Kanpur Murder Case. इंदू ने एक खूबसूरत पति का सपना देखा था, लेकिन जो मिला वह उम्र में भी बड़ा था और खूबसूरत भी नहीं था. उस ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए जो किया,  उस से हंसताखेलता परिवार बरबाद हो गया.

6 मई, 2016 की सुबह चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों ने अंग्रेज तालाब के पास एक महिला की लाश देखी तो उन्होंने इस बात की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दे दी. वहां से यह सूचना थाना नवाबगंज पुलिस को दे दी गई. चूंकि घटना हत्या की थी, इसलिए थाना नवाबगंज के थानाप्रभारी अखिलेश जायसवाल यह सूचना पुलिस अधिकारियों को दे कर खुद पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए.

निरीक्षण में उन्होंने देखा कि मृतका की उम्र 35 साल के आसपास रही होगी. हत्या कहीं और कर के लाश यहां ला कर फेंकी गई थी. महिला सिपाही प्रतिभा सिंह ने लाश की तलाशी ली तो उस के पास से कोई ऐसी चीज नहीं मिली, जिस से उस की शिनाख्त हो सकती.

अखिलेश जायसवाल घटनास्थल और लाश का निरीक्षण कर रहे थे कि एसएसपी शलभ माथुर, एसपी (पश्चिम) सचिंद्र पटेल और सीओ (स्वरूपनगर) आतिश कुमार सिंह भी आ गए. अधिकारियों ने भी घटनास्थल और लाश का निरीक्षण किया. वहां इकट्ठा लोग लाश की शिनाख्त नहीं कर सके तो पुलिस ने फोटोग्राफर बुला कर लाश के फोटो खिंचवाए और अन्य काररवाई निपटा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए लाला लाजपतराय अस्पताल भिजवा दिया.

इस के बाद थाने आ कर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया. चूंकि मामला उलझा हुआ लग रहा था, इसलिए एसएसपी शलभ माथुर ने इस मामले की जांच के लिए एसपी (पश्चिम) सचिंद्र पटेल के नेतृत्व में एक टीम गठित की, जिस में सीओ आतिश कुमार सिंह, थानाप्रभारी अखिलेश जायसवाल, एसआई अरविंद सिंह, भवन सिंह मौर्य, देवचंद्र यादव, प्रभाकांत यादव और सिपाही सियाराम सिंह को शामिल किया.

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