Jalandhar Murder Case. संदीप कौर जो कर रही थी, उसे नादानी ही कहा जाएगा लेकिन राजवीर ने जो किया उसे भले ही वह अपना प्यार समझे, पर था उस का घृणित कृत्य. आखिर संदीप कौर को तो मौत मिल गई पर उसे क्या मिला?

जून का महीना था, बिजली न होने की वजह से गरमी से लोगों का बुरा हाल था. लगभग 2 घंटे बाद बिजली आई भी तो परमजीत कौर के घर के तार में आग लग जाने की वजह से परेशानी कम होने के बजाए और बढ़ गई. दिन तो गुजारा जा सकता था, लेकिन रात गुजारना मुश्किल था. इसलिए परमजीत कौर ने अपनी 17 साल की बेटी संदीप कौर से कहा, ‘‘देख तो बेटा, तेरा भाई रमन कहां है. उस से कहो किसी बिजली मिस्त्री को बुला लाए, जिस से घर की बिजली ठीक हो जाए.’’

‘‘मम्मी, रमन तो दोस्तों के साथ ट्यूबवैल पर गया है.’’ ‘‘फिर बिजली कैसे ठीक होगी?’’

‘‘मैं जा कर किसी मिस्त्री को देखती हूं.’’ संदीप कौर ने कहा और दुपट्टा ले कर घर से बाहर निकल गई. बिजली की दुकान गांव से बाहर सड़क किनारे थी, जिस पर 2 लड़के रहते थे. उन में से एक का नाम राजवीर सिंह उर्फ राजा था.

राजा गांव के ही रहने वाले रंजीत सिंह का बेटा था. रंजीत सिंह खुद तो ड्राइवर थे, लेकिन चाहते थे कि उन के बच्चे पढ़लिख कर ठीकठाक नौकरी कर लें. लेकिन दुर्भाग्य से उन के दोनों बेटे पढ़ नहीं सके. बड़े बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजा ने 8वीं पास कर के स्कूल छोड़ दिया तो छोटा 8वीं भी पास नहीं सका.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD48USD10
सब्सक्राइब करें

डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD100USD79
सब्सक्राइब करें

बुकलेट की सुपर डील!

(डिजिटल + 12 प्रिंट मैगजीन + बुकलेट!)
₹ 1514₹ 999
सब्सक्राइब करें
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...