UP News: फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग में एक ऐसा फरजीवाड़ा सामने आया है, जिस ने सब को चौंका दिया है. अर्पित सिंह नाम का एक्सरे टेक्निशियन अलगअलग 6 जिलों के सरकारी अस्पतालों में एक साथ नौकरी कर रहा था. सभी जगह से वह सैलरी भी ले रहा था. चौंकाने वाली बात यह कि सभी जगह उस का नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम भी समान था. आखिर कैसे चल रहा था यह फरजीवाड़ा?

इन दिनों उत्तर प्रदेश चर्चाओं में है. 'मनोहर कहानियां’ के अक्तूबर, 2025 अंक में प्रकाशित गोंडा जिले की अनामिका शुक्ला शिक्षक घोटाले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक्सरे टेक्निशियन फरजी घोटाले का जिन्न बोतल से बाहर आ गया. एक ही नाम से 6 जिलों में कार्यरत फरजी कर्मियों ने सरकार को करीब 5 करोड़ रुपए की सैलरी का चूना लगाया है.

मामला तब सुर्खियों में आया, जब प्रदेश सरकार के मानव संवदा पोर्टल पर अर्पित सिंह नाम के व्यक्ति का 6 एक्सरे टेक्निशियन कर्मियों के रूप में दर्शाया जा रहा था. डा. रतन पाल सिंह सुमन (स्वास्थ्य महानिदेशक) के माथे पर उस वक्त पसीना चुहचुहा उठा था, जब यह प्रकरण उन के सामने आया. तत्काल उन्होंने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) से यह रिपोर्ट मांगी कि उन के यहां कहीं अर्पित सिंह नाम का कोई कर्मचारी तो तैनात नहीं है, यदि है तो उस की डिटेल्स तुरंत यहां दें.

मामला बहुत गंभीर और घोटालों से जुड़ा हुआ था. इस प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हुई तो उन्होंने तुरंत ऐक्शन लिया और स्वास्थ्य महानिदेशक डा. रतन पाल सिंह सुमन को आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया. महानिदेशक सिंह ने यह आदेश रचना खरे (सहायक निदेशक, पैरा मेडिकल, लखनऊ) को दिया. इस पर उन्होंने तत्काल ऐक्शन लिया.

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