श्रेयांश-प्रियांश हत्याकांड : मासूमियत बनी मौत
फिरौती वसूलने के बाद अपहर्त्ताओं ने प्रियांश और श्रेयांश को इसलिए मार डाला कि वे उन्हें पहचान सकते थे. जिस तरह 2 मासूमों की हत्या की गई, उस से हत्यारों की नृशंसता को समझा जा सकता है. ऐसे हैवानों को सजा के रूप में केवल मौत मिलनी चाहिए.
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