Hindi Kahani: थानेदार ने तफ्तीश कर के रिपोर्ट पेश कर दी थी कि जमील की मौत हादसा है, लेकिन उस की मां का कहना था कि जमील की मौत हादसा नहीं, साजिश के तहत की गई हत्या है. जब इस मामले की जांच दूसरे थानेदार इंसपेक्टर अहमदयार खान ने की तो यह बात सच भी निकली.
दिल्ली की सीआईए (क्राइम ब्रांच) में तैनात एसपी पी.एल. थांपसन को हिंदुस्तानी सिपाही ही नहीं, अंगरेज अफसर भी बास्टर्ड कहा करते थे, क्योंकि वह बहुत सख्त अधिकारी था. थांपसन के चेहरे पर कभी मुसकराहट नहीं आती थी. अनुशासन के मामले में वह इतना सख्त था कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को कुछ नहीं समझता था. किसी मजबूरी की वजह से भी किसी से कोई गलती हो जाती थी तो उस की मजबूरी को समझते हुए भी वह उसे माफ नहीं करता था.
थांपसन हर समय काम में लगा रहता था और किसी दूसरे को भी खाली नहीं बैठने देता था. अपने स्टाफ से वह सप्ताह में एक बार जरूर कहता था कि लोगों की इज्जत और जानमाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी तुम्हारी है. अगर कोई घटना हो जाए तो अपराधी को पकड़ने के लिए तब तक काम में लगे रहो, जब तक वह पकड़ा न जाए. वह अपने अफसरों को तांगे के घोड़ों की तरह काम में लगाए रखता था. मैं ने भी उस से सब से अच्छी बात जो सीखी थी, वह यह थी कि जो भी काम करो, लगातार और मेहनत से करो. निराशा को पास मत आने दो. जिस किसी पर जरा भी शक हो, उसे मत छोड़ो. तुम्हारी सारी सहानुभूति पीडि़त के साथ होनी चाहिए.






