Noida Call Center Fraud. बीटेक कर चुका अभिषेक नौकरी की तलाश के दौरान ठगी का शिकार हो गया था. इस के बाद उस ने नौकरी की तलाश बंद कर दी और बेरोजगारों को ठगने की योजना बना कर अपने जैसे ही 2 और महत्त्वाकांक्षी युवकों को शामिल कर लिया. बस इस के बाद इन का शौर्टकट से करोड़पति बनने का खेल शुरू हो गया.
पु लिस हिरासत में बैठे उन 3 युवकों को देख कर यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि वे बेहद शातिर रहे होंगे. यह अलग बात थी कि उनके कारनामों से पुलिस अधिकारी भी हैरान थे. कमउम्र में ही उन्होंने जो शौर्टकट रास्ता पकड़ा था, उसे देखसुन कर पेशेवर ठग भी दांतो तले अंगुली दबा लेते. वैसे तो उन के गुनाह की परतें पूरी तरह खुल चुकी थीं, फिर भी उन्हें अपने बच निकलने की उम्मीद थी. पुलिस के चंगुल से छूटने के लिए वे बुरी तरह छटपटा रहे थे.
पकड़े गए युवकों में अभिषेक सिंह निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद, अभिषेक कुमार निवासी जिला सीतामढ़ी, बिहार और शैलेंद्र निवासी कल्याणपुरम, कानपुर थे. ये तीनों बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुके थे. ये नौकरी दिलाने के नाम पर इंटरनेट के जरिए बेरोजगार युवकों के साथ लाखों रुपयों की ठगी कर चुके थे. इन का नेटवर्क पूरे देश में फैला था.
एक बार जो उन के जाल में फंस जाता था, उस का निकलना मुश्किल होता था. इन का धंधा शायद यूं ही चलता रहता, अगर ये उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ की थाना सरधना पुलिस की क्राइम ब्रांच व साइबर सेल की हिरासत में न आए होते.






