Agra Crime: अंशू और अनुराग एकदूसरे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे और शादी करना चाहते थे. लेकिन अंशू के पापा रिटायर्ड दारोगा रनवीर सिंह यादव गांव के नाते से अनुराग से भतीजे का रिश्ता जोड़ बैठा था. उस ने शादी की इजाजत नहीं दी. बल्कि अपनी झूठी शान की खातिर ऐसा अपराध कर बैठा कि...
प्यार का रंग हलका हो या गाढ़ा, यह एक बार जिस पर चढ़ जाता है, अपना असर आसानी से नहीं छोड़ता. आगरा के थाना मलपुरा की विनायक गार्डन कालोनी में रहने वाली 34 वर्षीय अंशू अपने गांव के 32 वर्षीय अनुराग यादव से प्यार करती थी. फेमिली वालों के ज्यादा अंकुश लगाने का नतीजा यह हुआ कि प्रेमी युगल पर प्यार का ऐसा खुमार चढ़ा कि उन्होंने जान की बाजी लगा कर हर हालत में शादी करने का फैसला ले लिया. अंशू के फेमिली वालों ने उसे काफी समझाया और प्रेमी अनुराग से मिलने और मोबाइल पर बात न करने की कड़ी हिदायत दी. ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई.
फेमिली वाले चाहते थे कि अंशू अपने दिल से अनुराग को पूरी तरह भुला दे, ताकि वह उस की शादी किसी दूसरी जगह कर दें. फेमिली वालों का मानना था कि गांव के रिश्ते के भतीजे से शादी करने से उन की गांव व समाज में बहुत बदनामी होगी. इस के साथ ही अन्य बेटेबेटियों की शादी में अड़चन आएगी. फेमिली वालों के लाख समझाने के बाद भी अंशू ने उन से साफ कह दिया कि वे लोग बचपन से ही एकदूसरे से प्यार करते हैं और वह अनुराग के साथ ही शादी करेगी. बेटी की जिद के आगे परिजनों की एक न चली. जबकि दोनों ही सजातीय थे.






