IIT Baba. वह कोई अनपढ़ अपराधी नहीं, बल्कि आईआईटी से पढ़ा मैकेनिकल इंजीनियर है. साधु के चोले में उस का पाखंड सामने आते ही कुकर्म के किस्से भी उजागर हो गए. औनलाइन ग्रुप के जरिए पढ़ीलिखी महिलाएं और युवतियां उस के निशाने पर रहती थीं. मानसिक द्वंद्व में फंसी युवतियों का ब्रेनवाश कर वह उन्हें वृंदावन बुलाता था. इस के बाद बाबा उन के साथ ‘गंधर्व विवाह’ के नाम पर यौन संबंध बनाता था.
पश्चिम बंगाल की सुप्रिया (बदला नाम) एक प्रोफेशनल उच्चशिक्षा प्राप्त युवती थी. वह अपने करिअर को ले कर बहुत चिंतित रहती थी. हालांकि पढ़ाई के बल पर कई अच्छी पैकेज वाली नौकरियां वह कर चुकी थी, लेकिन मन में हमेशा हलचल मची रहती थी. कुछ नया करने की महत्त्वाकांक्षा थी. दूसरी तरफ वह परिवार की कुछ उलझनों से घिरी हुई थी. इसी बीच एक रोज इंस्टाग्राम के जरिए उसे एक मैसेज मिला.
मैसेज औनलाइन भगवत गीता के प्रवचन के बारे में था. उस में जूम के जरिए जुडऩे का औफर था. कहा गया था— इस दौरान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रवचन करने वाले बाबा से सवाल पूछ सकती हैं.
मानसिक संतुष्टि की तलाश में सुप्रिया मैसेज में दिए गए समय पर जूप ऐप के लिंक के जरिए औनलाइन प्रवचन में शामिल हो गई. बाबा का आध्यात्मिक प्रवचन प्रेम, संबंध, संस्कार, समाज और धर्मअधर्म को ले कर था. बाबा की एकएक बात सुप्रिया के दिल में उतरती चली गई. उसे महसूस हुआ कि जैसे किसी ने उस के चंचल मन को शांत कर दिया हो.
फिर तो प्रवचन सुनने का सिलसिला चल पड़ा. बाबा ने कहा था, ‘राधारानी सपने में आती हैं. उन से कैसी भी मानसिक पीड़ा की समस्या का समाधान कर सकते हैं.’
सुप्रिया ने भी अपने मन की पीड़ा बाबा के सामने औनलाइन रख दी. बाबा ने उसे निजी समस्या बताया, लेकिन साथ ही समाधान का आश्वासन दिया.
बाबा का टेलीग्राम पर मैसेज आया. उस ने दावा किया था, ‘मुझे राधारानी ने सपने में तुम्हारी परेशानी बताई, इसलिए मैं ने मैसेज किया.’
इस से सुप्रिया बाबा से बेहद प्रभावित हुई. बाबा ने उसे अपने आश्रम मथुरा बुलाया. वहां कई मानसिक पीडि़त थे, जिस में अधिकतर युवतियां और महिलाएं ही थीं. यह करीब एक साल पहले 2025 की बात है.
सुप्रिया पश्चिम बंगाल से मथुरा के राधा कुंड आश्रम में आ गई. वहां एक किराए के मकान में लड़के और लड़कियों का ग्रुप रहता था. आश्रम में धार्मिक गतिविधियां चलती थीं. कुछ दिनों तक तो सुप्रिया को सब कुछ ठीक लगा, किंतु जल्द ही उस ने महसूस किया कि वह वहां के तौरतरीके और रहनसहन में ढल चुकी है. वह आज्ञाकारी और अनुशासित बन चुकी है. उस के दिमाग पर बाबा के प्रवचन और आध्यात्मिक बातों का असर हो चुका है.
बाबा ने प्रवचन के दौरान विवाह और संसर्ग को ले कर भी तर्क और तथ्य दिए. गंधर्व विवाह की बातें बताईं. उस की महत्ता को समझाने की कोशिश की. दुष्यंत और शकुंतला का विवाह, पुरुरवा और उर्वशी के संबंधों के उदाहरण दिए. समझाया गंधर्व विवाह प्राचीन भारतीय विवाह पद्धतियों में से एक है.
धर्मशास्त्रों में वर्णित 8 प्रकार के विवाहों में इस का विशेष स्थान है. इस में स्त्री और पुरुष आपसी प्रेम, सहमति और इच्छा से बिना किसी औपचारिक अनुष्ठान, कन्यादान या परिवार की अनुमति के विवाह संबंध स्थापित करते हैं.
गंधर्व विवाह की अवधारणा पर बाबा का प्रवचन कुछ इस प्रकार था— गंधर्व विवाह का मूल आधार परस्पर प्रेम और स्वेच्छा है. इस में वर और कन्या स्वयं एकदूसरे को जीवनसाथी चुनते हैं. विवाह का निर्णय दोनों की सहमति से होता है. मातापिता या समाज की स्वीकृति आवश्यक नहीं मानी जाती है.
बाबा का कहना था— वैदिक और पौराणिक साहित्य में गंधर्व स्वर्ग में निवास करने वाले नृत्य, संगीत एवं प्रेम से जुड़े दिव्य प्राणी माने गए हैं. इसलिए प्रेम आधारित विवाह को ‘गंधर्व विवाह’ कहा गया.
इसी के साथ बाबा ने इस के आधुनिक संदर्भ बताए— आज के समय में लव मैरिज (प्रेम विवाह) को कई विद्वान गंधर्व विवाह की आधुनिक अभिव्यक्ति मानते हैं, क्योंकि इस का आधार भी स्त्रीपुरुष की स्वतंत्र सहमति और प्रेम है. जबकि आधुनिक विवाह कानूनों के तहत कानूनी वैधता के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक होता है.
गंधर्व विवाह की सब से महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह विवाह को केवल सामाजिक या पारिवारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि 2 व्यक्तियों की स्वतंत्र इच्छा और प्रेम का बंधन मानता है.
गंधर्व विवाह के बहाने
बाबा की इन गूढ़ बातों से सुप्रिया बहुत प्रभावित हो गई. बाबा ने कहा आत्मीय सुख और मन की शांति के लिए उस ने भी गंधर्व विवाह किए हैं. इसी के साथ ही बाबा ने गंधर्व विवाह के बहाने से यौन संबंध कायम किए.
आधुनिक समाज की युवती सुप्रिया को एक दिन तब एहसास हुआ कि उस के साथ बाबा ने गलत किया है, जब उस के परिजनों ने उस से मिलने इच्छा जाहिर की. उस ने बाबा से अपने घर वापस जाने की अनुमति मांगी, लेकिन बाबा ने मना कर दिया. इस पर सुप्रिया तनाव में आ गई. उस ने नाराजगी जताई. जवाब में बाबा ने सुप्रिया को टेक्स्ट मैसेज भेजा— अगर मैं तुम्हारे साथ गलत करूंगा तो तुम क्या कर लोगी?
इस पर विचलित सुप्रिया ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही. बाबा ने उस का ब्रेनवाश, डरानाधमकाना और प्रताडि़त करना शुरू कर दिया. इन सब का सुप्रिया पर असर नहीं हुआ, उस ने मथुरा पुलिस से इस की शिकायत कर दी.
उन्हीं दिनों छत्तीसगढ़ की एक महिला ने 25 मई को बाबा के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज करवाई थी. गोवर्धन पुलिस स्टेशन में शिकायत करने वाली 22 वर्षीय युवती छत्तीसगढ़ से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और अपनी बहन से मिलने मथुरा आई थी, तभी वह बाबा के संपर्क में आई.
उस ने आरोप लगाया कि 17 मई को बाबा ने उसे प्रसाद के तौर पर नशीली चीजें खिलाईं और फिर उस का यौन शोषण किया. इस हरकत का उस ने वीडियो भी बनाया.
इस घटना के बाद उस ने बाबा से संपर्क तोड़ दिया और 19 मई को छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट गई. उस ने आरोप लगाया कि बाबा ने उस की तसवीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर फोन पर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और 5 लाख रुपए की मांग की.
इस शिकायत पर मथुरा पुलिस ने पहल की. आश्रम में छापेमारी कर पहली जून को बाबा को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार बाबा 29 वर्षीय अभिषेक मिश्रा है. आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वह आध्यात्मिक गुरु बन गया था. वह मथुरा में आदिकर्ता नारायण दास के नाम से भी जाना जाता है.
राधाकुंड स्थित आश्रम से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने छानबीन में पाया कि वह मूलरूप से ओडिशा के भुवनेश्वर का निवासी है. उस ने अपना नाम ‘आदिकर्ता नारायण दास’ रख लिया था.
मथुरा के एसपी (ग्रामीण) सुरेशचंद्र रावत द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उस ने 2021 में आईआईटी रुड़की (2017-2021 बैच) से पढ़ाई पूरी की थी. वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रैजुएट था, लेकिन फिर वह औनलाइन धार्मिक उपदेश देने लगा और 3 साल पहले मथुरा के गोवर्धन इलाके में राधा कुंड में रहने चला आया.
जांच के बाद उस पर लगे कई आरोपों का भी खुलासा हुआ. जैसे उस ने अपने अनुयायियों को अपने आश्रम में रहने के लिए बहलायाफुसलाया और महिला शिष्याओं के साथ रिश्तों को जायज ठहराने के लिए ‘गंधर्व विवाह’ की रस्में निभाईं.
पुलिस उस के कथित अपराधों की जांच कर रही है, जिस में जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और यौन उत्पीडऩ जैसे आरोप शामिल हैं.

पुलिस ने उस के मोबाइल फोन से अश्लील तस्वीरें और वीडियो बरामद किए हैं. उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) (जबरन वसूली), 351(2) (आपराधिक धमकी), 76 (किसी महिला के कपड़े उतारने के इरादे से आपराधिक बल का प्रयोग) और 75(2) (यौन उत्पीडऩ) के तहत आरोप लगाए गए हैं.
पुलिस जांच में पाया गया कि इस आईआईटी बाबा ने शुरुआत में मथुरा के राधा कुंड में किराए के मकान में अपना ठिकाना बनाया. राधा कुंड एक पवित्र तीर्थस्थल है, जो कृष्ण और राधा की दिव्य लीलाओं से जुड़ा है.
उस ने आदिकर्ता नारायण दास के नाम से काम करना शुरू किया और बाद में उसी इलाके में एक घर खरीद कर उसे आश्रम में बदल दिया. अपनी नकली पहचान के साथ उस ने औनलाइन धार्मिक प्रवचनों के जरिए धीरेधीरे अपने अनुयायियों की संख्या बढ़ाई.
उस ने ‘राधा कृपा अमृत’ नाम के यूट्यूब चैनल के जरिए हिंदी और अंग्रेजी में उपदेश भी दिए और खुद को कथावाचक (धार्मिक कथा सुनाने वाला) के तौर पर पेश किया.
खुद को भगवान का दूत बताने वाला यह व्यक्ति पढ़ेलिखे युवाओं, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले लोगों को लुभाने के लिए लिंक्डइन जैसे औनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करता था.
वह अपने कई फालोअर्स को उन के परिवारों से दूर कर के अपने आश्रम में रहने के लिए उकसाता था. पुलिस के मुताबिक, एक समय में आश्रम में करीब 24 युवक- युवतियां रह रहे थे.
बाबा के चंगुल में फंसने वाले वे लोग होते थे, जो शांति, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक उन्नति के महत्त्वाकांक्षी थे. वह ऐसे लोगों का विश्वास जीत लेता था. उस के संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं. कुछ बीटेक और एमटेक कर चुकी थीं तो कुछ उच्चशिक्षित परिवारों से थीं.
पुलिस का मानना है कि आरोपी विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो जीवन में किसी भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक उलझन से गुजर रहे हों. पहले विश्वास कायम किया जाता था और फिर धीरेधीरे उन्हें परिवार से दूर रहने तथा समूह के साथ जुडऩे के लिए प्रेरित किया जाता था.
इस मामले में सब से गंभीर आरोप एक पीडि़ता के बयान के बाद सामने आए. पुलिस के अनुसार पीडि़ता ने बताया कि अभिषेक मिश्रा कथित तौर पर यह कह कर युवतियों को भ्रमित करता था कि उन का गंधर्व विवाह हो चुका है.
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी आधार पर वह शारीरिक संबंध बनाता था. पीडि़ता की शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
वैसे अभिषेक मिश्रा के आश्रम से लगभग 6 महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था. उस दौरान काफी हंगामा हुआ था.
हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवती के साथ आए लोग उस के परिजन ही थे. उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उसी दौरान कई संकेत मिल गए थे कि वहां कुछ असामान्य गतिविधियां चल रही हैं.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय वहां करीब 2 दरजन युवकयुवतियां मौजूद थे. हालांकि समय के साथ अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर इतने लोग वहां क्यों पहुंचे और बाद में क्यों लौट गए.
मथुरा पुलिस अब सिर्फ दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है. जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उन के परिवारों के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे.
आरोप है कि भावनात्मक दबाव बना कर आर्थिक मदद लेने की कोशिश की जाती थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का आर्थिक शोषण होता था और यदि होता था तो उस की प्रकृति क्या थी. पुलिस डिजिटल रिकौर्ड, बैंकिंग लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है. IIT Baba






