Hindi Story: ‘लेडी औफ हार्ले’ के नाम से मशहूर वीनू पालीवाल 265 किलोग्राम वजन की 1200 सीसी इंजन वाली बाइक हार्ले डेविडसन को 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाती थीं. कौन जानता था कि इतना बड़ा चैलेंज लेने वाली वीनू पालीवाल की मौत इस तरह आएगी.
लेडी औफ हार्ले के नाम से मशहूर देश की महिला बाइक राइडर वीनू पालीवाल उस दिन बहुत खुश थीं. खुशी इस बात की थी कि करीब 3 सप्ताह बाद वह अगले दिन अपने शहर जयपुर पहुंचने वाली थीं. वीनू पालीवाल 24 मार्च को गोवा से हार्ले डेविडसन से भारत भ्रमण पर निकली थीं और कई शहरों में घूमते हुए लखनऊ पहुंची थीं. उस दिन 11 अप्रैल थी. उत्तरी भारत में गर्मी की तपन शुरू हो गई थी. राजस्थान में सूरज के तेवर और भी ज्यादा तल्ख थे, लेकिन लखनऊ में अभी सहन करने लायक गर्मी थी.
वीनू को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल जाना था. दिन में तेज धूप में तेज रफ्तार से बाइकल चलाना हालांकि मुश्किल काम था, लेकिन वीनू के लिए मर्दों वाली बाइक हार्ले डेविडसन चलाना एक शौक था. वह बचपन से ही बाइकिंग की शौकीन थीं और फिलहाल 180 किलोमीटर की स्पीड से बाइक दौड़ाती थीं. बाइकिंग के उन के शौक और जुनून में उन के साथी पीछे छूट जाते थे.
उस दिन वीनू सुबह जल्दी उठ गई थीं. उन्होंने फ्रैश हो कर नाश्ता किया और 7 बजे लखनऊ से भोपाल के लिए रवाना हो गईं. उन के साथ दूसरी बाइक पर दीपेश तंवर थे. दीपेश जयपुर के ही पंचशील मार्ग के रहने वाले थे. दोनों रास्ते में जरूरी काम से 2 जगह रुके थे. लंच भी उन्होंने रास्ते में ही किया. इस के बाद सागर में अपनी बाइकों में पेट्रौल भरवाया. भोपाल पहुंचने से पहले रास्ते में वीनू ने फेसबुक पर मैसेज लिखा, ‘अब हम दुर्गापुर से निकल रहे हैं, लेकिन रास्ता खराब है, ट्रैफिक बहुत ज्यादा है, जिस से जगहजगह जाम लगा है.’






