Gold coin scam. वडोदरा का प्रभुभाई सोलंकी हरफनमौला ठग था. वह अमीर लोगों को सस्ते दाम पर सोने के सिक्के देने का लालच दे कर फंसाता था. एक दिन उस ने गुरुग्राम के कारोबारी विवेक से संपर्क किया और उन्हें ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का चूना लगा दिया. पढि़ए, इस कहानी में कि वह और उस के गैंग के लोग कैसे अमीरों को झांसा दे कर ठगी करते थे...
गुरुग्राम की सब से पौश कालोनी सुशांत लोक में रहने वाले एक्सपोर्ट कारोबारी विवेक पचगांव चौक के पास पंक्चर होने के कारण अपनी कार की स्टेपनी बदल रहे थे. इसी दौरान देखने में बेहद साधारण और मजदूर तबके का लगने वाला एक आदमी वहां आया.
सहमते हुए वह विवेक के पास आया और हाथ जोड़ कर नमस्ते की, फिर हिचकिचाते हुए कुछ बोलतेबोलते रुक गया.
विवेक ने उस के हावभाव पढ़े तो समझ गए कि वह शायद उन से कुछ मदद चाहता है. सोचा, मजदूर आदमी है, शायद स्टेपनी बदलने में मदद करना चाहता होगा ताकि कुछ पैसा मिल सकें.
अंधे को क्या चाहिए दो आंखें. जरूरत उन्हें भी थी किसी की मदद की, लिहाजा बोले, ''क्या प्यारे पैसा चाहते हो... अगर चाहिए तो आओ, स्टेपनी बदल दो.’’
''नहीं...नहीं साहेब, वो बात नहीं है. हमें पैसे की तो जरूरत है, लेकिन स्टेपनी नहीं बदलना है, हम तो खुद ही जेसीबी चलाते हैं. अभी रेलवे लाइन के पास अपना खुदाई का काम चल रहा है.’’ विवेक समझ गए कि बात वो नहीं है जो वह समझ रहे थे.
''तो फिर क्या बात है, बताओ भाई मुझे स्टेपनी चेंज कर के आगे भी जाना है.’’ विवेक ने पूछा.






