Surat Murder Case . एक अस्पताल में डायटीशियन की नौकरी करने वाली शिल्पा सालवी पर उस का बेरोजगार पति विशाल रणछोड़भाई सालवी शक करता था. घर में पत्नी के चिड़चिड़ेपन की वजह को समझने के बजाय वह ऐसा खौफनाक अपराध कर बैठा, जिस की किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. काश! विशाल अपने दिलोदिमाग में पैदा हुए शक का समाधान कर लेता तो…

कहते हैं कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है. वह कुछ अच्छा नहीं सोचता. दिमाग में हमेशा उल्टीसीधी बातें ही चलती रहती हैं. ऐसा ही कुछ विशाल रणछोड़भाई सालवी के साथ भी था. कोई कामधाम न होने की वजह से वह हमेशा उल्टासीधा सोचा करता था.

पत्नी सालवी के रंगढंग देख कर उसे पूरा विश्वास हो गया था कि शिल्पा का किसी अन्य के साथ जरूर चक्कर है, तभी तो वह उसे भाव नहीं देती है. जब देखो, तब ताने मारती रहती है. खर्च के लिए मांगने पर पैसे भी नहीं देती. रात को पास जाने पर दुत्कार कर भगा देती है. ऐसी चरित्रहीन पत्नी के साथ भला कौन पति रहेगा?

लेकिन उस से छुटकारा पाया जाए तो कैसे. वह उसे छोड़ भी नहीं रही थी. जबकि यारदोस्त उस का मजाक उड़ाते कि पत्नी कमाती है और गुलछर्रे उड़ाती है. वह बेवकूफों जैसा उस के पीछेपीछे डोलता है. शिल्पा की वजह से उस की कितनी बदनामी होती थी. ऐसी पत्नी का जिंदा रहना ठीक नहीं है. उस के जिंदा रहने से उस की बदनामी ही होगी. इसी बदनामी से बचने के लिए विशाल अपनी पत्नी की हत्या करने की योजना बनाने लगा था.

विशाल समझदार था, इसलिए वह शिल्पा की हत्या इस तरह करना चाहता था कि किसी भी हालत में किसी को पता न चले. विशाल के मन में पत्नी के चरित्र को ले कर शक का जहर पूरी तरह घुल चुका था. इसीलिए वह उस की हत्या इस तरह करना चाहता था कि किसी को कानोंकान खबर न हो.

किसी की हत्या करना तो आसान है. परेशानी होती है लाश को ठिकाने लगाने में. लाश ही हत्यारे को पकड़वा देती है, इसलिए विशाल शिल्पा की हत्या ऐसी जगह करना चाहता था कि लाश को ठिकाने लगाने में परेशानी न हो.

शिल्पा पेशे से डायटीशियन थी और पाल इलाके में अपना क्लिनिक चलाने के साथ एक प्राइवेट अस्पताल में नौकरी भी करती थी. दूसरी ओर विशाल पहले हीरे के एक कारखाने में काम करता था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद नौकरी छोड़ कर बेरोजगार हो कर घर में बैठा था.

पत्नी की सफलता और अपनी बेरोजगारी के बीच शक ने ऐसा रूप लिया कि विशाल ने शिल्पा को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया.

अगर वह शहर में उस की हत्या करता तो लाश छिपाना मुश्किल हो जाता, इसलिए उस ने उस की हत्या करने की योजना ऐसी जगह बनाई, जहां लाश आसानी से ठिकाने लगाई जा सकती थी.

सलाबतपुरा में उस की पुश्तैनी प्रौपर्टी थी, जो खाली पड़ी थी. वहां शिल्पा की हत्या आराम से की जा सकती थी. 20 अप्रैल, 2026 को उस ने इस अपराध को अंजाम देने के लिए पत्नी को बाइक पर बिठा कर पुराने घर से सामान लाने के बहाने सलाबतपुरा जा पहुंचा.

सलाबतपुरा इलाके में कागजी की चाल में विशाल के 5 पुराने पुश्तैनी कच्चे मकान थे. विशाल पहले पत्नी को ले कर गली में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर गया. वहां थोड़ी देर रुक कर चायपानी करने के बाद उस ने शिल्पा से कहा, ”चलो, अपने पुराने घर से सामान ले आते हैं.’’

फिर विशाल शिल्पा को ले कर अपने पुराने घर की पहली मंजिल पर पहुंचा. मकान संकरी गली में था, इसलिए उधर ज्यादा आवाजाही नहीं थी. शायद इसीलिए विशाल ने इस जगह को शिल्पा की हत्या के लिए चुना था.

पहली मंजिल पर पहुंचते ही विशाल ने कहा, ”शिल्पा, लगता है तुम सुधरोगी नहीं. मैं ने तुम्हें कितना समझाया, पर तुम अपनी आदत से बाज नहीं आ रही हो.’’

”तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या, मैं ने तुम से कितनी बार कहा कि मेरा ऐसा किसी से कुछ भी चक्कर वगैरह नहीं है. पर मेरी बात तुम्हारी समझ में ही नहीं आती. तुम्हें अपनी ही पत्नी पर ऐसा लांछन लगाते हुए शर्म नहीं आती.’’ शिल्पा ने कहा, ”फिर तुम यहां जो सामान लेने आए हो, उसे लो और चलो. यहां बिना मतलब की बात करने की जरूरत नहीं है.’’

”शर्म तो तुम्हें नहीं आती.’’ विशाल ने थोड़ी तेज आवाज में कहा, ”मुझे शर्म आती है, तभी तो तुम्हें समझाने के लिए यहां लाया हूं. इज्जत के साथ रहो, तभी ठीक होगा. वरना ठीक नहीं होगा. मैं तुम्हें यहां समझाने के लिए लाया हूं. बाकी सामान तो बहाना था.’’

”मैं जिस तरह रह रही हूं, उसी तरह रहूंगी. तुम क्या कर लोगे?’’ शिल्पा गुस्से में बोली. क्योंकि विशाल ने उस से झूठ जो बोला था.

शिल्पा का इतना कहना था कि गुस्से में आ कर विशाल ने शिल्पा का गला पकड़ लिया, ”मैं जैसा कहूंगा, तुम्हें वैसा ही करना होगा, वरना जीना मुश्किल कर दूंगा.’’ विशाल ने धमकी दी.

अपना गला छुड़ाते हुए शिल्पा बोली, ”पहले गला छोड़ो, उस के बाद जो बात करनी हो, करो.’’

लेकिन विशाल ने शिल्पा का गला छोडऩे के लिए नहीं पकड़ा था. गला छोडऩे के बजाय विशाल ने उस पर दबाव बढ़ा दिया. शिल्पा को लगा कि उस का पति उसे मार ही देगा तो वह पूरी ताकत से अपना बचाव करते हुए गिड़गिड़ाई, लेकिन विशाल पर कोई असर नहीं हुआ. उसने शिल्पा को छोडऩे के बजाय गला दबा कर उसे मौत के घाट उतार दिया.

हत्या करने के बाद लोग घबरा जाते हैं, लेकिन विशाल जरा भी नहीं घबराया. उस ने जैसा पहले से ही सोच रखा था कि लाश को कहां और कैसे ठिकाने लगाना है. उस ने सब से पहले आराम से शिल्पा के सारे कपड़े उतार कर निर्वस्त्र किया. उस के बाद मकान में ही रखे एक बड़े लकड़ी के बौक्स में लाश को ठूंस दिया.

उसे पता था कि लाश सड़ेगी तो चारों ओर दुर्गंध फैलेगी. दुर्गंध बाहर न आए और किसी को पता न चले, इस के लिए वह पास में बन रहे मकान पर जा कर सीमेंट ले आया और उसे गीला कर बौक्स के ऊपर और आसपास मोटी परत चढ़ा कर उसे पैक कर दिया.

इस क्रूर कृत्य को करने के बाद वह लगभग एक घंटे तक वहीं रुक कर तसल्ली करता रहा कि सब ठीक है. उस के बाद वह पड़ोस में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर चला गया.

जब विशाल अकेला ही रिश्तेदार के घर पहुंचा तो उन्होंने शिल्पा के बारे में पूछा. तब शातिर विशाल ने ठंडे दिमाग से कहा कि शिल्पा थोड़ी देर पहले यहां से चली गई है. रिश्तेदार को संतुष्ट कर के विशाल भी वहां से रवाना हो गया.

किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जो महिला थोड़ी देर पहले विशाल के साथ यहां आई थी, उस की लाश बगल के ही मकान में सीमेंट के नीचे लकड़ी के बौक्स में दबी पड़ी है.

घर लौट कर विशाल सालवी ने किसी को कुछ नहीं बताया. बच्चों ने मम्मी के बारे में पूछा तो उस ने कह दिया कि उसे तो वह अस्पताल के पास छोड़ कर आया था. जब रात अधिक होने लगी तो बच्चे परेशान होने लगे. क्योंकि मां का फोन भी नहीं लग रहा था. वह बंद था.

तब परेशान बच्चों ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में रहने वाले अपने नाना प्रदीप कोस्टा को फोन किया. उन्होंने जब बताया कि मम्मी रात को घर नहीं आई हैं तो वह भी परेशान हो उठे. उन्होंने तुरंत विशाल को फोन किया. विशाल ने भी कहा कि शिल्पा आज घर नहीं आई है तो प्रदीप कोस्टा पत्नी को साथ ले कर बेटी की तलाश के लिए सूरत आ पहुंचे, क्योंकि उन्हें पता था कि पतिपत्नी में पटती नहीं है.

21 अप्रैल को विशाल सालवी ने ससुर के साथ थाना गोडादरा जा कर पत्नी शिल्पा की गुमशुदगी दर्ज कराई. उस ने थाना पुलिस को बताया कि शिल्पा जिस अस्पताल में नौकरी करती थी, उसे कल वह वहीं छोड़ कर आया था. रात को शिल्पा घर वापस नहीं आई.

शिल्पा जब समय पर घर नहीं आई तो उस ने उसे फोन किया. फोन नहीं लगा, क्योंकि उस के फोन का स्विच औफ था. रात भर वह उस का इंतजार करता रहा. सुबह तक जब शिल्पा वापस नहीं आई तो सुबह वह उस की गुमशुदगी दर्ज कराने आ गया.

विशाल के ससुर प्रदीप भी सूरत आ गए थे. विशाल के साथ वह भी थाने गए थे. गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद विशाल ससुर के साथ पत्नी की तलाश करने का नाटक करने लगा था. पुलिस भी अपने हिसाब से शिल्पा की तलाश करती रही, लेकिन शिल्पा का कुछ पता नहीं चला.

इसी तरह 4 चार दिन बीत गए, शिल्पा का कुछ पता नहीं चला. उस का फोन भी स्विच्ड औफ ही बताता रहा. इसलिए फोन से भी कुछ मदद नहीं मिल रही थी. स्विच्ड औफ होने के कारण फोन की लोकेशन भी नहीं मिल रही थी. कौल डिटेल्स निकलवाने पर उस में कोई संदिग्ध नंबर भी नहीं मिला था.

अब तक सभी यही अंदाजा लगाने लगे थे कि शायद शिल्पा किसी के साथ चली गई है. लेकिन उस के फादर प्रदीप को पूरा विश्वास था कि शिल्पा के गायब होने के पीछे दामाद विशाल का ही हाथ है. लेकिन उन के पास कोई ऐसा सबूत नहीं था कि वह विशाल पर सीधे आरोप लगाते. फिर विशाल उन के साथसाथ शिल्पा की तलाश में लगा था.

5 दिन बाद यानी 25 अप्रैल, 2026 को विशाल अपने 13 वर्षीय बेटे को हाथ से लिखी एक चिट्टी थमा कर घर से निकल गया. बेटे ने उस चिट्ठी को पहले तो पढ़ा, फिर वह अपने नाना प्रदीप कोस्टा को थमा दी. चिट्ठी में लिखा था, ”मैं ने गुनाह किया है और इस के लिए मैं खुद ही जिम्मेदार हूं.’’

इसी के साथ ही उस ने हत्या की तारीख 20 अप्रैल और लाश कहां छिपाई है, उस का एकदम सही पता भी लिखा था.

पुलिस को चिट्ठी दी गई. उस के बाद पुलिस परिवार वालों को ले कर चिट्ठी में लिखे कागजी चाल स्थित विशाल के पुश्तैनी मकान पर पहुंची तो वहां से सीमेंट के प्लास्टर के नीचे लकड़ी के बौक्स में छिपाई गई शिल्पा की सड़ीगली लाश बरामद हुई.

पुलिस को जो चिट्ठी मिली थी, उस में विशाल सालवी ने लिखा था, ”मैं विशाल रणछोड़भाई सालवी, यह बताता हूं कि शादी के कुछ सालों बाद मेरी पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था और हमारे संबंधों में अभाव शुरू हो गया था. आपसी संबंधों से ऊब कर और मजबूर हो कर मैं ने यह गुनाह किया है. इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं है, पूरी गतिविधि मैं ने अकेले ही की है.’’

पुलिस ने विशाल के पुराने मकान से हत्या के 5 दिनों बाद शिल्पा की सड़ीगली लाश बरामद कर ली थी. लाश बुरी तरह सड़ चुकी थी, इसलिए पुलिस ने साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली.

घटनास्थल की सारी काररवाई निपटा कर पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दी. अब आरोपी विशाल को गिरफ्तार करना था. इस के लिए पुलिस की कई टीमें उस की तलाश में लग गई थीं.

हत्यारा विशाल सालवी चिट्ठी द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए फरार हो गया था. पुलिस उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहती थी. उस का मोबाइल नंबर पुलिस को मिल ही गया था. पुलिस ने उसे फोन करने के बजाय मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उस की लोकेशन सूरत में मामादेव मंदिर के पास की मिली.

पुलिस ने उसी दिन उसे मोबाइल की लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार कर लिया. उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं, लेकिन वह आसानी से मामादेव मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया था.

विशाल ने अपना अपराध चिट्ठी में ही स्वीकार कर लिया था. इसलिए उस के साथ किसी भी प्रकार की सख्ती की जरूरत नहीं पड़ी. थाने ला कर उस से शिल्पा की हत्या के बारे में विस्तार से पूछा गया तो शिल्पा की हत्या के पीछे की उस ने जो कहानी सुनाई, वह इस प्रकार थी.

शिल्पा और विशाल रणछोड़भाई सालवी का विवाह साल 2010 में हुआ था. विवाह के समय विशाल एक हीरा कंपनी में नौकरी करता था तो शिल्पा एक अस्पताल में डायटीशियन थी. शिल्पा ने अलग क्लीनिक भी खोल रखा था.

पतिपत्नी कमाते थे, हंसीसुखी से रहते थे. समय आराम से बीत रहा था. विवाह के 3 साल बाद एक बेटा पैदा हुआ. तब तक तो सब ठीकठाक था. लेकिन बेटे के पैदा होने के कुछ समय बाद ही विशाल ने नौकरी छोड़ दी.

अब विशाल के पास कोई कामधंधा नहीं रह गया था. घर की कमाई घट गई थी, जिस से पतिपत्नी के बीच लगातार झगड़े होने लगे थे. क्योंकि घर का पूरा खर्च और पति का भी खर्च अब शिल्पा के जिम्मे आ गया था. इसलिए शिल्पा परेशान रहती थी.

5 साल बाद एक बेटी पैदा हो गई तो घर का खर्च और बढ़ गया. विशाल कहीं नौकरी के बारे में सोचता भी नहीं था. एक आदमी की कमाई से खर्च पूरा नहीं होता था.

घर में आर्थिक तंगी रहने लगी, जिस की वजह से शिल्पा चिड़चिड़ी हो गई. जबकि विशाल पर कोई असर नहीं हो रहा था. वह जो कुछ भी कहती, विशाल एक कान से सुनता, दूसरे से निकाल देता. लेकिन उस की बातों को वह मन में रखे रहता.

शिल्पा घर के बाहर खुश नजर आती थी, लेकिन घर आती तो बड़बड़ाती रहती थी. विशाल को ताने मारती रहती थी. इसलिए विशाल को लगता कि शिल्पा का अवश्य किसी से चक्कर है, जिस की वजह से वह बाहर तो खुश रहती है, लेकिन घर आते ही उस के सामने उसे दिखाने के लिए अपना मूड खराब कर लेती है.

जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था. क्योंकि अस्पताल में खुश रहना उस की मजबूरी थी. पेशेंट्स के सामने मुंह लटका कर तो बैठा नहीं जा सकता था. यही बात विशाल को खलने लगी थी कि वह बाहर खुश कैसे रहती है. दूसरी ओर विशाल के दोस्त भी उस का मजाक बनाते थे कि उस की पत्नी कहां से कहां पहुंच गई और वह घर का चूल्हाचौका करता रह गया.

इन्हीं बातों से विशाल के मन में शक पैदा हुआ और वह दिन का दिन कुंठित होता गया. दूसरी ओर शिल्पा भी अब उसे भाव नहीं देती थी, इसलिए उस का शक और बढ़ा और दिनोंदिन वह पत्नी से दूर होता गया.

साथ सोना तो दोनों ने न जाने कब से छोड़ दिया था. यही बातें थीं, जिस से विशाल शिल्पा की हत्या करने के बारे में सोचने लगा था.

परिणामस्वरूप 20 अप्रैल, 2026 को उस ने सलाबतपुरा के पुराने मकान पर ले जा कर उस की हत्या कर दी और लाश को लकड़ी के बौक्स में डाल कर उस के ऊपर सीमेंट की परत चढ़ा दी, जिस से दुर्गंध बाहर न आए.

वह लगातार 5 दिनों तक अपने ससुर के साथ शिल्पा को खोजने का नाटक भी करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो.

बीच में वह समय निकाल कर अपने पुराने मकान पर जाता और लाश से जो खून और पानी निकला रहता, उसे साफ करता और दुर्गंध बाहर न जाए, इस के लिए रूम फ्रेशनर डालता. इस तरह वह 3 दिनों तक करता रहा.

लेकिन जिस मकान में शिल्पा की हत्या हुई थी, 3 दिनों बाद उस के आसपास रहने वाले लोगों को भारी दुर्गंध (बदबू) आने लगी थी. कच्चे मकान होने की वजह से लोगों को लगता था कि शायद कोई जानवर मर गया है, उसी की दुर्गंध आ रही है.

किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि विशाल जैसा शांत दिखने वाला आदमी अपनी पत्नी की हत्या कर के लाश यहां छिपा गया है. यह बदबू उसी की है.

पांचवें दिन जब विशाल रणछोड़भाई सालवी को लगा कि वह किसी भी हालत में बचने वाला नहीं है तो उस ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए एक चिट्ठी लिखी और बेटे को थमा कर फरार हो गया, जिस के बाद शिल्पा सालवी की हत्या का खुलासा हो गया.

विशाल ने अपना अपराध स्वीकार ही कर लिया था. पुलिस ने मामले से जुड़े सारे सबूत जुटा कर विशाल को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. विशाल और शिल्पा का 13 साल का बेटा और 8 साल की बेटी अनाथ हो गए हैं. दोनों बच्चों को नाना अपने साथ ले गए हैं. इस तरह शक में विशाल ने अपने ही घर का सत्यानाश कर डाला. Surat Murder Case

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