माशूका की खातिर : अपनी ही गृहस्थी को क्यों उजाड़ा – भाग 1
राजेंद्र प्रसाद पहले बेटे भैरवनाथ के कमरे तक गए तो उस के कमरे पर बाहर से सिटकनी बंद मिली. यह देख कर वे चौंक गए कि सुबहसुबह बेटा और बहू बच्चों को ले कर कहां चले गए, सब लोग कहां चले गए थे ?
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