी. इस के लिए उस पर प्रीत ने केस भी किया था, लेकिन फैसले से पहले ही प्रीत का मर्डर हो गया था.

उधर कांस्टेबल औजला की नजर जौनी पर पड़ जाती है और अमरपाल और औजला उस का पीछा कर उसे पकड़ लेते हैं. इधर हम सैम को देखते हैं, जो प्रीत की मां से मिल कर कहता है कि प्रीत ने मेरे एकाउंट से 6 लाख डौलर निकाल लिए थे.

इधर धनवंत कौर ने अपने घर कुछ पुलिस वाले भेजे थे, ताकि उस के पति को हौस्पिटल ले जा सकें. उस का पति चुपचाप उन के साथ हौस्पिटल चला जाता है, लेकिन सीमंस देते समय धनवंत कौर का पति जोरजोर से रो रहा होता है, जैसे कोई ऐसी बात है जो उस के हृदय को कचोट रही हो.

अब अमरपाल जौनी को ले कर धनवंत कौर के पास आता है और धनवंत को बताता है कि इस ने हिमाचल में भी एक विदेशी लड़की फंसा ली थी. अब हम धनवंत के पति को देखते हैं कि वह अपनी बुलेट बेचने के लिए एक आदमी को अपने घर ले जाता है. वह उस आदमी से कहता है कि इस बुलेट बाइक को बस तुम ले कर चले जाओ, मुझे इस के पैसे भी नहीं चाहिए.

जब वह आदमी बुलेट को ले कर जा रहा होता है, तभी वहां पर धनवंत आ कर उस आदमी से बाइक वापस ले लेती है. तब धनवंत का पति उस से कहता है कि धनवंत ले जाने दो, मैं इस बाइक को देखना तक नहीं चाहता, क्योंकि इसी बुलेट ने मेरे बेटे को मार डाला था.

धनवंत अपने पति जगदीश (प्रद्युमन कुमार) से गुस्से में कहती है कि जगदीश हमारे बेटे को तुम ने मारा है. यह सुन कर जगदीश रोने लगता है और अमरपाल आ कर धनवंत कौर को शांत कराता है. यहीं पर तीसरा एपिसोड समाप्त हो जाता है.

तीसरे एपिसोड की बात करें तो यहां पर भी पुरुष सत्ता का ही महिमाकरण किया गया है. एक तरफ प्रीत का पति किसी दूसरी औरत के संपर्क में है तो वह अपना घर छोड़ कर अपने मायके आ जाती है.

यहां पर वह एक युवक से डांस सीख रही है तो घर की बदनामी हो रही है, जबकि घर का बेटा अपनी पत्नी को छोड़ कर किसी दूसरी औरत पर अपनी संपत्ति लुटा रहा है.

यहां पर भी औरत को बेबस और अबला दिखाया गया है, जिस से लेखक इस में औरत के प्रति न्याय करने में पूरी तरह से असफल दिखाई दे रहा है.

एपिसोड नंबर 4

चौथे एपिसोड का नाम ‘एवरीथिंग बन्र्स’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में हम फ्लैशबैक में एक होटल का दृश्य देखते हैं, जहां अमरपाल अपनी पत्नी सिल्की के साथ हनीमून पर आया था.

अमरपाल सिल्की को बताता है कि अब उस का ट्रांसफर हो गया है. सिल्की कहती है कि अमरपाल मैं ने तुम्हें एक सच नहीं बताया था कि मैं शादी से पहले एक लड़के से प्यार करती थी, जिस के बाद मैं उस के साथ जयपुर भाग गई. परंतु मेरा वह प्रेमी मुझे प्रेगनेंट कर के वहां से भाग गया. उस के बाद मैं ने किसी तरह अपना अबौर्शन कराया और घर लौट आई. उस के बाद मेरी तुम्हारे साथ शादी हो गई. पर मैं यह बात आप से छिपा नहीं सकती हूं.

यह सब सुन कर अमरपाल कुछ सोचता है. फिर कहता है यह तो तुम्हारा पास्ट था, कोई बात नहीं, आगे हम मिल कर अच्छे से रहेंगे. सिल्की अब अमरपाल से पूछती है कि आप का भी कुछ पास्ट हो तो बता दीजिए. इस पर अमरपाल कहता है कि ऐसा मेरा कुछ भी नहीं है. अब सीन वर्तमान में आता है, जहां अमरपाल देखता है कि उस की भाभी राज्जी की हालत काफी खराब हो रही थी. वह अपने भाई जंग को फोन करता है, परंतु जंग फोन नहीं उठाता.

पुलिस अब बनी को पकड़ कर भी ला चुकी थी. जौनी और बनी से पुलिस पूछताछ करती है तो दोनों कुछ नहीं बताते. उधर अमरपाल फिर अपने भाई जंग को फोन करता है तो इस बार जंग फोन उठा लेता है तो अमरपाल उसे राज्जी की हालत बता कर जल्दी घर आने को कहता है. इधर धनवंत बनी से पूछताछ करती है, लेकिन मार खाने के बाद भी वह अपना मुंह नहीं खोलती.

धनवंत अब जौनी के पास आ कर झूठ बोलती है कि बनी ने मुझे सब कुछ बता दिया है, अब तू फंस जाएगा. इधर धनवंत को खबर मिलती है कि कुछ लोगों ने माही (पूजा पाठक) को बुरी तरह से मारा है. धनवंत पुलिस टीम के साथ माही को देखने हौस्पिटल जाती है.

तभी वहां पर बलजिंदर भी आ जाता है और वह धनवंत कौर से कहता है कि माही को मेरे साले अमरजीत ने ही मारा है. अमरपाल से धनवंत माही के घर के सीसीटीवी फुटेज निकालने को कहती है. अमरपाल धनवंत से कहता है कि मैडम आप के पति जगदीश को अपनी गलती का बहुत पछतावा है, वह घुटघुट कर जी रहे हैं.

धनवंत और अमरपाल अब जौनी का बयान लेने आते हैं तो जौनी डर के मारे बता देता है कि मैं ने अपनी डांस एकेडमी खोलने के लिए प्रीत से 10 लाख रुपए उधार लिए थे. उस के बाद जब प्रीत को जौनी और बनी के अफेयर का पता चला तो वह उस से अपने पैसे वापस मांगने के लिए धमकी देने लगी.

जौनी को लगा कि प्रीत उस की शिकायत पुलिस से कर सकती है, इसलिए वह हिमाचल भाग गया था. अब अरुण राजू नाम के ब्रेकर से अपने पिता राकेश की जानकारी लेने आता है तो असल में राजू वही आदमी था, जिस ने बलजिंदर को पैसे उधार दिए थे.

अरुण अपने पिता की फोटो राजू को दिखा कर उस से पूछताछ करता है तो राज कहता है कि मैं इसे नहीं जानता और फिर धक्केमार कर अरुण को अपने घर से निकाल फेंकता है. उधर अमरपाल आ कर धनवंत कौर को बताता है कि जौनी का डीएनए प्रीत के मर्डर के स्थान से मिले खून से मैच नहीं करता यानी कि जौनी खूनी नहीं है.

हम अब अगले दिन का सीन देखते हैं, जहां धनवंत और अमरपाल माही पर हुए हमले का सीसीटीवी देखते हैं. जहां वे देखते हैं कि एक आदमी लंगड़ाते हुए माही के पास आया और उसे बुरी तरह घायल कर वहां से भाग निकला था. तभी धनवंत को किसी व्यक्ति का फोन आता है, जिस में वह कहता है कि मैडम, आप के पति जगदीश कल से अपनी दुकान पर नहीं आए हैं. यह सुन कर धनवंत टेंशन में आ जाती है.

इधर धनवंत अपने पति को इधरउधर शराब के ठेकों पर ढूंढती है. वहीं अमरपाल लोहड़ी में अपने घर नहीं जा पाता, जिस के कारण उस की पत्नी सिल्की काफी टेंशन में आ जाती है. तभी वहां पर अमरपाल का भाई जंग आ कर अपनी पत्नी राज्जी से कहता है कि अपना सामान बांध लो, घर चलेंगे.

उधर अमरपाल थकाहारा अपने घर पहुंचता है तो जंग राज्जी को घर वापस ले जा रहा होता है. अमरपाल कहता है भाई, अब आज रुक लो, कल चले जाना. जंग कहता है कि मैं अब सारी जमीनजायदाद तेरी भाभी के नाम कर के यहां से दूर चला जाऊंगा. अमरपाल कहता है कि भाई आप के बच्चे का फिर क्या होगा तो जंग गुस्से में जबाब देता है यह मेरा नहीं, बल्कि तेरा बच्चा है. यह बात सिल्की भी सुन लेती है. उस के बाद जंग राज्जी को ले कर चला जाता है और यहीं पर चौथा एपिसोड समाप्त हो जाता है.

चौथे एपिसोड में काफी खामियां नजर आ रही हैं. हनीमून के दौरान एक पत्नी अपने पति को यह बात बताए कि वह प्रेगनेंट थी और उस ने अबौर्शन कराया था, इस बात को भला कोई पति कैसे बरदाश्त और स्वीकार कर सकता है.

राजू से जब अरुण अपने पिता के बारे में जानकारी लेना चाहता है तो वह उसे धक्के मार कर घर से बाहर फेंक देता है. यह बात भी अविश्वसनीय लगती है.

एपिसोड नंबर 5

पांचवें एपिसोड का नाम ‘हाइड ऐंड सीक’ रखा गया है. पांचवें एपिसोड की शुरुआत फ्लैशबैक से होती है, जहां धनवंत का पति जगदीश अपने दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहा होता है. देर रात को जगदीश का बेटा अमन अपने पिता को लेने अपनी बुलेट बाइक से आता है. जगदीश कहता है कि बाइक मैं चलाऊंगा और वह अपने पीछे बेटे अमन को बिठा लेता है.

जगदीश काफी नशे में जब बाइक चलाता है तो उस का एक्सीडेंट हो जाता है, जिस में उस के इकलौते बेटे अमन की मौत हो जाती है. यही कारण था कि जगदीश आज तक भी अपने को माफी नहीं कर पाया था. अब सीन प्रजेंट में आ जाता है, जहां सुबह अमनपाल की नींद खुलती है तो वह देखता है कि उस की पत्नी अपने कपड़े ले कर घर छोड़ कर चली गई थी. यानी कि सच जान कर वह अपने मायके चली गई थी.

पुलिस को फार्महाउस में आग की खबर मिलती है तो धनवंत और अमरपाल वहां पर जाते हैं तो वहां 3 लोगों की जली लाश मिलती है व एक घायल होता है, जिसे वे हौस्पिटल भिजवाते हैं. हैरानी वाली बात तो यह थी कि ये चारों लोग लोहे की जंजीरों से बंधे हुए मिले थे.

पुलिस अब बलजिंदर को गिरफ्तार कर लेती है. इस के बाद पुलिस अब मल्ली (बलविंदर बुलेट) और पम्मा (गुरजंत सिंह मराहर) की खोज में जुट जाती है. एसएचओ असीम खत्री धनवंत कौर से कहते हैं कि 3 लाशें मिलने के बाद यह केस पेचीदा हो गया है. मैं तुम्हें 2 दिन का टाइम देता हूं. यदि तुम ने ये केस सौल्व नहीं किया तो मैं इस केस को गिल को ट्रांसफर कर दूंगा.

अरुण कुमार लाश मिलने की खबर सुन कर फार्महाउस में जाता है तो उसे पता चलता है कि सभी लाशें और एक घायल आदमी सिविल हौस्पिटल में भेज दिए गए हैं. अमरपाल लक्खा (राजविंदर सिंह धालीवाल) के पास पूछताछ करने जाता है तो लक्खा बताता है कि कल रात मल्ली उस के पास शराब पीने आया था. जब फार्महाउस में आग लगने की खबर उसे मिली तो मल्ली वहां से भाग गया था.

अब हम पम्मा को देखते हैं जो पुलिस के डर से एक ट्रक में लिफ्ट ले कर वहां से भाग जाता है. धनवंत अपने पति को पागलों की तरह ढूंढ रहा था, मगर वह उसे कहीं भी नहीं मिलता.

अमरपाल सिल्की से मिलने उस के मायके जाता है, पर सिल्की उस से बात तक नहीं करती. अब अमरपाल अपने भाई जंग के पास जा कर कहता है कि तुम ने मेरे और भाभी के बारे में बता कर मेरा घर ही उजाड़ डाला. जंग कहता है कि यह बच्चा मेरा नहीं बल्कि तेरा ही है, क्योंकि मैं तो कभी बाप बन ही नहीं सकता.

यह सुन कर अमरपाल के होश उड़ जाते हैं. अरुण कुमार अब हौस्पिटल जा कर घायल आदमी को अपने पिता की फोटो दिखा कर पूछताछ करता है तो वह घायल व्यक्ति अरुण को बताता है कि यह आदमी तो राजू के पास ही काम करता था. अरुण को अब राजू पर बहुत गुस्सा आता है. जैसे ही वह वहां से निकल रहा होता है तभी वहां पर धनवंत कौर आ जाती है. अरुण वहां से भाग निकलता है.

इधर धनवंत अब बलजिंदर से पूछताछ करती है तो वह सारा इलजाम अपने साले अमरजीत पर डाल देता है. धनवंत जब उस से राजू के बारे में पूछती है तो बलजिंदर कहता है कि मैं किसी राजू को नहीं जानता. धनवंत अब अमरपाल को फोन कर के कहती है कि जो विक्टिम जिंदा बचा है, वह केवल 2 नाम ले रहा है. पहला राकेश और दूसरा राज, इसलिए तुम इन दोनों का पता करो.

जब धनवंत और अमरपाल राजू के घर आते हैं तो राजू मर चुका होता है और अरुण उस की लाश के पास बैठा होता है. पुलिस अरुण को राजू के मर्डर में गिरफ्तार कर लेती है.

शाम के समय एसएचओ असीम खत्री धनवंत के पास आ कर कहता है कि एक और मर्डर हो गया है. तुम्हारे बस का कुछ नहीं है, इसलिए तुम अब यह केस गिल को दे दो.

धनवंत को अब गुस्सा आ जाता है और वह असीम खत्री से कहती है कि मेरा पति 2-3 दिन से गायब है, इस के बावजूद भी मैं ने अपनी ड्यूटी में कोई कोताही तक नहीं की है. वह उसे खूब खरीखोटी सुना डालती है.

इधर हम मल्ली को देखते हैं, जो अपने जले हाथ की मरहमपट्टी कराने डौक्टर के पास आया था, लेकिन वहां पर उसे अमरजीत का खास आदमी पम्मा पकड़ कर बुरी तरह से मारनापीटना शुरू कर देता है.

वह उसे मारने वाला ही होता है कि तभी वहां पर धनवंत कौर पहुंच जाती है. अब पम्मा धनवंत को ही बुरी तरह से मारना शुरू कर देता है, तभी अमरपाल वहां पहुंच जाता है, जिसे देखते ही पम्मा वहां से भागने लगता है और अमरपाल उस का पीछा करने लगता है. यहीं पर पांचवां एपिसोड समाप्त हो जाता है.

इस एपिसोड में अरुण राजू को निहत्था ही मार डालता है, जबकि राजू एक जानामाना गुंडा है, यह बात दर्शकों के गले नहीं उतर पाती.

दूसरी ओर पम्मा को धनवंत को भी बुरी तरह से मारता दिखाया गया है. पुलिस वाले अपनी सेहत को ठीक करने के लिए रोज समय निकाल कर एक्सरसाइज करते हैं, ताकि फिट रहें, लेकिन यहां तो गुंडा ही पुलिस को बुरी तरह से पीटता दिखाया गया है, जो सीन हजम नहीं हो पाता.

एपिसोड नंबर 6

छठें एपिसोड का नाम ‘द चेंज बाइंड अस’ रखा गया है. एपिसोड की शुरुआत में हम 20 साल पहले का दृश्य देखते हैं, जब राजू अपने साथ 4 मजदूरों को काम कराने के लिए लाया है. असल में राजू यहां मजदूरों को सप्लाई करने का काम करता था. राजू के साथ उस समय राकेश यानी कि अरुण का पिता भी होता है, जिसे राजू बलजिंदर के घर नौकर का काम करने के लिए ले जाता है.

अब सीन वर्तमान में आता है, जहां अमरपाल पम्मा को पकड़ लेता है. दोनों की भयंकर फाइट होती है. पम्मा अमरपाल पर भारी पडऩे लगता है, मगर अंत में अमरपाल पम्मा को गिरफ्तार कर ही लेता है.

अगले दिन हम सड़क पर एक भिखारी को देखते हैं जो एक बच्चे से खाना छीन कर खाने लगता है तो उसे पकड़ कर थाने ले जाया जाता है. इधर अमरपाल को बुरी तरह से जख्मी देख कर धनवंत कौर हंसते हुए कहती है कि पम्मा तो तुझ पर भारी पड़ गया. इस के बाद धनवंत और अमरपाल मल्ली का बयान लेने आते हैं, जो हौस्पिटल में भरती होता है.

धनवंत उस से पूछती है कि तुम फार्महाउस से क्यों भागे थे तो मल्ली बताता है कि मुझे यह डर था कि कहीं बलजिंदर मुझ पर सारे इलजाम न लगा दे, क्योंकि अंदर मजदूर बंधे पड़े थे. धनवंत तब गुस्से से कहती है, जब तुझे सब पता था कि मजदूरों को जंजीरों से बांधा हुआ है तो तू अपने मालिक का साथ क्यों देता रहा?

कांस्टेबल औजला धनवंत को बताता है कि खून के निशान जो प्रीत के घर से मिले थे, वह पम्मा के डीएनए से मैच हो रहे हैं. परंतु प्रीत के गले पर अंगुलियों के निशान पम्मा से मैच नहीं हो रहे हैं. इस का मतलब पम्मा ने प्रीत को नहीं मारा था. अब धनवंत पम्मा से पूछताछ करती है तो पम्मा अपना मुंह नहीं खोलता. तभी वहां पर बलजिंदर की पत्नी आ कर एक बहुत बड़ा सच बता देती है.

वह धनवंत को बताती है कि पम्मा ने कुछ भी नहीं किया था, बल्कि मैं ने ही उसे प्रीत को मारने के लिए बुलाया था, मगर इसी बीच कांच लगने से उस के खून निकल गया. उस के बाद जब हम प्रीत की मारने के लिए उस के पास पहुंचे तो प्रीत तो पहले से ही मरी हुई थी. किसी ने हमारे पहुंचने से पहले ही उस का मर्डर कर दिया था.

धनवंत उस से पूछती है कि तुम अपनी ननद प्रीत का मर्डर क्यों करवाना चाहती थी, तब बलजिंदर की पत्नी कहती है कि प्रीत ने मेरे पति से अपना हिस्सा मांगा था और मैं अपने बच्चों को उन का हक दिलवाने के लिए कुछ भी कर सकती हूं.

उस के बाद धनवंत अपने सीनियर असीम खत्री के पास जा कर ये सभी बातें विस्तार से बताती है और कहती है कि अभी तक मुख्य कातिल नहीं पकड़ा जा सका है, इसलिए आप यह केस अब गिल को दे दीजिए. अब मैं इस केस से दूर हूं.

यह कहते हुए वह थाने से बाहर जाने लगती है तो उस की नजर उसी भिखारी पर पड़ती है जो बच्चे से खाना छीन कर खा रहा था. तब धनवंत वहां संतरी से कहती है कि इसे क्यों पकड़ कर रखा है, यह तो बेचारा पागल आदमी है इसे छोड़ दो.

अब हम देखते हैं कि अमरपाल सैम को उस का पासपोर्ट वापस कर देता है. एक तरह से अब यह केस खत्म ही समझा जा रहा था, हालांकि अभी तक प्रीत का मुख्य कातिल पुलिस के हाथ नहीं लग पाया था.

धनवंत को पता चलता है कि उस का पति जगदीश एक एनजीओ में है तो वह वहां पर जाती है. जगदीश यहां पर अपना गिल्ट कम करने आया था. धनवंत जब वहां पहुंचती है तो उस समय वहां सेशन चल रहा होता है तो जगदीश कहने लगता है कि मेरे बेटे की मौत होने के बाद तो मेरी बीवी भी मुझ से दूर चली गई और मैं हमेशा घुटघुट कर जीता रहा. यह सुन कर धनवंत कौर रोने लगती है.

अमरपाल प्रीत मर्डर की फाइल देख रहा होता है, तभी वह राकेश की फोटो देखता है, जो उस भिखारी की तरह दिखता है जो अभी भी थाने में कैद था. अमरपाल राकेश को ले कर सीधा अरुण कुमार के पास आता है, जो जेल में बंद था.

राकेश को अरुण पहचान लेता है कि वह तो उस के पिता हैं. वहीं पर बलजिंदर भी बंद था तो राकेश सीधा बलजिंदर पर हमला कर देता है तो पुलिस वाले उसे किसी तरह काबू करते हैं. तब धनवंत बलजिंदर से कहती है कि तू अभी भी सच बता दे, वरना अच्छा नहीं होगा. तब बलजिंदर बताता है कि राकेश हमारे घर का नौकर था, जिसे मैं ने 2 हफ्ते पहले ही घर से निकाल दिया था क्योंकि यह पागल हो गया था.

अब धनवंत के दिमाग में एक नया आइडिया आता है. वह अब राकेश को ले कर सीधे बलजिंदर के घर आती है, ताकि असली सच्चाई पता चल सके. गाड़ी से उतरते ही राकेश सीधे गौशाला में जा कर बैठ जाता है, क्योंकि इतने सालों से वह गौशाला में ही रहता था.

राकेश के फिंगरप्रिंट्स भी प्रीत के गरदन से मैच हो जाते हैं. जिस का सच जान कर प्रीत की मां रोने लगती है. तब धनवंत उसे कहती है कि आप लोगों ने एक गरीब इंसान से इतने सालों तक गुलामी कराई कि वह अपना मानसिक संतुलन ही खो बैठा और फिर उस ने तुम्हारी बेटी की जान ही ले ली. अब यह केस सौल्व हो जाता है.

अब रात को जब अमरपाल अपने घर में बैठ कर शराब पी रहा होता है, तभी उस के भाई जंग का फोन आता है जिस में वह कहता है कि राज्जी की डिलीवरी का समय हो गया है. मुझे बहुत डर लग रहा है, प्लीज तू यहां पर मेरे पास आजा.

अमरपाल वहां तुरंत पहुंचता है तो उस का भाई जंग उस से कहता है कि भाई अब मैं भागभाग कर थक गया हूं. अब मैं सब कुछ ठीक कर देना चाहता हूं. जिस के बाद अब जंग इस बच्चे को अपना नाम यानी उस का पिता बनने के लिए भी तैयार हो गया था. तभी वहां पर सिल्की भी आ जाती है. उस ने भी अब अमरपाल को माफ कर दिया था, यहीं पर वेब सीरीज कोहरा सीजन- 2 समाप्त हो जाती है.

छठें और आखिरी एपिसोड में भी काफी खामियां नजर आ रही हैं. पम्मा को पुलिस से बचाने के लिए बलजिंदर की पत्नी का सामने आना स्वाभाविक सा नहीं लग रहा है. एक तरफ बलजिंदर यह बयान देता है कि राकेश पागल हो गया था, इसलिए मैं ने उसे घर से निकाल दिया, दूसरी ओर राकेश प्रीत का मर्डर कर के खुद घर से बाहर चला जाता है. इस में भी विरोधाभास दिखाई दे रहा है.

यदि पूरी वेब सीरीज की बात करें तो कई बार कहानी में विषयों का बोझ महसूस किया जा सकता है, क्योंकि इस में कई उपकथाएं और कहानियां दिखा दी गई हैं जिन्हें याद करना मुश्किल हो जाता है.

मोना सिंह

Mona Singh

अभिनेत्री मोना सिंह का जन्म 8 अक्तूबर, 1981 को चंडीगढ़ के सिख परिवार में हुआ था. उस के पिता का नाम जसबीर सिंह है, जो भारतीय सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हैं. मम्मी का नाम रानी सिंह है, जो एक गृहिणी हैं. मोना सिंह की एक बड़ी बहन है, जिन का नाम सोना सिंह है.

मोना सिंह ने अपनी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय नागपुर, महाराष्ट्र से पूरी की और उस के बाद सेंट मीरा गल्र्स कालेज, पुणे से स्नातक की परीक्षा पास की.

अभिनेत्री मोना सिंह ने 2003 से 2006 तक सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के सुपरहिट सोप ओपेरा ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ से हिंदी टेलीविजन में डेब्यू किया.

मोना सिंह ने वर्ष 2006 में ‘झलक दिखला जा सीजन-3’ में भाग लिया और इस की विजेता बनी. इस के बाद उस ने दूसरे और चौथे सीजन को होस्ट भी किया. वह ‘एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा’ के अब तक के पांचों सीजन को भी होस्ट कर चुकी है. इस के अतिरिक्त ‘फेमिना मिस इंडिया’, ‘शादी 3 करोड़ की’ और ‘स्टार या रौकस्टार’ जैसे अन्य कई रियलिटी शोज को भी वह होस्ट कर चुकी है.

इस के बाद उस ने कई सीरियल्स ‘क्या हुआ तेरा वादा’, ‘प्यार को हो जाने दो’ और ‘लाल इश्क’ में काम किया. टेलीविजन के साथसाथ मोना सिंह ने फिल्मों में भी सफलता के साथ कदम रखा.

मोना सिंह ‘3 इडियट्स’, ‘लाल सिंह चड्ढा’, ‘मिशन मंगल’ और ‘गोलमाल अगेन’ जैसी बड़ी फिल्मों में नजर आई. इतना ही नहीं, ओटीटी प्लेटफार्म पर भी मोना सिंह ने ‘मेड इन हेवन’, ‘ये मेरी फेमिली’ और ‘कहने को हमसफर हैं’ जैसी वेब सीरीज में अपने उत्कृष्ट अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी.

मोना सिंह ने कई पुरस्कार भी जीते हैं, जिन में मुख्य रूप से ड्रामा सीरीज में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए अप्सरा पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए इंडियन टेली अवाड्र्स, सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय अभिनेत्री के लिए भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (नाटकीय) के लिए भारतीय टेलीविजन अकादमी के जूरी सदस्य शामिल हैं.

अभिनेत्री मोना सिंह ने 27 दिसंबर, 2019 को दक्षिण भारतीय इनवेस्टमेंट बैंकर श्याम राजगोपालन से विवाह किया था. मोना सिंह की अपनी कोई संतान नहीं है, क्योंकि मोना ने शादी से पहले 34 साल की उम्र में अपने एग्स फ्रीज करवा लिए थे.

उस के पति श्याम राजगोपालन की मोना सिंह से यह दूसरी शादी थी. मोना सिंह अपने पति श्याम राजगोपालन की पहली शादी से हुई अपनी सौतेली बेटी के साथ रहती है. अभिनेत्री मोना सिंह ने अपनी शादी को बहुत ही निजी रखा था और यह समारोह मुंबई के जुहू मिलिट्री क्लब में संपन्न किया गया था.

बरुण सोबती

Barun Sobti

अभिनेता बरुण सोबती का जन्म 21 अगस्त, 1984 को एक पंजाबी परिवार में नई दिल्ली में हुआ था. बरुण ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सेंट मार्क स्कूल, पश्चिम दिल्ली से पूरी की थी. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने से पहले बरुण ने करीबन 7 सालों तक जिंदल टेलीकौम में बतौर औपरेशन मैनेजर की नौकरी की थी.

इस से पहले बरुण ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास की थी. बरुण के पिता का नाम राज सोबती है और उस की मां एक कुशल गृहिणी हैं. बरुण की एक बड़ी बहन भी है, जिस का नाम रिचा अरोड़ा है. वर्ष 2009 में अपने अभिनय और मौडलिंग के सफर को शुरू करने के बाद से ही बरुण ने जनता का प्यार पाना शुरू किया और उस के बाद उस का नाम लोकप्रिय अभिनेताओं के साथ शामिल कर लिया गया.

बरुण सोबती ने 2009 में टीवी सीरियल ‘श्रद्धा’ से करिअर की शुरुआत की. स्टार प्लस के इस सीरियल में इस के किरदार का नाम स्वयं खुराना था. वर्ष 2010 में बरुण को स्टार वन पर दिखाए गए सीरियल ‘दिल मिल गए’ में देखा गया, जिस में बरुण ने डा. राम सिंह का सब से पहला नेगेटिव किरदार निभाया था. 2010 में उसे सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले ‘श्रवण जायसवाल’ में देखा गया.

इस सीरियल के कुल 188 एपिसोड टीवी पर दिखाए गए थे. 2011 में बरुण ने स्टार प्लस सीरियल ‘इस प्यार को क्या नाम दूं’ में मुख्य किरदार अर्नव सिंह रायजादा का चरित्र निभाया. इस सीरियल के कुल 398 एपिसोड को टीवी पर प्रसारित किया गया था. इस के अतिरिक्त बरुण ने टीवी सीरियल ‘द ग्रेट इंडियल डिसफंक्शनल फेमिली’, ‘डेर्मा’ में भी अभिनय किया.

बरुण ने 2015 में यूट्यूब के सीरीज ‘ड्राई ड्रीम्स’, 2017 में हौटस्टार की सीरीज ‘तन्हाई’, 2018 में एएलटी बालाजी के सीरीज में समर रनौत की भूमिका निभाई. 2019 में वूत के सीरीज ‘डर्मा’, 2019 में वूत के सीरीज ‘असुर’ और 2019 में ही एरोस नाओ के सीरीज ‘हलाहल’ में मुख्य भूमिकाएं निभाईं.

बरुण ने 2014 में हिंदी फिल्म ‘मैं और मिस्टर राइट’, 2017 में इंडोनेशियाई फिल्म ‘कैलोन इस्त्रिकु पुत्री दारी इंडिया’, 2017 में हिंदी फिल्म ‘यू आर माई संडे’ और 2019 में हिंदी फिल्म ’22 याड्र्स’ में भी प्रमुख भूमिकाएं निभाईं.

बरुण ने दिसंबर 2010 में अपनी बचपन की दोस्त परमीत मनचंदा के साथ विवाह किया था. बरुण और परमीत की एक बेटी भी है जिस का नाम सिफत रखा गया है.

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