Crime Story in Hindi : नवीन पटेल गोवा के एक बड़े व्यापारी थे. वह अपने शोरूम पर काम करने वाले नौकर निशांत पर विश्वास करते हुए अपने घर के सदस्य की तरह ही मानते थे. लेकिन इसी नौकर ने मोटी रकम के लालच में दोस्तों के साथ मिल कर उन्हें विश्वासघात का ऐसा खंजर घोंपा कि...

वीरेंद्र कुमार (25 वर्ष) को गोवा के लोग वीरेंद्र बिहारी कहते थे. कारण वह बिहार के मधुबनी के एक गांव का रहने वाला था. कोरोना काल में अपने गांव चला गया था. घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही बिगड़ी हुई थी. पढ़ाई के नाम पर 8वीं पास था. उसे किसी भी तरह की नौकरी मिलने की उम्मीद कतई नहीं थी. काम के नाम पर वह खेतीकिसानी जानता था. कुछ महीने पहले ही रोजीरोटी की तलाश में गोवा आया था. उत्तरी इलाके में अपने कुछ परिचितों के यहां रह रहा था. उन की मदद से ही वह गाडि़यों की देखरेख के लिए एक गैरेज में लग गया था.

किसी भी काम को वह बहुत जल्द सीख लेता था. गाडि़यों की देखरेख करते हुए, गाड़ी से संबंधित वह कई तरह के काम करने में माहिर हो गया था. कई गाडि़यों की अच्छी जानकारी भी हो गई थी. गाड़ी खोलना, गाड़ी चलाना आदि से ले कर इंजन की आवाज पहचान कर उस की खराबी के बारे मालूम कर लेना अच्छी तरह जान गया था. उस ने ड्राइविंग लाइसैंस भी बनवा लिया थे. उस के बाद मानो उस के सपनों को पंख लग गए थे. गैरेज का काम छोड़ कर टैंपो की ड्राइवरी करनी शुरू कर दी थी. इस काम की वजह से उस की जानपहचान निशांत मोगन कैंडोलिम से हो गई थी. वह भी उसी की उम्र का था. वह मंगलूर का रहने वाला था. शहर के चर्चित एक शोरूम आशीर्वाद और गोदाम के मालिक नवीन पटेल के यहां कई सालों से काम कर रहा था.

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