Bhopal Crime News. शुभ्रा रंजन की मशहूर आईएएस एकेडमी में पढऩे वाला प्रियंक शर्मा कई अटेंप्ट के बाद भी जब सफल हो सका तो भोपाल में उस ने कोचिंग की नई ब्रांच खोलने के लिए डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को बुलाया. भोपाल आई शुभ्रा रंजन ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उन के चेले का यह न्यौता उन्हें भारी पढऩे वाला है. प्रियंक शुभ्रा को कोचिंग सेंटर दिखाने एक फ्लैट में ले गया, जहां पहले से मौजूद उस के साथियों ने उन्हें बंधक बना लिया और कनपटी पर पिस्टल तान कर 2 करोड़ रुपए अपने अकाउंट में इतनी आसानी से ट्रांसफर  करा लिए कि

भोपाल में रहने वाला प्रियंक शर्मा (35 वर्ष) उस दिन सुबह से उधेड़बुन में लगा हुआ था कि आज दीपक और विक्की को अपने प्लान के बारे में बताना है. दोपहर में जैसे ही दीपक और विक्की उस से मिले तो प्रियंक ने अपनी बात रखते हुए कहा, ”देखो भाई, कोचिंग सेंटर में मुझे बहुत घाटा हुआ है और तुम लोगों की पगार देना तक मुश्किल हो रहा है. उस की भरपाई पूरी करने के लिए मैं ने एक प्लान बनाया है. तुम लोग मेरा साथ दो तो काम आसान हो जाएगा और पैसों की तंगी भी दूर हो जाएगी.’’

”सर बताइए, आप ने क्या प्लान बनाया है?’’ दीपक ने उत्सुकता दिखाते हुए कहा.

”दिल्ली की एक मशहूर आईएएस एकेडमी ‘शुभ्रा रंजन’ की डायरेक्टर को किसी बहाने भोपाल बुलाते हैं और फिर उन को किडनैप कर के मोटी रकम वसूल लेंगे.’’ प्रियंक ने बताया.

”क्या यह इतना आसान है? पकड़े गए तो जेल की हवा खाएंगे.’’ विक्की ने आशंका जताई.

”हां समझ लो, आसान ही है. मैं ने एआई की मदद से किडनैप कर रकम वसूलने और साफ बचने का तरीका खोज निकाला है.’’ प्रियंक ने कहा.

”हमें भी खुल कर बताओ सर, आखिर पूरा प्लान क्या है?’’ दीपक ने पूछा.

”एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा मैडम को हम होटल से सेमिनार में चलने के बहाने एक फ्लैट में ले चलेंगे और वहां 3-4 लोगों की मदद से उन्हें किडनैप कर लेंगे. फिर मौत का डर दिखा कर उन के अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करा लेंगे.’’ प्रियंक ने पत्ते खोलते हुए कहा.

”मतलब इस प्लान में एक फ्लैट की जरूरत होगी और 3-4 लोगों को और शामिल करना पड़ेगा.’’ विक्की बोला.

”दीपक तुम एक फ्लैट किराए पर ले लो और विक्की तुम 4-5 लोगों को तैयार कर लो, उन का काम केवल नाटक करने तक सीमित है. उन्हें नकाब पहन कर मैडम की कनपटी पर पिस्टल तान कर धमकाना भर है.’’ प्रियंक बोला.

”और यदि वह मैडम डर, धमकी से नहीं मानी तो क्या करेंगे?’’ विक्की ने शक जाहिर करते हुए कहा.

”मैं ने सब सोच रखा है. दीपक, तुम्हें एक बड़े बौक्स में लेट कर मरने की ऐक्टिंग करनी है और विक्की तुम मैडम के सामने दूसरे लोगों से यही कहना कि इस ने यदि अपनी बात मान ली होती तो यह जान से हाथ न धोता और लाश ठिकाने लगाने की बात करना. यह सब सुन कर मैडम डर के मारे सरेंडर कर देगी.’’ प्रियंक ने पूरा प्लान समझाते हुए कहा.

विक्की ने इस काम के लिए रामजी, निहाल, रामेश्वर और दतिया जिले के कुणाल व पंकज को राजी कर लिया. दीपक ने भोपाल के बागसेवनिया इलाके में एक फ्लैट किराए पर ले लिया और उस के बाद सभी किडनैपिंग की रिहर्सल करने लगे.

जो लोग यूपीएससी परीक्षा में सफल नहीं होते, अकसर वही लोग कोचिंग सेंटर खोल कर बेरोजगार नौजवानों को आईएएस अफसर बनने का सपना दिखाते हैं.

भोपाल के प्रियंक शर्मा ने भी यही किया. प्रियंक शर्मा ने दिल्ली में यूपीएससी की कोचिंग कर के 2019 तक  लगातार 3 बार अटेंप्ट यूपीएससी के लिए  दिए, लेकिन तीनों बार असफलता ही उस के  हाथ लगी. इस के बाद उस ने कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालन का प्लान बनाया.

वह दिल्ली में रह कर शुभ्रा रंजन आईएएस कोचिंग एकेडमी में पड़ चुका था, लिहाजा उस एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन और अन्य स्टाफ से उस के अच्छे संबंध थे. इस वजह से कोचिंग सेंटर की फ्रेंचाइजी उसे आसानी से मिल गई.

साल 2019 में उस ने भोपाल में सेंटर की शुरुआत की, मगर कोविड के चलते कोचिंग सेंटर बंद हो गया. प्रियंक ने जो रुपए इनवेस्ट किए थे, वह कोचिंग सेंटर बंद होने से डूब गए. वह अपने डूबे हुए रुपए एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से वसूलना चाहता था.

प्रियंक ने दिल्ली में शुभ्रा को प्रपोजल दिया कि भोपाल में उन के ‘शुभ्रा रंजन आईएएस एकेडमी’ की फ्रेंचाइजी नहीं है. अगर वह उसे फ्रेंचाइजी दें तो संस्थान का विस्तार होने के साथ अच्छी कमाई भी होगी.

शुभ्रा उस की बातों में आ गईं और उसे फ्रेंचाइजी दे दी. इस के इनोगरेशन में शामिल होने वह भोपाल भी आई थीं. इस के 7 महीने बाद ही कोविड का दौर शुरू हो गया और प्रियंक को कोचिंग पर ताला लगाना पड़ा. इस में इनवेस्ट की बड़ी रकम वह खो बैठा था. तब से उस के दिमाग में सिर्फ एक ही सनक सवार थी.

वह किसी भी तरह डूबी रकम शुभ्रा रंजन से वसूलना चाहता था. वह जानता था कि उन की आईएएस एकेडमी प्रतिष्ठित है और शुभ्रा को इस से अच्छी कमाई होती है. इसी के चलते उस ने शुभ्रा के अपहरण से ले कर फिरौती वसूलने तक का पूरा प्लान बनाया.

इस की स्क्रिप्ट भी तैयार की. सब से पहले उस ने अपनी साजिश में अपने भरोसेमंद विक्की, ड्राइवर दीपक और सफाई कर्मचारी रोहित को शामिल कर लिया.

प्रियंक ने 2 महीने तक पूरी प्लानिंग की. इस के लिए उस ने फिर से शुभ्रा रंजन को भोपाल आने का न्यौता दिया. वह हर हाल में शुभ्रा को भोपाल बुलाना चाहता था. प्रियंक को पता था कि शुभ्रा के साथ उस के पति और एक असिस्टेंट भी साथ आएंगे. इस के लिए उसी ने होटल ताज में शुभ्रा और उन के साथ आने वाले 2 अन्य लोगों के ठहरने की व्यवस्था की.

प्रियंक और उस के साथियों ने बाग सेवनिया इलाके में किराए पर एक फ्लैट ले लिया. प्लानिंग के तहत यह तय किया गया कि उन्हें होटल से पिक कर  इसी फ्लैट में लाया जाएगा और वहां पर उन को बंधक बना कर रुपए ऐंठ लिए जाएंगे.

दिल्ली से बुलाया भोपाल

अप्रैल, 2026 के प्रथम सप्तह में प्रियंक ने ‘शुभ्रा रंजन आईएएस एकेडमी’ की डायरेक्टर शुभ्रा को फोन करते हुए कहा, ”मैडम, हम भोपाल में एक बड़ा सेमिनार कर नई ब्रांच खोलना चाहते हैं, जिस में बड़ी संख्या में एडमिशन मिलना है.’’

”प्लान तो बढिय़ा है, आप मेहनत करो, हमारा पूरा सपोर्ट रहेगा.’’ शुभ्रा ने भी लालच में आते हुए कहा.

”मैम, हमारी मार्केटिंग टीम ने पूरी तैयारी कर ली है. सेमिनार के दिन ही बड़ी संख्या में एडमिशन मिलना है. नई ब्रांच की साइट विजिट करने आप जरूर आइए और देख कर हमें बताइए कि और कैसे बेहतर हम कर सकते हैं.’’ प्रियंक ने पांसा फेंकते हुए कहा.

”ठीक है, मैं 29 अप्रैल को भोपाल पहुंच रही हूं, रुकने का इंतजाम कर लीजिए.’’ शुभ्रा रंजन ने प्रियंक से कहा.

प्रियंक ने शुभ्रा रंजन को भोपाल में नई कोचिंग ब्रांच खोलने और जगह दिखाने के बहाने बुलाया. भरोसा करते हुए 29 अप्रैल, 2029 को शुभ्रा अपने पति विराज देशमुख एवं पीए के साथ दिल्ली से फ्लाइट से भोपाल पहुंचीं तो भोपाल में भदभदा रोड के पास होटल ताज में ठहरी थीं , लेकिन उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह मुलाकात एक बड़ी साजिश का हिस्सा है.

29 अप्रैल को शुभ्रा रंजन से प्रियंक शर्मा होटल के बाहर मिला और बातचीत के बहाने शुभ्रा और उन के साथियों को अपने साथ कार में ले गया. इस के बाद वह उन्हें सीधे अयोध्या बाईपास स्थित बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट के सामने ले कर पहुंचा. कार रोक कर प्रियंक ने शुभ्रा से कहा, ”मैडम, अंदर चल कर देख लीजिए, इसी फ्लैट में हम कोचिंग सेंटर शुरू करेंगे.’’

जैसे ही शुभ्रा उस फ्लैट में पहुंचीं तो प्रियंक ने सम्मान जताते हुए कहा, ”आप फ्रेश हो जाइए, तब तक मैं आप के लिए चाय नाश्ते का इंतजाम करता हूं.’’

मांगे 10 करोड़ रुपए

रूम में फ्रेश होने के बाद जब उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो बाहर कुछ नकाबपोश लोग खड़े थे. एक के हाथ में पिस्टल था. पिस्टल ताने युवक रूम के दरवाजे पर खड़े हो कर उन्हें धमकाने लगा. डर और दहशत के बीच शुभ्रा को कुछ भी नहीं सूझ रहा था.

नकाबपोश युवकों ने शुभ्रा और उन के साथियों को बंधक बना कर मानसिक दबाव बनाया और उन्हें लगातार 4-5 घंटे तक रुपए देने के लिए डराया धमकाया. नकाबपोश लोगों ने प्रियंक और उस के साथी से मारपीट का नाटक कर 10 करोड़ रुपए मांगे.

इंकार करने पर उन लोगों ने शुभ्रा की कनपटी पर पिस्तौल लगा कर उन के पति को कंपनी के खाते से करीब 2 करोड़ रुपए अलगअलग बैंक खातों में डालने पर विवश किया. मौत का खौफ शुभ्रा के जेहन में इस कदर कायम हो गया कि उन्होंने मजबूर हो कर अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करने की बात मान ली.

उस के बाद डर के माहौल में उन युवकों के बताए गए अकाउंट में शुभ्रा रंजन ने करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए अलगअलग ट्रांजैक्शन के जरिए ट्रांसफर कर दिए.

पैसे ट्रांसफर होते ही उन युवकों ने साफतौर पर धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो इस का अंजाम बहुत बुरा होगा. रकम मिलने के बाद नकाबपोश बदमाश वहां से भाग निकले.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद शुभ्रा काफी डरी हुई थीं, लेकिन हिम्मत जुटा कर उन्होंने भोपाल क्राइम ब्रांच में जा कर इस घटना की शिकायत दर्ज कराई.

शुभ्रा रंजन की एफआईआर दर्ज होते ही भोपाल पुलिस हरकत में आ गई. पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एसीपी शैलेंद्र चौहान और एसीपी अखिल पटेल के निर्देशन में बाग सेवनिया पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी के लिए अलगअलग टीमों का गठन किया.

जिस फ्लैट में शुभ्रा को बंधक बनाया गया, उसे 2 दिन पहले ही किराए पर पूरी लिखापढ़ी के साथ लिया था. प्रियंक ने पहले से ही हर किरदार को उस की भूमिका समझा दी थी.

उस ने इस की बाकायदा रिहर्सल भी कराई गई. 2 महीने से पूरी प्लानिंग की जा रही थी, ताकि घटना को अंजाम देते समय चूक की संभावना कम से कम रहे.

पूरी साजिश को अंजाम देने वाला 35 साल का प्रियंक शर्मा भोपाल के अयोध्या बाईपास का रहने वाला है. उस के पापा विष्णु शर्मा बीएचईएल से रिटायर्ड अधिकारी हैं. प्रियंक ग्रैजुएट है और भोपाल में कोचिंग सेंटर चलाता है. पहले यूपीएससी की तैयारी कर चुका है. हैरानी की बात यह है कि प्रियंक का साथ देने वाले उस के साथी आठवीं जमात से ज्यादा पढ़ेलिखे नहीं हैं.

आठवीं तक पढ़ा दीपक भगत बागसेवनिया, भोपाल का रहने वाला है और प्रियंक की कार चलाने के साथ उस के निजी काम देखता था. रोहित कालापीपल का रहने वाला था, वह भी आठवीं तक पढ़ा है और प्रियंक के संस्थान में साफसफाई का काम करता था.

विकास दहिया उर्फ विक्की आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और मार्केटिंग का काम करता था. विक्की ने दतिया जिले के कुणाल यादव और पंकज अहिरवार को 5-5 लाख रुपए देने का लालच दे कर अपने प्लान में शामिल किया. कुणाल यादव दतिया का निवासी है और मजदूरी करता था. उसे विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था. काम पूरा होने के बाद उसे 5 लाख रुपए देने का लालच दिया गया था. पंकज अहिरवार भी दतिया का रहने वाला है,वह पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है.

इसे भी विक्की ने वारदात में शामिल होने के लिए बुलाया था. प्रियंक और उस के साथियों ने किडनैपिंग की इतनी पुख्ता प्लानिंग की थी कि कहीं किसी तरह का शोर या चीखनेचिल्लाने की आवाज आसपास रहने वाले लोगों को सुनाई न दे. प्रियंक और उस के साथियों ने नकाब पहन कर शुभ्रा को पिस्टल दिखा कर धमकाया और कहा, ”यदि उन्हें रकम नहीं दी तो उसे जान से मार देंगे.’’

आसपास के लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गिरोह के दूसरे सदस्य फ्लैट के एक कमरे में जोरजोर से सुंदरकांड का पाठ करते रहे.

शुभ्रा ने जान बचाने के लिए मांगी गई रकम जनकशिला सोसाइटी और आर.एस. इंटरप्राइजेज के खातों में ट्रांसफर की थी. पुलिस की जांच में पता चला है कि जनकशिला सोसाइटी का खाता प्रियंक और उस के पापा के संयुक्त नाम पर है. वहीं, आर.एस. इंटरप्राइजेज का खाता खुद प्रियंक शर्मा के नाम पर खोला गया था.

पुलिस अब इन खातों की जांच कर रही है. साथ ही बैंक की भूमिका की भी जांच हो रही है, क्योंकि इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बैंक प्रबंधन ने पहले शुभ्रा की फर्म से संपर्क क्यों नहीं किया गया.

लूट और सुंदरकांड पाठ

प्रियंक ने प्लान के तहत दीपक भगत को मरने की ऐक्टिंग सिखाई और इस की बाकायदा रिहर्सल भी कराई . जब शुभ्रा और उन के साथियों को बंधक बनाया गया, तब दीपक पहले से उसी कमरे में मौजूद था, जो  मरा हुआ होने की ऐक्टिंग कर रहा था.

शुभ्रा को कमरे में लाते ही दीपक को शव बता कर एक बौक्स में बंद किया गया. आरोपी आपस में बात करते रहे कि यदि समय पर इस ने हमारी बात मान ली होती तो आज यह जिंदा होता. अब इस की लाश को कहीं जंगल में ले जा कर ठिकाने लगा दो.

यह सब करने के पीछे आरोपियों का मकसद साफ था कि बिना किसी बल प्रयोग के शुभ्रा रंजन और उन के साथियों में डर बैठाया जा सके. और इस में वो सफल भी रहे. कमरे के अंदर का यह खौफनाक नजारा देखने के बाद ही शुभ्रा घबरा गईं और 3 बार में प्रियंक के 2 अलगअलग खातों में 1 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए.

फ्लैट में आरोपियों ने एक वीडियो भी बनाया और यह दर्शाने की कोशिश की कि कोचिंग की डायरेक्टर पतिपत्नी ने एक कर्मचारी का अपहरण कर उसे बंधक बना लिया है.  यह वीडियो बना कर अपराधी आने वाले समय में अपने आप को सुरक्षित करने और कोचिंग डायरेक्टर को ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल कर सकते थे.

कौन हैं शुभ्रा रंजन

शुभ्रा रंजन दिल्ली के करोल बाग स्थित अपनी प्रतिष्ठित संस्थान ‘शुभ्रा रंजन आईएएस एकेडमी’ का संचालन करती हैं. वह राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय की विशेषज्ञ मानी जाती हैं. प्रियंक शर्मा ने उन की दिल्ली स्थित कोचिंग एकेडमी में तैयारी की, लेकिन यूपीएससी में चयन नहीं हो सका. बाद में प्रियंक ने भोपाल के एमपी नगर जोन-2 में शुभ्रा के कोचिंग की फ्रेंचाइजी शुरू की.

शुभ्रा रंजन का नाम सिविल सर्विस परीक्षा की दुनिया में बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है. उन से यूपीएससी 2015 टौपर टीना डाबी और यूपीएससी 2022 की टौपर इशिता किशोर भी पढ़ी हैं. हाल में उन के साथ हुई इस तरह की धोखाधड़ी और लूट की खबर ने पूरे शिक्षा जगत को चौंका दिया.

मशहूर टीचर शुभ्रा रंजन यूपीएससी परीक्षा में अहम माने जाने वाले सब्जेक्ट्स पौलीटिकल साइंस, इंटरनैशनल रिलेशन जैसे सब्जेक्ट्स पढ़ाती हैं. वह आईएएएस एकेडमी की फाउंडर भी हैं. शुभ्रा रंजन उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली हैं.

शुभ्रा रंजन की पढ़ाई दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्थानों से हुई है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से ग्रैजुएशन की डिग्री ली है. फिर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ही पौलीटिकल साइंस में एमए किया है. इस के बाद से उन्होंने इसी विषय में एमफिल की डिग्री हासिल की है.

शुभ्रा रंजन यूपी हायर कमीशन के लिए चुनी गई थी, जिस के बाद से उन्होंने यूपी के स्कूलों में पढ़ाया. गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने कभी यूपीएससी की परीक्षा नहीं दी, लेकिन उन के गाइडेंस में टौपर इशिता और टीना डाबी के अलावा कनिका गोयल ने भी यूपीएससी परीक्षा पास की.

आईएएस कोचिंग की डायरेक्टर और यूपीएससी मेंटर शुभ्रा रंजन किडनैपिंग केस में एक ऐसी सनसनीखेज बात सामने आई है, जिस ने पुलिस महकमे को भी हैरत में डाल दिया है. पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरे अपराध की प्लानिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से की

गई थी.

मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा ने सिर्फ किडनैपिंग की साजिश ही नहीं रची, बल्कि गिरफ्तारी से बचने और देश छोडऩे तक की रणनीति भी एआई के जरिए तैयार की.

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हर कदम सोचसमझ कर और डिजिटल टूल्स की मदद से उठाया.

इस तरह के अपराध यह साबित कर रहे हैं कि यह सिर्फ एक किडनैपिंग केस नहीं, बल्कि एक संगठित और टेक्नोलौजी आधारित अपराध है. एक पढ़ेलिखे युवक प्रियंक शर्मा ने विदेश भागने के लिए यूरोप के वीजा नियम, पैसे ट्रांसफर करने के तरीके और डिजिटल ट्रैक से बचने के उपाय तक औनलाइन सर्च किए थे.

यही वजह है कि यह केस अब साइबर क्राइम और पारंपरिक अपराध के मिश्रण के रूप में देखा जा रहा है. पुलिस इस बारे में प्रियंक शर्मा से पूछताछ कर रही है. उस से बरामद डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं.

घटना को अंजाम देने के बाद प्रियंक शर्मा अचानक एम्स भोपाल के आईसीयू में भरती हो गया. उस ने हार्ट की बीमारी का बहाना बनाया, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके. लेकिन क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और सूचनाओं के आधार पर उस का खेल समझ लिया. पुलिस ने भोपाल के एम्स से ही प्रियंक को गिरफ्तार कर लिया.

इस दौरान प्रियंक की मम्मी और पत्नी ने वहां जम कर हंगामा किया. आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और अन्य सामान बरामद किया गया है. पूछताछ में सामने आया कि प्रियंक विदेश भागने की तैयारी में था.

क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 6 लोगों प्रियंक शर्मा, दीपक भगत, रोहित मालवीय, विकास उर्फ विक्की दहिया, कुणाल यादव और पंकज अहिरवार को गिरफ्तार किया है. 2 अन्य आरोपी रामजी प्रजापति और रामू उर्फ रामेश्वर अब भी फरार हैं.

सब से पहले क्राइम ब्रांच ने बैंक खाते से पैसा होल्ड करवाया, जो आरोपियों तक नहीं पहुंच पाया. इसे फरियादी को वापस करने की प्रक्रिया की जा रही है. Bhopal Crime News

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