Bathroom Murder. रूबी शर्मा ने पति सुरेंद्र कुमार शर्मा की हत्या कर शव को बाथरूम में दफना दिया. फिर 45 दिनों तक उसी पर बैठ कर नहाती रही. आखिर ऐसा क्या हुआ था कि 7 जन्मों का रिश्ता इतनी जल्दी यहां तक पहुंच गया. आइए जानते हैं दिल दहला देने वाली इस घटना की पूरी कहानी…
रूबी शर्मा से 3-4 दिन में वापस आने की बात कह कर पति सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) घर से कहीं चला गया था. वह यह बता कर नहीं गया था कि कहां जा रहा है. कई दिनों इंतजार करने के बाद 18 मई, 2026 को रूबी ने आगरा के वायु विहार, शाहगंंज में रहने वाले अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन किया.
उन्हें बताया कि सुरेंद्र ने भरतपुर में झगड़ा किया था. भरतपुर वालों ने पुलिस से शिकायत कर दी है, इस के चलते वहां की पुलिस दबिश देने आ रही है. इसलिए मां और बच्चियों को अपने घर ले जाओ.
इस के बाद जेठ अनिल शर्मा मां और दोनों भतीजियों को अपने घर वायु विहार, शाहगंज, आगरा ले आए. इस के आधा घंटे बाद जेठ अनिल के पास रूबी का फोन आया. रूबी ने बताया कि पति सुरेंद्र 3 हजार रुपए ले कर कहीं चले गए हैं. जाते समय कह रहे थे कि 2-3 दिन में आ जाऊंगा.
इस पर अनिल ने रूबी से कहा कि तुम भी हमारे यहां आ जाओ.
रूबी ने कहा कि मैं 2 दिन यहीं रुक कर सुरेंद्र का इंतजार करूंगी. इस के 2 दिन बाद रूबी भी जेठ के घर पहुंच गई.
कुछ दिन अपने जेठ के घर रहने के बाद सास व बेटियों के साथ रूबी फिर से अपने घर आ गई. कई दिन बाद भी पति के वापस नहीं आने और न कोई समाचार मिलने से रूबी परेशान हो गई. रूबी का रोरो कर बुरा हाल हो रहा था.
उस ने 26 मई को जेठ अनिल को फोन किया, ”मुझे चिंता हो रही है, आज कई दिन हो गए सुरेंद्र घर वापस नहीं आए हैं. अपना मोबाइल भी घर छोड़ कर गए हैं.’’
यह बात सुन कर अनिल शर्मा रूबी के घर पहुंच गया. वह आगरा के सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कालोनी में रहती थी. रूबी के साथसाथ अनिल को भी अपने भाई सुरेंद्र की चिंता हो रही थी. विचारविमर्श के बाद रूबी जेठ के साथ 26 मई, 2026 को थाना सिकंदरा की प्राची टावर पुलिस चौकी पहुंची और पति की गुमशुदगी दर्ज करा दी.
उधर रूबी और अनिल सुरेंद्र को तलाशते रहे. यहां तक कि रूबी अपने जेठ को ले कर एक बाबा के पास भी गई. पति के इस तरह चले जाने से परेशान रूबी रोती रहती. पड़ोसी उसे समझाते, ”धीरज रखो, पुलिस सुरेंद्र को तलाश रही है. घर वापस आ जाएंगे.’’
सुरेंद्र को लापता हुए लगभग 45 दिन हो गए थे. उस का पुलिस व सुरेंद्र के फेमिली वालों को कोई सुराग नहीं मिला था.
भरतपुर का निवासी था सुरेंद्र
सुरेंद्र कुमार शर्मा मूलरूप से राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला था. वह आगरा के सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कालोनी में रहता था. रूबी इटावा की रहने वाली है. सुरेंद्र की शादी 2010 में रूबी से हुई थी. उन की 13 और 9 साल की 2 बेटियां हैं. सुरेंद्र के साथ उस की विधवा मां कमला देवी भी रहती थीं. उन्हें आंखों से कम दिखाई देता है.
सुरेंद्र के पिता राधेश्याम शर्मा भरतपुर के एक इंटर कालेज में शिक्षक थे. 24 साल पहले रिटायर होने के बाद आगरा आ गए थे. सिकंदरा की रेणुका धाम कालोनी में रहने लगे. उन की 14 साल पहले मृत्यु हो चुकी है. सुरेंद्र उन का छोटा बेटा था, बड़ा बेटा अनिल औटो चालक है और वायु विहार, शाहगंज में अपने परिवार के साथ रहता है.
राधेश्याम शर्मा की मौत के बाद 32 हजार रुपए पेंशन पत्नी कमला देवी के नाम आती है. सुरेंद्र 16 मई, 2026 से लापता था. इस के 10 दिन बाद 26 मई को रूबी ने थाने में उस की गुुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई थी. रूबी लगातार पुलिस, घर वालों और पड़ोसियों को पति सुरेंद्र के लापता होने की बात बताती रही.
45 दिन बीत जाने और छोटे भाई सुरेंद्र का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से अनिल को अब रूबी पर शक होने लगा था. वह समझ गया था कि सुरेंद्र के लापता होने की बात रूबी को जरूर मालूम है, लेकिन वह सच्चाई को छिपा रही है.
इसलिए अनिल पूरी तरह रूबी के पीछे लग गया. रूबी के हर मूवमेंट पर वह नजर गड़ाए हुए था. सुरेंद्र के खिलाफ ट्रक चोरी के एक पुराने मामले में सत्यापन के लिए एक सिपाही जब बुधवार पहली जुलाई को रूबी के घर आया तो रूबी ने उसे बताया, ”पति 16 मई से लापता है.’’
सत्यापन के लिए सिपाही ने रूबी की फोटो खींच ली. फोटो खिंचते ही रूबी घबरा गई.
सिपाही के जाने के बाद रूबी ने सोचा कि एक न एक दिन तो राज खुलना ही है. क्यों न खुद ही सब कुछ सच बता दे. उसे रात को नींद नहीं आती थी. ऐसा लगता था कि पति बाथरूम से बाहर निकल कर आ रहा है. उस ने 2 जुलाई को अपनी सास कमला से जेठ अनिल को घर बुलाने के लिए फोन कराया.
अनिल शर्मा 3 जुलाई को रूबी के घर पहुंच गया. मां ने अनिल से कहा, ”सुरेंद्र के बारे में बहू (रूबी) मुझे तो कुछ बता नहीं रही है तुम पूछो.’’
इस पर अनिल ने रूबी पर दबाव बनाते हुए कहा, ”तुझे कोई परेशानी है या किसी चीज से डर रही है या तूने कुछ करा है या वह तुझ से कुछ कह कर गया है तो मुझे बता, मैं तेरी पूरी मदद करूंगा. तुझे कुछ नहीं होने दंूगा. बता सुरेंद्र कहां है?’’
रूबी बोली, ”घर पर ही हैं.’’ अनिल ने पूछा, ”घर पर कहां?’’
”बाथरूम में हैं.’’
इस पर अनिल ने बाथरूम में जा कर देखा, लेकिन वहां सुरेंद्र नहीं था. अनिल ने कहा कि बाथरूम में तो सुुरेंद्र नहीं है.
तभी रूबी बोली, ”जमीन के नीचे है.’’ ”तूने उसे गाड़ दिया है?’’
”हां, 17-18 मई की रात में सुरेंद्र शराब पी कर आए थे. नशे में उन्होंने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली. मैं घबरा गई और बाथरूम में 2 फीट गहरा गड्ढा खोद कर लाश को उस में दबा दिया और ऊपर से प्लास्टर करा दिया.’’
लेकिन रूबी की यह दलील अनिल के सामने नहीं चली, क्योंकि वह रूबी के बारे में पूरी सच्चाई पहले ही पता कर चुका था. इस बात की हवा उस ने रूबी को नहीं लगने दी थी.
तब रूबी पूरी तरह टूट गई और उस ने जेठ को पूरी सच्चाई बता दी. इतना ही नहीं, उस ने जेठ के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहा, ”इसे यहीं गड़ा रहने दो. किसी को मत बताओ. यदि आप मुझे व मेरे बच्चों को मुसीबत से बचाना चाहते हो तो इतना उपकार कर दो.’’
भाई की हत्या पर अनिल को बहुत दुख हुआ और उस ने थाना सिकंदरा में यह सूचना दे दी. सूचना मिलते ही पुलिस 3 जुलाई, 2026 को रूबी के घर पहुंची. वहां पुलिस को रूबी का व्यवहार संदिग्ध लगा. जानकारी होने पर पुलिस ने रूबी के बाथरूम का निरीक्षण किया.
बाथरूम के फर्श पर कुछ दिन पहले प्लास्टर कराया गया था. पुलिस ने फर्श खेादने के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति लेने के बाद बाथरूम के फर्श को 2 मजदूरों से खुदवाया. बाथरूम का फर्श तोड़ते ही तेज दुर्गंध आने लगी, जिस से वहां खड़ा होना भी दुश्वार हो गया.
लगभग 2-3 फीट की गहराई पर कुछ हड्ïिडयां व एक नर कंकाल मिला. इस के साथ ही हाथ में पहनने का कड़ा व रुद्राक्ष की माला भी मिली. कपड़े गल चुके थे.
सुरेंद्र के फेमिली वालों ने माला व कड़ा देख कर शिनाख्त करते हुए बताया कि ये दोनों चीजें सुरेंद्र की हैं. 45 दिनों से दबा राज अब बाहर आ चुका था. यह लाश किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि एक पत्नी ने जमीन में दफन की थी.
रूबी 45 दिनों तक पुलिस, परिजनों और मोहल्ले वालों से इस खौफनाक सच को छिपाए रही. यहां तक कि वह मोहल्ले के लोगों के पास जाजा कर पति को ढंूढने का नाटक करती रही. पुलिस ने सुरेंद्र की हत्या के आरोप में भाई अनिल शर्मा की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट पत्नी रूबी के खिलाफ दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
पैनल से कराया पोस्टमार्टम
डीसीपी (सिटी) अली अब्बास के अनुसार पुलिस ने 2 डौक्टरों के पैनल से सुरेंद्र शर्मा की लाश का पोस्टमार्टम कराया है. डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया, ताकि वैज्ञानिक रूप से सह साबित किया जा सके कि कंकाल सुरेंद्र का है.
पुलिस यह भी जांच करने लगी कि सुरेंद्र की हत्या और लाश ठिकाने लगाने में रूबी अकेली थी या उस के साथ कोई और भी था?
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में रूबी ने बताया कि आए दिन की बात हो गई थी. सुरेंद्र शराब पी कर आते और उस के साथ मारपीट करते थे. वह कोई काम नहीं करते थे. कुछ दिन पहले जोमैटो में डिलीवरी बौय का काम किया, लेकिन वह भी छोड़ दिया. मैं सिलाई का काम करती थी. मेरे सिलाई के पैसे छीन लेते थे. मम्मी की पेंशन के रुपए भी ले लेते थे. रोजरोज के उत्पीडऩ से वह आजिज आ चुकी थी. तब उसे मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा. सुरेंद्र की हत्या की वजह सामने आई तो हर कोई सन्न रह गया.
सुरेंद्र शर्मा की हत्या से पहले 16 मई को वह भरतपुर में पत्नी के साथ अपने मामा के यहां गया था. वहां पर भी उस ने बखेड़ा खड़ा किया था. तब रिश्तेदारों ने पुलिस केस करने की बात कही थी. इस के बाद सुरेंद्र ने रिश्तेदारों को समझाने के लिए और पुलिस में रिपोर्ट न करने के लिए दूसरे दिन रूबी को फिर भरतपुर भेजा.
भरतपुर में रिश्तेदारों ने रूबी के साथ भी बुरा व्यवहार किया. पति और बच्चों के साथ उसे भी जेल भिजवाने की धमकी दी गई. इस से रूबी डर गई. वापस आ कर उस ने पति को सारी बात बताई. इस पर पति ने शराब के नशे में रूबी के साथ मारपीट की.
भरतपुर की इस घटना ने रूबी के गुस्से को और हवा दी. उसे लगा कि पति मर जाएगा तो सब ठीक हो जाएगा. जिंदा भी वह किसी काम का नहीं है.
खीर में मिलाईं गोलियां
भरतपुर में अपमानित होने पर रूबी खून का घंूट पी कर वापस आगरा आ गई थी. सुरेंद्र बेरोजगार होने के साथ ही नशेड़ी भी था. वह पत्नी को कहीं भी पीट दिया करता था. बेटियां बड़ी हो रहीं थीं, उन की भी शर्म नहीं करता था.
रूबी ने मन ही मन एक खौफनाक निर्णय लिया. इस की हवा उस ने किसी को नहीं लगने दी. 17 मई, 2026 की रात सुरेंद्र बाजार से मीट ले कर आया था. घर में उस ने खाना खाने से पहले शराब पी. इस के बाद वह पत्नी से बोला, ”कुछ मीठा खाने का मन है.’’
तब रूबी ने खीर बनाई और गुस्से में घर में नींद की रखी लगभग 20 गोलियां खीर में मिला दीं. रूबी के खौफनाक दरादों से अंजान सुरेंद्र नशे में होने के कारण खीर खा कर गहरी नींद में सो गया. वह नींद की गोलियां पति और सास दोनों ही खाते थे. इस के चलते घर में नींद की गोलियां रखीं थीं.
रात 3 बजे रूबी की आंखें खुलीं. उस ने पति के सीने पर कान लगा कर दिल की धड़कन सुनने का प्रयास किया. कोई हलचल नहीं थी. उसे लगा कि पति मर गया है. उस ने सुबह सास और दोनों बेटियों को उठाया, उन से कहा, घर पर पुलिस आने वाली है. भरतपुर से पापा (सुरेंद्र के मामा) का फोन आया था. बोल रहे थे सुरेंद्र घर पर हंगामा कर के गया था. भरतपुर पुलिस ही अब सबक सिखाएगी. रूबी की बात सुन कर सास और बेटियां डर गईं.
उस ने सास और बेटियों को जेठ अनिल कुमार शर्मा के घर भेज दिया. उन के जाने के बाद रूबी ने पति को फिर से चैक किया. रूबी को अब लाश जल्दी से जल्दी ठिकाने लगानी थी. पलंग पर लाश पड़ी थी. वह उसे घसीटते हुए बाथरूम में ले आई.
उस ने फावड़े से बाथरूम की खुदाई की और 2-3 फीट गहरी खुदाई कर लाश गड्ïढे में डाल दी लाश को गलाने के लिए घर में रखा नमक भी लाश के ऊपर डाल दिया.
पहले लैट्रीन की सीट करीब एक फीट ऊंची थी, शेष बाथरूम नीचा था. पति की लाश दफनाने के बाद दोनों एक लेवल में करा लिए. इस के बाद 19 मई की सुबह एक राजमिस्त्री और एक मजदूर आए और प्लास्टर करके चले गए. किसी को शक न हो इसलिए रूबी घर का ताला बंद कर जेठ के घर चली गई.
रूबी से डीसीपी (सिटी) सैयद अली अब्बास, एडीसीपी (सिटी) हिमांशु गौरव, एसीपी (हरीपर्वत) अमीषा, इंसपेक्टर (सिकंदरा) राजीव त्यागी ने कई घंटे पूछताछ की. पूछताछ के बाद उसे 4 जुलाई को जेल भेज दिया. कई घंटे चली पूछताछ में रूबी ने यही बताया कि उस ने खुद अकेले ही वारदात को अंजाम दिया.
रूबी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जब उस की दोनों बेटियां उस से यही पूछती थीं कि पापा कहां चले गए तो वह उन्हें यही बताती कि पता नहीं वह बिना बताए कहां चले गए. पुलिस उन्हें ढूंढ रही है.
बाथरूम और घर सामान्य दिखता रहा, लेकिन अंदर एक खौफनाक सच छिपा था. रूबी अपने पति को बाथरूम में दफन करने के बाद पति की लाश के ऊपर बेखौफ बैठ कर 45 दिन तक नहाती रही.
जब एक बार उस की बड़ी बेटी ने कहा, ”मम्मी, बाथरूम का फर्श एक जगह से चटक गया है.’’
इस बात से रूबी अंदर ही अंदर डर गई और अपनी पोल खुलने के डर से उस ने सीमेंट घोल कर दरार को भर दिया.
मिस्त्री से कराया प्लास्टर
रूबी ने पति की लाश को घर के बाथरूम मेंं दफन करने के बाद उस पर प्लास्टर एक मिस्त्री से कराया था. पुलिस ने उस मिस्त्री का पता लगा कर उस के बयान दर्ज किए हैं. मिस्त्री रवि कुमार ने बताया, ”रूबी के मकान की बगल में उस ने एक मकान कुछ महीने पहले बनाया था. तभी उस से परिचय हुआ था. उस ने बाथरूम का फर्श कराने की बात कही थी.
उस समय वह महिला अपने बाथरूम में स्वयं मिट्टी डाल रही थी. इस पर रवि ने कहा, ”तुम क्यों मिट्टी डाल रही हो? एक मजदूर बुला लो वह डाल देगा, उस का भी कुछ भला हो जाएगा.’’
तब रूबी ने उसी समय फर्श करने को कहा.
मिस्त्री रवि ने उस से कहा कि वह फर्श अभी नहीं कर पाएगा. अगले दिन रवि एक मजदूर को ले कर रूबी के घर पहुंचा था.
रूबी ने 500 रुपए सीमेंट लाने को दिए. रवि 350 रुपए की सीमेंट बोरी लाया. 150 रुपए लौटा दिए. बालू रूबी के घर के बाहर पड़ी थी. राजमिस्त्री ने पौन घंटे में बाथरूम का फर्श डाल दिया था. रूबी ने उसे 500 रुपए मजदूरी दी थी.
रूबी ने बाथरूम में मिट्टी डाल कर जमीन पहले ही समतल कर दी थी. राजमिस्त्री और मजदूर को नहीं पता था कि बाथरूम में कोई लाश दफन है. यह बात बाद में पता चली.
पापा जिंदा थे
रूबी की बड़ी बेटी ने पुलिस को बताया कि जब हम लोग 18 मई को ताऊ के घर जा रहे थे, तब पापा जिंंदा थे. वे कमरे में लेटे हुए थे और पैर हिला रहे थे. उन का मम्मी से कोई लड़ाईझगड़ा नहीं हुआ था.
मम्मी ने ताऊ से हम दोनों बहनों व दादी को ले जाने को कहा था, लेकिन घर पर आने से मना किया था. ताऊ से कहा था कि घर के बाहर दुकान से तीनों को ले जाना. ताऊ हम लोगों को वहीं से अपने साथ ले गए थेे.
एकाउंट से निकाले पैसे
मृतक सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि सुरेंद्र के लापता होने, रूबी के लगातार बदलते बयानों से रूबी पर उसे शक हो गया था. उस ने बताया कि भतीजियों व मम्मी को अपने घर ले जाने पर रूबी ने घर न आने और बाहर से ही उन लोगों को ले जाने की बात कही थी. इस से भी शक हुआ था.
इस के साथ ही मम्मी को 32 हजार रुपए पेंशन मिलती है. रूबी डेबिट कार्ड और पासबुक अपने पास रखती थी. उस में से 10 हजार रुपए रूबी उन्हें देती थी. जून माह में रूबी ने रुपए नहीं दिए थे. कह रही थी कि अभी रुपए बैंक खाते में नहीं आए हैं.
इस पर अनिल को शक हुआ, क्योंकि सुरेंद्र लापता था. शक होने पर अनिल ने भरतपुर जा कर बैंक से मम्मी के खाते का स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि पैसे खाते से निकाले जा चुके हैं. इस संबंध में जब रूबी से बात की तो वह चुप हो गई.
रूबी ने पुलिस को बताया कि उस की शादी झूठ पर हुई थी. शादी के समय बताया गया था कि सुरेंद्र पढ़ालिखा है. अच्छी नौकरी करता है. मैं ने अपना भाग्य मानते हुए उसे स्वीकार कर लिया और शादी के लिए राजी हो गई, लेकिन शादी के बाद पता चला कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था. वो शराब पी कर मेरे साथ मारपीट करता था.
बच्चे पैदा होने के बाद भी उस के उत्पीडऩ को सहती रही थी. मुझे जिंदगी भर एक ही मलाल रहेगा कि मेरी किस्मत में यह नशेबाज क्यों लिखा था. पता नहीं अब मेरी बेटियों का क्या होगा?
जज के सामने फूट फूट कर रोई
कोर्ट में पेशी के दौरान जज के सामने रूबी फूटफूट कर रोने लगी. इस दौरान उस ने अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार करते हुए कहा कि पति की हत्या कर के उस से बड़ी गलती हो गई.
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रैट (सीजेएम) आगरा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मौजूद अभियोजन अधिकारी बृजभूषण कुशवाहा ने बताया कि रूबी को पति की हत्या के मामले में अदालत के सामने पेश किया गया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
कथा लिखने तक इस मामले में पुलिस मजबूत साक्ष्यों का संकलन करने की कोशिश कर रही थी. पुलिस हत्याकांड की कडिय़ां जोडऩे के साथ ही फोरैंसिक टीम के साथ क्राइम सीन का रीक्रिएशन करने पर विचार कर रही है. इस के माध्यम से पुलिस घटना के अंदाज और उस में लगे समय का आकलन करेगी. रीक्रिएशन के बाद आरोपित रूबी से जेल में भी बयान लिए जा सकते हैं.
कोर्ट में पैरवी को मजबूत करने के लिए पुलिस ने घटनाक्रम तैयार कर लिया है. इस के लिए बाथरूम को पहले जैसा करना पड़ेगा. इस से यह जानकारी हो सकेगी कि बाथरूम में कितनी मिट्टी डाली गई? और इस में कितना समय लगा? सुरेंद्र के शव को बाथरूम में कितना नीचे दफन किया गया था? बाथरूम में इस के लिए ज्यादा खुदाई तो नहीं की गई थी?
इन सभी सवालों के जबाव पुलिस को क्राइम सीन के दोहराने से मिल जाएंगे. इस के लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा की लंबाई और वजन के पुतले को दफन किया जाएगा. सीन रीक्रिएशन के बाद रूबी शर्मा के बयानों से उन का मिलान किया जाएगा. जरूरत पडऩे पर पुलिस दोबारा जेल में जा कर रूबी के बयान दर्ज करेगी.
बैरक में रही बेचैन
पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या करने के आरोप में रूबी को महिला बैरक में रखा गया था. उस की पहली रात जेल में करवटें बदलते हुए कटी. सुबह होने पर वह उठी और नित्यकर्म के बाद लाइन में लग कर उस ने नाश्ता लिया और दोपहर में खाना लिया. वह अन्य बंदियों से बातचीत भी नहीं कर रही थी.
हर वारदात के पीछे कोई न कोई मकसद जरूर होता है. जैसे नीला ड्रम कांड वाली मेरठ की मुसकान पर अपने पति के रहते गैर से संबंध, जबकि इंदौर की सोनम पर शादी के बाद भी प्रेमी से संबंध बनाए रखना और प्रेमी के साथ मिल कर पति की हत्या करने, वहीं पुणे की सिया का शादी के पहले ही बौयफ्रेंड से रिश्ता रखना और उस के साथ मिल कर होने वाले पति की हत्या करने का आरोप है.
हाल की ऐसी घटनाओं के मूल में अवैध संबंध की बात आई, लेकिन रूबी द्वारा अपने पति की हत्या किए जाने के पीछे ऐसी कोई वजह सामने नहीं आई है. फिर भी रूबी ने पति का कत्ल किया और उस की लाश को अकेले ही बाथरूम में दफना दिया.
इस की वजह जानने के लिए पुलिस ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में रूबी से लंबी पूछताछ की. इस पूछताछ में पुुलिस को हत्या की एक ही वजह मिली, पति द्वारा पत्नी का निरतंर उत्पीडऩ किया जाना और उसे जिल्लत की जिंदगी जीने के लिए मजबूर करना.
महिलाएं हो रही हैं कट्टर
हर रिश्ते की बुनियाद विश्वास पर टिकी होती है, लेकिन जब यही विश्वास लालच, नऊरत या छल के आगे टूट जाता है तो अंजाम इतना भयावह हो सकता है कि सुनने वाला भी सिहर उठे.
आगरा में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इस से पहले भी पति की हत्या के मामले सामने आ चुके हैं. फरवरी 2026 की रात को गांव लोधई, एकता निवासी लवकेश की हत्या हुई थी.
लवकेश की पत्नी गौरी के प्रेम संबंध चचेरे देवर सुंदर से चल रहे थे. पति ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ लिया. इस के बाद पत्नी ने पति की प्रेमी के साथ मिल कर हत्या कर दी थी.
इतना ही नहीं पत्नी ने हत्या को आत्महत्या का रूप दे दिया था. बाद में परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था. पत्नी गौरी की हरकतों को देख कर हत्याकांड का खुलासा हो गया था.
अप्रैल 2026 की रात सैंया निवासी लोकेंद्र की हत्या हुई थी. मृतक की पत्नी सोमवती के संबंध गांव के महेश से हो गए थे. पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर पति की हत्या करा दी थी. हत्या के बाद शव को खेत में जला दिया था. बाद में इस हत्याकांड का खुलासा हुआ था. Bathroom Murder






