Crime News: राजनीति में आने के लिए विनय त्यागी को पैसों की जरूरत महसूस हुई तो उस ने किसी मोटे आसामी का अपहरण करने की योजना बनाई. शिकार को आसानी से फांसा जा सके, इस के लिए उस ने चारा के रूप में ममता को इस्तेमाल किया. उस ने मनोज गुप्ता का अपहरण तो कर लिया, लेकिन फिरौती वसूल पाता, उस के पहले ही खेल बिगड़ गया और...

दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित एक रेस्तरां की टेबल पर एकदूसरे के सामने बैठे मनोज गुप्ता और ममता मसीह के चेहरों पर खुशी की एक अनोखी चमक थी. वहां के खुशनुमा माहौल में वेटर को और्डर कर के उन्होंने खानेपीने की चीजें मंगा ली थीं. खानेपीने के साथ उन की बातें भी हो रही थीं.  दोनों की यह पहली मुलाकात थी, लेकिन ऐसा लग रहा था, जैसे वे एकदूसरे को बरसों से जानते हों. दिलोदिमाग संतुष्ट हुए तो मनोज ने ममता की आंखों में झांकते हुए कहा, ‘‘ममता, तुम से मिल कर बहुत अच्छा लगा.’’

‘‘मुझे भी बहुत अच्छा लगा. बस आप से एक उम्मीद करती हूं.’’

‘‘क्या?’’

‘‘मुलाकातों और बातों का यह सिलसिला खत्म नहीं होना चाहिए. वैसे भी वे लोग खुशनसीब होते हैं, जिन्हें विश्वास करने वाले लोग मिलते हैं.’’

ममता की आंखों में चाहत का सागर नजर आ रहा था. उस की बातें सुन कर खुश हुए मनोज ने कहा, ‘‘तुम जैसी खूबसूरत लड़की से मिलने के बाद कौन कमबख्त इस सिलसिले को तोड़ना चाहेगा. यह कितना अच्छा है कि मुझे एक ऐसी लड़की मिली, जिस पर मैं भरोसा कर सकता हूं, वरना आज के जमाने में किसी पर भरोसा करना ठीक नहीं.’’

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