लिवइन पार्टनर का यह कैसा लव

लिवइन पार्टनर का यह कैसा लव – भाग 3

करीब 2 साल के लौकडाउन में रिया एक बच्ची की मां भी बन गई. उस के बाद रिया का यौवन और उभर गया था. साथ ही उस में खुलापन बढ़ गया था.

दूसरी तरफ रिया की कई आदतें पति पुष्पेंद्र और उस के घर वालों को पसंद नहीं थी. रिया की आजाद खयाली और गैरमर्दों के साथ दोस्ती करना पसंद नहीं था. वह इस के लिए उसे हमेशा टोकता रहता था. कई बार इस बात पर दोनों के बीच नोकझोंक भी हो जाती थी.

एक दिन पुष्पेंद्र रिया की आदतों से ऊब गया और उस से तलाक ले लिया. रिया अपनी छोटी बेटी को ले कर मायके आ गई. उस की मां पर फिर से नई जिम्मेदारी आ गई. रिया का इस पर कोई असर नहीं हुआ. उस ने फिर से कंपनी जौइन कर ली.

औफिस आतेजाते एक बार रिया ऋषभ सिंह से टकरा गई. ऋषभ को रिया की खूबसूरती भा गई थी, जबकि रिया को ऋषभ के बात करने का सलीकेदार तरीका और स्टाइलिश लाइफस्टाइल पसंद आ गई थी. उन्होंने लिवइन में रहने का फैसला ले लिया. इस के बाद वह सुशांत गोल्फ सिटी के क्रिस्टल पैराडाइज अपार्टमेंट में 203 नंबर का फ्लैट किराए पर ले कर रहने लगा. रिया ने ऋषभ से अपने दिल की सारी बातें कीं, लेकिन तलाकशुदा बीवी होने की बात छिपा ली.

बहुत जल्द ही ऋषभ को रिया की वैसी आदतों की भी जानकारी हो गई, जो उसे अच्छी नहीं लगती थीं. इंस्टाग्राम के जरिए रिया की गैरमर्दों के साथ मौजमस्ती की एक तरह से पोल खुल गई, जो उस के साथ रहते हुए भी जारी थी.

उस की शर्मसार करने वाली फूहड़ और अश्लील वीडियो को देख कर ऋषभ ने विरोध जताया तो वह उल्टे उस की कमजोरियों का हवाला देने लगी और अपनी आदत को सही ठहराने लगी. जबकि ऋषभ रिया के साथ शादी करने का मन बना चुका था और उस के साथ अच्छी जिंदगी जीना चाहता था.

रिया की गलत आदतों से तंग आ कर ऋषभ ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन रिया अपनी जिद पर अड़ी रही. जब भी उन के बीच इसे ले कर नोकझोंक होती रिया एक ही राग अलापती, ”मुझ से शादी कब करोगे?’‘

बगैर बताए घर से घंटों गायब रहने के बारे में पूछने पर वह ऋषभ को ही भलाबुरा कहने लगती थी. इस कारण ऋषभ उस से नाराज रहने लगा था और उस के साथ शादी करने का जुनून भी उतर चुका था.

ऋषभ सिंह ने जब रिया की हकीकत का पता किया, तब यह जान कर उस के पैरों तले की जमीन जैसे खिसक गई कि वह न केवल तलाकशुदा है, बल्कि एक बच्ची की मां भी है. इस सच ने ऋषभ की जिंदगी में भूचाल ला दिया था. उस के बाद उस का रिया के प्रति विचार और व्यवहार बदलने लगा था.

रिया का भी अपना एक प्रोफेशनल करिअर था. उस ने मेकअप डिजाइन में डिप्लोमा कर रखा था. इस फील्ड में अपना करिअर बनाने के लिए लुलु माल के एक भव्य मेकअप सैलून खोलना चाहती थी, किंतु पैसे नहीं थे. उस ने पैसे के लिए ऋषभ पर दबाव बनाना शुरू किया. जबकि ऋषभ की आर्थिक स्थिति इस लायक बिलकुल नहीं थी.

एक रोज ऋषभ ने रिया को रात में बीएमडब्लू कार में एक अधेड़ व्यक्ति के साथ जाते देखा. देर रात नशे की हालत में वापस लौटने पर उस के बारे में पूछने पर सफाई देते हुए उस ने ताना दिया, ”चाहे जैसे भी हो, मुझे सैलून के लिए पैसे जुटाने हैं. तुम तो पैसे देते नहीं तो मुझे ही कुछ करना पड़ेगा. जो मैं तो करूंगी ही.’‘

इतना सुनते ही ऋषभ के तनबदन में आग लग गई. उस रोज तो ऋषभ ने जैसेतैसे कर खुद को संभाला, लेकिन 16 अगस्त की रात को तो हद ही हो गई.

रिया अपने एक दोस्त की पार्टी में गई हुई थी. साथ में ऋषभ भी था. पार्टी में रिया ने अपने दोस्तों के साथ छक कर शराब पी और जम कर डांस भी किया. यह देख कर ऋषभ बौखला गया. उस ने पार्टी में ही उसे समझाने की कोशिश की. दोस्तों के साथ अभद्रता और अश्लील हरकतों वाला डांस करने से मना किया. अपनी मर्यादा में रहते हुए पार्टी एंजौय करने की सलाह दी, जबकि रिया नशे में धुत थी.

वह ऋषभ को ही ताने देने लगी. उस से वहीं उलझ गई. यहां तक कह डाला कि वह उस की कोई गुलाम नहीं है, जो जब देखो तब उसे मानमर्यादा का पाठ पढ़ाता रहता है.

वह दोनों भारी मन से घर आ गए, लेकिन आते ही फिर उलझ गए. एकदूसरे पर तीखे आरोप लगाने लगे. गुस्से में ऋषभ भी बोला, ”मेरे साथ रहना है तो ढंग से रहो, वरना मुझे छोड़ कर चली जाओ.’‘

यह सुनते ही रिया का गुस्सा भी सातवें आसमान पर चढ़ गया था. वह बोली, ”चली जाऊं? क्यों चली जाऊं मैं…कई महीनों तक मेरे शरीर के साथ खेला और अब कहते हो चली जाओ, मेरा पीछा छोड़ दो. इस का खामियाजा तो तुम्हें भुगतना पड़ेगा. मैं कोर्ट जाऊंगी, तुम्हारे खिलाफ रेप का मुकदमा करूंगी. फिर सड़ते रहना जिंदगी भर जेल में.’‘

इस धमकी के साथ रिया ने तुरंत अपने एक परिचित वकील को भी फोन मिला दिया. रोती हुई बोलने लगी. ऋषभ की शिकायत करती हुई उस के खिलाफ तगड़ा केस बनाने को बोली.

यह सुन कर ऋषभ बुरी तरह से घबरा गया. उसे मालूम था कि एक बार शिकायत दर्ज हो गई तो उस की गिरफ्तारी तय है…और उस की जमानत भी नहीं होगी. उस रात वह सो भी नहीं पाया और सुबह होते ही सीधा अपने दोस्त अमनजीत के पास चला गया. उस से रिया के बारे में सारी बतों बता दीं.

अमनजीत ने ऋषभ सिंह को शांत रहने को कहा और रिया को समझाने के मकसद से उस के घर आ गया. लेकिन बात नहीं बनी, जबकि उस ने दोनों को काफी समझाने की कोशिश की. बात बिगड़ती देख अमनजीत वापस अपने घर आ गया.

उस के निकलते ही दोनों के बीच फिर तकरार शुरू हो गई. ऋषभ ने गुस्से में तमंचा निकाल लिया. वह काफी तैश में आ गया था. उस ने तड़ातड़ रिया पर गोलियां दाग दीं. उस के बाद फ्लैट में ताला लगा कर लुलु मौल चला गया.

ऋषभ से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया. वहां से उसे जेल भेज दिया गया. कथा लिखे जाने तक विवेचना जारी थी.

लिवइन पार्टनर का यह कैसा लव – भाग 2

किस ने मारी थी रिया को गोली

थोड़ी देर बाद अमन ने बोझिल मन से दोनों से विदा ली और अपने घर चला गया. उस के जाते ही दोनों फिर उलझ गए. तूतूमैंमैं होने लगी. दोनों एकदूसरे पर आरोप मढऩे लगे कि उन के आपसी झगड़े के बीच अमन को क्यों लाया? इसी बात पर उन दोनों में काफी समय तब बहस होती रही.

वे चीखचीख कर बातें कर रहे थे. उन की आवाजें अपार्टमेंट के दूसरे फ्लैटों में भी जा रही थीं, लेकिन उन के पास कोई भी ऐसा नहीं था, जो उन्हें झगडऩे से रोक सके. उन को शांत कर सके या उन्हें समझाबुझा सके. पड़ोसियों के लिए तो उन के झगड़े आए दिन की बात हो चुकी थी.

कुछ देर बाद उसी फ्लैट से गोली चलने का आवाज आई और अचानक एकदम से शांति छा गई. अपार्टमेंट के लोग भी एकदम से चौंक गए थे. किसी ने अपने घरों की खिड़कियां खोल लीं तो कोई तुरंत बालकनी में आ गए. उन में से कुछ लोग भाग कर उस फ्लैट के दरवाजे पर भी आए, लेकिन वहां उन के पैर ठिठक गए, क्योंकि उन के फ्लैट नंबर 203 पर बाहर से ताला लगा हुआ था.

उन्हें यह समझ में नहीं आया कि थोड़ी देर पहले इस फ्लैट से आवाजें आ रही थीं तो बाहर ताला कैसे लगा है? अंदर गोली चलने की वारदात हुई. उस में कोई जख्मी हो सकता है या किसी की मौत भी हो सकती है? थोड़ी देर पहले तो वहां 3 लोग थे. उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर कर दी. जबकि कुछ पड़ोसियों के पास रिया के मायके का मोबाइल नंबर था. उन्होंने तुरंत इस की सूचना उन्हें दे दी.

थोड़े समय में ही पुलिस की टीम पहुंच गई. उन में एसएचओ अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसएसआई ज्ञानेंद्र कुमार, एसआई दीपक कुमार पांडेय, नरेंद्र कुमार कनौजिया, संतोष कुमार गौड़ और महिला सिपाही दीपा चौधरी थी.

एसएचओ अतुल कुमार के सामने फ्लैट का ताला तोड़ा गया. पुलिस टीम ड्राइंगरूम होती हुई बेडरूम में चली गई. रिया फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थी. चारों ओर खून फैल चुका था. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चल गया कि रिया की मौत हो चुकी है. उसे 2 गोलियां मारी गई थीं. एक माथे पर, जबकि दूसरी सीने पर.

ऋषभ क्यों बना प्रेमिका का कातिल

घटनास्थल का मुआयना करने के बाद इंसपेक्टर श्रीवास्तव ने इस की सूचना डीसीपी विनीत जायसवाल और एडीसीपी (दक्षिणी) शशांक सिंह को दे दी. वे फोरैंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. उन्हें वहां 4 जिंदा कारतूस और 4 खोखे भी मिले. पुलिस ने रिया के कमरे की गहन खोजबीन की. इसी बीच लखनऊ सदर कैंट निवासी रिया के पापा शिवशक्ति गुप्ता भी पत्नी गीता गुप्ता के साथ वहां पहुंच गए.

उन्होंने पुलिस को बताया कि उन की बेटी रिया विभूतिखंड स्थित एक कंपनी में काम करती थी. वहीं उस की मुलाकात ऋषभ सिंह से हुई थी. वह उसी के साथ रहती थी. उस वक्त फ्लैट में कोई नहीं था. निश्चित तौर पर ऋषभ ही रिया की मौत का गुनहगार हो और उस की हत्या के बाद फरार हो गया हो.

पुलिस ने जरूरी काररवाई पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसी के साथ 18 अगस्त, 2023 को भादंवि की धारा 302, आम्र्स एक्ट की धारा 3/25 का मामला दर्ज कर लिया गया.

मामले की विवेचना का कार्य इंसपेक्टर ने संभाल लिया. उन की पहली काररवाई ऋषभ को गिरफ्तार करने की थी. इस में पुलिस को जल्द सफलता मिल गई. वह लुलु मौल के पास पार्क में दबोच लिया गया.

उसे थाने ला कर पूछताछ की तो बगैर किसी विरोध या नाटकीयता के ऋषभ सिंह ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. इस का कारण उस ने रिया की बेवफाई बताया. इस मामले में ऋषभ के दोस्त अमनजीत का नाम भी शामिल हो गया था.

पूछताछ में उस ने रिया की हत्या की जो कहानी बताई, उस में चरित्रहीनता, लिवइन रिलेशन में रहते हुए जीवन को अपनी मरजी से जीने की जिज्ञासा भी उजागर हो गई. वह इस प्रकार से सामने आई—

क्यों बहके रिया के पैर

रिया लखनऊ कैंट के ओल्ड गोता बाजार स्थित मकान में रहने वाले शिवशक्ति गुप्ता की बेटी थी. गुप्ता का एक छोटा परिवार था. पत्नी के अलावा इकलौती संतान के रूप में रिया ही थी. गुप्ता बीमार रहते थे, जिस से परिवार की जिम्मेदारी पत्नी गीता पर आ गई थी.

मम्मी की देखरेख में रिया ने पढ़ाई की थी, लेकिन वह फैशनपरस्त थी. बिंदास किस्म का आचरण और चालचलन था. कोई भी उस की अदा पर मर मिटने को तत्पर रहता था. बोलचाल से ले कर चलनेफिरने तक से सैक्स अपील का एहसास करवा देती थी.

उस पर सोशल मीडिया का भी चस्का लग चुका था. फेसबुक पर दोस्ती करना, रील बनाना और फैंसी कपड़ों में इंस्टाग्राम पर फोटो और वीडियो पोस्ट करने में माहिर थी.

जबकि उस की मम्मी उसे समाज की मानमर्यादा को ध्यान में रख कर रहने की सलाह दिया करती थीं. मम्मी की हर हिदायत को वह बेवजह की रोकटोक और लड़की पर अंकुश लगाना ही समझती थी. उसे हमेशा लगता था कि मम्मी उस की आजादी में खलल डाल रही हैं.

धीरेधीरे मम्मी भी उस की आदतों से ऊब गई और उसे अपने हाल पर छोड़ दिया. अपनी जिद, पसंद और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते रिया काफी स्वच्छंद हो गई थी. खुलेपन की जिंदगी के मजे लेने को आतुर रहती थी. बहुत जल्द ही उसे एक चस्का नए लोगों से संपर्क बनाने और उन से दोस्ती करने का भी लग गया था.

वह कइयों से फोन पर मीठीमीठी बातें करने लगी थी. इसी बीच 2019 में उस की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी लग गई. कुछ दिनों में ही उस ने साथ काम करने वाले कई युवकों को अपना दीवाना बना लिया था. उन्हीं में पुष्पेंद्र सिंह बत्रा भी था. वह सदर कैंट का रहने वाला था.

रिया उस के साथ घुलमिल गई. पुष्पेंद्र उसे अपना दिल दे बैठा. रिया भी उसे बेहद प्यार करने लगी. बहुत जल्द ही उन्होंने शादी करने का फैसला भी कर लिया. उन की लवमैरिज को घर वालों ने भी स्वीकार लिया.

इसे संयोग ही कहें कि उन की शादी के कुछ दिनों बाद ही कोरोना का दौर आ गया और लौकडाउन का असर उन की जिंदगी पर भी पडऩे लगा. वैवाहिक जिंदगी की मिठास में कमी आने लगी. खासकर रिया की आजादी और मौजमस्ती की स्वच्छंद रहने की आदतों पर इस का असर पड़ गया.

लिवइन पार्टनर का यह कैसा लव – भाग 1

ऋषभ सिंह और रिया के बीच 2-4 मुलाकातों में ही प्यार के बीज अंकुरित हो गए. ऋषभ रहने वाला प्रतापगढ़ का था, लेकिन लखनऊ में किराए पर फ्लैट ले कर पढ़ाई कर रहा था. उस के पिता सिंचाई विभाग में क्लर्क थे और बड़ा भाई प्रतापगढ़ में ही एक प्राइवेट स्कूल चलाता था. ऋषभ ने एमएससी तक की पढ़ाई की थी और एसएससी की तैयारी कर रहा था.

रिया और ऋषभ के बीच जैसेजैसे प्यार गहराता गया, वे एकांत में भी मिलने लगे. रिया ऋषभ के कमरे पर भी आनेजाने लगी. उसी दौरान ऋषभ को रिया के शराब पीने की आदत के बारे में भी मालूम हुआ. रिया शराब पीने के लिए क्लब जाती थी. ऋषभ को भी शराब पीने का शौक था, इसलिए ऋषभ ने उस की इस कमजोरी में अपने शौक को शामिल कर दिया. गाहे बगाहे दोनों शराब के लिए साथसाथ क्लब जाने लगे.

दोनों के एक साथ पीने पिलाने का एक असर यह हुआ कि वे एकदूसरे की अच्छाइयों और कमजोरियों से भी वाकिफ हो गए. वे आपस में बेहद प्यार करने लगे थे. रिया ने ऋषभ में एक जिम्मेदार मर्द की खूबियों के अलावा भविष्य में सरकारी नौकरीशुदा मर्द की पत्नी होने के सपने देखे. ऋषभ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रतापगढ़ से लखनऊ आ गया था. वहीं के सुशांत गोल्फ सिटी में स्थित एक फ्लैट में रह रहा था.

बात 17 अगस्त, 2023 की शाम की है. करीब 3 बजे थे. उस दिन उस का मन कुछ उखड़ाउखड़ा था, लेकिन अपने दोस्त अमनजीत को ले कर फ्लैट में आया था. कालबेल दबाने वाला ही था कि उसे ध्यान आया कि वह तो पिछले कई दिनों से खराब है. अचानक उस का एक हाथ हैंडल पर चला गया और दूसरे हाथ से दरवाजे पर थपकी देने लगा. हैंडल के घूमते ही दरवाजा खुल गया. उस ने सोचा कि शायद भीतर की कुंडी ठीक से नहीं लगी होगी.

फ्लैट के अंदर पैर रखते ही उस ने दोस्त को ड्राइंगरूम में बिठा दिया और ‘रिया… रिया’ आवाज लगाई. कुछ सेकेंड तक रिया की आवाज नहीं आई, तब वह बोला, ”रिया! कहां हो तुम? देखो, आज मेरे साथ कौन आया है?’‘

फिर भी रिया की कोई आवाज नहीं आई. तब अमनजीत की ओर मुंह कर धीरे से बोला, ”शायद अपने कमरे में सो रही है…देखता हूं.’‘

इसी के साथ वह सीधा रिया के बेडरूम में चला गया. वहां रिया को बेसुध सोई हुई देख कर उसे नींद से जगाना ठीक नहीं समझा. जबकि सच तो यह था कि वह उसे जगाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया था.

इस का कारण बीती रात रिया के साथ हुई उस की तीखी नोकझोंक थी. साधारण सी बात पर शुरू हुई नोकझोंक में जितना ऋषभ ने रिया को भलाबुरा कहा था, उस से कहीं अधिक जलीकटी बातें रिया ने सुना दी थीं. एक तरह से रिया ने अपना पूरा गुस्सा उस पर उतार दिया था. इस कारण वह रात को न तो ठीक से खाना खा पाया था और न ही सो पाया था.

सुबह होने पर ऋषभ ने रिया को नाराजगी के मूड में ही पाया. गुमसुम बनी रसोई का काम निपटाने लगी थी. इस दौरान न तो ऋषभ ने रिया से एक भी शब्द बोला और न ही रिया ने अपनी जुबान खोली. उस ने अनमने भाव से नाश्ता किया.

ऋषभ बीती रात से ले कर सुबह तक की यादों से तब बाहर निकला, जब अमन ने आवाज लगाई, ”ऋषभ! क्या हुआ सब ठीक तो है न! रिया कहीं गई है क्या?’‘

”अरे नहीं यार, अभी वह सो रही है, लगता है गहरी नींद में है! किसी को नींद से जगाना ठीक नहीं होता.’‘ ऋषभ वहीं से तेज आवाज में बोला.

”कोई बात नहीं तुम यहां आ जाओ.’‘ अमन बोला और ऋषभ ने बेडरूम का दरवाजा खींच कर बंद कर दिया. संयोग से दरवाजे के हैंडल पर उस का हाथ तेजी से लग गया और दरवाजा खट की तेज आवाज के साथ बंद हो गया. इसी खटाक की आवाज में रिया की नींद भी खुल गई.

रिया और ऋषभ में क्यों होता था झगड़ा

ऋषभ ड्राइंगरूम में अमन के पास आ गया था. कुछ सेकेंड में ही रिया भी आंखें मलती हुई किचन में चली गई थी. किचन में जाते हुए उस की नजर अमनजीत पर भी पड़ गई थी. अमनजीत ने भी उसे देख लिया था और तुरंत बोल पड़ा, ”भाभीजी नमस्ते! कैसी हैं!’‘

थोड़ी देर में ही रिया ने एक ट्रे में पानी भरे 2 गिलास ला कर अमनजीत की ओर बढ़ा दिए थे. अमनजीत ने भी पानी पी कर खाली गिलास ट्रे में रख दिया था.

रिया अमनजीत से परिचित थी और यह भी जानती थी कि वह ऋषभ का जिगरी दोस्त है. इस कारण उस के मानसम्मान में कोई कमी नहीं रखती थी. अमन से औपचारिक बातें करने के बाद दोबारा किचन में चली गई.

कुछ मिनटों में ही रिया अमन और ऋषभ के पास 3 कप चाय ट्रे में ले कर उन के सामने स्टूल पर बैठ गई थी. वास्तव में अमन को ऋषभ के साथ आया देख कर रिया कुछ अच्छा महसूस कर रही थी. वह भी बीती रात से ले कर कुछ समय पहले तक के मानसिक तनाव से उबरना चाह रही थी.

चाय का कप उठा कर मुसकराते हुए अमन की ओर बढ़ा दिया. अमन कप पकड़ता हुआ बोला, ”भाभीजी, आप ठीक तो हैं न! कैसा हाल बना रखा है, लगता है सारी रात ठीक से सो नहीं पाईं?’‘

रिया चुप बनी रही. ऋषभ भी चुप रहा. कुछ सेकेंड बाद रिया धीमी आवाज में बोली, ”यह अपने दोस्त से पूछो, तुम्हारे सामने तो बैठे हैं.’‘

”क्यों भाई ऋषभ,’‘ अमन दोस्त की ओर मुखातिब हो कर बोला.

”अरे, यह क्या बोलेंगे. इन्होंने तो मेरी जिंदगी में भूचाल ला दिया है…अब बाकी बचा ही क्या है. इसे तुम ही समझाओ.’‘ रिया थोड़ी तल्ख आवाज में बोली.

”क्या बात हो गई. तुम दोनों के बीच फिर कुछ तकरार हुई है क्या?’‘ अमनजीत बोला.

”तकरार की बात करते हो, युद्ध हुआ है युद्ध. बातों का युद्ध.’‘ रिया नाराजगी के साथ बोली.

थोड़ी सांस ले कर फिर बोलना शुरू किया, ”कई साल मेरे साथ गुजारने के बाद कहता है कि शादी नहीं कर सकता. इस के चक्कर में मैं ने अपने घर वालों को छोड़ दिया. …और अब यह कह रहा है कि शादी नहीं कर सकता, अब तुम्हीं बताओ कि मैं कहां जाऊं? क्या करूं? जहर खा लूं क्या, इस के नाम का?’‘

”भाभी जी ऐसा नहीं कहते. जान लेनेदेने की बात तो दिमाग में आने ही न दें.’‘ अमन ने रिया को समझाने की कोशिश की.

”यही तो मेरी जिंदगी बन गई है. कहां तो मुझ पर बड़ा प्यार उमड़ता था. कहता था, तुम्हारे बिना नहीं रह सकता, एक पल भी नहीं गुजार सकता. जल्द शादी कर लेंगे, अपनी नई दुनिया बसाएंगे. कहां गईं वे प्यार की बातें? कहां गए वायदे…जिस के भरोसे मैं बैठी रही.’‘

रिया ने जब अपने मन की भड़ास पूरी तरह से निकाल ली तब अमन ऋषभ सिंह से बोला, ”क्यों भाई ऋषभ, ये क्या सुन रहा हूं? रिया जो कह रही है क्या वह सही है? अगर हां तो तुम्हें इस की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए था.’‘

ऋषभ अपने दोस्त की बातें चुपचाप सुनता रहा. उस की जुबान से एक शब्द नहीं निकल रहा था. उस की चुप्पी देख कर अमन फिर बोलने लगा, ”तुम रिया से शादी क्यों नहीं कर रहे हो? उस की उपेक्षा कर तुम एक औरत की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हो… देखो भलाई इसी में है कि तुम जितनी जल्द हो सके, रिया से शादी कर लो और इसे समाज में सिर उठा कर चलने का मानसम्मान दो.’‘

मानसम्मान की बात सुनते ही ऋषभ बिफर पड़ा. कड़वेपन के साथ बोला, ”तुम किस मान सम्मान की बात कर रहे हो, इस ने आज तक मेरा सम्मान किया है? …भरी पार्टी में शराब पी कर मेरी इज्जत की धज्जियां उड़ा चुकी है. शादी की बात करते हो! इसे तो शादी के बाद मेरे मम्मीपापा के साथ रहना भी पसंद नहीं है. उस के लिए साफ मना कर चुकी है…तो इस के साथ कैसे शादी कर सकता हूं?’‘

अमन को ऋषभ की बातों में दम नजर आया. वह इस सच्चाई से अनजान था. अजीब दुविधा में फंसा अमन समझ नहीं पा रहा था कि आखिर वह किस का पक्ष ले और किसे कितना समझाए? फिर भी उस रोज अमन ने दोनों को सही राह पर चलने और जल्द से जल्द किसी सम्मानजनक नतीजे पर पहुंचने की सलाह दी.