Village Crime Story . नामो मर्द का बच्चा था, उस ने गांव में ललकार कर कहा था कि वह अपनी एक टांग के बदले में दुश्मनों की एक लाश जरूर गिराएगा. वह तो ऐसा नहीं कर सका, पर...

एक दिन मैं अपने क्वार्टर में नाश्ता कर रहा था कि थाने से एक कांस्टेबल आया. उस ने आते ही बताया कि थाने से 2 ढाई मील दूर के एक गांव में हत्या हो गई है. मैं चाहता तो अपने हिसाब से आराम से जाता, लेकिन तब थानेदारों की ऐसी आदत नहीं थी. दूसरे अंगरेजों का जमाना था, जो ऐसे मामलों में लापरवाही बरदाश्त नहीं करते थे. इस के अलावा जल्दी पहुंचने का एक फायदा यह होता था कि घटनास्थल पर पैरों के निशान और दूसरे तमाम सबूत आराम से मिल जाते थे.

तैयार हो कर मैं सिपाही के साथ थाने पहुंचा तो वहां 3 आदमी मेरे इंतजार में बैठे थे. उन में से एक को मैं जानता था. वह उस गांव का नंबरदार था, जहां घटना घटी थी. दूसरे 2 लोगों में एक मृतक का भाई था. बातचीत से वह किसी सम्मानित परिवार का लगता था. उस ने अपना नाम मुख्तार बताया था और मरने वाले का नाम बख्तियार.

मुख्तार के बताए अनुसार, घटना कुछ इस तरह घटी थी. बख्तियार अपने खलिहान में सोया हुआ था. वहां सोने की वजह यह थी कि गेहूं की कटी फसल खेत में पड़ी थी. बख्तियार के बारे में उस ने बताया कि वह फौज का रिटायर हवलदार था. उस के पास सिंगल बैरल बंदूक थी, जिसे वह अपने पास रख कर सोता था. सुबह गांव का एक आदमी उधर से गुजरा तो उस ने देखा कि बख्तियार के धड़ का निचला हिस्सा चारपाई पर है और अगला हिस्सा चारपाई से नीचे गिरा पड़ा है.

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