नंदिनी ने बना ली नवीन से दूरी
हरिहर कृष्णा ने अपना दांव चल दिया था. कान की कच्ची नंदिनी उस की बातों में आ गई थी. वैसे भी नारी यह कब बरदाश्त कर सकती है कि एक म्यान में 2 तलवार रह सके.
हरिहर कृष्णा ने जब से नवीन के खिलाफ उस के कान भरे थे, तब से नंदिनी ने उस से दूरी बना ली. वह न तो उस से बात करती थी और न ही उस की काल रिसीव कर रही थी. अचानक प्रेमिका में आए बदलाव को देख कर नवीन परेशान हो गया था. वह उस से यह जानने की कोशिश करता था कि आखिर उस से ऐसी कौन सी गलती हुई है कि उस ने उस से बातचीत करनी बंद कर दी.
यहां तक कि काल रिसीव करना भी छोड़ दिया था वरना एक घंटी बनते ही झट से उस की काल रिसीव कर लेती थी. नवीन को क्या पता था कि उस की प्रेमिका को अपनी प्रेमिका बनाने के लिए उसी के अजीज यार ने गद्दारी की थी. उसी ने भोलीभाली नंदिनी को उस के खिलाफ भडक़ाया था. बिना सोचेसमझे नंदिनी भी शक के दरिया में रफ्तार से बढ़ गई थी.
इस घटना के महीने भर बाद शाम की छुट्ïटी के बाद एक दिन रास्ते में नवीन ने नंदिनी को रोक लिया, “एक मिनट के लिए नंदिनी, प्लीज मेरी बात सुन लो.” नवीन उस के सामने गिड़गिड़ाया.
“मैं तुम्हारी कोई बात नहीं सुनने वाली. और फिर तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई जो तुम ने मेरा रास्ता रोका?” गुस्से से नंदिनी तमतमा उठी थी.
“प्लीज नंदिनी, गुस्सा मत होओ,” एक बार फिर उस के सामने नवीन गिड़गिड़ाया, “सिर्फ इतना बता दो कि आखिर मुझ से ऐसी क्या गलती हुई है, जो तुम ने मुंह मोड़ लिया. प्लीज नंदिनी, प्लीज एक बार बता दो.”
“मैं ने कहा न, मुझे तुम से कोई बात नहीं करनी है तो नहीं करनी है. प्लीज मेरा रास्ता छोड़ दो. प्लीज.. प्लीज.. प्लीज… मुझे घर पहुंचना है, मम्मी मेरी राह देख रही होगी.”
इस के बाद नवीन ने प्रेमिका के सामने दोनों हाथ जोड़ कर अपने प्यार की दुहाई दी कि उसे उस की गलती तो एक बार बता दो ताकि जीवन में दोबारा वैसी कोई गलती न हो. वह उस के बिना नहीं जी सकता, उस की जुदाई का गम बरदाश्त नहीं कर सकता. लेकिन नंदिनी ने उस से कुछ नहीं कहा तो नहीं कहा. हार कर नवीन ने उसे छोड़ दिया और वहीं खड़ाखड़ा एकटक उसे तब तक देखता रहा, जब तक वह उस की आंखों से ओझल नहीं हुई.
हारे हुए जुआरी की तरह नवीन घर पहुंचा. दिल उस का नंदिनी के लिए सिसकियां भर रहा था, गंगा यमुना की धारा उस की आंखों से छलक रहा था. नंदिनी के वियोग में वह विरह की अग्नि में जल रहा था. आंखों के सामने बारबार नंदिनी का मुसकराता हुआ चेहरा थिरक उठता था.
बस, वह इसी उलझन में जकड़ा रहा कि आखिर उस से कौन सी गलती हुई थी, जो उस ने उसे इतनी बड़ी सजा दी. बहरहाल, क्या हुआ जो उस ने सच नहीं बताया, लेकिन वह भी चुप बैठने वालों में नहीं था. इस बात की सच्चाई पता लगा कर ही रहेगा. इस के बाद दोनों के बीच ब्रेकअप हो गया.
नवीन को छोड़ दोस्त की हो गई नंदिनी
आखिरकार, नवीन ने सच का पता लगा ही लिया था. गद्दार दोस्त हरिहर कृष्णा की सच्चाई जब खुल कर उस के सामने आई तो नवीन आगबबूला हो गया. दुख तो इस बात का था कि उस की प्रेमिका नंदिनी न तो उस की कोई बात सुनने के लिए तैयार थी और न ही उस से मिलना ही चाहती थी.
नवीन सही समय आने के इंतजार में बैठ गया कि एक न एक दिन वह समय आएगा, जब वह हरिहर कृष्णा की कलई उस के सामने खोल कर रख देगा.
शातिर हरिहर कृष्णा अपनी चाल की कामयाबी पर बेहद खुशी महसूस कर रहा था, उस ने अपनी दोगली चाल और दांवपेंच से 2 प्रेमियों को अलग कर दिया था. वह मन ही मन खुश था कि अब नंदिनी को अपना बनाने से कोई रोक नहीं सकता.
नंदिनी के दिल में हरिहर कृष्णा ने नवीन के खिलाफ इतना जहर भर दिया था कि वह उस के नाम से गुस्से की आग में जल उठती थी, ऐसा लगता था नवीन अगर उस के सामने आ जाए तो उस का खून पी जाएगी. हरिहर कृष्णा यही चाहता भी था कि नंदिनी के दिल और दिमाग से उस का पहला प्यार पूरी तरह खाली हो जाए ताकि उस के दिल के कैनवास पर अपने प्यार का मनचाहा रंग भर सके.
भले ही नंदिनी ने अपने दिल और दिमाग से नवीन को निकाल फेंका था, लेकिन जब वह अकेली होती थी तो उस की यादों के बादल और उस के साथ बिताए पल आंखों के सामने उमड़ पड़ते थे. वह उदास हो जाती थी, हरिहर इसी पल का इंतजार करता था ताकि उसे संभालने के बहाने उस के दिल के करीब पहुंच सके और अपने प्यार का मरहम लगा सके.
चतुर खिलाड़ी हरिहर कृष्णा धीरेधीरे नंदिनी के दिल के करीब पहुंचने में कामयाब हो गया. दिल के हरे जख्म को भरने के लिए उस ने सहानुभूति का जो मरहम लगाया था, नंदिनी उस की मुरीद हो गई थी. नंदिनी के दिल पर उस के प्यार का रंग चढऩे लगा था. वह उस के प्यार के रंग में रंगने लगी थी.
नंदिनी और हरिहर कृष्णा दोनों एकदूसरे से टूट कर प्यार करने लगे थे. उस ने नंदिनी के दिल पर अपने प्यार की ऐसी हुकूमत बैठा दी कि उस का दिल हरिहर कृष्णा के अलावा किसी और के बारे में धडक़ने की गुस्ताखी नहीं करता था.
धीरेधीरे 2 साल का समय बीत चुका था नंदिनी को हरिहर कृष्णा का हुए और पहले प्रेमी नवीन से दूरियां बनाए हुए. दोनों ही अपने प्यार की दुनिया में बहुत खुश थे. हरिहर कृष्णा ने जो चाहा था सो पा चुका था.
इधर नवीन ने नंदिनी से ब्रेकअप करने के बाद अपना सारा ध्यान पढ़ाई पर लगा दिया. इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उस ने नेलगोंडा जिले के महात्मा गांधी इंजीनियरिंग कालेज में दाखिला ले लिया था, जबकि हरिहर कृष्णा जडीगुड़ा के इंजीनियरिंग कालेज से बी.टेक कर रहा था और नंदिनी हैदराबाद में ही रह कर बीएससी की पढ़ाई कर रही थी.


