आशिक ससुर की कातिल बहू
अय्याश प्रवृत्ति के परमानंद ने गीता पर डोरे डालते समय न तो उम्र का लिहाज किया, न रिश्ते का. ऐसे संबंधों का परिणाम बुरा ही होता है, ससुर जान से गया, बहू सलाखों के पीछे.
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