हेमा ने शाम को 7 बजे मिलने की हामी भी भर दी. इधर पायल ने अपने घर में तैयारी कर ली. उस ने शाम को जब खाना बनाया तो उस में प्रेमी के द्वारा लाई गईं नींद की 20 गोलियां मिला कर दोनों भाइयों को खाना खिला दिया. रात को 9 बजे खाना खाते ही दोनों भाई कुछ देर में गहरी नींद सो गए.
रात को करीब 10 बजे अजय अपनी बाइक पर हेमा को साथ ले कर पायल के घर पहुंचा. हेमा ने उस के बारे में पूछा तो अजय ने उस का परिचय अपनी रिश्तेदार के रूप में कराया. पायल ने उसे भी नशे की गोलियां मिला खाना खिलाया. लेकिन पायल और अजय ने दूसरा खाना खाया. खाना खाने के बाद हेमा पर नींद सवार होने लगी तो दोनों ने मिल कर उसे पायल के कमरे में सुला दिया. हेमा की बेहोशी के बाद उन्होंने उस की हत्या कर दी.
पहले उस का गला दबाया फिर उसे रसोई में ले जा कर उस के चेहरे व गरदन पर खौलता हुआ सरसों का तेल डाल दिया. उस की मौत आत्महत्या लगे, इसलिए कलाई की नस भी चाकू से काट दी. इस के बाद शव को बिस्तर के पास जमीन पर डाल दिया.
बाद में पायल ने रसोई व कमरे में फैले तेल के धब्बे साफ कर दिए और इस तरह के हालात बना दिए, जैसी कहानी वो बनाने वाली थी. बाद में उस ने सुसाइड नोट के रूप में अपनी आत्महत्या का एक पत्र लिख कर बिस्तर पर रख दिया.
उस ने जिस चेहरे के साथ हेमा की गरदन पर इसलिए खौलता तेल डाल कर जलाया था क्योंकि पायल की गरदन पर एक ऐसा निशान था, जिसे देखने के बाद ये साफ हो जाता कि शव पायल का नहीं है. इसलिए उस जगह पर उस ने तेल डाल दिया, जिस से निशान का पता ही न चले.
4 लोगों की हत्या कर बदलालेना चाहती थी पायल
पूरे इत्मानीन से हेमलता की मौत को अपनी पहचान दे कर घर से कुछ जेवर, नकदी व कुछ कपड़े ले कर पायल तड़के अजय ठाकुर के साथ बाइक से फरार हो गई.
फरार होने के बाद दोनों इधर से उधर छिप कर रहते रहे. कुछ रोज बाद उन्होंने बुलंदशहर में भुनी चौराहा के पास भीमा कालोनी में किराए का एक कमरा ले लिया और एक साथ रहने लगे. उन्होंने इस दौरान बुलंदशहर के काला आम के पास स्थित आर्य समाज मंदिर में 19 नवंबर, 2022 को शादी भी कर ली.
इस सब से अंजान पायल के घर वालों ने 13 नवंबर को अंतिम संस्कार के बाद 21 नंवबर को पायल की तेरहवीं भी कर दी थी.
इस दौरान पायल के कहने पर अजय ने एक तमंचा और 10 कारतूस खरीद लिए थे. ताकि पायल अपने दुश्मनों को मार कर अपना इंतकाम पूरा कर सके.
दरअसल, पायल के भाई अरुण की शादी उस की बुआ का बेटे सुनील ने करवाई थी, जो दादरी में रहता है. सुनील ने शादी के लिए पायल के पिता रविंद्र भाटी को 5 लाख रुपए उधार दिए थे. पायल का मानना था कि फुफेरे भाई सुनील के कारण ही उस के भाई की शादी एक गलत लड़की से हुई थी.
उस की भाभी की बुआ का बेटा सुनील, उस की भाभी स्वाति व भाभी के 2 भाई कौशिंद्र व गोलू की प्रताड़ना की वजह से उस के मातापिता ने जान दी है.
ये चारों न केवल उस के परिवार की बरबादी का कारण थे, बल्कि सुनील अपनी उधार की रकम के लिए रविंद्र भाटी पर दबाव डालने के साथ बिरादरी में उन की बदनामी भी कर रहा था. इसलिए मांबाप की मौत का जिम्मेदार मान कर पायल इन चारों की हत्या करना चाहती थी.
पायल सब से पहले अपनी भाभी के भाई गोलू की हत्या करना चाहती थी. उस ने अजय के साथ बाइक से 3 बार उस का पीछा भी किया था, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला इसलिए वे उसे मार नहीं सके.
पायल और अजय अपने चारों टारगेट की हत्या करने के बाद यूपी छोड़ कर कहीं दूसरी जगह जा कर बसने का प्लान बना चुके थे. इसीलिए दोनों ने अपनी थोड़ीबहुत पहचान छिपा कर सनातन धर्म मंदिर में जो शादी की, उस में अपने सही नाम लिखवाए. जिस दिन वे गिरफ्तार हुए, उस दिन वे मेरठ से अपनी इसी शादी का अदालती रजिस्ट्रैशन सर्टिफिकेट ले कर आ रहे थे.
पुलिस अगर पायल की मौत हेमलता और अजय ठाकुर की गुमशुदगी को एक साथ जोड़ कर जांच को आगे नहीं बढ़ाती तो इस फिल्मी अपराध की गुत्थी कभी नहीं सुलझती. इसे सुलझाने में पुलिस को अजय ठाकुर के एक ऐसे दोस्त की मदद भी मिली, जो अजय के लगातार संपर्क में था. उसी की मदद से पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर सकी.
फरार होने के बाद पायल अपने फोन में उस दूसरे सिम का इस्तेमाल कर रही थी जो अजय ने पहले से अपने नाम से खरीदा हुआ था. यह नंबर उस के घर वालों के पास भी नहीं था.
पायल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पायल और उस के प्रेमी अजय ठाकुर की निशानदेही पर हत्या के इरादे से खरीदे गए तमंचे के अलावा हेमा की नस काटने में प्रयुक्त चाकू, हेमा का फोन, घड़ी और उस का बैग बरामद कर लिया है.
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—कहानी आरोपियों से पूछताछ, पुलिस की जांच और पीडि़तों के बयान पर आधारित




