Illicit Relationship: 33 साल की संगीता उर्फ पप्पी 35 वर्षीय महेंद्र गुर्जर की दूसरी पत्नी जरूर थी, लेकिन वह पूरी जिम्मेदारी के साथ घरगृहस्थी संभाले हुए थी. वह पति की इस आदत से परेशान रहती थी कि उस के दूसरी महिलाओं से भी अवैध संबंध थे. संगीता ने जब पति को समझाने की गुस्ताखी की तो...

रात के करीब 10 बजे महेंद्र गुर्जर जैसे ही अपने बैडरूम में दाखिल हुआ तो बिस्तर पर लेटी हुई पत्नी से बोला, ''पप्पी, मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है.’’

''आप बिस्तर पर लेट जाइए, मैं तेल लगा कर मालिश कर देती हूं, इस से आराम मिल जाएगा,’’ कहते हुए संगीता उर्फ पप्पी अलमारी से तेल की शीशी निकालने चली गई.

''दर्द इतना तेज है कि मुझ से बरदाश्त नहीं हो रहा है, मालिश से कुछ नहीं होगा. जल्द ही मुझे डाक्टर को दिखाना होगा.’’ महेंद्र अपने पेट पर हाथ फेरते हुए बोला.

''रात के 10 बज रहे हैं, इतनी रात को शहर के हौस्पिटल कैसे जाओगे? हेमंत भैया को फोन लगा कर बुला लो, वह तुम्हें बाइक से डौक्टर के पास ले चलेंगे.’’ पत्नी ने सुझाव दिया.

''किसी को बुलाने की जरूरत नहीं है. तुम समझ नहीं रही हो पप्पी, यह दर्द साधारण पेट दर्द नहीं है, कोई गंभीर समस्या लग रही है. हो सकता है, डाक्टर मुझे एडमिट कर ले, इसलिए तुम मेरे साथ चलो.’’ महेंद्र ने कहा.

''लेकिन ऐसे में तुम बाइक चलाते हुए खंडवा तक कैसे चलोगे, रास्ते में तबियत और ज्यादा खराब हो गई तो क्या होगा?’’ पत्नी ने अंदेशा जताते हुए कहा.

''मैं बाइक चलाते हुए ले जाऊंगा, तुम तो कुछ पैसे रख कर जल्दी तैयार हो जाओ, तब तक मैं बाइक निकालता हूं.’’ महेंद्र पत्नी से बोला. संगीता उर्फ पप्पी ने जल्दी से अलमारी से कुछ पैसे निकाले और जरूरी सामान एक थैली में रख लिया. बगल के कमरे में पढ़ रहे बच्चों से पप्पी ने कहा, ''मैं पापा के साथ खंडवा इलाज के लिए जा रही हूं, तुम लोग अंदर से दरवाजा बंद कर ताला लगा कर सो जाना. हो सकता है, हम लोग सुबह लौटें.’’

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD48USD10
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD100USD79
सब्सक्राइब करें

बुकलेट की सुपर डील!

(डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन + बुकलेट!)
₹ 1514₹ 999
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...