Hindi Story: एक नाई और 127 कारों का मालिक? सुन कर कोई भी चौंक जाएगा. लेकिन यह सच है. बेंगलुरु के रहने वाले 42 वर्षीय जी. रमेश बाबू प्रतिदिन 75 रुपए प्रति कस्टमर 8 लोगों के बाल भी काटते हैं और 127 कारों के मालिक भी हैं.
बेंगलुरु में सेंट मार्क्स रोड स्थित प्रसिद्ध बाउरिंग इंस्टीट्यूट में उन का सैलून है. रमेश बाबू सुबहशाम 2 शिफ्टों में 3-4 घंटे हेयर कटिंग का काम करते हैं. लेकिन इन 2 शिफ्टों के बीच में वह जो कुछ करते हैं, वह वाकई आश्चर्यचकित कर देने वाला है. रमेश इस बीच एक विशाल कार रेंटल कंपनी के बतौर सीईओ अलगअलग दफ्तरों में बैठते हैं. इस कंपनी के पास लग्जरी कारों का एक बेड़ा है जिस में 3.3 करोड़ की रोल्स रायस और कई तरह की मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, फोक्सवैगन और इनोवा शामिल हैं.
जी. रमेश की कंपनी ‘रमेश टूर्स एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’ 127 कारों की मालिक है, जिस में 120 वेतनभोगी कर्मचारी कार्यरत हैं. उन का कोई भी ड्राइवर 14 हजार रुपए से कम वेतन नहीं लेता और 120 लोगों में ज्यादातर ड्राइवर ही हैं.
रमेश जब 7 साल के थे तो उन के पिता का निधन हो गया. घर में रह गए मां और रमेश के 2 छोटे भाई. हालांकि ब्रिगेडियर रोड पर इस परिवार की माडर्न हेयर ड्रेसर्स नाम से हेयर कटिंग सैलून थी जो रमेश के दादाजी ने 1928 में खोली थी. उस सैलून को रमेश के पिताजी ही चलाते थे. वह नहीं रहे तो सैलून बंद हो गई. पिता के मरने के बाद परिवार को चलाने की जिम्मेदारी मां पर आ गई. 3 बच्चों के भरणपोषण का सवाल था, इसलिए मां ने घरेलू नौकरानी का काम शुरू कर दिया. कई सालों तक यह स्थिति रही कि एक वक्त का खाना भी मुश्किल से मिलता था. रमेश को इस की ऐसी आदत पड़ी कि वह आज भी नाश्ता नहीं करते.





