UP Crime: 4 बच्चों के पिता राजू गुप्ता ने पूजा से दूसरी शादी कर तो ली थी, लेकिन उस के नाजनखरे उठाना भारी पड़ रहा था. हद तो तब हो गई, जब वह उस की दिवंगत पत्नी के बच्चों से मिलने पर ही पाबंदी लगाने लगी और बारबार मोटी रकम की मांग करने लगी. फिर जो कुछ हुआ, उस में पूरा परिवार उलझ गया...
शाम होने को आई थी. राजू गुप्ता काफी निराश बैठा था. इस की वजह यह थी कि उस की दूसरी पत्नी पूजा उसे ब्लैकमेल कर रही थी. वह उसे अब ठिकाने लगाने का फैसला ले चुका था, लेकिन उस की समझ में नहीं आ रहा था कि वह इस काम को कैसे पूरा करे. राजू गुप्ता को उदास देख कर उस का सहयोगी अनीस पूछ बैठा, ''क्या बात है भाईजान, आज काफी उदास दिख रहे हो? दुकानदारी में घाटा हुआ है क्या?’’
राजू गुप्ता की लखनऊ की दुबग्गा सब्जीमंडी में दुकान थी.
''नहीं मेरे भाई, घाटावाटा कुछ नहीं... क्या बताऊं? बात ही कुछ ऐसी है, जो न कहते बनती है और न निगलते.’’
''मैं भी तो जानूं कि वह कौन सी बात है, जिसे ले कर परेशान दिख रहे हो...और मुझे नहीं बता सकते?’’
''बात ही ऐसी है कि मैं किसी से भी नहीं बताना चाहता. बस! समझो कि पानी सिर से ऊपर बहने की नौबत आ गई है.’’
''ऐं! यह क्या कह रहे हो मेरे भाई? इतना सब कुछ हो गया और मुझ से ही छिपा रहे हो? वह कौन सी बात है, जो तुम्हें भीतर ही भीतर खाए जा रही है?’’ अनीस ने पूछा.






